Download Varsha-bahar (वर्षा-बहार) – NCERT Class 7 Hindi Chapter 7 PDF from the new NCERT Class 7 Hindi book Malhar (2026-27). Read the chapter online or download the free PDF. वर्षा-बहार मुकुटधर पाण्डेय की कविता है। ‘बहार’ का अर्थ है वसंत यानी सबसे सुहावना मौसम। कवि ने वर्षा ऋतु को ही ‘बहार’ कह दिया — यानी उसके लिए वर्षा भी उतनी ही सुंदर और उल्लासभरी ऋतु है।
Varsha-bahar (वर्षा-बहार) PDF – Chapter 7 of Malhar
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What Is in Varsha-bahar (वर्षा-बहार)? (Class 7 Hindi Chapter 7)
- वर्षा-बहार मुकुटधर पाण्डेय की कविता है। ‘बहार’ का अर्थ है वसंत यानी सबसे सुहावना मौसम। कवि ने वर्षा ऋतु को ही ‘बहार’ कह दिया — यानी उसके लिए वर्षा भी उतनी ही सुंदर और उल्लासभरी ऋतु है।
- कविता आठ पद्यांशों में वर्षा के दृश्यों की एक शृंखला बनाती है — नभ में घनघोर घटा, बिजली और गरजते बादल, बरसता पानी और बहते झरने, ठंडी हवा में हिलती डालियाँ, बागों में गाती मालिनें, तालों में प्रसन्न जलचर, ताप खोते पपीहे, नाचते मोर, गाते मेंढक, महकते गुलाब, कतार में चलते हंस और गीत गाते किसान।
- कविता का मुख्य भाव आनंद और प्रसन्नता है। वर्षा किसी एक के लिए नहीं, सबके लिए सुख लाती है — मनुष्य, पशु-पक्षी, जल-जीव, पेड़-पौधे, सबके लिए। इसीलिए पहली ही पंक्ति में कवि कहता है — “वर्षा-बहार सब के, मन को लुभा रही है”।
- अंतिम पंक्ति कविता का निष्कर्ष है — “सारे जगत की शोभा, निर्भर है इसके ऊपर।” पानी के बिना हरियाली नहीं, फ़सल नहीं, जीवन नहीं। इस तरह कविता सौंदर्य-वर्णन से आगे बढ़कर जल के महत्व की बात कहती है।
- भाषा-सौंदर्य में देखने योग्य हैं — मानवीकरण (गुलाब ‘सौरभ उड़ा रहा है’, मेंढक ‘सुगीत’ गाकर ‘लुभा रहे हैं’), अनुप्रास (“गाते हैं गीत”, “गीत सुंदर, गाती हैं”), तत्सम शब्दावली (नभ, जलचर, सौरभ, आमोद, मनहर, अवनी) और विशेषण-विशेष्य की जोड़ियाँ (छटा अनूठी, कतार सुंदर, सुगीत प्यारे, हवा ठंडी)।
- पाठ में कविता के साथ-साथ भारत की छह ऋतुओं (वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत, शिशिर) से जुड़े शब्द, ऋतु-पहेलियाँ और मुकुटधर पाण्डेय की ही दूसरी कविता ‘ग्रीष्म’ का अंश भी दिया गया है।
त्वरित पुनरावृत्ति – Varsha-bahar (वर्षा-बहार)
| शब्द | अर्थ | कविता की पंक्ति | अपने वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| बहार | वसंत; सुंदरता और उल्लास से भरा समय | “वर्षा-बहार सब के, मन को लुभा रही है” | बारिश के बाद बगीचे में फूलों की बहार आ गई। |
| नभ | आकाश, गगन | “नभ में छटा अनूठी” | नभ में काले बादल घिर आए हैं। |
| छटा | सुंदर दृश्य, शोभा | “नभ में छटा अनूठी” | सूर्यास्त के समय आकाश की छटा देखते ही बनती थी। |
| अनूठी | अनोखी, निराली, जिसके जैसी और कोई न हो | “नभ में छटा अनूठी” | दादी की कहानी कहने की शैली अनूठी है। |
| घनघोर | बहुत घना और गहरा (बादलों के लिए) | “घनघोर छा रही है” | घनघोर घटा देखकर हम भागकर घर लौट आए। |
| जलचर | जल में रहने वाले जीव — मछली, कछुआ, मेंढक आदि | “तालों में जीव जलचर” | तालाब सूखने पर जलचर जीवों पर संकट आ जाता है। |
| ताल | तालाब, पोखर | “तालों में जीव जलचर” | गाँव के ताल में कमल खिले हुए थे। |
| लखो | देखो (‘लखना’ = देखना) | “फिरते लखो पपीहे” | लखो, कैसे बादल पहाड़ों से लिपट रहे हैं! |
| पपीहा | एक पक्षी, जो वर्षा के आने पर ‘पिऊ-पिऊ’ बोलता है | “फिरते लखो पपीहे” | पहली बूँद पड़ते ही पपीहा बोल उठा। |
| ग्रीष्म / ताप | गरमी की ऋतु / गरमी, तपन | “हैं ग्रीष्म ताप खोते” | ग्रीष्म के ताप से पूरा मैदान सूख गया था। |
| मालिन | माली की पत्नी; बाग़ में फूल चुनने-सँवारने वाली स्त्री | “गाती हैं मालिनें अब” | मालिन ने टोकरी में ताज़े गेंदे सजा दिए। |
| सुगीत | सुंदर गीत, मीठा गान | “गाकर सुगीत प्यारे” | बच्चों ने प्रार्थना-सभा में एक सुगीत सुनाया। |
| सौरभ | सुगंध, महक | “सौरभ उड़ा रहा है” | रातरानी का सौरभ पूरे आँगन में भर गया। |
| आमोद | आनंद, हर्ष, खुशी, प्रसन्नता | “आमोद छा रहा है” | विजय की खबर सुनते ही गाँव में आमोद छा गया। |
Old NCERT vs New – Class 7 Hindi
This chapter is from Malhar, the new NCERT Class 7 Hindi book (NCF-SE 2023, used from 2025-26). It replaced the old book “Vasant”, so chapter numbers and names differ from older PDFs.
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Answers to the exercises and the full chapter list of Malhar:
Varsha-bahar (वर्षा-बहार) – Overview
| Class | Class 7 |
| Subject | Hindi |
| Book | Malhar – new NCERT book |
| Chapter | 7 of 10 – Varsha-bahar (वर्षा-बहार) |
| Edition | NCERT Reprint 2026-27 |
| Session | 2026-27 |
| Free – read online or download |
Class 7 Hindi Chapter 7 – FAQs
Where can I download Varsha-bahar (वर्षा-बहार) Class 7 PDF?
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What is Class 7 Hindi Chapter 7 about?
वर्षा-बहार मुकुटधर पाण्डेय की कविता है। ‘बहार’ का अर्थ है वसंत यानी सबसे सुहावना मौसम। कवि ने वर्षा ऋतु को ही ‘बहार’ कह दिया — यानी उसके लिए वर्षा भी उतनी ही सुंदर और उल्लासभरी ऋतु है।
Is Varsha-bahar (वर्षा-बहार) from the new NCERT Class 7 Hindi book?
Yes. It is chapter 7 of malhar, the new NCERT Class 7 Hindi book for 2026-27.
Is this the latest NCERT edition for 2026-27?
Yes – the PDF is NCERT’s latest edition for the 2026-27 session.
Where are the NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 7?
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