Download Kajiranga Rashtriy Udyan Ki Yatra (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा) – NCERT Class 5 Hindi Chapter 8 PDF from the new NCERT Class 5 Hindi book Veena (2026-27). Read the chapter online or download the free PDF. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा कविता नहीं, गद्य है। और यह साधारण गद्य भी नहीं — यह एक पत्र है। पत्र यानी चिट्ठी। इसकी शुरुआत “प्रिय बच्चो,” से होती है और अंत “तुम्हारे चाचा — अरूप” से। पाठ के अंत में, पृष्ठ 87 पर रचनाकार का नाम छपा है — अरूप…
Kajiranga Rashtriy Udyan Ki Yatra (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा) PDF – Chapter 8 of Veena
Read the chapter online or download the PDF.
| Chapter | Download | |
|---|---|---|
| Chapter 8 PDF | Kajiranga Rashtriy Udyan Ki Yatra (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा) | View PDF |
| Full book | NCERT Class 5 Hindi – Veena | View Book |
Read Online
What Is in Kajiranga Rashtriy Udyan Ki Yatra (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा)? (Class 5 Hindi Chapter 8)
- काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा कविता नहीं, गद्य है। और यह साधारण गद्य भी नहीं — यह एक पत्र है। पत्र यानी चिट्ठी। इसकी शुरुआत “प्रिय बच्चो,” से होती है और अंत “तुम्हारे चाचा — अरूप” से। पाठ के अंत में, पृष्ठ 87 पर रचनाकार का नाम छपा है — अरूप कुमार दत्ता। उसके नीचे लिखा है “(रत्न सागर प्रकाशन से साभार)”, यानी यह अंश उसी प्रकाशन की पुस्तक से लिया गया है।
- पत्र की पहली ही पंक्ति बता देती है कि यह कहाँ से लिखा गया — “यह पत्र मैं तुम्हें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लिख रहा हूँ।” काजीरंगा उद्यान असम में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है। तट यानी नदी का किनारा। वहाँ विभिन्न प्रकार के पशु और पक्षी हैं।
- पहले दिन की यात्रा हाथी पर चढ़कर हुई। इसके लिए बहुत सवेरे उठना पड़ा — तब सूरज भी नहीं निकला था। उद्यान में सैकड़ों पशु थे। हिरण और जंगली भैंसों के कई झुंड आराम से घास चर रहे थे। उनमें कुछ एक सींग वाले गैंडे भी थे। इसी पशु के कारण काजीरंगा पूरे संसार में प्रसिद्ध हुआ है।
- पशुओं का स्वभाव भी पत्र में साफ़ दिखता है। हिरणों और भैंसों ने चाचा अरूप को संदेह की दृष्टि से देखा और अलग हट गए — संदेह यानी शक। पर गैंडे वहीं जमे रहे, यानी टस से मस नहीं हुए। लेखक को एक सींग वाला गैंडा पहली बार देखने को मिला। यह हाथी के बाद भारत का सबसे बड़ा पशु है। इसे इंडियन राइनो (भारतीय गैंडा) भी कहते हैं और यह केवल भारत तथा नेपाल के जंगलों में पाया जाता है।
- गैंडे के शरीर पर मोटी तह होती है, जैसे उसने कवच पहन रखा हो। इसी पर महावत ने एक रुचिकर कथा सुनाई — भगवान कृष्ण ने एक बार सोचा कि हाथी के बदले गैंडे को रणक्षेत्र में भेजा जाए। उन्होंने उसे कवच पहनाकर अभ्यास कराया, पर गैंडा निर्देशों का पालन न कर सका। इसलिए भगवान कृष्ण ने कवच सहित ही उसे वापस वन में भेज दिया। महावत यानी हाथी चलाने वाला।
- पत्र एक दुख की बात भी कहता है। सैकड़ों वर्ष पहले इंडियन राइनो पश्चिम में पेशावर से लेकर पूर्व में असम तक पाए जाते थे। पर लोगों ने सींग पाने के लिए उनका शिकार किया, क्योंकि वे मानते थे कि सींग में औषधि-संबंधी गुण हैं। बाद में वैज्ञानिकों ने सिद्ध कर दिया कि सींग में ऐसा कुछ नहीं है। तब तक शिकार इतना हो चुका था कि गैंडों की संख्या कम हो गई। अब आधे से अधिक गैंडे काजीरंगा में ही रहते हैं — इसीलिए पूरे संसार से पशु-प्रेमी इन्हें देखने काजीरंगा आते हैं।
- आगे बढ़ने पर एक मादा राइनो अपने बच्चे के साथ दिखी। महावत उन्हें पास नहीं ले गए। कारण उन्होंने बताया — शिशु साथ में हो तो मादा गैंडा हिंसक हो जाती है और हाथी के पास आने पर हमला कर सकती है। इसी सुबह लेखक ने हिरणों के अनेक झुंड देखे। पाठ के अनुसार काजीरंगा में चार प्रकार के हिरण हैं — भौंकने वाले हिरण, बौने सूअर हिरण, दलदली हिरण और साँभर हिरण। जंगली सूअर भी दिखाई दिए।
- दूसरे दिन की यात्रा जीप में हुई और साथ में वन संरक्षक भी था। ड्राइवर उन्हें एक बील यानी झील की ओर ले गया। बील पर सैकड़ों पक्षियों के झुंड थे — पेलिकन (एक जल पक्षी), सारस, बगुला और कलहोन। पानी में कुछ ऊदबिलाव उछल-कूद कर रहे थे। लौटते समय जंगली हाथियों का एक झुंड दिखा, जिसमें पाँच-छह बच्चे थे। जब तक पूरे झुंड ने रास्ता पार नहीं कर लिया, तब तक एक विशाल हाथी खड़ा निगरानी करता रहा। काजीरंगा में मांसाहारी रॉयल बंगाल टाइगर भी हैं, पर वे दिखे नहीं — गाइड ने बताया कि वे रात में ही निकलते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति – Kajiranga Rashtriy Udyan Ki Yatra (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा)
