NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 8 नए मेहमान provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter नए मेहमान of the NCERT textbook मल्हार. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 8 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 8 Hindi Chapter 8 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 8 नए मेहमान
- Class: Class 8
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 8 – नए मेहमान
- Textbook: मल्हार (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 8 नए मेहमान — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 49 questions of this chapter. The questions solved are:
- (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। 1. आगंतुकों ने विश्वनाथ के बच्चों को ‘सीधे लड़के’ किस संदर्भ में कहा? • अतिथियों की सेवा करने के कारण • किसी तरह का प्रश्न न करने के कारण • आज्ञाकारिता के भाव के कारण • गरमी को चुपचाप सहने के कारण
- 2. “एक ये पड़ोसी हैं, निर्दयी…” विश्वनाथ ने अपने पड़ोसी को निर्दयी क्यों कहा? • उन्हें कष्ट में देखकर प्रसन्न होते हैं • पड़ोसी किसी प्रकार का सहयोग नहीं करते हैं • लड़ने-झगड़ने के अवसर ढूँढ़ते हैं • अतिथियों का अपमान करते हैं
- 3. “ईश्वर करें इन दिनों कोई मेहमान न आए।” रेवती इस तरह की कामना क्यों कर रही है? • मेहमान के ठहरने की उचित व्यवस्था न होने के कारण • रेवती का स्वास्थ्य कुछ समय से ठीक न होने के कारण • अतिथियों के आने से घर का कार्य बढ़ जाने के कारण • उसे अतिथियों का आना-जाना पसंद न होने के कारण
- 4. “हे भगवान! कोई मुसीबत न आ जाए।” रेवती कौन-सी मुसीबत नहीं आने के लिए कहती है? • पानी की कमी होने की • पड़ोसियों के चिल्लाने की • मेहमानों के आने की • गरमी के कारण बीमारी की
- 5. इस एकांकी के आधार पर बताएँ कि मुख्य रूप से कौन-सी बात किसी रचना को नाटक का रूप देती है? • संवाद • कथा • वर्णन • मंचन
- (ख) हो सकता है कि आप सभी ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अब अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
- पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपनी कक्षा में साझा कीजिए। — “पानी पीते-पीते पेट फूला जा रहा है, और प्यास है कि बुझने का नाम नहीं लेती।”
- “सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो।”
- “यह तो हमारा ही भाग्य है कि चने की तरह भाड़ में भुनते रहते हैं।”
- “आह, अब जान में जान आई। सचमुच गरमी में पानी ही तो जान है।”
- स्तंभ 1 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं और स्तंभ 2 में उनसे मिलते-जुलते भाव दिए गए हैं। स्तंभ 1 की पंक्तियों को स्तंभ 2 की उनके सही भाव वाली पंक्तियों से रेखा खींचकर मिलाइए— स्तंभ 1: 1. लाखों के आदमी खाक में मिल गए। 2. धोती ऐसी चर्रा रही है, जैसे पुरानी हो। 3. माल-मसाला तो अंटी में है न? 4. खाने में क्या देर-दार है। 5. पहले आत्मा फिर परमात्मा — स्तंभ 2: 1. भोजन की व्यवस्था कब तक हो जाएगी 2. पहले अपना ध्यान फिर दूसरा काम 3. बहुत ही समृद्ध व्यक्ति थे पर अब उनके पास कुछ भी नहीं है 4. कपड़ा पसीने से भीगकर पुराने जैसा हो गया है 5. धनराशि सुरक्षित तो है न!
- एकांकी को पुनः पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए— (क) “शहर में तो ऐसे ही मकान होते हैं।” नन्हेमल का ‘ऐसे ही मकान’ से क्या आशय है?
- (ख) पड़ोसी को विश्वनाथ से किस तरह की शिकायत है? आपके विचार से पड़ोसी का व्यवहार उचित है या अनुचित? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
- (ग) एकांकी में विश्वनाथ नन्हेमल और बाबूलाल को नहीं जानता है, फिर भी उन्हें अपने घर में आने देता है। क्यों?
