NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 7 मत बाँधो provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter मत बाँधो of the NCERT textbook मल्हार. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 8 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 8 Hindi Chapter 7 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 7 मत बाँधो
- Class: Class 8
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 7 – मत बाँधो
- Textbook: मल्हार (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 7 मत बाँधो — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 48 questions of this chapter. The questions solved are:
- (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। 1. आप इनमें से कविता का मुख्य भाव किसे समझते हैं? • सपने मात्र कल्पनाएँ हैं • सपनों को भूल जाना चाहिए • सपनों की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए • सपने देखना अच्छी बात है
- 2. ‘मत बाँधो’ कविता किसकी स्वतंत्रता की बात करती है? • प्रेम की • शिक्षा की • सपनों की • अधिकारों की
- 3. “इन सपनों के पंख न काटो” पंक्ति में सपनों के ‘पंख’ होने की कल्पना क्यों की गई है? • सपने जीवन में कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं • सपने सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाते हैं • सपने पंखों की तरह उड़ान भर भ्रमण करवाते हैं • सपने पंखों की तरह कोमल और अनेक प्रकार के होते हैं
- 4. “स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प” पंक्ति में ‘स्वर्ग’ से आप क्या समझते हैं? • जहाँ किसी प्रकार का शारीरिक कष्ट न हो • जहाँ अतुलनीय धन संपत्ति हो • जहाँ परस्पर सहयोग एवं सद्भाव हो • जहाँ सभी प्राणी एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील हों
- 5. यदि बीज धूल में गिर जाए तो क्या हो सकता है? • वह बहुत तेजी से उड़ सकता है • वह और गहरा हो सकता है • उसकी उड़ान रुक सकती है • वह बढ़कर पौधा बन सकता है
- (ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
- कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए। (क) “सौरभ उड़ जाता है नभ में / फिर वह लौट कहाँ आता है? / बीज धूलि में गिर जाता जो / वह नभ में कब उड़ पाता है?”
- (ख) “मुक्त गगन में विचरण कर यह / तारों में फिर मिल जायेगा, / मेघों से रंग औ’ किरणों से / दीप्ति लिए भू पर आयेगा।”
- कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं। उन पंक्तियों के भाव या संदर्भ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर्भ से मिलाइए। स्तंभ 1 — 1. इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो! 2. सपनों में दोनों ही गति हैं / उड़कर आँखों में आता है! 3. इसका आरोहण मत रोको / इसका अवरोहण मत बाँधो! 4. नभ तक जाने से मत रोको / धरती से इसको मत बाँधो! 5. स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा! स्तंभ 2 — 1. सपनों के उठने (आरोहण) और उनके व्यवहार में वापस आने (अवरोहण) में बाधा न डालें, क्योंकि स्वतंत्रता ही सपनों को साकार करने की कुंजी है। 2. सपनों को ऊँचाइयों तक जाने से मत रोको। उन्हें धरती से बाँधकर मत रखो। 3. किसी पक्षी के पंख काट दिए जाएँ तो वह उड़ नहीं सकता, वैसे ही अगर हम किसी के सपनों को बाधित करें तो उसकी कल्पनाशीलता और संभावनाएँ समाप्त हो जाएँगी। 4. रचनात्मक और स्वतंत्र विचार समाज को सुंदर, समृद्ध और शांतिपूर्ण बना सकता है। 5. सपनों में ऊपर उठने (आरोहण) और नीचे आने (अवरोहण) दोनों की विशेषता होती है। सपना विचार की तरह जन्म लेता है और फिर व्यवहार में पूरा होता है, तभी वह कल्पना से निकलकर सच्चाई बनता है।
- कविता को पुन: पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए— (क) कविता में ‘मत बाँधो’, ‘पंख न काटो’ आदि संबोधन किसके लिए किए गए होंगे?
- (ख) कविता में सपनों की गति न बाँधने की बात क्यों कही गई होगी?
