Download Mera Bachpan (मेरा बचपन) – NCERT Class 5 Hindi Chapter 7 PDF from the new NCERT Class 5 Hindi book Veena (2026-27). Read the chapter online or download the free PDF. मेरा बचपन कविता नहीं, गद्य है। इसे लेखक ने ‘मैं’ कहकर लिखा है, इसलिए यह एक संस्मरण है — संस्मरण यानी अपनी बीती हुई बात की याद, जो लिखकर सुनाई जाए। पाठ के अंत में, पृष्ठ 77 पर रचनाकार का नाम छपा है — प्रेमचंद। उनके नीचे लिखा है “(रत्न सागर प्रकाशन से…
Mera Bachpan (मेरा बचपन) PDF – Chapter 7 of Veena
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| Chapter 7 PDF | Mera Bachpan (मेरा बचपन) | View PDF |
| Full book | NCERT Class 5 Hindi – Veena | View Book |
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What Is in Mera Bachpan (मेरा बचपन)? (Class 5 Hindi Chapter 7)
- मेरा बचपन कविता नहीं, गद्य है। इसे लेखक ने ‘मैं’ कहकर लिखा है, इसलिए यह एक संस्मरण है — संस्मरण यानी अपनी बीती हुई बात की याद, जो लिखकर सुनाई जाए। पाठ के अंत में, पृष्ठ 77 पर रचनाकार का नाम छपा है — प्रेमचंद। उनके नीचे लिखा है “(रत्न सागर प्रकाशन से साभार)”, यानी यह अंश उसी प्रकाशन की पुस्तक से लिया गया है।
- पाठ की पहली ही पंक्ति मन को छू लेती है — “हाय बचपन! तेरी याद नहीं भूलती।” लेखक अब बड़े हो चुके हैं, पेंशन लेने की उम्र में हैं। पर उनकी आँखों के सामने बचपन का गाँव फिर से घूम रहा है — कच्चा टूटा घर, पयाल का बिछौना (पयाल यानी धान की सूखी डंठल, जिसे बिछाकर सोते थे), नंगे बदन और नंगे पाँव खेतों में घूमना, और आम के पेड़ों पर चढ़ना।
- लेखक अपने चचेरे भाई हलधर के साथ दूसरे गाँव में एक मौलवी साहब के यहाँ पढ़ने जाते थे। उस समय लेखक की उम्र आठ साल थी और हलधर उनसे दो साल जेठे यानी बड़े थे। दोनों सवेरे-सवेरे मटर और जौ का चबेना लेते थे। चबेना यानी चबाकर खाने के लिए भुना हुआ अनाज।
- दूसरी बड़ी याद रामलीला की है। लेखक के घर से थोड़ी ही दूर पर रामलीला मैदान था, और जिस घर में पात्रों का रूप-रंग भरा जाता था वह तो घर से बिलकुल सटा हुआ था। दो बजे दिन से सजावट शुरू हो जाती और लेखक दोपहर से ही वहाँ जा बैठते। वे इतने उत्साह से दौड़-दौड़कर छोटे-मोटे काम करते थे कि आज उतने उत्साह से अपनी पेंशन लेने भी नहीं जाते।
- पाठ का सबसे बड़ा हिस्सा गुल्ली-डंडा का है। लेखक कहते हैं — “गुल्ली-डंडा सब खेलों का राजा है।” आज भी लड़कों को खेलते देखकर उनका जी लोट-पोट हो जाता है कि जाकर खेलने लगूँ। इस खेल में न लॉन चाहिए, न कोर्ट, न थापी। बस पेड़ से एक टहनी काट ली, गुल्ली बना ली, और दो लोग हो गए तो खेल शुरू।
- इसी बहाने लेखक एक ज़रूरी बात कहते हैं। विलायती यानी विदेशी खेलों का सबसे बड़ा ऐब (ऐब यानी दोष) यह है कि उनका सामान महँगा होता है। हम अंग्रेजी चीज़ों के पीछे इतने दीवाने हो गए हैं कि अपनी चीज़ों से अरुचि हो गई है। स्कूलों में हर लड़के से तीन-चार रुपये सालाना केवल खेलने की फीस ली जाती है, पर किसी को यह नहीं सूझता कि भारतीय खेल खिलाएँ, जो बिना दाम-कौड़ी के खेले जाते हैं।
- लेखक चोट की बात भी ईमानदारी से मानते हैं। गुल्ली से आँख फूट जाने का डर रहता है — उनके माथे पर आज तक गुल्ली का दाग है और कई दोस्तों को बैसाखी तक लेनी पड़ी। पर वे पूछते हैं कि क्या क्रिकेट से सिर टूटने का डर नहीं रहता? यानी चोट किसी भी खेल में लग सकती है, इसलिए खेल छोड़ना नहीं, सावधानी बरतना चाहिए।
- पाठ का सबसे सुंदर भाव अंत में है। खेल के मैदान में अमीर-गरीब का बिलकुल भेद न था, अभिमान की गुंजाइश ही न थी। घर पर घरवाले बिगड़ रहे हैं, पिताजी चौके पर बैठे रोटियों पर अपना क्रोध उतार रहे हैं — पर बच्चे को न नहाने की सुध है, न खाने की। लेखक लिखते हैं — “गुल्ली है जरा-सी, पर उसमें दुनिया भर की मिठाइयों की मिठास और तमाशों का आनंद भरा है।”
त्वरित पुनरावृत्ति – Mera Bachpan (मेरा बचपन)
