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Sanken (साङ्केन) Class 5 PDF – NCERT Hindi Veena Chapter 4 (2026-27)

Download Sanken (साङ्केन) – NCERT Class 5 Hindi Chapter 4 PDF from the new NCERT Class 5 Hindi book Veena (2026-27). Read the chapter online or download the free PDF. साङ्केन एक कहानी है। पुस्तक में इस पाठ के साथ किसी लेखक का नाम नहीं दिया गया है। कहानी अरुणाचल प्रदेश के एक कस्बे चौखाम में घटती है। ‘साङ्केन’ वहाँ मनाया जाने वाला एक त्योहार है, और यही इस पाठ का शीर्षक भी है।

Sanken (साङ्केन) PDF – Chapter 4 of Veena

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NCERT Book Class 5 Hindi (Veena) Chapter 4 साङ्केन Open PDF
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What Is in Sanken (साङ्केन)? (Class 5 Hindi Chapter 4)

  • साङ्केन एक कहानी है। पुस्तक में इस पाठ के साथ किसी लेखक का नाम नहीं दिया गया है। कहानी अरुणाचल प्रदेश के एक कस्बे चौखाम में घटती है। ‘साङ्केन’ वहाँ मनाया जाने वाला एक त्योहार है, और यही इस पाठ का शीर्षक भी है।
  • कहानी के मुख्य पात्र हैं — वल्लरी, उसके पिताजी, वल्लरी का मित्र चाऊतान तथा चाऊतान के माता-पिता। वल्लरी के पिताजी चौखाम के मंडल कार्यालय में अधिकारी हैं। मंडल कार्यालय यानी किसी सरकारी विभाग का वह दफ़्तर जो एक पूरे मंडल यानी क्षेत्र का काम देखता है। इस बार वे दिल्ली से अपने परिवार को भी अपने पास बुला लेते हैं।
  • कहानी की शुरुआत दिल्ली और चौखाम के अंतर से होती है। दिल्ली में भीड़भरी सड़कें हैं, हॉर्न बजाती कारें-बसें हैं और लोगों की लंबी-लंबी कतारें हैं। चौखाम में खुला और शांत वातावरण है — “जिधर देखो, हरियाली ही हरियाली और फूल ही फूल।” और वहाँ के लोगों के मुखों पर सदैव मुस्कान बनी रहती है।
  • एक दिन चाऊतान वल्लरी को अपने घर बुलाता है। चाऊतान के पिताजी सफाई का काम छोड़कर दोनों का स्वागत करते हैं और माताजी कई प्रकार के स्वादिष्ट पकवान लाती हैं। तभी सड़क पर एक शोभायात्रा निकलती है। शोभायात्रा यानी वह जुलूस जिसमें लोग सज-धजकर, गाते-बजाते हुए चलते हैं। लोगों के कंधों पर पालकियाँ हैं और उनमें भगवान बुद्ध तथा उनके शिष्यों की मूर्तियाँ रखी हैं।
  • चाऊतान बताता है कि गाँव के लोगों ने नदी के किनारे एक नया मंदिर बनाया है। ये मूर्तियाँ बौद्ध-विहार से लाई गई हैं और तीन दिन तक इसी मंदिर में रहेंगी। इन दिनों लोग रोज़ इन पर जल चढ़ाएँगे और पूजा करेंगे। बौद्ध-विहार यानी वह स्थान जहाँ बौद्ध भिक्षु रहते हैं और पूजा-पाठ करते हैं।
  • मंदिर का वर्णन कहानी का सबसे सुंदर हिस्सा है। उसकी जालीदार दीवारें बाँस और बाँस की खपच्चियों से बनी हैं। बीच-बीच में पेड़ों की हरी-भरी टहनियाँ लगाई गई हैं और उनमें खोंस-खोंसकर रंग-बिरंगे फूल सजा दिए गए हैं। इतना सादा और सुंदर मंदिर वल्लरी ने पहले कभी नहीं देखा था।
  • फिर वल्लरी देखती है कि लोग एक-दूसरे पर बालटियाँ भर-भरकर पानी डाल रहे हैं और चेहरों पर चावल का आटा लगा रहे हैं। उसे होली की याद आ जाती है। चाऊतान बताता है — “आज हमारे यहाँ साङ्केन का त्योहार है। आज से हमारा नया वर्ष आरंभ होता है।” यही इस पाठ की मुख्य बात है — दो अलग-अलग प्रदेशों के दो त्योहार, पर दोनों में पानी, रंग, मिठाई, मेल-मिलाप और नया वर्ष।
  • साङ्केन तीन दिन तक मनाया जाता है। तीसरे दिन भिक्षु मूर्तियों को फिर पालकियों में रखकर बौद्ध-विहार ले जाते हैं। गाँव के लोग वहाँ जाकर भिक्षुओं को दंडवत प्रणाम करते हैं — यानी ज़मीन पर लेटकर किया जाने वाला प्रणाम। भिक्षु आशीर्वाद देते हैं — “खेती फूले-फले तुम्हारी, तुम्हें न हो कोई बीमारी। हिल-मिलकर सब नाचें-गाएँ, नए साल में खुशी मनाएँ।” कहानी का अंत इसी आशीर्वाद पर होता है।