- (ग) कविता में सौरभ, बीज, धुआँ, अग्नि जैसे उदाहरणों के माध्यम से सपनों को इनसे भिन्न बताते हुए उसे विशेष बताया गया है। आपकी दृष्टि में इन सबसे अलग सपनों की और कौन-सी विशेषताएँ हो सकती हैं?
- (घ) कविता में ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ दोनों के महत्व की बात की गई है। उदाहरण देकर बताइए कि आपने ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ को कब-कब सार्थक होते देखा?
- (ङ) “सपनों में दोनों ही गति है/उड़कर आँखों में आता है!” क्या आप सहमत हैं कि सपने ‘आँखों में लौटकर’ वास्तविकता बन जाते हैं? अपने अनुभव या आस-पास के अनुभवों से कोई उदाहरण दीजिए।
- कविता का शीर्षक है ‘मत बाँधो’। यदि आपको इस कविता को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा? यह भी लिखिए।
- (क) मान लीजिए आप एक नया संसार बनाना चाहते हैं। उस संसार में आप क्या-क्या रखना चाहेंगे और क्या-क्या नहीं? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।
- (ख) कविता में शिल्प और कला के महत्व की बात की गई है। कलाएँ हमारे आस-पास की दुनिया को सुंदर बनाती हैं। आप अपने जीवन को सुंदर बनाने के लिए कौन-सी कला सीखना चाहेंगे? उससे आपका जीवन कैसे सुंदर बनेगा? अनुमान करके बताइए।
- (ग) “सौरभ उड़ जाता है नभ में /फिर वह लौट कहाँ आता है?” यदि आपके पास अपने बीते हुए समय में लौटने का अवसर मिले तो आप बीते हुए समय में क्या-क्या परिवर्तन करना चाहेंगे?
- (घ) “बीज धूलि में गिर जाता जो / वह नभ में कब उड़ पाता है?” यदि सपने बीज की तरह हों तो उन्हें उगने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होगी? (संकेत— धूप अर्थात मेहनत, पानी अर्थात लगन आदि।)
- (ङ) “स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा!” यदि अच्छे सपनों या विचारों से स्वर्ग बनाया जा सकता है तो बुरे सपनों अथवा विचारों से क्या होता होगा? बुरे सपनों या विचारों से कैसे बचा जा सकता है?
- (च) “इन सपनों के पंख न काटो /इन सपनों की गति मत बाँधो!” कल्पना कीजिए कि हर किसी को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की पूरी स्वतंत्रता मिल जाए, तब दुनिया कैसी होगी? आपके अनुसार उस दुनिया में कौन-सी बातें महत्वपूर्ण होंगी?
- (छ) “इन सपनों के पंख न काटो /इन सपनों की गति मत बाँधो!” आपके विचार से यह सुझाव है? आदेश है? प्रार्थना है? या कुछ और है? यह बात किससे कही जा रही है?
- “सौरभ उड़ जाता है नभ में…” • “बीज धूलि में गिर जाता जो…” • “अग्नि सदा धरती पर जलती…” उपर्युक्त पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन पंक्तियों को पढ़ते समय हमारी आँखों के सामने कुछ चित्र उभर आते हैं। कई बार कवि अपनी बात अथवा मुख्य भाव को समझाने या बताने के लिए उदाहरणों के माध्यम से शब्द-चित्रों की लड़ी-सी लगा देता है जिससे कविता में विशेष प्रभाव उत्पन्न हो जाता है। इस कविता में भी ऐसी अनेक विशेषताएँ छिपी हैं। (क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
- (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ समाहित हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। कविता की विशेषताएँ — 1. एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। 2. एक ही शब्द का प्रयोग बार-बार किया गया है। 3. समानार्थी शब्दों का प्रयोग किया गया है। 4. प्रश्न पूछा गया है। 5. संबोधन का प्रयोग किया गया है। 6. सपने को मनुष्य की तरह चित्रित किया गया है। कविता की पंक्तियाँ — 1. वह नभ में कब उड़ पाता है? 2. इसका आरोहण मत रोको / इसका अवरोहण मत बाँधो! 3. स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा! 4. इन सपनों के पंख न काटो 5. नभ तक जाने से मत रोको / धरती से इसको मत बाँधो! 6. दीप्ति लिए भू पर आयेगा। / स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा!