| शब्द | अर्थ | पाठ की पंक्ति | अपने वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| पयाल | धान की सूखी डंठल, पुआल | “वह पयाल का बिछौना” | सर्दी में दादा जी पयाल बिछाकर सो जाते हैं। |
| बिछौना | बिछाने की चीज़, बिस्तर | “वह पयाल का बिछौना” | माँ ने आँगन में बिछौना बिछा दिया। |
| चचेरा भाई | चाचा का बेटा | “मैं अपने चचेरे भाई हलधर के साथ” | मेरा चचेरा भाई मेरे साथ ही पढ़ता है। |
| जेठा | उम्र में बड़ा | “हलधर मुझसे दो साल जेठे थे।” | मेरी बहन मुझसे तीन साल जेठी है। |
| प्रातःकाल | सवेरे का समय | “हम दोनों प्रातःकाल मटर और जौ का चबेना लेते थे।” | प्रातःकाल टहलने से मन ताज़ा रहता है। |
| चबेना | चबाकर खाने के लिए भुना हुआ अनाज | “मटर और जौ का चबेना लेते थे।” | खेत जाते समय काका जेब में चबेना रख लेते हैं। |
| रूप-रंग भरना | पात्र का वेश और मेकअप तैयार करना | “जिस घर में लीला पात्रों का रूप-रंग भरा जाता था” | नाटक से पहले सबका रूप-रंग भरा गया। |
| सजावट | सजाने का काम | “दो बजे दिन से पात्रों की सजावट शुरू होने लगती।” | त्योहार पर पूरे बाज़ार की सजावट देखते ही बनती है। |
| उत्साह | काम करने की उमंग, जोश | “जिस उत्साह से दौड़कर छोटे-मोटे काम करता” | बच्चों ने बड़े उत्साह से पेड़ लगाए। |
| पेंशन | नौकरी पूरी हो जाने पर हर महीने मिलने वाला धन | “उस उत्साह से तो आज अपनी पेंशन लेने भी नहीं जाता।” | दादा जी महीने की पहली तारीख को पेंशन लेने जाते हैं। |
| जी लोट-पोट होना | मन का बहुत ललचा जाना, खुशी से भर जाना | “तो जी लोट-पोट हो जाता है” | मिठाई देखकर छोटे भाई का जी लोट-पोट हो गया। |
| गुल्ली | छोटी लकड़ी, जिसके दोनों सिरे नुकीले होते हैं | “गुल्ली बना ली और दो आदमी भी आ गए” | उसने टहनी छीलकर गुल्ली बना ली। |
| थापी | कपड़े धोने के लिए काम में आने वाला काठ का चपटे और चौड़े सिरे का डंडा | “न लॉन की जरूरत, न कोर्ट की, न थापी की” | धोबी थापी से कपड़े धो रहा था। |
| विलायती | विदेश का, बाहर के देश का | “विलायती खेलों में सबसे बड़ा ऐब है” | यह विलायती फल हमारे यहाँ नहीं उगता। |
Old NCERT vs New – Class 5 Hindi
This chapter is from Veena, the new NCERT Class 5 Hindi book (NCF-SE 2023, used from 2025-26). It replaced the old book “Rimjhim”, so chapter numbers and names differ from older PDFs.
Solutions and All Chapters
Answers to the exercises and the full chapter list of Veena:
Mera Bachpan (मेरा बचपन) – Overview
| Class | Class 5 |
| Subject | Hindi |
| Book | Veena – new NCERT book |
| Chapter | 7 of 12 – Mera Bachpan (मेरा बचपन) |
| Edition | NCERT Reprint 2026-27 |
| Session | 2026-27 |
| Free – read online or download |
Class 5 Hindi Chapter 7 – FAQs
Where can I download Mera Bachpan (मेरा बचपन) Class 5 PDF?
From the download table on this page – the chapter PDF is free, and the full book is linked too.
What is Class 5 Hindi Chapter 7 about?
मेरा बचपन कविता नहीं, गद्य है। इसे लेखक ने ‘मैं’ कहकर लिखा है, इसलिए यह एक संस्मरण है — संस्मरण यानी अपनी बीती हुई बात की याद, जो लिखकर सुनाई जाए। पाठ के अंत में, पृष्ठ 77 पर रचनाकार का नाम छपा है — प्रेमचंद। उनके नीचे लिखा है “(रत्न सागर प्रकाशन से साभार)”, यानी यह अंश उसी प्रकाशन की पुस्तक से लिया गया है।
Is Mera Bachpan (मेरा बचपन) from the new NCERT Class 5 Hindi book?
Yes. It is chapter 7 of veena, the new NCERT Class 5 Hindi book for 2026-27.
Is this the latest NCERT edition for 2026-27?
Yes – the PDF is NCERT’s latest edition for the 2026-27 session.
Where are the NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7?
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