- (घ) एकांकी के उन संवादों को ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि बाबूलाल और नन्हेमल विश्वनाथ के परिचित नहीं हैं?
- (ङ) एकांकी के उन वाक्यों को ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि शहर में भीषण गरमी पड़ रही है।
- अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए— (क) एकांकी में विश्वनाथ अपनी पत्नी को अतिथियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए कहता है। साथ ही रेवती की अस्वस्थता का विचार करके भोजन बाजार से मँगवाने का सुझाव भी देता है। लेकिन उसने स्वयं अतिथियों के लिए भोजन बनाने के विषय में क्यों नहीं सोचा?
- (ख) एकांकी में विश्वनाथ का बेटा प्रमोद अतिथियों के पेयजल की व्यवस्था करता है और छोटी बहन का भी ध्यान रखता है। प्रमोद को इस तरह के उत्तरदायित्व क्यों दिए गए होंगे?
- (ग) “कैसी बातें करते हो, भैया! मैं अभी खाना बनाती हूँ” भीषण गरमी और सिर में दर्द के बावजूद भी रेवती भोजन की व्यवस्था करने के लिए क्यों तैयार हो गई होगी?
- (घ) एकांकी से गरमी की भीषणता दर्शाने वाली कुछ पंक्तियाँ दी जा रही हैं। अपनी कल्पना और अनुमान से बताइए कि सर्दी और वर्षा की भीषणता के लिए आप इनके स्थान पर क्या-क्या वाक्य प्रयोग करते हैं? अपने वाक्यों को दिए गए उचित स्थान पर लिखिए: 1. यह गरमी में भुन रहा है। 2. पर बरफ भी कोई कहाँ तक पिए। 3. सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो। 4. प्यास है कि बुझने का नाम नहीं लेती। 5. चारों तरफ दीवारें तप रही हैं। 6. ठंडा-ठंडा पानी पिलाओ दोस्त, प्राण सूखे जा रहे हैं। 7. सचमुच गरमी में पानी ही तो जान है। 8. यह तो हमारा ही भाग्य है कि चने की तरह भाड़ में भुनते रहते हैं। 9. फिर भी पसीने से नहा गया हूँ।
- (क) अपने समूह में मिलकर इस एकांकी की विशेषताओं की सूची बनाइए।
- (ख) आगे कुछ वाक्य दिए गए हैं। एकांकी के बारे में जो वाक्य आपको सही लग रहे हैं, उनके सामने ‘हाँ’ लिखिए। जो वाक्य सही नहीं लग रहे हैं, उनके सामने ‘नहीं’ लिखिए। 1. ‘नए मेहमान’ एकांकी में पूरी कहानी एक ही स्थान, घर में घटित होती दिखाई गई है। 2. एकांकी में पात्रों की संख्या बहुत अधिक है। 3. एकांकी में एक कहानी छिपी है। 4. एकांकी और कहानी में कोई अंतर नहीं है। 5. एकांकी में कहानी की घटनाएँ अलग-अलग दिनों या महीनों में हो रही हैं। 6. एकांकी में कहानी मुख्य रूप से संवादों से आगे बढ़ती है। 7. एकांकी में पात्रों को अभिनय के लिए निर्देश दिए गए हैं।
- (क) क्या आपने कभी मंच पर कोई एकांकी या नाटक देखा है? टीवी पर फिल्में और धारावाहिक तो अवश्य देखे होंगे! अपने अनुभवों से बताइए कि यदि आपको अपने विद्यालय में ‘नए मेहमान’ एकांकी का मंचन करना हो तो आप क्या-क्या तैयारियाँ करेंगे। (उदाहरण के लिए— इस एकांकी में आप क्या-क्या जोड़ेंगे जिससे यह और अधिक रोचक बने, कौन-से पात्र जोड़ेंगे या पात्रों की वेशभूषा क्या रखेंगे?)
