CBSE Solved Sample Papers for Class 7 for Hindi

CBSE Solved Sample Papers for Class 7 for Hindi Subject is given below. The solved sample papers are created as per the latest CBSE syllabus and curriculum keeping in mind the latest marking schemes.

खंड ‘क’

प्रश्न 1. निम्नलिखित गधान्शो को पढकर पूछे गये प्रश्नों के उतर दीजिये –

जब कोई वीर पुरुष किसी को क्षमा करता है तो वह सुनने और देखने में अच्छा लगता है ! लेकिन जब कोई कायर और कमजोर व्यक्ति किसी को क्षमा करने की बात करता है तो यह उपहास की बात हो जाती है ! यदि हम अपने को बड़ा मानते है , हम बलशाली और विद्वान् है , हम बड़े प्रबुद है , तो फिर क्षमा हमारे जीवन का अलंकार बन जाता है ! शिक्षक बच्चो को पदाते है , बच्चो का काम होता है – भूल करना ! यदि शिक्षक उनकी भूलो को  कर देते है तो यह शिक्षक की गरिमा बढती है, मर्यादा बढती है ! इससे उनकी सहिष्णुता का परिचय मिलता है , लेकिन यदि बच्चो को उनकी किसी प्रकार की छोटी – मोटी भूलो के लिए सजा दी जाए, उन्हें पीटा जाए , डाँटा – फटकारा जाए, उन्हें नीचा दिखाने का प्रयास किया जाए तो उस व्यक्ति या शिक्षक को हम क्षमाशील नही कह सकते ! ऐसा करना हमारी भूल ही होगी !

यह हमारी कोन सी महानता होगी कि किसी ने कुछ भूल कर दी और हमने उससे बदले उसे दो हाथ लगा दिए ! मनुष्य के समान कोई दूसरा आत्मघाती जीव इस संसार में खोजना मुश्किल है ! इस संसार में सिर्फ मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है , जो सिर्फ अपना ही नुक्सान करने के पीछे पड़ा रहता है ! इसके सिवा संसार में ऐसा कोई दूसरा जीव नही है , जो अपना नुकसान करने की ताक में लगा रहता है ! हम जो भूल करते चले जा रहे है , उससे हमारे शरीर का क्षय होता है , हमारा ही शरीर टूटता है , विकृत होता जा रहा है ; फिर भी मनुष्य गलती पर गलती करता चला जा रहा है !

प्रश्न 1. कायर और कमज़ोर व्यक्ति का कोन सा कार्य उपहास का कारण बन जाता है ?

(क)  दूसरो का उपहास करना

(ख)  दूसरो की सेवा करना

(ग)   किसी को क्षमा करना

(घ)  डटकर मुकाबला करना

प्रश्न 2. क्षमा हमारे जीवन का अलंकर कब बनती है ?

(क)  जब हम किसी को क्षमा करते है !

(ख)  बलवान , विद्वान और प्रबुद होने पर भी क्षमा करना !

(ग)   जब हम बढ़ा – चढ़ाकर बात करते है !

(घ)   जब हम पूरी तरह कमजोर हो !

प्रश्न 3. शिक्षक की गरिमा और मर्यादा कब बढती है ?

(क)  जब वह छात्रों को दंड देता है !

(ख)  जब वह शिक्षक के काम को केवल नौकरी समझता है !

(ग)   जब शिक्षक छात्रों की भूलो को क्षमा कर देता है !

(घ)   जब वह छात्रों की बात को अनसुनी कर देता है !

प्रश्न 4. मनुष्य को आत्मघाती जीव क्यू कहा जाता है ?

(क) मनुष्य सभी का हित चाहता है !

(ख)  मनुष्य के समान हितकारी कोई नही है !

(ग)   मनुष्य केवल अपना हित करता है !

(घ)  मनुष्य हमेशा अपना नुकसान करने को तत्पर रहता है !

प्रश्न 5. ‘गरिमा’ का विशेषण बनाईये !

(क) गौरव

(ख) लगिमा

(ग)  गुरु, गरिमामय

(घ)  गरिमावाला

उतर – 1. (ग) किसी को क्षमा करना

2. (ख) बलवान , विद्वान और प्रबुद होने पर भी क्षमा करना !

3. (ग) जब शिक्षक छात्रों की भूलो को क्षमा कर देता है !

4. (घ) मनुष्य हमेशा अपना नुकसान करने को तत्पर रहता है !

