NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 मेरा बचपन provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter मेरा बचपन of the NCERT textbook वीणा. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 5 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 5 Hindi Chapter 7 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 मेरा बचपन
- Class: Class 5
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 7 – मेरा बचपन
- Textbook: वीणा (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 7 मेरा बचपन — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 PDF Download
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 27 questions of this chapter. The questions solved are:
- लेखक को रामलीला की तैयारियों में कौन-कौन से काम सबसे अधिक उत्साहित करते होंगे?
- आपको लेखक के बचपन की कौन-कौन सी बातें सबसे अच्छी लगीं? वे बातें आपको अच्छी क्यों लगीं?
- खेलते समय चोट न लगे, इसके लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं?
- लेखक के पिता और घर के अन्य सदस्य चौके में बैठे-बैठे क्या-क्या बातें करते होंगे?
- लेखक के चचेरे भाई हलधर की आयु कितनी थी?
- लेखक ने अपने घरवालों के क्रोध का कारण क्या बताया है?
- लेखक के अनुसार, गुल्ली-डंडा और विलायती खेलों में क्या अंतर है?
- इस पाठ में लेखक ने अपने बचपन के किन-किन अनुभवों को याद किया है?
- लेखक के बचपन के कौन-कौन से काम आपने भी किए हैं?
- लेखक अपने बचपन में खेलने के लिए स्वयं गुल्ली बना लेते थे। आप कौन-कौन से खेल-खिलौने स्वयं बना लेते हैं? किसी एक को बनाकर कक्षा में लेकर आइए और अपने समूह के साथ मिलकर खेलिए।
- अनेक बच्चे कपड़े धोने के लिए काम में आने वाली ‘थापी’ को बल्ले की तरह उपयोग कर लेते हैं। आप अपने घर या पास-पड़ोस की किन वस्तुओं को खेल-खिलौने की तरह उपयोग में लेते हैं?
- लेखक बचपन में अनेक काम उत्साह से दौड़-दौड़कर किया करते थे। आप कौन-से काम बहुत उत्साह से करते हैं?
- नीचे दिए गए चित्रों का उनके उपयुक्त विवरण से मिलान कीजिए — चित्रविवरण(क) एक समुद्री कीड़े का खोल जिसे पुराने समय में मुद्रा की तरह उपयोग करते थे।(ख) काठ का चपटे और चौड़े सिरे का डंडा(ग) भ्रमण करना अथवा इधर-उधर चलना(घ) चबाकर खाने के लिए भुना हुआ अनाजपृष्ठ 78 पर छपे चार चित्र और उनके सामने दिए गए चार विवरण।
- लेखक सवेरे-सवेरे सबसे पहले मटर और जौ का चबेना खाते थे। ‘चबेना’ के बारे में नीचे दी गई जानकारी पढ़िए — (पृष्ठ 79 पर दो बक्से छपे हैं — ‘गुणकारी स्वादिष्ट चना-चबेना’ तथा ‘ऐसे बनाया जाता है चना-चबेना’)
- आप दिन भर क्या-क्या खाते-पीते हैं? एक सूची बनाइए — (पृष्ठ 79 पर तीन-तीन खानों की तीन पंक्तियों वाली एक सूची छपी है)
- एक दिन और एक रात में कुल मिलाकर कितने पहर होते हैं?
- नीचे दिन के चार पहर दर्शाए गए हैं। आप इन पहरों में क्या-क्या करते हैं, लिखिए या चित्र बनाइए — (चार बक्से: प्रातः 6 बजे से 9 बजे · 9 बजे से 12 बजे · 12 बजे से 3 बजे · 3 बजे से 6 बजे)
- नीचे दिए गए नामों को पढ़िए। इनमें से कौन-कौन से तमाशे आपने देखे हुए हैं? उन पर घेरा बनाइए — (कठपुतली का खेल · नाटक · बाइस्कोप · करतब)
- आपने पाठ में ‘रामलीला’ के बारे में पढ़ा है। हमारे देश में और अन्य देशों में भी दीपावली के आस-पास स्थान-स्थान पर ‘रामलीला’ का आयोजन किया जाता है। आप भी अपनी कक्षा या विद्यालय में रामलीला का मंचन कीजिए। इसके लिए कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं — (1) आप विद्यालय की वर्दी में भी रामलीला का मंचन कर सकते हैं। किसी अतिरिक्त वस्तु या कपड़ों की आवश्यकता नहीं है। (2) पूरी रामकथा का मंचन संभव न हो तो प्रत्येक कक्षा या समूह भिन्न-भिन्न दृश्यों को प्रस्तुत कर सकता है। (3) आप अपने संवाद स्वयं बना सकते हैं। (4) इस कार्य में आप अपने अभिभावकों, शिक्षकों और पुस्तकालय की सहायता भी ले सकते हैं।
