NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 12 गंगा की कहानी provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter गंगा की कहानी of the NCERT textbook वीणा. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 5 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 5 Hindi Chapter 12 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 12 गंगा की कहानी
- Class: Class 5
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 12 – गंगा की कहानी
- Textbook: वीणा (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 12 गंगा की कहानी — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 39 questions of this chapter. The questions solved are:
- नीचे दिए गए चित्र को देखिए और इसमें दिखाए गए पानी के स्रोत का नाम बताइए — पृष्ठ 146 पर दिए गए छह चित्र पृष्ठ 146 पर दिए गए छह चित्र। हर चित्र के नीचे नाम लिखने के लिए एक खाली खाना बना है।
- आपके निवास स्थान के आस-पास कौन-सी नदी/नदियाँ बहती है/हैं?
- आपके घर में पानी कहाँ से आता है?
- आप नदियों के जल को प्रदूषित होने से किस प्रकार बचा सकते हैं? इस बारे में कक्षा में चर्चा कीजिए।
- “मेरा जन्म हिमालय की गोद में हुआ था।” इस वाक्य में ‘मेरा’ शब्द किसके लिए आया है? (i) गोमुख (ii) गंगा नदी (iii) पर्वत (iv) नगर
- “लेकिन मुझे अब इस बात की प्रसन्नता है कि इस ओर लोगों का ध्यान गया है।” यहाँ किस ओर ध्यान जाने की बात कही गई है? (i) गंगा में प्रदूषण की ओर (ii) गंगा के चमकीले रंग की ओर (iii) गंगा जल की पवित्रता की ओर (iv) गंगा की धाराओं की ओर
- जल प्रदूषण किन कारणों से होता है? (i) कारखानों और नगरों द्वारा नदियों में डाले जाने वाले अपशिष्ट से (ii) कारखानों के धुएँ से (iii) नदी तथा तालाब में स्नान करने से (iv) तेज आवाज में भोंपू बजाने से
- “यहाँ यमुना से मेरा संगम होता है।” इस वाक्य में ‘संगम’ शब्द का भाव है — (i) एक से अधिक नदियों का आपस में मिलना (ii) विपरीत दिशा की ओर बहना (iii) दो धाराओं में बँट जाना (iv) दो धाराओं का मिलकर बहना
- गंगा नदी के किनारे बसे कुछ नगरों के नाम लिखिए।
- गंगा के तट पर बसे औद्योगिक नगरों से गंगा को क्या हानि हुई है?
- कुंभ का मेला कब-कब और कहाँ-कहाँ लगता है?
- “गंगोत्री से निकलते समय मेरा चाँदी जैसा चमकीला रूप रहता है। किंतु मुझे दुख है कि काशी पहुँचते-पहुँचते मेरा चमकीला रंग मटमैला हो जाता है।” — यहाँ पर चाँदी जैसे चमकीले रूप से क्या तात्पर्य है?
- काशी पहुँचते-पहुँचते गंगा का चमकीला रंग मटमैला क्यों हो जाता है?