5. (ग) गुरु, गरिमामय

प्रश्न 2. राजस्थान की धरती पर हुई यह जलक्रांति एक – दो नही करीब पन्द्रह सालो के कड़े संघर्ष और समाज की अथक मेहनत का नतीजा है ! इस जलक्रांति को सम्भव बनाने में केंद्रीय भूमिका रहे राजेन्द्र सिंह की ! इनके प्रयासों की सुन्दर और अनूठी मिसाल है वे पांच नदिया जो दो दशक पहले सुख गई थी, पर अब सदानीरा हो गई है ! पारम्परिक तरीके से जल – प्रबन्धन का अदभुत उदाहरन पेश करती इन् नदियों ने कितने ही गांवो की तश्वीर बदलकर रख दी है ! अखरी, रुपारेल, सरसा, भगानी और जहाज वाली नदी में फिर से बहता पानी इन गांवो के लोगो के जुझारू का अदभुत प्रमाण है! अलवर जिले में अपनी मेहनत से सुखी नदियों को फिर से पानीदार बनाने वाले गाँव के मेहनतकश लोगो ने इन्हें अपनी सम्पति मान लिया है !

प्रश्न 1. इस जल क्रांति को सम्भव बनाने में _______________ रही राजेन्द्र प्रसाद सिंह की (वाक्य पूरा करे )

(क) साधारण भूमिका

(ख) केंद्रीय भूमिका

(ग)  सहयोगी भूमिका

(घ)  विरोध करने की भूमिका

प्रश्न 2. ‘सदानीरा’ का अर्थ है –

(क) सुखी हुई नदी !

(ख) जिस नदी में कभी – 2 पानी आए !

(ग)  जिस नदी में कभी – 2 पानी न आए !

(घ)  वह नदी, जिसमे सदा पानी बहता हो !

प्रश्न 3. नदी में फिर से बहता पानी गाँव वालो के किस प्रकार के चरित्र को दर्शाता है !

(क) जुझारू

(ख) आराम करने वाला

(ग)  दुसरो के काम को रोकने वाला

(घ)  तदस्थ करने वाला

प्रश्न 4. निम्नलिखित शब्दों में से कोन सा शब्द प्रत्यय वाला नही है ?

(क) मेहनतकश

(ख) पानीदार

(ग)  पारम्परिक

(घ)  प्रयास

प्रश्न 5. निम्नलिखित में से संख्यावाचक विशेषण छांटकर लिखिए –

(क) अथक मेहनत

(ख) बहता पानी

(ग)  पन्द्रह सालो

(घ)  मेहनतकश लोग

उतर – 1. (क) केंद्रीय भूमिका

2. (घ ) वह नदी जिसमे सदा पानी बहता हो

3. (क) जुजारू चरित्र !

4. (घ) प्रयास

5. (ग) ‘पन्द्रह सालो (इसमें पन्द्रह संख्यावाचक विशेषण है )

प्रश्न 3. निम्नलिखित काव्यांशो को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उपयुक्त उतर दीजिये –

उठो धरा के अमर सपूतो

पुनः नया निर्माण करो ।

जन-जन के जीवन में फिर से

नई स्फूर्ति, नव प्राण भरो ।

नया प्रात है, नई बात है,

नई किरण है, ज्योति नई ।

नई उमंगें, नई तरंगे,

नई आस है, साँस नई ।

युग-युग के मुरझे सुमनों में,

नई-नई मुसकान भरो ।

डाल-डाल पर बैठ विहग कुछ

नए स्वरों में गाते हैं ।

गुन-गुन-गुन-गुन करते भौंरे

मस्त हुए मँडराते हैं ।

नवयुग की नूतन वीणा में

नया राग, नवगान भरो ।

प्रश्न – कवि ने धरा के अमर सपूतो को क्या करने के लिए कहा है ?

(क) नया निर्माण करने के लिए !

(ख) जीवन में नई स्फूर्ति भरने के लिए !

(ग)  जीवन में नए प्राण भरने के लिए !

(घ)  उपर्युक्त सभी !

प्रश्न 2. कवी युगों – युगों के मुरझाये सुमनों में __________ भरने के लिए कहता है ! (सही शब्दों से वाक्य पूरा कीजिये ) !

(क) शक्ति

(ख) मुस्कान

(ग)  नफरत

(घ)  इर्ष्या

प्रश्न 3. इनमे से क्या – क्या नया है ? (छांटकर लिखिए )

(क) प्रात बात

(ख) किरण, ज्योति

(ग)  उमंगें, तरंगे

(घ)  उपर्युक्त सभी

प्रश्न 4. कवि किस्मे नया राग और नयगान भरने के लिए कहता है !

(क) नवयुग में

(ख) नवयुग की नूतन वीणा में

(ग)  सागर में

(घ)  नूतन वीणा में

प्रश्न 5. ‘मुरझे सुमनों’ का वास्तविक अर्थ क्या होगा ?

(क)  मुरझाए हुए सुमन

(ख) मुरझाए हुए फूल

(ग)  निराशा से भरे हुए सुन्दर वन

(घ)  मुरझाए हुए सुन्दर वन

उतर 1. (घ) उपर्युक्त सभी

2. (ख) मुस्कान

3. (घ) उपर्युक्त सभी

4. (घ) नूतन वीणा में

5. (ग) निराशा से भरे हुए सुन्दर वन

प्रश्न 4. निम्नलिखित काव्यांशो को पढकर पूछे गए प्रश्नों के उतर दीजिये –

गाँव हो रहे शहर हमारे, बाकि सब कुछ अच्छा है, रिश्ते अब व्यापार हो रहे, बाकि सब कुछ अच्छा है ! उत्पादन में बढ़त हो रही, खेतो से खलिहानों तक, फिर भी भूखे बढ़ते जाते, बाकि सब कुछ अच्छा है !