| शब्द | अर्थ | पाठ की पंक्ति | अपने वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| राष्ट्रीय उद्यान | सरकार द्वारा पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों की रक्षा के लिए सुरक्षित रखा गया क्षेत्र | “यह पत्र मैं तुम्हें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लिख रहा हूँ।” | हम गरमी की छुट्टी में एक राष्ट्रीय उद्यान देखने गए। |
| तट | नदी या झील का किनारा | “काजीरंगा उद्यान असम में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है।” | शाम को हम नदी के तट पर बैठे रहे। |
| विभिन्न | अलग-अलग तरह के | “यहाँ विभिन्न प्रकार के पशु व पक्षी हैं।” | मेले में विभिन्न प्रकार के खिलौने सजे थे। |
| झुंड | पशुओं या पक्षियों का समूह | “हिरण और जंगली भैंसों के कई झुंड आराम से घास चर रहे थे।” | आसमान में पक्षियों का झुंड उड़ता जा रहा था। |
| चरना | पशुओं का घास खाना | “कई झुंड आराम से घास चर रहे थे।” | गाय खेत की मेड़ पर घास चर रही है। |
| संदेह | शक; यह भरोसा न होना कि सामने वाला ठीक है | “हिरणों और भैंसों ने हमें संदेह की दृष्टि से देखा।” | अनजान आदमी को देखकर कुत्ते ने संदेह की दृष्टि से देखा। |
| दृष्टि | नज़र, देखने का ढंग | “हमें संदेह की दृष्टि से देखा और अलग हट गए।” | माँ ने मुझे प्यार भरी दृष्टि से देखा। |
| जमे रहना | अपनी जगह से हिलना ही नहीं | “पर गैंडे वहीं जमे रहे।” | भीड़ हट गई, पर वह अपनी जगह जमा रहा। |
| इंडियन राइनो | भारतीय गैंडा; एक सींग वाला गैंडा | “इसको इंडियन राइनो (भारतीय गैंडा) भी कहते हैं।” | इंडियन राइनो केवल भारत और नेपाल में पाया जाता है। |
| कवच | लोहे का वह पहनावा जो युद्ध में शरीर को बचाता है | “मोटी तह होती है, जैसे वह कवच पहने हो।” | योद्धा कवच पहनकर युद्ध में गया। |
| रणक्षेत्र | युद्ध का मैदान | “हाथी के बदले गैंडे को रणक्षेत्र में भेजा जाए।” | रणक्षेत्र में बड़े-बड़े वीर आमने-सामने थे। |
| अभ्यास | बार-बार करके सीखना | “उन्होंने उसे कवच पहनाकर अभ्यास कराया।” | रोज़ अभ्यास करने से लिखावट सुधर जाती है। |
| निर्देश | बताई गई बात; आदेश | “पर गैंडा निर्देशों का पालन न कर सका।” | शिक्षक के निर्देश ध्यान से सुनिए। |
| महावत | हाथी को चलाने और सँभालने वाला | “इस पर हमारे महावत ने एक रुचिकर कथा सुनाई।” | महावत ने हाथी को नदी में नहलाया। |
Old NCERT vs New – Class 5 Hindi
This chapter is from Veena, the new NCERT Class 5 Hindi book (NCF-SE 2023, used from 2025-26). It replaced the old book “Rimjhim”, so chapter numbers and names differ from older PDFs.
Solutions and All Chapters
Answers to the exercises and the full chapter list of Veena:
Kajiranga Rashtriy Udyan Ki Yatra (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा) – Overview
| Class | Class 5 |
| Subject | Hindi |
| Book | Veena – new NCERT book |
| Chapter | 8 of 12 – Kajiranga Rashtriy Udyan Ki Yatra (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा) |
| Edition | NCERT Reprint 2026-27 |
| Session | 2026-27 |
| Free – read online or download |
Class 5 Hindi Chapter 8 – FAQs
Where can I download Kajiranga Rashtriy Udyan Ki Yatra (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा) Class 5 PDF?
From the download table on this page – the chapter PDF is free, and the full book is linked too.
What is Class 5 Hindi Chapter 8 about?
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा कविता नहीं, गद्य है। और यह साधारण गद्य भी नहीं — यह एक पत्र है। पत्र यानी चिट्ठी। इसकी शुरुआत “प्रिय बच्चो,” से होती है और अंत “तुम्हारे चाचा — अरूप” से। पाठ के अंत में, पृष्ठ 87 पर रचनाकार का नाम छपा है — अरूप कुमार दत्ता। उसके नीचे लिखा है “(रत्न सागर प्रकाशन से साभार)”, यानी यह अंश उसी प्रकाशन की पुस्तक से लिया गया है।
Is Kajiranga Rashtriy Udyan Ki Yatra (काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा) from the new NCERT Class 5 Hindi book?
Yes. It is chapter 8 of veena, the new NCERT Class 5 Hindi book for 2026-27.
Is this the latest NCERT edition for 2026-27?
Yes – the PDF is NCERT’s latest edition for the 2026-27 session.
Where are the NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 8?
Open the NCERT Solutions link above for answers to the exercise questions.













