NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 Phool Aur Kanta provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter Phool Aur Kanta of the NCERT textbook Malhar. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 7 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 7 Hindi Chapter 3 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 Phool Aur Kanta
- Class: Class 7
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 3 – Phool Aur Kanta
- Textbook: Malhar (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 3 Phool Aur Kanta — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
NCERT Solutions Class 7 Hindi Chapter 3 फूल और काँटा View Download
































NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 PDF Download
You can read the NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 online above, or download the complete question-answer PDF to study Phool Aur Kanta offline at any time.
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 PDF Download Link – Click Here to Download Solutions PDF
Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 35 questions of this chapter. The questions solved are:
- (क) कविता के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है? • काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है। • काँटा तितलियों और भौंरों को आकर्षित करता है। • काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है। • काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है।
- (2) कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है? • फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का। • फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं। • फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं। • फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
- (3) कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है? • व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है। • व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं। • कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है। • यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
- (4) कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है? • धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है। • कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है। • बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है। • कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।
- (ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
- पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए— (क) “मेह उन पर है बरसता एक सा, एक सी उन पर हवायें हैं बही। पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।”
- (ख) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।”
- इस कविता में ‘फूल’ और ‘काँटा’ के उदाहरण द्वारा लोगों के स्वभावों के अंतर और समानताओं की ओर संकेत किया गया है। दूसरे शब्दों में, ‘फूल’ और ‘काँटा’ प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए कि फूल और काँटा किस-किस के प्रतीक हो सकते हैं। इन्हें उपयुक्त प्रतीकों से जोड़िए— (बाईं ओर — दया, स्वार्थ, अच्छाई, सुख, सुंदरता, कोमलता, आनंद; दाईं ओर — परोपकार, प्रेम, बुराई, दुख, कठोरता, प्रसन्नता, पीड़ा)
- कविता को एक बार पुन: ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए— (क) कविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?
- (ख) आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?
- (ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
- (घ) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।
- (ङ) “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?
- अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए — (क) कल्पना कीजिए कि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसते हैं। बाकी पौधे इन सबके बिना कैसे दिखेंगे और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव होगा?
- (ख) यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया कैसी लगती?
- (ग) यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो क्या होता?
- (घ) कल्पना कीजिए कि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है, उनके बीच कैसा संवाद होगा?
- (ङ) कल्पना कीजिए कि आपको किसी काँटे, फूल या दोनों के गुणों के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। आप किसके गुणों को अपनाना चाहेंगे? कारण सहित बताइए।
- नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बड़प्पन’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए— (बीच में ‘बड़प्पन’ लिखा है और उससे सात ख़ाने जुड़े हैं, जिनमें से एक में ‘संतोष’ पहले से भरा हुआ है।)