चोडी सड़के पक्की गलियां और बिजली की जगमग में दिल की दुरी बढती जाती, बाकि सब कुछ अच्छा है ! चोपालो की मीठी बातें दूरदर्शनी संस्कृति में तीज और त्यौहार खो रहे, बाकि सब कुछ अच्छा है !

कोर्ट कचहरी, आफिस, थाने, मोटर –गाडी , अफसर से अमन चेन के दिवस हिराने, बाकि सब कुछ अच्छा है ! घर से आई जब ये पाती की यह हालत बदल गये दिल की धड़कन और बढ़ गई, बाकि सब कुछ अच्छा है !

  1. अब हमारे आपसी रिश्ते कैसे हो गये है (सही उतर लिखिए)

(क) केवल परोपकार पर निर्भर है !

(ख) मधुर हो गये है !

(ग)  व्यापार की तरह केवल लाभ को महत्व दे रहे है !

(घ)  बहुत आत्मीय हो रहे है !

  1. उत्पादन में बढ़त होने पर भी ______ बढ़ रहे है !

(क) विद्वान

(ख) भूखे लोग

(ग)  बीमार लोग

(घ)  सहायता करने वाले लोग

  1. चोडी सड़के, पक्की गलियां और बिजली की जगमग होने पर भी क्या कबी आई है ?

(क) दिल की दुरी बढती जा रही है

(ख) सब एक – दुसरे के निकट आ गये है !

(ग)  सब दयालु हो गए है !

(घ)  दिल में भी उजाला हो गया है !

  1. चोपालो की मीठी बातें और तीज त्यौहार किस कारण से खो रहे है ?

(क) तिधि याद न होने के कारण

(ख) दूरदर्शन की बनावटी संस्कृति के कारण

(ग)  व्यस्तता के कारण

(घ)  समय न होने के कारण

  1. अमन चेन के दिवस कहा खो गये है ?

(क) घुमने-फिरने में

(ख) मोज मस्ती में

(ग)  समाज सेवा करने में

(घ)  कोर्ट-कचहरी, आफिस, थाने आदि के चक्कर में

उतर 1. (ग) व्यापार की तरह केवल लाभ को महत्व दे रहे है !

2. (ख) भूखे लोग

3. (ग) दिल की दुरी बढती जा रही है !

4. (ख) दूरदर्शन की बनावटी संस्कृति के कारण

5. (घ) कोर्ट-कचहरी, आफिस, थाने आदि के चक्कर में

खण्ड ‘ख’

प्रश्न 5. 1. संज्ञा किसे कहते है ?

(क) नाम को संज्ञा कहते है !

(ख) विशेषता बताने वाले शब्दों को संज्ञा कहते है !

(ग)  सजीव वस्तुओ को संज्ञा कहते है !

(घ)  क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों को संज्ञा कहते है !

2. पेड़ से  पते गिरते है ! रेखांकित पद में कारक होगा –

(क) कर्म कारक

(ख) करण कारक

(ग) अपादान कारक

(घ) सम्बन्ध कारक

3. इन्हें यहाँ बेठने दे ! रेखांकित पद सर्वनाम का कोन सा भेद है !

(क) पुरुषवाचक

(ख) निश्चय वाचक

(ग) अनिश्चय वाचक

(घ) निज वाचक

4. राम और श्याम जाते है ! रेखांकित पद है –

(क) विस्मयादिबोधक

(ख) क्रिया विशेषण

(ग) सम्बन्ध बोधक

(घ) समुच्य बोधक

उतर – 1. (क) 2. (ग) 3. (ख) 4. (घ)

प्रश्न 6. 1. कोन सा शब्द ‘अ’ उपसर्ग से नही बना है ?

(क) अजर

(ख) अनंत

(ग)  अगोचर

(घ)  अमर

2. ‘अत्यधिक’ में कोन सा उपसर्ग है ?

(क) अत (ख) अत्य (ग) अत्या (घ) अति

3. ‘इत’ प्रत्यय से बना शब्द कोन – सा है ?

(क) अंकित  (ख) समुचित

(ग) ऐतिहासिक (घ) प्रायोगिक

4. ‘देवेन्द्र’ का संधि-विच्छेद होगा ?

(क) देवा + इन्द्र

(ख) देवा + ईन्द्र

(ग) देव +  इन्द्र

(घ) देवे + इन्द्र

उतर – 1. (ख) 2. (घ) 3. (क) 4. (ग)

प्रश्न 7. 1. निम्नलिखित में से कोण सा शब्द जातिवाचक संज्ञा नही है ?