- “इसका आरोहण मत रोको / इसका अवरोहण मत बाँधो!” उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ दोनों एक-दूसरे के विपरीतार्थक शब्द हैं। आरोहण का अर्थ है— नीचे से ऊपर की ओर जाना या चढ़ना और अवरोहण का अर्थ है— ऊपर से नीचे की ओर आना या उतरना। (क) नीचे दिए रिक्त स्थान में ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ का उपयुक्त प्रयोग करके वाक्यों को पूरा कीजिए। • पर्वतारोहियों ने बीस दिन तक पर्वत पर ______ कर विजय प्राप्त की। • नदियाँ विशाल पर्वतों से ______ करते हुए सागर में मिल जाती हैं। • अंकगणित में बड़ी संख्या से छोटी संख्या की ओर लिखने की प्रक्रिया ______ क्रम कहलाती है। इसी प्रकार से ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ शब्दों के प्रयोग को देखते हुए आप भी कुछ सार्थक वाक्य बनाइए।
- (ख) नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए— “वह नभ में कब उड़ पाता है?” “धूम गगन में मँडराता है।” ‘नभ’ और ‘गगन’ समान अर्थ वाले शब्द हैं। रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए कुछ नई पंक्तियों की रचना कीजिए और देखिए कि पंक्तियों में लय बनाए रखने के लिए और किन परिवर्तनों की आवश्यकता पड़ती है?
- (ग) कविता में ‘मत’ शब्द के साथ ‘बाँधो’, ‘काटो’ क्रिया लगाई गई है। आप ‘मत’ के साथ कौन-कौन सी क्रियाएँ लगाना चाहेंगे? लिखिए। (संकेत— ‘मत डरो’)
- (घ) आपकी भाषा में ‘बाँधने’ के लिए और कौन-कौन सी क्रियाएँ हैं? अपने समूह में चर्चा करके लिखिए और उनसे वाक्य बनाइए। (संकेत— जोड़ना)
- (ङ) ‘मत’ शब्द को उलट कर लिखने से शब्द बनता है ‘तम’ जिसका अर्थ है ‘अँधेरा’। कविता में से कुछ ऐसे और शब्द छाँटिए जिन्हें उलट कर लिखने से अर्थ देने वाले शब्द बनते हैं।
- “सौरभ उड़ जाता है नभ में” उपर्युक्त पंक्ति को ध्यान से देखिए। इस पंक्ति की क्रिया ‘जाता है’ से पता चलता है कि यह वर्तमान काल में लिखी गई है। यदि हम इसी पंक्ति को भूतकाल और भविष्य काल में लिखें तो यह निम्नलिखित प्रकार से लिखी जाएगी— भूतकाल— सौरभ उड़ गया है नभ में भविष्य काल— सौरभ उड़ जाएगा नभ में कविता में वर्तमान काल में लिखी गई ऐसी अनेक पंक्तियाँ आई हैं। उन पंक्तियों को कविता में से ढूँढ़कर भूतकाल और भविष्य काल में लिखिए।
- “स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प” शब्दकोश के अनुसार ‘शिल्प’ शब्द के निम्नलिखित अर्थ हैं— 1. हाथ से कोई चीज बनाकर तैयार करने का काम— दस्तकारी, कारीगरी या हुनर, जैसे— बरतन बनाना, कपड़े सिलना, गहने गढ़ना आदि। 2. कला संबंधी व्यवसाय। 3. दक्षता, कौशल। 4. निर्माण, सर्जन, सृष्टि, रचना। 5. आकार, आवृत्ति। 6. अनुष्ठान, क्रिया, धार्मिक कृत्य। अब शब्दकोश से ‘शिल्प’ शब्द से जुड़े निम्नलिखित शब्दों के अर्थ खोजकर लिखिए— 1. शिल्पकार, शिल्पी, शिल्पजीवी, शिल्पकारक, शिल्पिक या शिल्पकारी 2. शिल्पकला 3. शिल्पकौशल 4. शिल्पगृह या शिल्पगेह 5. शिल्पविद्या 6. शिल्पशाला या शिल्पालय