- पाठ के आधार पर सही कथन के आगे (✓) का और गलत कथन के आगे (✗) का चिह्न लगाइए — गंगा के किनारे कई तीर्थ स्थान हैं।
- पाठ के आधार पर सही कथन के आगे (✓) का और गलत कथन के आगे (✗) का चिह्न लगाइए — गंगा का जन्म अरावली की गोद में हुआ है।
- पाठ के आधार पर सही कथन के आगे (✓) का और गलत कथन के आगे (✗) का चिह्न लगाइए — कारखानों का गंदा पानी गंगा के जल को दूषित कर रहा है।
- पाठ के आधार पर सही कथन के आगे (✓) का और गलत कथन के आगे (✗) का चिह्न लगाइए — गंगा का एक नाम भागीरथी है।
- पाठ के आधार पर सही कथन के आगे (✓) का और गलत कथन के आगे (✗) का चिह्न लगाइए — पश्चिम बंगाल में गंगा की तीन धाराएँ हो जाती हैं।
- स्तंभ ‘क’ और स्तंभ ‘ख’ का आपस में मिलान कीजिए — स्तंभ ‘क’: गंगा का उद्भव, देवप्रयाग, औद्योगिक नगर, बांग्लादेश, तीर्थ स्थल। स्तंभ ‘ख’: वाराणसी, गोमुख, पद्मा नदी, अलकनंदा, कानपुर।
- इस वाक्य को पढ़िए — “यहाँ यमुना से मेरा संगम होता है।” इस वाक्य में ‘होता’ शब्द ‘होना’ क्रिया का रूप है। निम्नलिखित वाक्यों में ‘होना’ क्रिया के विभिन्न रूपों का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए — (क) आप जब भी आते हैं, मुझे बहुत प्रसन्नता ……… है। (ख) कुंभ के मेले में लाखों लोग सम्मिलित ……… । (ग) आपके माता-पिता आपकी प्रतीक्षा कर रहे ……… । (घ) पहाड़ों का मौसम बड़ा सुहावना ……… है। (ङ) यह काम कल ही ……… था परंतु किसी कारण से नहीं ……… पाया।
- पाठ में ‘हिमालय’ शब्द ‘हिम’ और ‘आलय’ शब्दों से मिलकर बना है। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों को मिलाकर नया शब्द बनाइए — पुस्तक (उदाहरण: पुस्तकालय), देव, विद्या, भोजन, मेघ। बीच में ‘आलय’ लिखा है। अब अपने बनाए हुए शब्दों का अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
- नीचे गंगा नदी के दृश्य में कुछ शब्द लिखे गए हैं। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए — गंगा नदी के दृश्य पर लिखे बारह शब्द पवित्र निर्मल गोमुख औद्योगिक शांत प्रसिद्ध जल चमकीला नगर तीर्थ तट हिमालय पृष्ठ 150 पर गंगा नदी के एक छायाचित्र पर ये बारह शब्द एक अंडाकार घेरे में लिखे गए हैं। छायाचित्र में हरी पहाड़ियों के बीच बहती हुई नदी दिखाई गई है; छायाचित्र अपनी पाठ्यपुस्तक में देखिए।
- “मैं काम कर रहा हूँ।” “मेरे कर में लेखनी है।” यहाँ पहले वाक्य में ‘कर’ शब्द का प्रयोग क्रिया के रूप में हुआ है तथा दूसरे वाक्य में ‘कर’ शब्द का अर्थ ‘हाथ’ है। ‘कर’ का एक अन्य अर्थ ‘टैक्स’ भी होता है। इस प्रकार आपने देखा कि अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग के कारण एक ही शब्द के भिन्न-भिन्न अर्थ हो सकते हैं। अब आप भी अपनी पाठ्यपुस्तक और अन्य स्रोतों से ऐसे शब्दों की एक सूची तैयार कीजिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
- गंगा नदी के साथ तीर्थ स्थलों के जुड़ने के क्या कारण हो सकते हैं?
- यदि नदियाँ दिन-प्रतिदिन प्रदूषित होती रहेंगी तो हम पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- पाठ में ‘कानपुर’ को भारत का प्रसिद्ध औद्योगिक नगर कहा गया है। यहाँ ‘औद्योगिक नगर’ से क्या आशय है?
- नीचे ‘जल संरक्षण’ विषय पर एक चित्र दिया गया है। आप भी दिए गए स्थान पर कोई चित्र बनाकर जल संरक्षण का एक उपाय सुझाइए —
- गंगा अपने चमकीले रंग को मटमैला होते देखकर दुखी है। यदि आपको कभी गंगा नदी से बात करने का अवसर मिले तो आपकी क्या बातचीत होगी?
- विद्यालय के पुस्तकालय, अभिभावकों तथा अन्य स्रोतों से गंगा की सहायक नदियों के बारे में पता लगाइए। साथ ही यह भी पता कीजिए कि उनका उद्गम स्थान कौन-सा है और उनके किनारे कौन-कौन से प्रसिद्ध नगर स्थित हैं।
- नदियों को साफ करने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में पता कीजिए। इसके लिए आप पुस्तकालय, शिक्षकों-अभिभावकों एवं अन्य स्रोतों की सहायता ले सकते हैं।
- ‘गगनयान’ रचना किस विधा में लिखी गई है और इसमें कौन-कौन बातचीत कर रहे हैं?