(क) लड़का

(ख) सफलता

(ग)  अध्यापक

(घ)  किसान

2. में अपना काम ‘आप’ कर लूँगा ! यहाँ आप कोन सा सर्वनाम है ?

(क) पुरुषवाचक

(ख) सम्बन्धवाचक

(ग) निजवाचक

(घ) निश्चयवाचक

3. भिखारी को रोटी दे दो ! रेखांकित पद में कारक बताए!

(क) कर्म कारक

(ख) कारण कारक

(ग) सम्प्रदान कारक

(घ) कर्ता कारक

4. पिताजी अन्दर बेठे है ! रेखांकित पद है __________

(क) क्रिया विशेषण

(ख) सम्बन्ध बोधक

(ग) विस्मयादिबोधक

(घ) समुच्यबोधक

उतर – 1. (ख) 2. (ग) 3. (ग) 4. (क)

प्रश्न 8. 1. भाववाचक संज्ञा छांटे –

(क) वार्घक्य

(ख) कुसुम

(ग)  सरस्वती

(घ)  हिमालय

2. घुड़सवार घोड़े से गिर पड़ा – रेखांकित पद में कारक बताए –

(क) कर्म कारक

(ख) कारण कारक

(ग) अपादान कारक

(घ) अधिकरण कारक

3. मोहन का कुछ खो गया ! रेखांकित कारक का प्रकार लिखिए !

(क) प्रश्नवाचक  (ख) निश्चयवाचक (ग) अनिश्चय वाचक (घ) निजवाचक

4. कछुआ धीरे-धीरे चलता है ! रेखांकित पद का भेद लिखिए !

(क) क्रिया विशेषण

(ख) समुच्यबोधक

(ग) क्रिया

(घ) विशेषण

उतर -1. (क) 2. (ग) 3. (ग) 4. (क)

प्रश्न 9. 1. ‘काला अक्षर भेंस बराबर ‘ मुहावरे का अर्थ है –

(क) स्याही का रंग काला होना !

(ख) बड़े – बड़े अक्षर होना

(ग)  काले रंग के अक्षर होना !

(घ)  बिलकुल अनपढ़ होना !

2. चोर पुलिस की _________में कामयाब रहा !

उचित मुहावरे से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिये !

(क) ऐसी तेसी करना

(ख)  आँखों में धुल झोकना

(ग)  पुलिस की मार सहना

(घ)  चोरी करना

3. ‘तुनक मिजाज’ शब्द का अर्थ है –

(क) छोटी छोटी बातों पर क्रोधित होने वाला

(ख) अच्छे मिजाज वाला

(ग) सिरफिरा व्यक्ति

(घ) दुष्ट व्यक्ति

4. ‘शोहरत’ का अर्थ  है –

(क) स्वभाव

(ख) प्रसिद्धी

(ग) बदनामी

(घ) प्रचारक

उतर – 1. (घ) 2. (ख) 3. (क) 4. (ख)

खंड ‘ग’

प्रश्न 10. निम्नलिखित ग्धान्शो को पढकर पूछे गये प्रश्नों के दिए गये उतर के विकल्प में से सही विकल्प चुनिये –

मेरी पहली कार एक सेकंड हेड अरमाडा थी, जो मुझे मेरे पहले के एम्प्लायर ने दी थी ! तब तक मैं काफी नामी खिलाडी बन चूका था ! मगर यह कोई जरुरी नही की शोहरत पैसा साथ लेकर आए ! मैं तब भी मुंबई की लोकल ट्रेनों और बसों में सफर करता था क्योंकि टेक्सी में चलने की हेसियत मेरी नही थी ! मुझे याद है, एक बार किसी फोटोग्राफर ने एक भीड़ से भरे रेलवे स्टेशन पर मेरी तस्वीर खींचकर अगली सुभ अख़बार में यह खबर छाप दी की ‘हॉकी का सितारा पिल्ले अभी भी मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर करता है ! उस दिन मैंने महसूस किया की मैं एक मशहूर चेहरा बन चूका हूँ, और मुझे लोकल ट्रेनों में सफ़र करने से बचना चाहिए! लेकिन में कर भी क्या सकता था ? मैं जो भी थोडा – बहुत कमाता, उससे अपना परिवार चलाना पड़ता था ! धीरे धीरे पैसे जमा करके बहन की शादी की और अपनी माँ के लिए हर महीने पुणे पैसा भेजना शुरू किया !

  1. धनराज की पहली कार कोन सी थी ?

(क) एम्बेसडर

(ख) अरमाडा

(ग)  होंडासिटी

(घ)  बी. ऍम. डब्ल्यु.

  1. नामी खिलाड़ी बनाने के बाद धनराज में क्या परिवर्तन आया ?

(क)  वह बड़ी गाडी में चलता था !

(ख)  वह टेक्सी में चलता था !

(ग)  वह लोकल परिवहन का प्रयोग करता था !