- अब पाठ में से कुछ अन्य विशेषण तथा संज्ञा शब्द चुनकर नीचे लिखिए — (तालिका में पहला जोड़ा पहले से भरा है — विशेषण: विलायती, संज्ञा: खेल। नीचे पाँच खाली पंक्तियाँ हैं।)
- अब आप प्राथमिक चिकित्सा पेटी में रखी जाने वाली उन वस्तुओं व दवाइयों की एक सूची बनाइए जिनके बारे में नीलोफर ने सभी को बताया होगा। आप भी अपने लिए एक प्राथमिक चिकित्सा पेटी तैयार कीजिए। इसके लिए आप अपने सहपाठियों तथा अभिभावकों की सहायता ले सकते हैं।
- ऐसे अनेक खेल आप सभी खेलते होंगे जिनमें किसी विशेष महँगे सामान की आवश्यकता नहीं पड़ती बल्कि जिनकी आवश्यकता पड़ती है, उन्हें आप स्वयं ही बना लेते हैं। ऐसे ही कुछ खेलों के चित्र नीचे दिए गए हैं। रेखा खींचकर इनके सही नामों से मिलाइए — (चित्र क्रम से: 1. ज़मीन पर खींचे खानों में एक पैर से कूदती लड़की, 2. दो लड़के ज़मीन पर डोरी से कुछ नचाते हुए, 3. दो बच्चे पतंग उड़ाते हुए, 4. दो लड़के मिट्टी पर झुककर एक-दूसरे को पकड़ते हुए। नाम क्रम से: कबड्डी · इकड़ी-दुकड़ी · लट्टू · पतंग)
- आपस में चर्चा कीजिए कि इन खेलों को कैसे खेला जाता है तथा यह भी बताइए कि आपके क्षेत्र में इन्हें क्या कहा जाता है।
- उन आनंदमयी खेलों की एक सूची बनाइए जो आप अपने दिव्यांग मित्रों के साथ खेल सकते हैं। आप इस कार्य में मित्रों, शिक्षकों एवं अपने अभिभावकों की भी सहायता ले सकते हैं।
- अपने पुस्तकालय में जाकर प्रेमचंद की लिखी कहानियाँ पढ़िए तथा कक्षा में उनके बारे में चर्चा कीजिए।
- ‘इन्हें भी जानिए’ (पृष्ठ 84) में मुरलीकांत राजाराम पेटकर के बारे में क्या-क्या बताया गया है?
- अब आप चित्र में दिखाई गई प्रसिद्ध पैरालंपिक महिला खिलाड़ी के बारे में पता लगाइए। पृष्ठ 84 पर छपा छायाचित्र — यहाँ केवल उसका वर्णन दिया गया है; मूल छायाचित्र पाठ्यपुस्तक में देखिए।चित्र में एक युवा महिला खिलाड़ी तीरंदाज़ी (धनुष-बाण) की प्रतियोगिता में निशाना लगा रही है। उसके बाल पीछे चोटी में बँधे हैं और सिर पर पतला हेयरबैंड है। वह नीली-सफ़ेद जर्सी और नीली पतलून पहने है; सीने पर एक पट्टा (हार्नेस) बँधा है और ठोड़ी के पास डोरी खींचने वाला छोटा हुक लगा है। उसके दोनों हाथ नहीं हैं। वह अपना दाहिना पैर ऊपर उठाकर उसी से धनुष को थामे हुए है; बाण धनुष पर चढ़ा है और डोरी खिंची हुई है। उसकी दृष्टि सामने निशाने पर टिकी है। पीछे खुला नीला आकाश है और पास ही एक और खिलाड़ी खड़ा है। इसके लिए आप अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा अन्य स्रोतों की सहायता ले सकते हैं।
Chapter at a Glance
- मेरा बचपन कविता नहीं, गद्य है। इसे लेखक ने ‘मैं’ कहकर लिखा है, इसलिए यह एक संस्मरण है — संस्मरण यानी अपनी बीती हुई बात की याद, जो लिखकर सुनाई जाए। पाठ के अंत में, पृष्ठ 77 पर रचनाकार का नाम छपा है — प्रेमचंद। उनके नीचे लिखा है “(रत्न सागर प्रकाशन से साभार)”, यानी यह अंश उसी प्रकाशन की पुस्तक से लिया गया है।
- पाठ की पहली ही पंक्ति मन को छू लेती है — “हाय बचपन! तेरी याद नहीं भूलती।” लेखक अब बड़े हो चुके हैं, पेंशन लेने की उम्र में हैं। पर उनकी आँखों के सामने बचपन का गाँव फिर से घूम रहा है — कच्चा टूटा घर, पयाल का बिछौना (पयाल यानी धान की सूखी डंठल, जिसे बिछाकर सोते थे), नंगे बदन और नंगे पाँव खेतों में घूमना, और आम के पेड़ों पर चढ़ना।
- लेखक अपने चचेरे भाई हलधर के साथ दूसरे गाँव में एक मौलवी साहब के यहाँ पढ़ने जाते थे। उस समय लेखक की उम्र आठ साल थी और हलधर उनसे दो साल जेठे यानी बड़े थे। दोनों सवेरे-सवेरे मटर और जौ का चबेना लेते थे। चबेना यानी चबाकर खाने के लिए भुना हुआ अनाज।
- दूसरी बड़ी याद रामलीला की है। लेखक के घर से थोड़ी ही दूर पर रामलीला मैदान था, और जिस घर में पात्रों का रूप-रंग भरा जाता था वह तो घर से बिलकुल सटा हुआ था। दो बजे दिन से सजावट शुरू हो जाती और लेखक दोपहर से ही वहाँ जा बैठते। वे इतने उत्साह से दौड़-दौड़कर छोटे-मोटे काम करते थे कि आज उतने उत्साह से अपनी पेंशन लेने भी नहीं जाते।