- बच्चों ने किन-किन यानों के नाम अनुमान लगाकर बताए? अध्यापिका ने अशरफ़ का अनुमान ‘लगभग सही’ क्यों कहा?
- गगनयान क्या है? इसका उद्देश्य क्या है? पाठ के आधार पर लिखिए।
- गगनयान मिशन कितने चरणों में बाँटा गया है? हर चरण में क्या होगा?
- व्योममित्र कौन है? वह अंतरिक्ष में जाकर क्या-क्या करेगा?
- शिक्षण-संकेत — शिक्षक विद्यार्थियों को ‘इसरो’ के विषय में बताएँ। साथ ही उन्हें टैब एवं अन्य उपकरणों के माध्यम से इसरो में होने वाली गतिविधियों की जानकारी भी दें।
- ‘गंगा की कहानी’ और ‘गगनयान’ — दोनों रचनाएँ इसी अध्याय में एक साथ छपी हैं। इन दोनों में क्या समानता है?
- ए.आई. क्या है? पुस्तकालय, शिक्षक-अभिभावकों एवं अन्य स्रोतों के माध्यम से इसके उपयोग और सीमाओं के बारे में पता कीजिए।
- दिए गए चित्र को ध्यानपूर्वक देखिए और इस पर आधारित कोई अनुच्छेद, कहानी अथवा कविता अपने शब्दों में लिखिए —पृष्ठ 159 पर दिया गया चित्र पृष्ठ 159 पर दिया गया चित्र। बीच का सफ़ेद भाग वह जगह है जहाँ पुस्तक में लिखने के लिए पंक्तियाँ बनी हैं।
Chapter at a Glance
- गंगा की कहानी एक आत्मकथा के ढंग से लिखा गया वर्णन है। आत्मकथा यानी अपनी कहानी अपने ही मुँह से कहना। इस पाठ में गंगा नदी ‘मैं’ कहकर बोलती है — “मेरा जन्म हिमालय की गोद में हुआ था।” पुस्तक में इस पाठ के साथ रचनाकार का नाम नहीं छपा है।
- जन्म और पहला नाम — गंगा एक नन्ही-सी धारा के रूप में उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में स्थित गंगोत्री हिमनद के उस स्थान से निकलती है जिसे गोमुख कहते हैं। हिमनद यानी बर्फ़ की जमी हुई विशाल नदी। गोमुख से थोड़ा नीचे गंगोत्री में गंगा का भव्य मंदिर है। यहीं राजा भगीरथ ने तपस्या की थी, इसलिए गंगा का एक नाम भागीरथी भी है।
- पहाड़ से मैदान तक — गंगा पहाड़ों को चीरती, चट्टानों से टकराती, उछलती-कूदती आगे बढ़ती है। देवप्रयाग में उससे अलकनंदा नदी आ मिलती है। ऋषिकेश पहुँचकर वह मैदान में उतर आती है। ऋषिकेश और हरिद्वार उसके किनारे बसे प्रसिद्ध तीर्थ हैं। हरिद्वार में हर बारह वर्ष बाद कुंभ का मेला लगता है, और वहीं के पास से गंगानहर निकाली गई है जो लाखों एकड़ भूमि सींचती हुई कानपुर जनपद तक पहुँचती है।
- मैदान के नगर — कानपुर भारत का प्रसिद्ध औद्योगिक नगर है; वहाँ कपड़े, चमड़े और लोहे के कारखाने हैं और उन्हें पानी गंगा से ही मिलता है। प्रयागराज में गंगा का यमुना से संगम होता है — संगम यानी नदियों का आपस में मिलना। इस संगम पर भी प्रत्येक बारहवें वर्ष कुंभ का मेला लगता है। आगे वाराणसी आता है, जिसका दूसरा नाम काशी है।
- अंतिम यात्रा — वाराणसी से आगे गंगा कई नदियों को अपनी गोद में लेती हुई बिहार पहुँचती है और पटना, भागलपुर होते हुए पश्चिम बंगाल में प्रवेश करती है। यहाँ उसकी दो धाराएँ हो जाती हैं — एक धारा बांग्लादेश चली जाती है, जहाँ उसका नाम पद्मा है; दूसरी धारा कोलकाता की ओर जाती है, जहाँ उसे हुगली कहते हैं। अंत में गंगा बंगाल की खाड़ी में समुद्र से मिल जाती है।
- पाठ का दुख और आशा — गंगोत्री से निकलते समय गंगा का रूप चाँदी जैसा चमकीला रहता है, पर काशी पहुँचते-पहुँचते वह रंग मटमैला हो जाता है। कारखानों और शहरों का गंदा पानी उसके जल को दूषित कर देता है। फिर भी गंगा प्रसन्न है कि अब लोगों का ध्यान इस ओर गया है और जल शुद्ध करने के प्रयास आरंभ हो गए हैं। उसे उस दिन की प्रतीक्षा है जब उसका जल फिर वैसा ही स्वच्छ और निर्मल हो जाएगा।
