NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 Giridhar Kavirai Ki Kundaliya provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter Giridhar Kavirai Ki Kundaliya of the NCERT textbook Malhar. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 7 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 7 Hindi Chapter 6 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 Giridhar Kavirai Ki Kundaliya
- Class: Class 7
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 6 – Giridhar Kavirai Ki Kundaliya
- Textbook: Malhar (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 6 Giridhar Kavirai Ki Kundaliya — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
NCERT Solutions Class 7 Hindi Chapter 6 गिरिधर कविराय की कुंडलिया View Download































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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 31 questions of this chapter. The questions solved are:
- (क) पाठ के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) “बिना बिचारे” काम करने के क्या परिणाम होते हैं? • दूसरों से प्रशंसा मिलती है। • मन में शांति बनी रहती है। • अपना काम बिगड़ जाता है। • खान-पान सम्मान मिलता है।
- (2) “चित्त में चैन” न पा सकने का मुख्य कारण क्या है? • प्रयास करने पर भी टाला न जा सकने वाला दुख • बिना सोचे-समझे किए गए कार्य की असफलता • खान-पान, सम्मान और राग-रंग का अभाव • दुनिया द्वारा की जाने वाली निंदा और उपहास
- (3) “बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ” पंक्ति द्वारा कौन-सी सलाह दी गई है? • भविष्य की सफलता के लिए अतीत की गलतियों से सीखने की • अतीत की असफलताओं को भूलकर भविष्य पर ध्यान देने की • अतीत और भविष्य दोनों घटनाओं को समान रूप से याद रखने की • अतीत और भविष्य दोनों को भूलकर केवल वर्तमान में जीने की
- (4) “जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ” पंक्ति का क्या अर्थ है? • हमें कठिनाइयों और चुनौतियों से बचना चाहिए। • हमें आराम की तलाश करने में मन लगाना चाहिए। • हमें असंभव और कठिन कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। • हमें सहज जीवन पर ध्यान देना चाहिए।
- (ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
- पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए। (क) “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय। काम बिगारे आपनो जग में होत हँसाय॥”
- (ख) “बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ। जो बनि आवै सहज में ताही में चित देइ॥”
- नीचे स्तंभ 1 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं, उनसे संबंधित अर्थ वाली स्तंभ 2 की पंक्तियों से उनका मिलान कीजिए— स्तंभ 1: 1. जग में होत हँसाय चित्त में चैन न पावै। खान पान सन्मान राग रंग मनहिं न भावै॥ 2. कह गिरिधर कविराय दुख कछु टरत न टारे। टकत है जिय माहिं कियो जो बिना बिचारे॥ 3. ताही में चित देइ बात जोई बनि आवै। दुर्जन हँसै न कोइ चित्त में खता न पावै॥ 4. कह गिरिधर कविराय यहै करु मन परतीती। आगे को सुख होइ समुझि बीती सो बीती॥ स्तंभ 2: 1. जो कार्य बिना विचार किए किया जाता है, वह लंबे समय तक मन में खटकता रहता है और उसकी पीड़ा से छुटकारा पाना मुश्किल होता है। 2. बिना विचार के किए गए कार्य के कारण मन अशांत रहता है। अच्छा खान-पान, सम्मान या जीवन की खुशियाँ भी उस व्यक्ति को सुख नहीं दे पातीं। 3. अपने मन को इस बात पर विश्वास करना सिखाओ कि भविष्य की खुशी को समझते हुए अतीत के दुखों को भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए। 4. ऐसे कार्य कीजिए कि किसी बुरे व्यक्ति को हँसने का मौका न मिले और मन में किसी प्रकार का दोष या अपराधबोध न हो।
- पाठ को एक बार पुन: पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए। (क) “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।” कविता में बिना विचार किए कार्य करने के क्या नुकसान बताए गए हैं?
