Download Tin Machhliyan (तीन मछलियाँ) – NCERT Class 5 Hindi Chapter 10 PDF from the new NCERT Class 5 Hindi book Veena (2026-27). Read the chapter online or download the free PDF. तीन मछलियाँ एक कहानी है। कहानी यानी ऐसी रचना जिसमें कोई घटना क्रम से सुनाई जाती है। यह कहानी मालती देवी ने लिखी है और यह पंचतंत्र पर आधारित है — यानी इसकी मूल कथा पंचतंत्र से ली गई है और लेखिका ने उसे अपने शब्दों में फिर से लिखा है।
Tin Machhliyan (तीन मछलियाँ) PDF – Chapter 10 of Veena
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| Chapter 10 PDF | Tin Machhliyan (तीन मछलियाँ) | View PDF |
| Full book | NCERT Class 5 Hindi – Veena | View Book |
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What Is in Tin Machhliyan (तीन मछलियाँ)? (Class 5 Hindi Chapter 10)
- तीन मछलियाँ एक कहानी है। कहानी यानी ऐसी रचना जिसमें कोई घटना क्रम से सुनाई जाती है। यह कहानी मालती देवी ने लिखी है और यह पंचतंत्र पर आधारित है — यानी इसकी मूल कथा पंचतंत्र से ली गई है और लेखिका ने उसे अपने शब्दों में फिर से लिखा है।
- कहानी की जगह है उत्तर भारत का एक सुंदर सरोवर। सरोवर यानी बड़ा तालाब। वहाँ तीन मछलियाँ रहती थीं जिनमें गाढ़ी मित्रता थी — गाढ़ी यानी बहुत गहरी, बहुत पक्की। तीनों बाकी मछलियों के साथ मिल-जुलकर विनोद (हँसी-मज़ाक) और सैर करती रहती थीं।
- तीनों के नाम ही उनका स्वभाव बताते हैं। अनागतविधाता — जो आगे आने वाली मुसीबत का हल पहले से सोच लेती है। प्रत्युत्पन्नमति — जिसकी बुद्धि मौके पर तुरंत काम करती है। यद्भविष्य — जो कहती है ‘जो होना होगा सो तो होगा ही’ और कुछ नहीं करती। कहानी में लिखा है कि तीनों ‘अपने नाम के अर्थ को सार्थक करती थीं’ — सार्थक करना यानी नाम को सच कर दिखाना।
- घटना यों शुरू होती है — एक दिन शाम को दो मछुआरे सरोवर के किनारे से निकले। इतना रमणीय (सुंदर, मन को भाने वाला) स्थान देखकर वे विश्राम करने बैठ गए। बड़ी-बड़ी मछलियाँ देखकर उन्होंने तय किया — “भाई कल सवेरे हम यहाँ बड़ा जाल लेकर आएँगे और इन सब मछलियों को पकड़ेंगे।”
- यह बात तीनों मछलियों ने सुन ली। उन्होंने तुरंत सब मछलियों की सभा बुलाई। अनागतविधाता ने चेतावनी दी और उपाय बताया — सवेरा होने से पहले सब यह सरोवर छोड़कर पास के दूसरे सरोवर में चले जाएँ। प्रत्युत्पन्नमति ने कहा कि वह वहीं रहेगी और समय आने पर उपाय ढूँढ़ लेगी। यद्भविष्य ने कहा कि वह अपना पुराना निवास स्थान नहीं छोड़ेगी, क्योंकि भाग्य में जो लिखा होगा वही होगा।
- अगली सुबह मछुआरे सचमुच आ गए। उन्होंने जाल डालकर सारी मछलियाँ पकड़ लीं। प्रत्युत्पन्नमति और यद्भविष्य भी जाल में फँस गईं। अनागतविधाता पहले ही निकल गई थी, इसलिए वह पूरी तरह सुरक्षित रही।
- जाल में फँसकर भी प्रत्युत्पन्नमति ने हार नहीं मानी। मछुआरों की बातचीत से वह समझ गई कि उन्हें स्वस्थ और जीवित मछलियाँ ही चाहिए। उसने उसी क्षण अपना शरीर सिकोड़ लिया, आँखें बंद कर लीं और निर्जीव सी बनकर पड़ गई — निर्जीव यानी जिसमें जान न हो। मछुआरों ने उसे मरी हुई समझकर सरोवर में फेंक दिया। इस तरह उसकी जान बच गई। यद्भविष्य की जान नहीं बच सकी।
- कहानी की सीख साफ़ है — सोचने और समय पर काम करने से जान बचती है, आलस्य और ‘जो होगा सो देखा जाएगा’ वाली सोच से नहीं। दो तरह की बुद्धि दोनों काम आईं — पहले से सोच लेने वाली बुद्धि (अनागतविधाता) और मौके पर तुरंत काम करने वाली बुद्धि (प्रत्युत्पन्नमति)। जिसने कुछ नहीं सोचा, वही मारी गई।