- (ख) अब आपको अपने-अपने समूह में इस एकांकी को प्रस्तुत करने की तैयारी करनी है। इसके लिए आपको यह सोचना है कि कौन किस पात्र का अभिनय करेगा। आपके शिक्षक आपको तैयारी के बाद अभिनय के लिए निर्धारित समय देंगे (जैसे 10 मिनट या 15 मिनट)। आपको इतने ही समय में एकांकी प्रस्तुत करनी है। बारी-बारी से प्रत्येक समूह एकांकी प्रस्तुत करेगा।
- “सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो।” “चारों तरफ दीवारें तप रही हैं।” “यह तो हमारा ही भाग्य है कि चने की तरह भाड़ में भुनते रहते हैं।” उपर्युक्त वाक्यों में रेखांकित शब्द गरमी की प्रचंडता को दर्शा रहे हैं कि तापमान अत्यधिक है। एकांकी में इस प्रकार के और भी प्रयोग हुए हैं जहाँ शब्दों के माध्यम से विशेष प्रभाव उत्पन्न किया गया है, उन प्रयोगों को छाँटकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
- मुहावरे — “आज दो साल से दिन-रात एक करके ढूँढ़ रहा हूँ।” “लाखों के आदमी खाक में मिल गए।” उपर्युक्त वाक्यों में रेखांकित वाक्यांश ‘रात-दिन एक करना’ तथा ‘खाक में मिलना’ मुहावरों का प्रायोगिक रूप है। ये वाक्य में एक विशेष प्रभाव उत्पन्न कर रहे हैं। एकांकी में आए अन्य मुहावरों की पहचान करके लिखिए और उनके अर्थ समझते हुए उनका अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
- बात पर बल देना — “वह तो कहो, मैं भी ढूँढ़कर ही रहा।” उपर्युक्त वाक्य से रेखांकित शब्द ‘ही’ हटाकर पढ़िए— “वह तो कहो, मैं भी ढूँढ़कर रहा” (क) दो-दो के जोड़े में चर्चा कीजिए कि वाक्य में ‘ही’ के प्रयोग से किस बात को बल मिल रहा था और ‘ही’ हटा देने से क्या कमी आई?
- (ख) नीचे लिखे वाक्यों में ऐसे स्थान पर ‘ही’ का प्रयोग कीजिए कि वे सामने लिखा अर्थ देने लगे— 1. विश्वनाथ के अतिथि यहाँ रुकेंगे — और किसी के अतिथि नहीं। 2. विश्वनाथ के अतिथि यहाँ रुकेंगे — यहाँ के अतिरिक्त और कहीं नहीं। 3. विश्वनाथ के अतिथि यहाँ रुकेंगे — यहाँ रुकना निश्चित है।
- • “तुम नहाने तो जाओ।” उपर्युक्त वाक्य में ‘तो’ का स्थान बदलकर अर्थ में आए परिवर्तन पर ध्यान दें— “तुम तो नहाने जाओ।” “तुम नहाने जाओ तो।” ‘ही’ और ‘तो’ के ऐसे और प्रयोग करके वाक्य बनाइए।
- (क) “रेवती— ये लोग कौन हैं? जान-पहचान के तो मालूम नहीं पड़ते। विश्वनाथ— क्या पूछ लूँ? दो-तीन बार पूछा, ठीक-ठीक उत्तर ही नहीं देते।” उपर्युक्त संवाद से पता चलता है कि विश्वनाथ दुविधा की स्थिति में है। क्या आपके सामने कभी कोई ऐसी दुविधापूर्ण स्थिति आई है जब आपको यह समझने में समय लगा हो कि क्या सही है और क्या गलत? अपने अनुभव साझा कीजिए।
- (ख) एकांकी से ऐसा लगता है कि नन्हेमल और बाबूलाल सगे संबंधी ही नहीं, अच्छे मित्र भी हैं। आपके अच्छे मित्र कौन-कौन हैं? वे आपको क्यों प्रिय हैं?