- (ख) “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।” कुंडलिया में जो बातें सैंकड़ों साल पहले कही गई थीं, क्या वे आपके लिए भी उपयोगी हैं? कैसे? उदाहरण देकर समझाइए।
- (ग) “खान पान सन्मान राग रंग मनहिं न भावै॥” इस पंक्ति में रेखांकित शब्दों के अर्थ शब्दकोश से देखकर लिखिए। प्रत्येक के लिए एक-एक उदाहरण भी दीजिए।
- अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए— (क) आपने पढ़ा है कि “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय…।” कल्पना कीजिए कि आपके एक मित्र ने बिना सोचे-समझे एक बड़ा निर्णय लिया है। वह निर्णय क्या था और उसका क्या प्रभाव पड़ा? इसके बारे में एक रोचक कहानी अपने साथियों के साथ मिलकर बनाइए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
- (ख) कल्पना कीजिए कि “बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ…।” कविता निम्नलिखित के लिए लिखी गई है — • आप • आपका कोई सहपाठी • आपका कोई परिजन • आपके कोई शिक्षक • कोई पक्षी • कोई पशु — इनकी कौन-कौन सी समस्याएँ होंगी? यह कविता उन्हें कैसे प्रेरित करेगी?
- (ग) कल्पना कीजिए कि आप एक ऐसे व्यक्ति से मिले हैं, जो हमेशा बीती बातों में खोया रहता है। आप उसे समझाने के लिए क्या-क्या कहेंगे?
- नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘चित्त’ या ‘मन’ से जुड़े शब्द कुंडलियों में से चुनकर लिखिए— (पुस्तक में ‘मन (चित्त)’ से जुड़े सात खानों में से एक में ‘चैन’ पहले से भरा हुआ है।)
- (क) अब आप पाठ में दी गई दोनों कुंडलियों को ध्यान से देखिए और अपने-अपने समूह में मिलकर इनकी विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए। (तालिका — जो विशेषताएँ दोनों कुंडलियों में हैं / जो विशेषताएँ किसी एक कुंडलिया में हैं)
- (ख) नीचे एक स्तंभ में कविता की पंक्तियों की कुछ विशेषताएँ दी गई हैं और उनसे संबंधित पंक्तियाँ दूसरे स्तंभ में दी गई हैं। कविता की विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए— कविता की विशेषताएँ: 1. पंक्ति के अंतिम शब्द की ध्वनि आपस में मिलती-जुलती है। 2. कवि के नाम का उल्लेख किया गया है। 3. एक-दूसरे के विपरीत विचार एक साथ आए हैं। 4. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले एक से अधिक शब्द एक ही पंक्ति में आए हैं। कविता की पंक्तियाँ: 1. कह गिरिधर कविराय यहै करु मन परतीती॥ 2. ताही में चित देइ बात जोई बनि आवै। दुर्जन हँसै न कोइ चित्त में खता न पावै॥ 3. बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय। 4. बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ। (संकेत— आप कविता की पंक्तियों में कुछ और विशेषताएँ भी खोज सकते हैं।)
- “बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ।” इस वाक्य में ‘बीती’ शब्द अतीत यानी ‘भूतकाल’ के कार्यों को व्यक्त कर रहा है और ‘आगे’ शब्द ‘भविष्य’ के कार्यों को व्यक्त कर रहा है। इसी प्रकार ‘वर्तमान’ समय में होने वाले कार्यों को ‘आज’ जैसे शब्दों से व्यक्त किया जा सकता है। रोचक बात यह है कि अनेक शब्दों का प्रयोग बीते हुए समय, आने वाले समय और वर्तमान समय को बताने वाले, तीनों प्रकार के वाक्यों में किया जा सकता है। (क) नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए तीनों प्रकार के ‘काल’ व्यक्त करने वाले तीन-तीन वाक्य बनाइए— भूतकाल: कल, परसों, पहले, पिछला, बीते हुए। वर्तमान काल: आज, अभी-अभी, अब, हमेशा, आजकल। भविष्य काल: कल, परसों, अगले दिन/साल/महीने, आगामी (आने वाले समय में), जल्दी ही।
- (ख) आपने जो वाक्य बनाए हैं, उन्हें ध्यान से देखिए। पहचानिए कि इन वाक्यों में किन शब्दों से पता चल रहा है कि वाक्य में कार्य भूतकाल में हुआ, वर्तमान काल में हुआ है या भविष्य काल में होगा? वाक्यों में उन शब्दों को रेखांकित कीजिए।
- (क) “खटकत है जिय माहिं कियो जो बिना बिचारे॥” का अर्थ है ‘बिना सोचे किए गए कार्य मन में चुभते रहते हैं।’ क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है? उस घटना को साझा कीजिए।
- (ख) “बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ।” का अर्थ है ‘अतीत को भूलना और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।’ क्या आप इस बात से सहमत हैं? क्यों? उदाहरण देकर समझाइए।
- (ग) पाठ में दी गई दोनों कुंडलियों के आधार पर आप अपने जीवन में कौन-कौन से बदलाव लाना चाहेंगे?