- पाठ की भाषा — पूरा पाठ पहले पुरुष में है — मैं निकली, मैं पहुँचती हूँ, मुझे दुख है। इससे नदी एक जीती-जागती सहेली-सी लगती है। ‘ढुलकती चली’, ‘उछलती-कूदती’, ‘घूमती-घामती’, ‘कोने-कोने से’, ‘पहुँचते-पहुँचते’ जैसे शब्द-जोड़े पढ़ने में लय पैदा करते हैं।
- अनुपूरक रचना — गगनयान (पृष्ठ 153–157) — पाठ के बाद बिना क्रमांक की एक और रचना छपी है। यह एक संवाद है, यानी बातचीत के रूप में लिखी रचना। कक्षा में अध्यापिका बच्चों को गगनयान के बारे में बताती हैं। बच्चे पहले तारायान, बादलयान, शनियान, मंगलयान, शुक्रयान, आकाशयान के अनुमान लगाते हैं। फिर अध्यापिका बताती हैं कि गगनयान भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान परियोजना है, इसमें तीन सदस्यों के चालक दल को तीन दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा और भारतीय समुद्री जल में उतारकर सुरक्षित वापस लाया जाएगा। मिशन तीन चरणों में है — पहले दो चरण मानवरहित, तीसरे में तीन अंतरिक्ष यात्री। पहले चरण में इसरो का बनाया व्योममित्र नाम का ह्यूमनॉइड रोबोट भेजा जाएगा।
- अध्याय के अंतिम पृष्ठ — पृष्ठ 158 पर ‘इसे भी जानिए’ में ए.आई. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस / कृत्रिम मेधा) का परिचय है, और पृष्ठ 159–160 पर ‘आपकी अभिव्यक्ति’ में पेड़, चिड़ियों और गिरती पत्तियों का चित्र देकर उस पर अनुच्छेद, कहानी या कविता लिखने को कहा गया है। यही वीणा पुस्तक का अंतिम पृष्ठ है — इसके आगे इस अध्याय में कोई शब्दकोश, टिप्पणी-पृष्ठ या आभार नहीं छपा है।
How to Download NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 12 PDF
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NCERT Solutions for Class 5 Hindi – All Chapters
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- Chapter 1 किरन
- Chapter 2 न्याय की कुर्सी
- Chapter 3 चाँद का कुरता
- Chapter 4 साङ्केन
- Chapter 5 सुंदरिया
- Chapter 6 चतुर चित्रकार
- Chapter 7 मेरा बचपन
- Chapter 8 काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा
- Chapter 9 न्याय
- Chapter 10 तीन मछलियाँ
- Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर
- Chapter 12 गंगा की कहानी
NCERT Solutions for Class 5 – All Subjects
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NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 12 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 12 |
| Chapter Name | गंगा की कहानी |
| Book Name | वीणा |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 12 गंगा की कहानी – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 12 गंगा की कहानी?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 12 गंगा की कहानी from the NCERT Class 5 Hindi textbook वीणा, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
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Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?
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