- (ग) आप अपने किसी संबंधी या मित्र के घर जाने से पहले क्या-क्या तैयारी करते हैं?
- (घ) विश्वनाथ के पड़ोसी उनका किसी प्रकार से भी सहयोग नहीं करते हैं। आप अपने पड़ोसियों का किस प्रकार से सहयोग करते हैं?
- (ङ) नन्हेमल और बाबूलाल का व्यवहार सामान्य अतिथियों जैसा नहीं है। आपके अनुसार सामान्य अतिथियों का व्यवहार कैसा होना चाहिए?
- (क) विश्वनाथ ने नन्हेमल और बाबूलाल से उनका परिचय नहीं पूछा और उन्हें घर के भीतर ले आए। यदि आप उनके स्थान पर होते तो क्या करते?
- (ख) आपके माता-पिता या अभिभावक की अनुपस्थिति में यदि कोई अपरिचित व्यक्ति आए तो आप क्या-क्या सावधानियाँ बरतेंगे?
- (क) आपने यह एकांकी पढ़ी। इस एकांकी में एक कहानी कही गई है। उस कहानी को अपने शब्दों में लिखिए। (जैसे— एक दिन मेरे घर में मेहमान आ गए…)
- “तमाम शरीर मारे गरमी के उबल उठा है।” एकांकी में भीषण गरमी का वर्णन किया गया है। आप गरमी के प्रकोप से बचने के लिए क्या-क्या सावधानी बरतेंगे? पाँच-पाँच के समूह में चर्चा करें। मुख्य बिंदुओं को चार्ट पेपर पर लिखकर बुलेटिन बोर्ड पर लगाएँ और इन्हें व्यवहार में लाएँ।
- (क) तार भेजने के आधार पर अनुमान लगाएँ कि यह एकांकी लगभग कितने वर्ष पहले लिखी गई होगी?
- (ख) आजकल संदेश भेजने के कौन-कौन से साधन सुलभ हैं?
- (ग) आप किसी को संदेश भेजने के लिए किस माध्यम का सर्वाधिक उपयोग करते हैं?
- (घ) अपने किसी प्रिय व्यक्ति को एक पत्र लिखकर भारतीय डाक द्वारा भेजिए।
- (क) पता लगाइए कि एक रुपये में कितने आने होते हैं?
- (ख) चार आने में कितने पैसे होते हैं?
- (ग) आपके आस-पास गज शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया जाता है? पता लगाइए और लिखिए।
- (घ) बताइए कि एक गज में कितनी फीट होती हैं?
- कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का जीवन सादगी भरा था, परंतु वे अपने आतिथ्य के लिए जाने जाते थे। उनके घर में कोई अतिथि आ जाए तो वे उसके सत्कार के लिए जी-जान से जुट जाते थे। महादेवी वर्मा की पुस्तक पथ के साथी से निराला के आतिथ्य भाव का एक छोटा-सा अंश पढ़िए—
- भारत में ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा रही है। आपके घर जब अतिथि आते हैं तो आप उनका अभिवादन कैसे करते हैं, अपनी भाषा में बताइए और अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए कि अतिथियों को आप अपने राज्य, क्षेत्र का कौन-सा पारंपरिक व्यंजन खिलाना चाहते हैं।
- इस एकांकी में ‘आने’, ‘गज’ और ‘तार’ शब्द आए हैं। इनके विषय में विस्तार से जानकारी इकट्ठी कीजिए। इसके लिए आप अपने अभिभावक, अध्यापक, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता भी ले सकते हैं।
Chapter at a Glance
- नए मेहमान एक एकांकी है — यानी ऐसा नाटक जिसमें केवल एक ही अंक होता है। इसके रचयिता उदयशंकर भट्ट (1898–1966) हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा में हुआ। उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे, नाटकों और फिल्मों में अभिनय भी किया। उपन्यास लोक-परलोक और एकांकी संग्रह पर्दे के पीछे उनकी चर्चित रचनाएँ हैं।
- पूरी एकांकी एक ही स्थान (भारत के किसी बड़े नगर में किराये का एक छोटा मकान), एक ही रात (गरमी की ऋतु, रात आठ बजे से आधी रात तक) और गिने-चुने पात्रों में घटती है — विश्वनाथ, रेवती, उनके बच्चे प्रमोद और किरण, दो अपरिचित अतिथि नन्हेमल और बाबूलाल, पड़ोसी, तथा अंत में आने वाला आगंतुक (रेवती का भाई)।