- (घ) “खान पान सन्मान राग रंग मनहिं न भावै॥” इस पंक्ति में खान-पान, सम्मान और राग-रंग अच्छा न लगने की बात की गई है। आप इसमें से किसे सबसे आवश्यक मानते हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
- “जग में होत हँसाय” (क) कभी-कभी लोग दूसरों की गलतियों पर ही नहीं, उनके किसी भी कार्य पर हँस देते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर ऐसी कुछ स्थितियों की सूची बनाइए, जब किसी को आप पर या आपको किसी पर हँसी आई हो।
- (ख) ऐसी दोनों स्थितियों में आपको कैसा लगता है और दूसरों को कैसा लगता होगा?
- (ग) सोचिए कि कोई व्यक्ति आपकी किसी भूल पर हँस रहा है। ऐसे में आप क्या कहेंगे या क्या करेंगे ताकि उसे एहसास हो जाए कि इस बात पर हँसना ठीक नहीं है?
- “बिना बिचारे जो करै सो पाछे पछिताय।” (क) आज के समय में कुछ लोग जल्दी में कार्य कर देते हैं या जल्दी में निर्णय ले लेते हैं। कुछ ऐसी स्थितियाँ बताइए जहाँ जल्दबाजी में निर्णय लेना या कार्य करना हानिकारक हो सकता है।
- (ख) मान लीजिए कि आपको या आपके किसी परिजन को नीचे दिए गए संदेश मिलते हैं। ऐसे में आप क्या करेंगे? 1. आपका बैंक खाता बंद होने वाला है। 2. बधाई हो! आपने 10 लाख रुपये की लॉटरी जीती है। सत्यापन के लिए ₹5000 इस नंबर पर अभी भेज दें। 3. गलती से आपके नंबर पर ₹1000 का रिफंड भेजा है। कृपया रिफंड वापस भेज दें। 4. आपका सिम कार्ड बंद होने वाला है। के.वाई.सी. अपडेट करने के लिए हमें आधार और पैन की फोटो भेजें। 5. आपके मनपसंद मोबाइल पर 70 प्रतिशत तक की छूट, ऑफर खत्म होने से पहले यहाँ पेमेंट करें। 6. मैं तुम्हारा चाचा बोल रहा हूँ। ट्रेन में फँसा हूँ। तुरंत ₹5000 इस नंबर पर भेज दो। 7. इस ऐप को डाउनलोड करें और ₹1000 का कैशबैक पाएँ। 8. यहाँ मुफ्त गिफ्ट पाने का मौका है। इस लिंक पर क्लिक करें और जानकारी दर्ज करें। 9. आपको बिना गारंटी के तुरंत ₹50,000 का ऋण मिल सकता है। अभी प्रोसेसिंग फीस भरें। 10. इस लिंक पर क्लिक करें और ₹100 का फ्री मोबाइल रिचार्ज पाएँ। 11. आपके ए.टी.एम. कार्ड की वैधता समाप्त हो रही है। इसे तुरंत अपडेट करने के लिए पिन बताएँ। 12. आपका पेमेंट फँसा हुआ है। इसे रिफंड करने के लिए ये क्यू.आर. कोड स्कैन करें। (* राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल—)
- (ग) नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं। इन स्थितियों में बिना सोचे-समझे कार्य करने या निर्णय लेने के क्या परिणाम हो सकते हैं— • सोशल मीडिया पर झूठा संदेश या असत्य समाचार पर भरोसा करके उसे सबको भेज दिया। • जल्दबाजी में बिना हेलमेट के बाइक चलाने पर पुलिस ने चालान काट दिया। • बिना माता-पिता से पूछे ऑनलाइन गेम पर पैसे खर्च कर दिए।
- “खान पान सन्मान” इस पंक्ति के तीनों शब्दों में केवल एक मात्रा का बार-बार उपयोग किया गया है। (आ की मात्रा) ऐसे ही दो वाक्य नीचे दिए गए हैं जिसमें केवल एक मात्रा का उपयोग किया गया है— नीली नदी धीमी थी। चींटी चीनी जीम गई। अब आप इसी प्रकार के वाक्य अलग-अलग मात्राओं के लिए बनाइए। ध्यान रहे, आपके वाक्यों का कोई न कोई अर्थ होना चाहिए। आप एक वाक्य में केवल एक मात्रा को बार-बार या बिना मात्रा वाले शब्दों का ही उपयोग कर सकते हैं। (मात्रा — आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ)
- आपने इस पाठ में गिरिधर कविराय की कुंडलिया “बिना विचारे जो करै….।” को पढ़ा। अब आप नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी का प्रयोग करके एक अन्य कहानी “बिना विचारे करो न काम” सुन सकते हैं— (पुस्तक में क्यू.आर. कोड दिया गया है।)
Chapter at a Glance
