NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter हमारे ये कलामंदिर of the NCERT textbook वीणा. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 5 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 5 Hindi Chapter 11 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर
- Class: Class 5
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 11 – हमारे ये कलामंदिर
- Textbook: वीणा (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 41 questions of this chapter. The questions solved are:
- आपकी छुट्टियाँ कब-कब होती हैं? आप छुट्टियों में कहाँ-कहाँ जाते हैं?
- अजंता और एलोरा की गुफाओं के भीतर दीवारों पर अत्यंत सुंदर चित्र बने थे। आपके घर और घर के आस-पास कौन-कौन से चित्र बने या लगे हैं?
- आपके घर में कौन-कौन और कहाँ-कहाँ चित्रकारी करते हैं? (जैसे – कागज पर, धरती पर, दीवारों पर, मिट्टी की वस्तुओं पर, कपड़ों पर आदि।)
- गुफाओं के चित्र देखते ही निशा के मुँह से ‘वाह!’ क्यों निकला? आपके मुँह से कब-कब ‘वाह!’ निकलता है?
- निशा, अजंता और एलोरा जाने के लिए क्यों उत्साहित थी? (क) वह पहली बार हवाई यात्रा करने वाली थी। (ख) उसने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था। (ग) उसे मौसी जी से एक नया खिलौना मिलने वाला था। (घ) उसने अजंता और एलोरा के बारे में मित्रों से सुना था।
- निशा को अजंता और एलोरा देखकर कैसा लगा? (क) उसे निराशा हुई। (ख) उसे आश्चर्य हुआ। (ग) उसे दुख हुआ। (घ) वह उदास हो गई।
- अजंता की गुफाओं में बने रंग इतने वर्षों बाद भी क्यों फीके नहीं पड़े थे? (क) वे विशेष प्रकार के कागज पर बनाए गए थे। (ख) चित्रों में प्रति वर्ष फिर से नया रंग भरा जाता था। (ग) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे। (घ) वे सभी गुफाएँ बहुत ठंडे स्थान पर स्थित थीं।
- यात्रा से लौटने के बाद भी निशा को वे कलाकृतियाँ बार-बार क्यों याद आ रही थीं? (क) उसने अपनी पाठ्यपुस्तक में उनके बारे में पढ़ा था। (ख) मौसी जी ने वादा किया था कि वे फिर वहाँ जाएँगे। (ग) यात्रा बहुत लंबी थी इसलिए उसे याद आ रही थी। (घ) गुफाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं।
- अजंता में निशा ने क्या-क्या देखा?
- कैलाश मंदिर के बारे में आपको कौन-सी बात सबसे अधिक आश्चर्यजनक लगी?
- मौसी जी ने छोटी और बड़ी गुफा के बारे में क्या बताया?
- क्या कारण है कि अजंता की गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा में बनाया गया है?
- अजंता और एलोरा तक पहुँचने के लिए यातायात के कौन-कौन से साधनों का प्रयोग कर सकते हैं?
- यदि अजंता की दीवारों के चित्र बोल सकते तो वे हमें क्या कहानियाँ सुनाते?
- मान लीजिए कि आप हजारों वर्ष पहले के संसार में चले गए हैं और आपको अजंता की गुफाओं में एक नया चित्र बनाने का अवसर मिला है। आप क्या बनाएँगे और क्यों?
- पाठ में से कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें उनके मिलते-जुलते अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए — शब्द: शिलाखंड, गुफा, कुंड, भिक्षु। अर्थ: कंदरा, गुहा / संन्यासी, याचक / चट्टान, पत्थर / तालाब, जलाशय। (पुस्तक में ‘शिलाखंड’ से ‘चट्टान, पत्थर’ तक की रेखा उदाहरण के रूप में पहले से खिंची है।)
- “निशा और मौसी ने स्टेशन पर ही विश्रामगृह में रात बिताई।” यहाँ ‘विश्रामगृह’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है — ‘विश्राम’ और ‘गृह’। विश्राम का अर्थ है — आराम। गृह का अर्थ है — घर। अतः विश्रामगृह का अर्थ हुआ — आराम करने का घर या स्थान। पाठ में से ऐसे ही दो शब्दों के मेल से बने अन्य शब्दों को खोजकर उनके अर्थ लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
- निशा ने आश्चर्यचकित होकर कहा — “दो हजार वर्ष! पर आज भी इनके रंग ज्यों के त्यों कैसे हैं?” ‘ज्यों का त्यों’ का अर्थ है — कोई परिवर्तन न होना। इसी प्रकार के कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्य लिखिए — ज्यों का त्यों, जैसे का तैसा, बिलकुल वैसा ही, वैसा का वैसा, जैसे थे वैसे ही, वास्तविक रूप में।
- “ऐसे सजीव चित्र थे कि लगता था अभी बोल पड़ेंगे।” “इन मूर्तियों की कारीगरी देखते ही बनती थी।” रेखांकित अंशों को ध्यान में रखते हुए अब नीचे दिए गए वाक्यांशों से वाक्य बनाइए — दंग रह जाना, ऐसा जैसे सपना हो, प्रशंसा के योग्य होना, आँखें न हटा पाना, दिल को छू जाना, कल्पना से परे होना, मन मोह लेना, दृश्य भूल न पाना, दृष्टि थम जाना।
- नीचे एक वर्ग पहेली दी गई है। इस वर्ग पहेली में कुछ विशेषण शब्द छिपे हुए हैं। शब्दों को खोजिए और उन शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए —
- आपने पाठ में अजंता के चित्रों का सुंदर वर्णन पढ़ा। नीचे अजंता का एक प्रसिद्ध चित्र दिया गया है। इसका वर्णन अपने शब्दों में लेखन-पुस्तिका में कीजिए —
- नदी का क्या नाम है?