(घ)  वह स्कूटर से चलता था !

  1. धनराज ने कब महसूस किया की वह एक प्रसिद्द व्यक्ति बन चूका है ?

(क) जब सरकार से उसको मकान मिला !

(ख) जब अखबार में खबर छपी की हॉकी का प्रमुख सितारा लोकल ट्रेन में सफ़र करता है !

(ग)  जब उसके पास गाड़ी आ गया !

(घ)  जब राष्ट्रपति ने उसको सम्मानित किया !

  1. धनराज को लोकल ट्रेन में सफर क्यू करना पड़ता था ?

(क) ताकि बहन की शादी के लिए पैसा बचा सके !

(ख) ताकि लोग देख सके की हॉकी खिलाडियों की क्या दुर्दशा है !

(ग)  वह हॉकी फेडरेशन के प्रति ऐसा करके अपना आक्रोश प्रकट करता था !

(घ)  वह अपने को अभी तक आम आदमी मानता था !

  1. धनराज की माँ रहती है ?

(क) मणिपुर में

(ख) मुंबई में

(ग)  पुणे में

(घ)  गोवा में

उतर – 1. (ख) 2. (ग) 3. (ख) 4. (क) 5. (ग)

प्रश्न 11. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उतर दीजिये –

(क) साक्षात्कार पढकर आपके मन में धनराज पिल्लै की कैसी छवि उभरती है ? वर्णन कीजिये !

उतर- साक्षात्कार पढकर हमारे मन में धनराज पिल्लै की एक जुझारू व्यक्ति की छवि उभरती है !

गरीबो ने उनको और भी अधिक संघर्ष करने वाला बना दिया ! अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण उनको कोई भी चीज़ आसानी से नही प्राप्त हुई इस कारण उनका स्वभाव चिडचिडा हो गया ! वे सच बोलने वाले व्यक्ति है उनके मन में जो बात आती है वे सीधे – सीधे शब्दों में कह डालते है ! उनकी माँ को इनके पालन – पोषण के लिए भुत संघर्ष करना पड़ा जिस कारण से ये तुनकमिजाज बन गये ! परन्तु ये सब बहुत ही भावुक किस्म के इन्सान है !

(ख) रहीम ने सावन के मास में गरजने वाले बदलो की तुलना ऐसे निर्धन व्यक्तियों से क्यू की है जो पहले कभी धनी थे और बीती बातों को बताकर दुसरो को प्रभावित करना चाहते है ? दोहे के आधार पर आप सावन के बरसने और गरजने वाले बदलो के विषय में क्या कहना चाहेंगे ?

उतर – सावन के बदल झूम- झूम कर बरसते है ! वे धरती को अपनी फुवारो से सराबोर कर देते है ! ऐसा लगता है मनो वे धरती को हराभरा करने एवं सम्पूर्ण जीव जगत एवं वनस्पति जगत को प्रश्न करने के लिए अपना सर्वस्व लुटा देना चाहते हो ! सावन के बदलो को देखकर लगता है जो समुंदर होते है वे किसी से नही कहते की हम समर्द्ध है वे तो बस करके दिखाते है !

(ग)  दुकानदार और ड्राईवर के सामने अप्पू की क्या स्धिती है ! दोनों उसको देखकर पहले परेशान होते है , फिर हँसते है ! कारण बताए ?

उतर – दुकानदार और ड्राईवर दोनों ही अप्पू को देखकर खीज उठते थे ! दुकानदार सोचता है यह लड़का इतनी देर से इस जार को देख रहा है ! यह नाटक समय बर्बाद कर रहा है ! परन्तु दुकानदार उसकी मासूमियत देखकर हसने लगता है ! इसी प्रकार ड्राईवर जब अप्पू को बीच सड़क पर देखता है तो उससे गुस्सा आता है, परन्तु जब अप्पू सोचता है की शायद ड्राईवर को भी कंचे अच्छे लग रहे है तो उसने एक कंचा उठाकर उसे दिखाया और कहा – “बहुत अच्छा है न !  यह सुनकर ड्राईवर का गुस्सा हवा हो गया ! वह भी अप्पू के साथ हंस पड़ा !

(घ)  घमंडी की आंख से तिनका निकलने के लिए उसके आस – पास के लोगो ने क्या किया ?

उतर – उसके आस – पास खडे लोगो ने कपडे की मूंठ बनाई ! वे उस मूंठ को मुह की भाप से गर्म करके घमंडी की आंख को सकने लगे ! मूंठ की सिकाई से आंख का तिनका निकल गया और आंख की पीढ़ा भी कम हो गई !

(ड) मीराबाई के पद के आधार पर सावन के विशेषताए लिखिए ?

उतर – सावन का महिना पूरी तरह से वर्षा का महिना होता है सावन में आकाश वाले बदलो से ढका रहता है ! सावन में अक्सर झड़ी लग जाती है जो भुत ही सुखद लगती है ! मोसम बहुत ही सुहावना हो जाता है !