- पाठ का सबसे बड़ा हिस्सा गुल्ली-डंडा का है। लेखक कहते हैं — “गुल्ली-डंडा सब खेलों का राजा है।” आज भी लड़कों को खेलते देखकर उनका जी लोट-पोट हो जाता है कि जाकर खेलने लगूँ। इस खेल में न लॉन चाहिए, न कोर्ट, न थापी। बस पेड़ से एक टहनी काट ली, गुल्ली बना ली, और दो लोग हो गए तो खेल शुरू।
- इसी बहाने लेखक एक ज़रूरी बात कहते हैं। विलायती यानी विदेशी खेलों का सबसे बड़ा ऐब (ऐब यानी दोष) यह है कि उनका सामान महँगा होता है। हम अंग्रेजी चीज़ों के पीछे इतने दीवाने हो गए हैं कि अपनी चीज़ों से अरुचि हो गई है। स्कूलों में हर लड़के से तीन-चार रुपये सालाना केवल खेलने की फीस ली जाती है, पर किसी को यह नहीं सूझता कि भारतीय खेल खिलाएँ, जो बिना दाम-कौड़ी के खेले जाते हैं।
- लेखक चोट की बात भी ईमानदारी से मानते हैं। गुल्ली से आँख फूट जाने का डर रहता है — उनके माथे पर आज तक गुल्ली का दाग है और कई दोस्तों को बैसाखी तक लेनी पड़ी। पर वे पूछते हैं कि क्या क्रिकेट से सिर टूटने का डर नहीं रहता? यानी चोट किसी भी खेल में लग सकती है, इसलिए खेल छोड़ना नहीं, सावधानी बरतना चाहिए।
- पाठ का सबसे सुंदर भाव अंत में है। खेल के मैदान में अमीर-गरीब का बिलकुल भेद न था, अभिमान की गुंजाइश ही न थी। घर पर घरवाले बिगड़ रहे हैं, पिताजी चौके पर बैठे रोटियों पर अपना क्रोध उतार रहे हैं — पर बच्चे को न नहाने की सुध है, न खाने की। लेखक लिखते हैं — “गुल्ली है जरा-सी, पर उसमें दुनिया भर की मिठाइयों की मिठास और तमाशों का आनंद भरा है।”
- पाठ के बाद के अभ्यास पूरे पाठ को जीवन से जोड़ते हैं। पाठ से में पाठ की सीधी समझ जाँची जाती है (इस पाठ में यह बहुविकल्पी नहीं है, लिखकर उत्तर देने वाले प्रश्न हैं)। मिलान कीजिए में चित्रों को उनके अर्थ से जोड़ना है, खान-पान में चबेने की जानकारी है, आइए जानें में ‘पहर’ का अर्थ, तमाशा में कठपुतली-नाटक-बाइस्कोप-करतब, भाषा की बात में विशेषण और संज्ञा, आपके खेल में इकड़ी-दुकड़ी, लट्टू, पतंग और कबड्डी, तथा इन्हें भी जानिए में पैरालंपिक तैराक मुरलीकांत राजाराम पेटकर का परिचय है। इस पाठ के साथ कोई अनुपूरक (बिना क्रमांक की) रचना नहीं छपी है — पाठ पृष्ठ 84 पर ‘पता लगाइए’ के साथ पूरा हो जाता है।
How to Download NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 PDF
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NCERT Solutions for Class 5 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides मेरा बचपन in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 5 Hindi.
- Chapter 1 किरन
- Chapter 2 न्याय की कुर्सी
- Chapter 3 चाँद का कुरता
- Chapter 4 साङ्केन
- Chapter 5 सुंदरिया
- Chapter 6 चतुर चित्रकार
- Chapter 7 मेरा बचपन
- Chapter 8 काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा
- Chapter 9 न्याय
- Chapter 10 तीन मछलियाँ
- Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर
- Chapter 12 गंगा की कहानी
NCERT Solutions for Class 5 – All Subjects
Just like Chapter 7 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 5. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 5.
NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 7 |
| Chapter Name | मेरा बचपन |
| Book Name | वीणा |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 मेरा बचपन – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 मेरा बचपन?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 7 मेरा बचपन from the NCERT Class 5 Hindi textbook वीणा, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
How can I download the Class 5 Hindi Chapter 7 solutions PDF for free?
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Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?
Yes. The NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 are based on the latest NCERT textbook वीणा and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 5 Hindi?
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