त्वरित पुनरावृत्ति – Sanken (साङ्केन)

शब्दअर्थपाठ की पंक्तिअपने वाक्य में प्रयोग
साङ्केनअरुणाचल प्रदेश में मनाया जाने वाला त्योहार, जिससे वहाँ नया वर्ष आरंभ होता है“आज हमारे यहाँ साङ्केन का त्योहार है।”साङ्केन में लोग एक-दूसरे पर पानी डालते हैं।
मंडल कार्यालयकिसी विभाग का वह दफ़्तर जो एक पूरे क्षेत्र (मंडल) का काम देखता है“चौखाम के मंडल कार्यालय में वल्लरी के पिताजी एक अधिकारी हैं।”पिताजी मंडल कार्यालय में काम करते हैं।
भीड़भरीजहाँ बहुत भीड़ हो“कहाँ दिल्ली की भीड़भरी सड़कें…”मेले की भीड़भरी गली में मैं माँ का हाथ पकड़े रहा।
कतारएक के पीछे एक खड़े लोगों की पंक्ति, लाइन“आदमियों की लंबी-लंबी कतारें…”टिकट के लिए लंबी कतार लगी थी।
वातावरणचारों ओर का माहौल“…चौखाम का खुला और शांत वातावरण।”पुस्तकालय का वातावरण बहुत शांत रहता है।
सदैवहमेशा“यहाँ के लोगों के मुखों पर सदैव मुस्कान बनी रहती है।”दादी के चेहरे पर सदैव शांति रहती है।
पकवानविशेष अवसर पर बनाया गया स्वादिष्ट भोजन“चाऊतान की माताजी कई प्रकार के पकवान ले आईं।”दीवाली पर घर में कई पकवान बने।
शोभायात्रासजी-धजी यात्रा, जुलूस“तभी वल्लरी ने देखा कि सड़क पर एक शोभायात्रा निकल रही है।”गाँव में रामलीला की शोभायात्रा निकली।
पालकीवह डोली जिसे लोग कंधों पर उठाकर ले जाते हैं“कुछ लोगों के कंधों पर पालकियाँ थीं।”पहले दुल्हन पालकी में बैठकर जाती थी।
उत्साहमन का जोश, उमंग“लोगों में बहुत उत्साह था।”खेल-दिवस पर बच्चों में बहुत उत्साह था।
बौद्ध-विहारवह स्थान जहाँ बौद्ध भिक्षु रहते और पूजा करते हैं“ये लोग बौद्ध-विहार से भगवान बुद्ध…की मूर्तियाँ लाए हैं।”हम बौद्ध-विहार देखने गए थे।
शिष्यपढ़ने-सीखने वाला, चेला“भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों की मूर्तियाँ…”गुरुजी के शिष्य दूर-दूर से आते हैं।
प्रतिदिनहर दिन, रोज़“गाँव के लोग इन मूर्तियों पर प्रतिदिन जल चढ़ाएँगे…”मैं प्रतिदिन आधा घंटा पढ़ता हूँ।
सम्मिलित होनाशामिल होना, साथ हो जाना“क्या हम लोग भी शोभायात्रा में सम्मिलित हो सकते हैं?”मैं भी सफाई अभियान में सम्मिलित हुआ।

Old NCERT vs New – Class 5 Hindi

This chapter is from Veena, the new NCERT Class 5 Hindi book (NCF-SE 2023, used from 2025-26). It replaced the old book “Rimjhim”, so chapter numbers and names differ from older PDFs.

Solutions and All Chapters

Answers to the exercises and the full chapter list of Veena:

Sanken (साङ्केन) – Overview

ClassClass 5
SubjectHindi
BookVeena – new NCERT book
Chapter4 of 12 – Sanken (साङ्केन)
EditionNCERT Reprint 2026-27
Session2026-27
PDFFree – read online or download

Class 5 Hindi Chapter 4 – FAQs

Where can I download Sanken (साङ्केन) Class 5 PDF?

From the download table on this page – the chapter PDF is free, and the full book is linked too.

What is Class 5 Hindi Chapter 4 about?

साङ्केन एक कहानी है। पुस्तक में इस पाठ के साथ किसी लेखक का नाम नहीं दिया गया है। कहानी अरुणाचल प्रदेश के एक कस्बे चौखाम में घटती है। ‘साङ्केन’ वहाँ मनाया जाने वाला एक त्योहार है, और यही इस पाठ का शीर्षक भी है।

Is Sanken (साङ्केन) from the new NCERT Class 5 Hindi book?

Yes. It is chapter 4 of veena, the new NCERT Class 5 Hindi book for 2026-27.

Is this the latest NCERT edition for 2026-27?

Yes – the PDF is NCERT’s latest edition for the 2026-27 session.

Where are the NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 4?

Open the NCERT Solutions link above for answers to the exercise questions.

Official website: ncert.nic.inNational Council of Educational Research and Training publishes date sheets, admit cards and results here
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