प्रश्न 12. निम्नलिखित कव्यांसो में से किसी एक को पढकर पूछे गये प्रश्नों के उतर दीजिये –

में घमंड में भरा ऐंठा हुआ,

एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा !

आ अचानक दूर से उड़ता हुआ ,

एक तिनका आंख में मेरी पड़ा !

में झिझक उठा हुआ बेचेन – सा ,

लाल होकर आंख भी दुखने लगी !

मूंठ देने लोगो कपडे की लगे ,

ऐंठ बेचारी दबे पावो भगी !

जब किसी दब से निकल तिनका गया,

तब ‘समझ’ ने यो मुझे ताने दिए !

ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,

एक तिनका है बहुत तेरे लिए !

(क) कवि कहा खड़ा हुआ था जब उसकी आंख में तिनका गिरा !

उतर – कवि अपने घर की मुंडेर पर खड़ा था जब उसकी आंख में एक तिनका उड़कर गिर गया !

(ख) तिनका आंख में गिरने पर कवी की कैसी दशा हो गई ?

उतर – कवि बेचेन हो उठा ! उसकी आंख लाल होकर दुखने लगी ! लोग उसकी आंख को कपडे की मूंठ देखर सिखाई करने लगे !

(ग)  आंख से तिनका किस प्रकार निकाला गया ?

उतर – वहां खडे लोगो ने तरह – तरह के पर्यटन करके किसी तरह से आंख से तिनका निकाल दिया !

(घ)  इस कविता से हमे क्या सीख मिलती है ?

उतर – इस कविता से हमे यह सीख मिलती है की हमे अहंकार नही करना चाहिए एक तुझ सी वस्तु या छोटा और कमजोर सा शत्रु भी हमको पीड़ा दे सकता है !

अथवा

जागो बन्सीवाले ललना !

जागो मोरे प्यारे !

रजनी बीती, भोर भयो है , घर घर खुले किन्वारे !

गोपी दही मथत, सुनियत है कगना के झनकारे !!

उठो लालजी ! भोर भयो है, सुन-नर द्वारे!

ग्वाल – बल सब करत कुलाहल, जय जय सबद उचारे !!

माखन रोटी हाथ मुह लीनी, गुउवं के रखवारे !

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, सरण आयां को तारे !!

  1. रजनी बीतने पर क्या होता है ?

उतर – सभी घरो के किवाड़ खुल जाते है ?

  1. गोपियों के दही मथने से किसकी आवाज सुनाई पड़ रही है ?

उतर – कंगनों की !

  1. द्वार पर कोन खडे है ?

उतर – मनुष्य और देवता !

  1. मीरा के प्रभु कैसे है ?

उतर – शरण में आये का उद्धार करने वाले !

  1. कृष्ण को ‘गिरधर’ क्यू कहते है !

उतर – उन्होंने एक बार बृज वासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को उठा लिया था, इसलिए उका नाम गिरधर पद गया !

प्रश्न 13. पूरक पुस्तक “बाल महाभारत” के आधार पर निम्नलिखित में से किन्ही तीन प्रश्नों के उतर दीजिये –

(क) युधिष्टर के चोसर के खेल में हार जाने के बाद पुन बुलावे पर चोसर के लिए क्या शर्त रखी गई ?

उतर – इस बार खेल के लिए शर्त थी की हारा हुआ दल अपने भाइयो के साथ बारह वर्ष तक वनवास करेगा और उसके उपरांत एक वर्ष अज्ञातवास में रहेगा ! यदि अज्ञातवास के एक वर्ष में उनका पता चल गया तो उन सबको बारह वर्ष का वनवास फिर से भोगना पड़ेगा !

(ख) यक्ष के प्रश्नों का उतर देने के बाद युधिष्टर ने अपने कोन से भाई को जीवित करने के लिए कहा ? और क्यू ?

उतर – युधिष्टर ने अपने सबसे छोटे भाई नकुल को जीवित करने के लिए यक्ष से कहा ! युधिष्टर का मानना था की एक पुत्र माद्री का भी जीवित हो उठे तो कुंती व् माद्री का एक – एक पुत्र तो रहेगा !

(ग)  कीचक कोन था ? कीचक वध का समाचार सुनकर कोरवो ने क्या अनुमान लगाया ?

उतर – कीचक विराट के रजा की पत्नी सुदेष्णा का भाई था ! वह बड़ा ही बलीस्थ और प्रतापी वीर था ! मत्स्य देश की सेना का व्ही नायक बना हुआ था ! मत्स्य देश के राज्य में उसकी शक्ति के कारण गहरी पेठ थी ! स्वयम रजा विराट भी कीचक से डरते थे ! कोरवो का अनुमान था की हो न हो कीचक का वध भीम ने ही किया है ! दुर्योधन ने राज्ये सभा में यह बात रखी और विराट नगर पर हमला करने की योजना बनाई !