- कुल कितनी गुफाएँ दिखाई गई हैं?
- चारों दिशाओं में से कौन-सी दिशा का संकेत दिया गया है?
- “आप यहाँ हैं” से क्या आशय है?
- कुंड का क्या नाम है?
- कक्षा की लंबाई —
- कक्षा की चौड़ाई —
- दरवाजे की चौड़ाई —
- खिड़की की चौड़ाई —
- श्यामपट्ट की लंबाई-चौड़ाई —
- हरा रंग — सामग्री : पालक, मेहँदी, पुदीना या हरा धनिया, पानी। विधि : पालक के पत्तों को पानी में उबालिए और फिर पीस लीजिए। इस मिश्रण को छानकर गाढ़ा हरा रंग तैयार किया जा सकता है। पुदीना, धनिया व पालक की पत्तियों को धूप में सुखाकर और उसका पाउडर बनाकर आप हरे रंग को तैयार कर सकते हैं।
- पीला रंग — सामग्री : हल्दी पाउडर, पानी। विधि : एक चम्मच हल्दी पाउडर में थोड़ा पानी मिलाइए और इसे अच्छी तरह से घोलिए। हल्दी का रंग गहरा पीला होता है और इसे आप चित्रकारी के लिए आसानी से उपयोग कर सकते हैं।
- लाल रंग — सामग्री : चुकंदर, पानी। विधि : चुकंदर को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में उबालिए। इसके बाद इसे ठंडा होने दीजिए और फिर पीसकर छान लीजिए। इससे गहरा लाल रंग मिल जाएगा। आप इसे पानी के साथ पतला करके पेंट के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।
- नीला रंग — सामग्री : नील (कपड़ों में लगाने वाला)। विधि : नीले रंग के लिए नील को पानी में मिला लीजिए।
- भूरा रंग — सामग्री : कॉफी पाउडर या चाय की पत्तियाँ, पानी। विधि : थोड़ा-सा कॉफी पाउडर या चाय की पत्तियों को पानी में उबाल लीजिए। इसे ठंडा करके प्रयोग कीजिए। इससे भूरा रंग तैयार होगा।
- इस पाठ में आपने अजंता-एलोरा के बारे में पढ़ा और उसके बारे में जाना। अब भारत के अन्य दर्शनीय स्थानों के बारे में अपने पुस्तकालय में खोजबीन कीजिए और उनके बारे में पढ़िए। साथ ही कक्षा में उनके बारे में चर्चा भी कीजिए।
- निशा को उसकी मौसी ने अजंता और एलोरा की गुफाएँ दिखाईं। इस कारण निशा ने अपनी मौसी को धन्यवाद कार्ड लिखा। अब आप भी अपने किसी संबंधी को धन्यवाद कार्ड लिखिए —
- “हमारे देश में बहुत सुंदर ऐतिहासिक स्मारक एवं कलाकृतियाँ हैं। ये हमारे देश की शोभा एवं गौरव बढ़ाते हैं। यह हमारा उत्तरदायित्व है कि हम भी इनकी सुंदरता को बनाए रखें। इन स्मारकों को छूने, इनकी दीवारों को खुरचने अथवा कुछ भी अंकन करने से इन्हें हानि पहुँचती है। इसलिए इन पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते समय हमें सावधानी रखनी चाहिए।” — इस अंश में क्या कहा गया है? हम अपनी धरोहर की रक्षा कैसे कर सकते हैं?