- कथा संवादों से आगे बढ़ती है। घर पहले से ही गरमी, बीमारी, तंग जगह और चिड़चिड़े पड़ोसी से जूझ रहा है — तभी दरवाजा खटखटता है और बिस्तर-संदूक लेकर दो अजनबी भीतर आ जाते हैं। ‘ मान न मान मैं तेरा मेहमान ’ वाली स्थिति बन जाती है।
- विश्वनाथ बार-बार पूछता है कि वे कौन हैं, पर हर बार टाल दिया जाता है — कभी संपतराम, कभी जगदीशप्रसाद, कभी ‘कविराज’, कभी ‘वैद्य’। अंत में पता चलता है कि उन्हें कविराज रामलाल वैद्य के यहाँ जाना था; वे गलत घर में घुस आए थे। यही एकांकी का चरम मोड़ है।
- उनके जाते ही रेवती का भाई आ पहुँचता है, जिसका तार नहीं मिला था। जो रेवती अजनबियों के लिए खाना बनाने से साफ मना कर चुकी थी, वही अब सिरदर्द और भीषण गरमी के बावजूद कहती है — “भैया भूखे नहीं सो सकते।” यहीं एकांकी अपनी असली बात कह जाती है: आतिथ्य तब बोझ है जब वह थोपा गया हो, और तब सुख है जब वह अपनेपन से निकले।
- एकांकी की बनावट को समझने के लिए यह पाठ दो शब्द देता है — रंगमंच-निर्देश (कोष्ठक में दिए गए वे वाक्य जो समय, स्थान, वेशभूषा और अभिनय बताते हैं) और संवाद (पात्रों द्वारा कही गई बातें)। अंत में ‘ यवनिका ’ यानी परदा गिरने का संकेत है।
- भाषा की दृष्टि से पाठ मुहावरों (दिन-रात एक करना, खाक में मिलना, जान में जान आना), अतिशयोक्ति भरे प्रयोगों (‘मकान है कि भट्टी!’, ‘पत्ता तक नहीं हिल रहा है’) और बल देने वाले शब्दों ‘ही’ तथा ‘तो’ का अभ्यास कराता है। साथ ही अब चलन से बाहर हो चुके तार , आना और गज की जानकारी भी देता है।
How to Download NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 8 PDF
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NCERT Solutions for Class 8 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides नए मेहमान in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 8 Hindi.
- Chapter 1 स्वदेश
- Chapter 2 दो गौरैया
- Chapter 3 एक आशीर्वाद
- Chapter 4 हरिद्वार
- Chapter 5 कबीर के दोहे
- Chapter 6 एक टोकरी भर मिट्टी
- Chapter 7 मत बाँधो
- Chapter 8 नए मेहमान
- Chapter 9 आदमी का अनुपात
- Chapter 10 तरुण के स्वप्न
NCERT Solutions for Class 8 – All Subjects
Just like Chapter 8 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 8. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 8.
NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 8 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 8 |
| Chapter Name | नए मेहमान |
| Book Name | मल्हार |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 8 नए मेहमान – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 8 नए मेहमान?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 8 नए मेहमान from the NCERT Class 8 Hindi textbook मल्हार, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
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Yes. The NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 8 are based on the latest NCERT textbook मल्हार and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 8 Hindi?
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