- (क) कविता में गति को न बाँधने की बात कही गई है। आप ‘बाँधने’ का प्रयोग किन-किन स्थितियों या वस्तुओं के लिए करते हैं? बताइए। (संकेत— गाँठ बाँधना)
- (ख) ‘स्वर्ग’ शब्द से आशय है ‘सुखद स्थान’। अर्थात वह स्थान जहाँ सुख, शांति, समृद्धि और आनंद की अनुभूति हो। अपने घर, आस-पड़ोस और विद्यालय को सुखद स्थान बनाने के लिए आप क्या-क्या प्रयास करेंगे? सूची बनाइए और घर के सदस्यों के साथ साझा कीजिए।
- (ग) कविता में सपनों की बात की गई है। आपका कौन-सा सपना ऐसा है जो यदि सच हो जाए तो वह दूसरों की सहायता कर सकता है? उसके विषय में बताइए।
- “सपनों में दोनों ही गति है/उड़कर आँखों में आता है।” किसी एक के द्वारा देखा गया सपना बहुत से लोगों का सपना भी बन जाता है, जैसे— हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा भारत को स्वतंत्र कराने का सपना सभी भारतीयों का सपना बन गया। साथियों से चर्चा कीजिए कि आपके कौन-से ऐसे सपने हैं जिन्हें पूरा करने के लिए आप अन्य लोगों को भी जोड़ना चाहेंगे।
- (क) विराम चिह्न का फेरबदल— रोको मत, जाने दो रोको, मत जाने दो लेखन में विराम चिह्नों का विशेष महत्व होता है। … नीचे कुछ चित्र दिए गए हैं। आप किन चित्रों के लिए ‘रोको मत, जाने दो’ या ‘रोको, मत जाने दो’ का प्रयोग करेंगे? दिए गए रिक्त स्थान में लिखिए और इन चित्रों को शीर्षक भी दीजिए।
- (ख) कविता आगे बढ़ाएँ — नीचे दी गई पंक्तियों को आगे बढ़ाते हुए अपनी एक कविता तैयार कीजिए। “इन सपनों के पंख न काटो इन सपनों की गति मत बाँधो।”
- मान लीजिए आपका सपना कहीं खो गया है। उसके खो जाने की रिपोर्ट तैयार करें। आपको स्कूल प्रशासन को यह रिपोर्ट भेजनी है। इसके लिए स्कूल प्रशासन के नाम एक पत्र लिखिए।
- (क) कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्थियों के समूह बनाकर एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है— “व्यक्ति को बाँध सकते हैं उसकी कल्पना और विचारों को नहीं।” एक समूह विषय के विपक्ष में और दूसरा समूह विषय के पक्ष में अपना तर्क देगा। जैसे— समूह 1— व्यक्ति की कल्पना और विचारों पर नियंत्रण आवश्यक है। समूह 2— स्वतंत्र विचार और कल्पना प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- (ख) विद्यार्थी वाद-विवाद के अनुभवों पर एक अनुच्छेद भी लिख सकते हैं।
- (क) “धूम गगन में मँडराता है।” सुगंध का अनुभव सूँघकर किया जाता है। धुएँ को देखा जा सकता है। वायु का अनुभव स्पर्श द्वारा किया जा सकता है और अनुभवों को बोलकर भी कहा या बताया जा सकता है जैसे कि कोई कमेंट्री कर रहा हो। जो व्यक्ति देख पाने में सक्षम नहीं है, आप उन्हें निम्नलिखित स्थितियों का अनुभव कैसे करवा सकते हैं— • वर्षा की बूँदों का • धुएँ के उड़ने का • खेल के रोमांच का