(घ)  विराट का या भ्रम किस प्रकार दूर हुआ की उतर ने लड़ाई जीती है ?

उतर – जब विराट अपने पुत्र की प्रशंसा कर रहे थे की बेटा बड़े वीर हो तुम “ पिता की बात सुनकर उतर ने कहा – “पिताश्री मैंने कोई सेना नही हराई ! “ में तो लड़ा भी नही ! उतर ने साड़ी बात बताई , राजकुमार की बात सुनकर विराट का भ्रम दूर हो गया !

खंड ‘घ’

प्रश्न 14. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए –

(क) मेरे प्रिय अध्यापक

उतर –

(ख) शिष्टाचार

शिष्ट+आचार अर्थात् शिष्टाचार अथवा यह कहें कि शिष्ट आचार करना शिष्टाचार है, जिसमें मनुष्य का व्यक्तित्व छिपा होता है। शिष्टाचार मनुष्य को मनुष्य कहलाने योग्य बनाता है, अन्यथा अशिष्ट मनुष्य तो पशु–तुल्य समझा जाता है।

शिष्टाचार वह आभूषण है जो मनुष्य को आदर्श और प्रेरणास्रोत बनाता है। यदि अशिष्टों की भीड़ में एक भी शिष्टाचारी है तो वह अपना मुंह खोलते ही अलग पहचान में आ जाएगा और वह अकेला ही अन्य को भी शिष्टाचारी बना सकता है।

शिष्टाचार से ही मनुष्य के जीवन में प्रतिष्ठा एवं पहचान मिलती है और वह भीड़ में भी अलग नजर आता है।

शिष्टाचार का जीवन में बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान है। आपका मुंह खोलना ही आपके पूरे व्यक्तित्व की झलक प्रस्तुत कर देता है। सामने वाला समझ जाता है कि आप क्या हैं ? जिस प्रकार ‘मान का पान’ ही महत्त्वपूर्ण होता है, ठीक उसी प्रकार हम सब शिष्टाचार जैसे अनमोल रत्न से दूर क्यों रहें ?

कहने को तो शिष्टाचार की बातें छोटी-छोटी होती हैं, लेकिन बहुत महत्त्वपूर्ण होती हैं। जब कोई मनुष्य शिष्टाचार रूपी आभूषण को धारण करता है तब वह एक महान व्यक्ति के रूप में सबके लिए प्रेरणास्रोत बन जाता है। ये छोटी-छोटी बातें जीवन भर साथ देती हैं।
लोग अमरत्व की ओर भागते हैं और सोचते हैं कि वे नहीं मरेंगे, उन्होंने अमरत्व प्राप्त कर लिया है। क्या धन संपत्ति आदि जोड़ना अमरत्व है ? नहीं, कुछ भी साथ नहीं जाता। उसका शिष्टाचार ही उसके बाद लोगों को याद रहता है और अमर बनाता है।

शिष्टाचार मनुष्य के व्यक्तित्व का दर्पण होता है। शिष्टाचार ही मनुष्य की एक अलग पहचान करवाता है। जिस मनुष्य में शिष्टाचार नहीं है, वह भीड़ में जन्म लेता है और उसी में कहीं खो जाता है। लेकिन एक शिष्टाचारी मनुष्य भीड़ में भी अलग दिखाई देता है जैसे पत्थरों में हीरा।

शिष्टाचारी मनुष्य समाज में हर जगह सम्मान पाता है- चाहे वह गुरुजन के समक्ष हो, परिवार में हो, समाज में हो, व्यवसाय में हो अथवा अपनी मित्र-मण्डली में।

अगर कोई शिक्षित हो, लेकिन उसमें शिष्टाचार नहीं है तो उसकी शिक्षा व्यर्थ है। क्योंकि जब तक वह समाज में लोगों का सम्मान नहीं करेगा, उसके समक्ष शिष्टता का व्यवहार नहीं करेगा तो लोग उसे पढ़ा-लिखा मूर्ख ही समझेंगे; जबकि एक अनपढ़ व्यक्ति- यदि उसमें शिष्टाचार का गुण है तो- उस पढ़े-लिखे व्यक्ति से अच्छा होगा, जो पढ़ा-लिखा होकर भी शिष्टाचारी नहीं है।

शिक्षा मनुष्य को यथेष्ट मार्ग पर अग्रसर करती है, लेकिन यदि मनुष्य पढ़ ले और शिक्षा के अर्थ को न समझे तो व्यर्थ है।

एक अनजान व्यक्ति एक परिवार में अपने शिष्ट व्यवहार से वह स्थान पा लेता है, जो परिवार के घनिष्ठ संबंधी भी नहीं पा सकते हैं। परिवार के सदस्य का अशिष्ट आचरण उसे अपने परिवार से तो दूर करता ही है, साथ ही वह समाज से भी दूर होता जाता है। जबकि एक अनजान अधिक करीबी बन जाता है।