त्वरित पुनरावृत्ति – Tin Machhliyan (तीन मछलियाँ)
| शब्द | अर्थ | पाठ की पंक्ति | अपने वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| सरोवर | बड़ा तालाब, झील | “उत्तर भारत के एक सुंदर सरोवर में तीन मछलियाँ रहती थीं” | गाँव के सरोवर में कमल के फूल खिले हैं। |
| गाढ़ी | घनिष्ठ, बहुत गहरी | “तीन मछलियाँ रहती थीं जिनमें गाढ़ी मित्रता थी” | मीना और रज़िया की गाढ़ी दोस्ती है। |
| विनोद | हँसी-मज़ाक, मन बहलाना | “मिल-जुलकर विनोद और सैर करती रहती थीं” | छुट्टी के दिन हम सब विनोद करते हैं। |
| बुद्धिमती | समझदार स्त्री या मादा | “वह बहुत बुद्धिमती थी” | हमारी दादी बहुत बुद्धिमती हैं। |
| संभावित | जो आगे हो सकता है | “भविष्य की संभावित समस्याओं का हल पहले से ही निकालकर रखती थी” | संभावित बारिश देखकर मैंने छाता रख लिया। |
| तीक्ष्ण | तेज़, पैनी | “वैसी ही तीक्ष्ण और तीव्र उसकी बुद्धि थी” | चाकू की धार बहुत तीक्ष्ण है। |
| तीव्र | बहुत तेज़ | “तीक्ष्ण और तीव्र उसकी बुद्धि थी” | रेल तीव्र गति से चली जा रही थी। |
| आशंकित | जिसका डर हो, जिसकी चिंता हो | “भविष्य की किसी भी आशंकित समस्या का पहले से समाधान” | आशंकित तूफ़ान की खबर सुनकर सब घर लौट आए। |
| सूझ-बूझ | समझदारी, मौके पर सही सोच | “उसकी सूझ-बूझ इतनी पैनी थी” | अपनी सूझ-बूझ से उसने आग बुझा दी। |
| पैनी | तेज़, धारदार | “उसकी सूझ-बूझ इतनी पैनी थी” | बाज़ की नज़र बहुत पैनी होती है। |
| उलझन | मुश्किल, गुत्थी | “किसी भी उलझन का हल क्षण भर में निकाल लेती थी” | यह सवाल पहले उलझन लगा, फिर आसान हो गया। |
| सार्थक | जिसका अर्थ सच हो जाए, अर्थपूर्ण | “अपने नाम के अर्थ को वह भी सार्थक करती थी” | उसने मेहनत करके अपना नाम सार्थक कर दिखाया। |
| श्रम | मेहनत | “श्रम और चिंतन से बचती थी” | किसान का श्रम ही हमें अनाज देता है। |
| चिंतन | गहराई से सोचना | “श्रम और चिंतन से बचती थी” | बड़ा निर्णय लेने से पहले चिंतन ज़रूरी है। |
Old NCERT vs New – Class 5 Hindi
This chapter is from Veena, the new NCERT Class 5 Hindi book (NCF-SE 2023, used from 2025-26). It replaced the old book “Rimjhim”, so chapter numbers and names differ from older PDFs.
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Tin Machhliyan (तीन मछलियाँ) – Overview
| Class | Class 5 |
| Subject | Hindi |
| Book | Veena – new NCERT book |
| Chapter | 10 of 12 – Tin Machhliyan (तीन मछलियाँ) |
| Edition | NCERT Reprint 2026-27 |
| Session | 2026-27 |
| Free – read online or download |
Class 5 Hindi Chapter 10 – FAQs
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What is Class 5 Hindi Chapter 10 about?
तीन मछलियाँ एक कहानी है। कहानी यानी ऐसी रचना जिसमें कोई घटना क्रम से सुनाई जाती है। यह कहानी मालती देवी ने लिखी है और यह पंचतंत्र पर आधारित है — यानी इसकी मूल कथा पंचतंत्र से ली गई है और लेखिका ने उसे अपने शब्दों में फिर से लिखा है।
Is Tin Machhliyan (तीन मछलियाँ) from the new NCERT Class 5 Hindi book?
Yes. It is chapter 10 of veena, the new NCERT Class 5 Hindi book for 2026-27.
Is this the latest NCERT edition for 2026-27?
Yes – the PDF is NCERT’s latest edition for the 2026-27 session.
Where are the NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 10?
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