- (ख) मूक अभिनय द्वारा कविता का भाव — विद्यार्थियों के बराबर-बराबर की संख्या में दो दल (टीम) बनाइए। दलों के नाम रखें— कल्पना और आकांक्षा। ‘कल्पना’ दल से एक प्रतिभागी आगे आए और मूक अभिनय (हाव-भाव या संकेत) के माध्यम से इस कविता की किसी भी पंक्ति का भाव प्रस्तुत करें। ‘आकांक्षा’ दल के प्रतिभागियों को पहचानकर बताना होगा कि अभिनय में किस पंक्ति की बात की जा रही है। पहचानने की समय सीमा भी निर्धारित की जाए। निर्धारित समय सीमा पर सही उत्तर बताने वाले दल को अंक भी दिए जा सकते हैं। इस तरह से खेल को आगे बढ़ाया जाए।
- “अग्नि सदा धरती पर जलती / धूम गगन में मँडराता है!” आग, बाढ़, भूकंप जैसी आपदाएँ अचानक आ जाती हैं। सही जानकारी से आपदाओं की स्थिति में बचाव संभव हो जाता है। (क) कक्षा में अपने शिक्षकों के साथ चर्चा कीजिए कि क्या-क्या करेंगे यदि— • कहीं अचानक आग लग जाए • आपके क्षेत्र में बाढ़ आ जाए • भूकंप आ जाए
- (ख) “मैं आपदा के समय क्या करूँगा या करूँगी?” — एक सूची या चित्र आधारित योजना बनाइए।
- “स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा!” हमारे देश में हजारों वर्षों से अनगिनत शिल्प प्रचलित हैं। उनमें से कुछ के बारे में आप पहले से जानते होंगे। इनके बारे में कक्षा में चर्चा कीजिए। (क) अपने समूह के साथ मिलकर नीचे दिए गए शिल्प-कार्यों को उनके सही अर्थों या व्याख्या से मिलाइए— शिल्प-कार्य — 1. काष्ठ शिल्प 2. मृत्तिका शिल्प 3. धातु शिल्प 4. काँच शिल्प 5. वस्त्र शिल्प 6. कागज शिल्प 7. पत्थर शिल्प 8. चमड़ा शिल्प 9. बाँस और बेंत शिल्प 10. मोती एवं आभूषण शिल्प 11. लाख शिल्प 12. शीशा शिल्प 13. चित्रकला शिल्प 14. नक्काशी शिल्प अर्थ या व्याख्या — 1. काँच से झूमर, सजावटी वस्तुएँ और रंगीन खिड़कियाँ आदि बनाना 2. कपड़ों पर कढ़ाई, बुनाई, छपाई, बंधेज आदि सजावटी कार्य 3. कागज से खिलौने, सजावट, लिफाफे और पेपर मेशी बनाना 4. लकड़ी से वस्तुएँ, खिलौने, मूर्तियाँ आदि बनाना 5. मिट्टी से बर्तन, दीये, मूर्तियाँ और सजावटी चीजें बनाना 6. ताँबा, पीतल, लोहे जैसी धातुओं से दीपक, मूर्तियाँ, थालियाँ आदि बनाना 7. पारंपरिक चित्रकलाओं, जैसे मधुबनी, गोंड, वरली आदि से कलाकृतियाँ बनाना 8. कपड़ों या सजावट की वस्तुओं में शीशे जोड़ना या जड़ाई करना 9. लाख से चूड़ियाँ, खिलौने, डिब्बे और अन्य सजावटी वस्तुएँ बनाना 10. लकड़ी, पत्थर या धातु पर बारीक खुदाई द्वारा डिजाइन बनाना 11. बाँस और बेंत से टोकरियाँ, कुर्सियाँ, चटाई, पंखे आदि बनाना 12. चमड़े से जूते, बेल्ट, बैग और अन्य उपयोगी वस्तुएँ बनाना 13. संगमरमर या अन्य पत्थरों से मूर्तियाँ बनाना, मंदिरों की सजावट करना आदि 14. रंग-बिरंगे मोतियों से हार, कंगन, झुमके आदि गहने बनाना
- (ख) अपने विद्यालय या परिवार के साथ हस्तशिल्प से जुड़े किसी स्थान या कार्यशाला का भ्रमण कीजिए और उस हस्तशिल्प के बारे में एक रिपोर्ट बनाइए। अथवा राष्ट्रीय हस्तशिल्प संग्रहालय की नीचे दी गई वेबसाइट में आपको कौन-सा हस्तशिल्प या कलाकृति सबसे अच्छी लगी और क्यों, उसके विषय में लिखिए।
- अभी आपने जो कविता पढ़ी उसे लिखा है महादेवी वर्मा ने। अब पढ़िए इन्हीं के द्वारा लिखी एक कहानी ‘गिल्लू’ का अंश। — ‘गिल्लू’ कहानी को पुस्तकालय से ढूँढ़कर पूरी पढ़िए और अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए।
- नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों के माध्यम से आप महादेवी वर्मा और उनकी रचनाओं के विषय में जान, समझ सकते हैं— • महादेवी वर्मा | कवयित्री | जीवन और लेखन | हिंदी | भाग – 1 • महादेवी वर्मा | कवयित्री | जीवन और लेखन | हिंदी | भाग – 2 • कविता मंजरी, बारहमासा • गिल्लू – महादेवी वर्मा • महादेवी वर्मा, भारतीय कवयित्री
Chapter at a Glance
- कविता का मूल स्वर एक निषेधात्मक प्रार्थना है — ‘न काटो’, ‘मत बाँधो’, ‘मत रोको’। कवयित्री कुछ माँगती नहीं, केवल इतना कहती हैं कि सपनों के रास्ते में मत खड़े हो जाइए।
- पहले चार उदाहरण आते हैं — सौरभ (जो उड़कर लौटता नहीं), बीज (जो गिरकर उड़ नहीं पाता), अग्नि (जो धरती पर ही जलती है) और धूम (जो केवल ऊपर उठता है)। हर उदाहरण में गति एक ही दिशा की है।
- सपना इन सबसे अलग है, क्योंकि उसमें दोनों गतियाँ हैं — आरोहण (ऊपर उठना, कल्पना बनना) और अवरोहण (लौटकर आँखों में, यानी व्यवहार में उतरना)। यही कविता का केंद्रीय विचार है।
- मुक्त सपना तारों तक जाकर लौटता है तो मेघों से रंग और किरणों से दीप्ति लेता आता है, और धरती को ‘स्वर्ग बनाने का शिल्प’ सिखा देता है — अर्थात् स्वतंत्र कल्पना ही समाज को सुंदर बनाने की कारीगरी देती है।
- कविता की भाषा में तत्सम शब्द (सौरभ, नभ, गगन, अग्नि, धूम, आरोहण, अवरोहण, विचरण, दीप्ति, भू, शिल्प) अधिक हैं और पंक्तियाँ छोटी तथा लयबद्ध हैं। पहली दो पंक्तियाँ अंत में दोहराई गई हैं — यह टेक कविता को गीत जैसा बना देती है।
- अभ्यास कविता से आगे बढ़कर विराम-चिह्न का महत्व, काल-परिवर्तन, समानार्थी-विपरीतार्थक शब्द, भारत के पारंपरिक शिल्पों और आपदा-प्रबंधन तक ले जाता है।
How to Download NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 7 PDF
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NCERT Solutions for Class 8 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides मत बाँधो in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 8 Hindi.
- Chapter 1 स्वदेश
- Chapter 2 दो गौरैया
- Chapter 3 एक आशीर्वाद
- Chapter 4 हरिद्वार
- Chapter 5 कबीर के दोहे
- Chapter 6 एक टोकरी भर मिट्टी
- Chapter 7 मत बाँधो
- Chapter 8 नए मेहमान
- Chapter 9 आदमी का अनुपात
- Chapter 10 तरुण के स्वप्न
NCERT Solutions for Class 8 – All Subjects
Just like Chapter 7 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 8. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 8.
NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 7 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 7 |
| Chapter Name | मत बाँधो |
| Book Name | मल्हार |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 7 मत बाँधो – FAQs
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