- पाठ में गिरिधर कविराय की दो कुंडलियाँ हैं। पहली कुंडलिया का संदेश है — बिना सोचे-समझे किया गया काम बाद में पछतावा देता है । ऐसा व्यक्ति अपना काम भी बिगाड़ लेता है और दुनिया में हँसी का पात्र भी बनता है।
- पहली कुंडलिया आगे कहती है कि जग की हँसी झेलने वाले का चित्त बेचैन रहता है। तब अच्छा खान-पान, सम्मान और राग-रंग — कुछ भी उसे अच्छा नहीं लगता। यह दुख टालने से भी नहीं टलता और मन में काँटे-सा खटकता रहता है।
- दूसरी कुंडलिया का संदेश है — बीती बातों को भुला दो और आगे की सुध लो । जो काम सहज रूप से बन रहा हो, मन उसी में लगाओ। ऐसा करने से कोई दुर्जन हँस नहीं पाएगा और मन में कोई खोट या अपराधबोध नहीं रहेगा।
- कुंडलिया छह पंक्तियों का छंद है — पहले दो पंक्तियों का दोहा , फिर चार पंक्तियों का रोला । इसकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि जिस शब्द से कुंडलिया शुरू होती है, उसी शब्द पर वह समाप्त भी होती है — जैसे “बिना बिचारे … बिना बिचारे”, “बीती … बीती”।
- दोहे की दूसरी पंक्ति रोले की पहली पंक्ति के रूप में दोहराई जाती है — “जग में होत हँसाय”, “ताही में चित देइ”। इस आवृत्ति से कुंडलिया में लय और कड़ी-सी जुड़ाव बन जाता है।
- भाषा ब्रज मिश्रित है और शैली नीतिपरक — सीधी, सरल, कहावत जैसी। इसी कारण गिरिधर की पंक्तियाँ आज भी लोक में कहावत की तरह बोली जाती हैं।
How to Download NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 PDF
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NCERT Solutions for Class 7 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides Giridhar Kavirai Ki Kundaliya in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 7 Hindi.
- Chapter 1 Maa Kah Ek Kahani
- Chapter 2 Teen Buddhiman
- Chapter 3 Phool Aur Kanta
- Chapter 4 Paani Re Paani
- Chapter 5 Nahin Hona Bimar
- Chapter 6 Giridhar Kavirai Ki Kundaliya
- Chapter 7 Varsha Bahar
- Chapter 8 Birju Maharaj Se Sakshatkar
- Chapter 9 Chidiya
- Chapter 10 Meera Ke Pad
NCERT Solutions for Class 7 – All Subjects
Just like Chapter 6 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 7. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 7.
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 6 |
| Chapter Name | Giridhar Kavirai Ki Kundaliya |
| Book Name | Malhar |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
| Educational Resource Here | NCERT Solutions of Class 7 Hindi Chapter 6 for all exercises |
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NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 Giridhar Kavirai Ki Kundaliya – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 Giridhar Kavirai Ki Kundaliya?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 6 Giridhar Kavirai Ki Kundaliya from the NCERT Class 7 Hindi textbook Malhar, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
How can I download the Class 7 Hindi Chapter 6 solutions PDF for free?
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Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?
Yes. The NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 are based on the latest NCERT textbook Malhar and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 7 Hindi?
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