शिष्ट व्यवहार मनुष्य को ऊँचाइयों तक ले जाता है। शिष्ट व्यवहार के कारण मनुष्य का कठिन-से-कठिन कार्य भी आसान हो जाता है। शिष्टाचारी चाहे कार्यालय में हो अथवा अन्यत्र कहीं, शीघ्र ही लोगों के आकर्षण का केन्द्र बन जाता हैं। लोग भी उससे बात करने तथा मित्रता करने आदि में रुचि दिखाते हैं। एक शिष्टाचारी मनुष्य अपने साथ के अनेक लोगों को अपने शिष्टाचार से शिष्टाचारी बना देता शिष्टाचार वह ब्रह्मास्त्र है, जो अँधेरे में भी अचूक वार करता है- अर्थात् शिष्टाचार अँधेरे में भी आशा की किरण दिखाने वाला मार्ग है।

किस समय, कहाँ पर, किसके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए- उसके अपने-अपने ढंग होते हैं। हम जिस समाज में रहते हैं हमें अपने शिष्टाचार को उसी समाज में अपनाना पड़ता है, क्योंकि इस समाज में हम एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। जिस प्रकार एक परिवार के सभी सदस्य आपस में जुड़ होते हैं ठीक इसी प्रकार पूरे समाज में, देश में- हम जहाँ भी रहते हैं, एक विस्तृत परिवार का रूप होता है और वहाँ भी हम एक-दूसरे से जुड़े हुए होते हैं। एक बालक के लिए शिष्टाचार की शुरूआत उसी समय हो जाती है जब उसकी माँ उसे उचित कार्य करने के लिये प्रेरित करती है। जब वह बड़ा होकर समाज में अपने कदम रखता है तो उसकी शिक्षा प्रारंभ होती है। यहाँ से उसे शिष्टाचार का उचित ज्ञान प्राप्त होता है और यही शिष्टाचार जीवन के अंतिम क्षणों तक उसके साथ रहता है। यहीं से एक बालक के कोमल मन पर अच्छे-बुरे का प्रभाव आरंभ होता है। अब वह किस प्रकार का वातावरण प्राप्त करता है और किस वातावरण में स्वयं को किस प्रकार से ढालता है- वही उसको इस समाज में उचित-अनुचित की प्राप्ति करवाता है।

अत कहा जा सकता है की शिष्टाचार सफलता की कुंजी है और सजनता का मापदंड !!

प्रश्न 15. अपने मित्र को दिल्ली की सेर के लिए निमंत्रण पत्र लिखिए !

बी.- 330, मालवीय नगर,

नई दिल्ली- 37

सितम्बर 28, 200…

प्रिय मित्र रमेश,

मेरे विचार से तुम अपने दशहरा अवकाश का खूब आनन्द उठा रहे होगे । बहुत दिन से मैं तुम्हें दिल्ली आने के लिये

कह रहा था मगर तुम हर बर कोई बहाना बना देते हो। इस बार छुट्टियाँ हैं उम्मीद है तुम मुझे निराश नहीं करोगे।

अपनी दशहरा अवकाश मेरे पास दिल्ली आकर बिताओ । दोनों साथ-साथ समय बितायेँगे ।

दिल्ली एक ऐतिहासिक शहर है। इसने बहुत से सम्राटों को बनते बिगड़ते देखा है । कुछ इतिहासकार कहते हैं कि दिल्ली रात बार उषा और बसी। यहाँ बहुत से दर्शनीय ऐतिहासिक स्थान हैं । लाल किला, जामा मस्जिद एवं कुतुब मीनार मुगलकाल की  ऐतिहासिक इमारते है । केन्दीय सचिवालय, संसद भवन, राष्ट्रपति भवन एवं इण्डिया गेट अंग्रेजों के काल में बनी कुछ प्रसिद्ध इमारते हैं। स्वतन्त्र भारत में भी बहुत भी अच्छी इमारतों का निर्माण हुआ है । अशोका होटल, कृषि भवन, आदि कुछ ऐसी ही नई निर्मित इमारते हैं।

हमने यह ऐतिहासिक स्थल देखने को एक योजना बनाई है । मुझे उम्मीद है तुम भी “लोटस टैम्यल’ एवं ‘ छतरपुर मन्दिर’ जाना चाहोगे ।  कालिंदी कुंज’ के संगीतमय फव्वारों के सौन्दर्य को तुम भुला नहीं पाओगे।

हम एक साथ रामलीला मैंदान में दुशहरा का प्रोग्राम भी देखने जायेंगे। कैसी लगी तुम्हें मेरी यह योजना ! निराश मत

करना ।

मुझे अपने आने के दिनांक एवं समय से अवगत कराना

मत भूलना ।

आंटी, अंकल को मेरा प्रणाम कहना एवं सुनी को प्यार ।

तुम्हारा प्रिय

( दीपक )

अथवा

अपने विधालय के वार्षिक उत्सव का वर्णन करते हुए अपने पिता जी को पत्र लिखिए !

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