- क्या आपने कभी कोई रेल यात्रा की है? अपनी किसी रेल यात्रा का कोई रोचक अनुभव साझा कीजिए। यदि आपने रेल यात्रा नहीं की हो तो अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य के अनुभव भी लिख सकते हैं।
- हिंदी की गिनती मिलाकर चित्र पूरा कीजिए और उसमें अपनी रुचि के रंग भरिए—
Chapter at a Glance
- हमारे ये कलामंदिर एक यात्रा-वर्णन है। यात्रा-वर्णन यानी ऐसी रचना जिसमें कोई अपनी यात्रा की बातें सिलसिले से सुनाता है। पुस्तक में इस पाठ के साथ रचनाकार का नाम नहीं छपा है। पाठ का शीर्षक ‘कलामंदिर’ है — कला का मंदिर, यानी वह जगह जहाँ कला पूजा की तरह सँभालकर रखी गई हो।
- कहानी की शुरुआत — निशा की मौसी ने छुट्टियों में उसे अजंता और एलोरा दिखाने का वादा किया था। निशा ने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था, इसलिए उसके मन में उत्सुकता (जानने की तेज़ इच्छा) थी कि ये देखने में कैसी होंगी।
- यात्रा का रास्ता — दशहरे की छुट्टियों में कार्यक्रम बना। रेलगाड़ी में आरक्षण (सीट पहले से बुक कराना) छत्रपति संभाजीनगर तक था। संभाजीनगर महाराष्ट्र राज्य का एक नगर है। रात होने पर वे स्टेशन के विश्रामगृह में रुकीं और दूसरे दिन बड़े सवेरे बस से अजंता चलीं। संभाजीनगर से अजंता लगभग सौ किलोमीटर दूर है।
- अजंता का दृश्य — एक ओर छोटी-सी नदी बह रही थी, नदी में बड़े-बड़े शिलाखंड (चट्टान के टुकड़े) पड़े थे। नदी के दक्षिण में एक पहाड़ी पर एक पंक्ति में उनतीस गुफाएँ थीं। इन गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा की ओर है, इसलिए सवेरे की सूरज की किरणें इन पर पड़ रही थीं। गुफा के ठीक नीचे एक कुंड बना था जिसमें पानी भरा था और घाटी में रंग-बिरंगे फूल खिले थे।
- गुफाओं के भीतर — दीवारों पर अत्यंत सुंदर चित्र बने हैं। गौतम बुद्ध का घर छोड़कर तप के लिए जाना, भिक्षुओं को उपदेश देना, साधु के रूप में भिक्षा माँगने जाना — ये चित्र बहुत सजीव (जीते-जागते से) थे। पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और स्त्रियों के चित्र भी थे। देखते ही निशा के मुँह से निकला — “वाह!”
- रंगों का रहस्य — सैकड़ों साल बीतने पर भी रंग फीके नहीं पड़े थे। मौसी ने बताया कि ये गुफाएँ दो हजार वर्ष पुरानी हैं। रंग बनाने का ढंग उस समय बहुत अनोखा था — कहते हैं कि ये रंग पत्तों, जड़ी-बूटियों और फूलों से बनाए जाते थे। चित्रों में हाथों की मुद्रा, आँखों के भाव, अंगों की लोच और मुखों की झुर्रियाँ तक दिखती थीं — ऐसे सजीव कि लगता था अभी बोल पड़ेंगे।
- सबसे बड़ा आश्चर्य — कुछ गुफाएँ अत्यंत लंबी-चौड़ी थीं, कुछ छोटी। निशा को सबसे अधिक आश्चर्य यह देखकर हुआ कि ये गुफाएँ पहाड़ों को ही काटकर बनाई गई थीं, और भीतर की मूर्तियाँ भी पत्थरों को तराशकर बनाई गई थीं। तराशना यानी छेनी-हथौड़े से पत्थर को काट-छाँटकर रूप देना।
- एलोरा — संभाजीनगर से एलोरा लगभग चालीस किलोमीटर दूर है। वहाँ पहाड़ों को काटकर लगभग तीस मंदिर बनाए गए हैं। इनकी मूर्तियाँ केवल बौद्ध धर्म से ही नहीं, कुछ हिंदू और जैन धर्म से भी संबंधित थीं। मौसी ने कैलाश मंदिर दिखाते हुए बताया कि पूरा मंदिर एक ऊँचे पहाड़ को ऊपर की ओर से तराशकर बनाया गया है — एक ही चट्टान से बनी इतनी बड़ी इमारत!
- पाठ का भाव — अंत में निशा कहती है, “यह गर्व की बात है कि हजारों वर्ष पहले भी हमारे देश में कला का इतना विकास हो चुका था।” लौटने पर भी उसका मन उन बेजोड़ (जिसकी जोड़ी न हो) कलाकृतियों में लगा रहा। पाठ के अंत में ‘हमारी धरोहर’ में यह भी सिखाया गया है कि स्मारकों को छूने, दीवारों को खुरचने या उन पर कुछ लिखने से उन्हें हानि पहुँचती है — इसलिए घूमते समय सावधानी रखनी चाहिए।
How to Download NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 11 PDF
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NCERT Solutions for Class 5 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides हमारे ये कलामंदिर in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 5 Hindi.
- Chapter 1 किरन
- Chapter 2 न्याय की कुर्सी
- Chapter 3 चाँद का कुरता
- Chapter 4 साङ्केन
- Chapter 5 सुंदरिया
- Chapter 6 चतुर चित्रकार
- Chapter 7 मेरा बचपन
- Chapter 8 काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा
- Chapter 9 न्याय
- Chapter 10 तीन मछलियाँ
- Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर
- Chapter 12 गंगा की कहानी
NCERT Solutions for Class 5 – All Subjects
Just like Chapter 11 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 5. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 5.
NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 11 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 5 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 11 |
| Chapter Name | हमारे ये कलामंदिर |
| Book Name | वीणा |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 11 हमारे ये कलामंदिर from the NCERT Class 5 Hindi textbook वीणा, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
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Yes. The NCERT Solutions for Class 5 Hindi Chapter 11 are based on the latest NCERT textbook वीणा and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
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