- ‘बड़प्पन’ शब्द ‘बड़ा’ और ‘पन’ से मिलकर बना है। इसका अर्थ होता है — बड़ाई, श्रेष्ठ या बड़ा होने का भाव, महत्व, गौरव। इसका उपयोग मुख्य रूप से व्यक्तित्व, गुण और चरित्र की ऊँचाई या महानता बताने के लिए किया जाता है, जैसे — उनकी सादगी और बड़प्पन ने सबका मन जीत लिया। • नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं जो किसी भाव को व्यक्त करते हैं। इनमें से जो शब्द ‘बड़प्पन’ के भाव व्यक्त करते हैं, उन पर एक गोला बनाइए, जो बड़प्पन का भाव व्यक्त नहीं करते हैं, उनके नीचे रेखा खींचिए। (सहनशीलता, दया, अहंकार, विश्वास, घमंड, ईर्ष्या, द्वेष, प्रतिशोध, क्रूरता, उदारता, विनम्रता, त्याग, संतोष, समर्पण, आदर, सम्मान, निष्ठा, परोपकार, सद्भावना, स्वार्थ, अपमान, अविश्वास, झूठ, अधीरता, लालच, झगड़ालूपन)
- “फूल लेकर तितलियों को गोद में, भौंर को अपना अनूठा रस पिला। निज सुगंधों औ निराले रंग से, है सदा देता कली का जी खिला।” इस पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। क्या आपने इस शब्द को पहले कहीं पढ़ा है? यह शब्द है— ‘और’। कविता में ‘र’ वर्ण नहीं लिखा गया है। कई बार बोलते हुए हम शब्द की अंतिम ध्वनि उच्चरित नहीं करते हैं। कवि भी कविता की लय के अनुसार ऐसा प्रयोग करते हैं। इस कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ छिपी हैं, जैसे— ‘प्यार में डूबी तितलियों’ के स्थान पर ‘प्यार-डूबी तितलियों’ का प्रयोग किया गया है। हर दूसरी पंक्ति का अंतिम शब्द मिलती-जुलती ध्वनि वाला यानी ‘तुकांत’ है आदि। (क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
- (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं। कविता की विशेषताएँ — 1. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले दो शब्द एक ही पंक्ति में साथ-साथ आए हैं। 2. मुहावरे का प्रयोग किया गया है। 3. प्रश्न पूछा गया है। 4. प्राकृतिक वस्तुओं, जैसे— पेड़-पौधों में मानवीय कार्यों और भावनाओं का वर्णन किया गया है। 5. एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। कविता की पंक्तियाँ — 1. किस तरह कुल की बड़ाई काम दे 2. भौंर को अपना अनूठा रस पिला 3. फाड़ देता है किसी का वर बसन 4. है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर 5. है सदा देता कली का जी खिला 6. फूल लेकर तितलियों को गोद में
- (क) आगे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए। जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं, उन पर घेरा बनाइए। 1. हैं जनम लेते जगह में एक ही, एक ही पौधा उन्हें है पालता। ____ में उन पर चमकता ____ भी, (रात, रात्रि, रजनी, निशा) (शशि, चंद्रमा, चाँद, राकेश, इंदु) एक ही सी चाँदनी है डालता। 2. ______ उन पर है बरसता एक सा, (मेह, बादल, मेघ, जलद) एक सी उन पर ______ हैं बही। (वायु, पवन, समीर, मारुत, बयारें, हवायें) पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।
- (ख) अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि कौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहा है और क्यों?
- “भौंर का है बेध देता श्याम तन।” ‘श्याम तन’ का अर्थ है— काला शरीर। यहाँ ‘श्याम’ शब्द भँवरे के ‘शरीर’ की विशेषता बता रहा है, अर्थात् ‘श्याम’ ‘विशेषण’ है। ‘तन’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है अर्थात् ‘तन’ ‘विशेष्य’ शब्द है। (क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए — 1. भौंर का है बेध देता श्याम तन 2. फाड़ देता है किसी का वर बसन 3. भौंर को अपना अनूठा रस पिला 4. निज सुगंधों औ निराले ढंग से
- (ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए — 1. फूल 2. काँटा 3. मेह 4. चाँद 5. रात
- (क) यदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?
- (ख) कविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या-क्या कर सकते हैं?
- (ग) ‘फूल’ और ‘काँटे’ एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न हैं फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए। (संकेत— वस्तुएँ, जैसे— नमक और चीनी; स्वभाव, जैसे— शांत और क्रोधी; स्वाद, जैसे— खट्टा-मीठा; रंग, जैसे— काला-सफेद; अनुभव, जैसे— सुख-दुख आदि)
- (घ) “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।” आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए जिसे आप ‘काँटे’ के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए।
- (क) इस कविता के बारे में एक चित्र बनाइए। आप चित्र में जहाँ चाहें, अपने मनोनीत रंग भर सकते हैं। आप बिना रंगों या केवल उपलब्ध रंगों की सहायता से भी चित्र बना सकते हैं। चित्र बिलकुल मौलिक लगे इसकी चिंता करने की भी आवश्यकता नहीं है। आप अपनी कल्पना को जैसे मन करे, वैसे साकार कर सकते हैं।
- (ख) मान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए। संवाद का विषय निम्नलिखित हो सकता है— • उनके गुणों और विशेषताओं पर चर्चा। • यह समझाना कि उनका जीवन में क्या योगदान है। उदाहरण — • फूल — मैं दूसरों के जीवन में सुगंध और सुख फैलाने आया हूँ। • काँटा — और मैं संघर्ष की याद दिलाने और सुरक्षा देने के लिए हूँ।
- विभिन्न समूह बनाकर कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है— ‘जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है’। (कक्षा में वाद-विवाद का आयोजन करने के लिए पुस्तक में दस सुझाव दिए गए हैं — समूह बनाना, निर्णायक मंडल, 15 मिनट की तैयारी, तीन-चार मिनट का समय, क्रम, अंकों का निर्धारण, विजेता का निर्णय, तालियाँ और अनुभवों पर अनुच्छेद-लेखन।)
- नीचे कुछ ऐसे पेड़-पौधों के चित्र दिए गए हैं जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं। चित्रों को सही नामों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए — 1. बबूल (फूल— पीले या सफेद छोटे गुच्छेदार। काँटे— लंबे और नुकीले। विशेषता— इसका उपयोग ईंधन, चारा और औषधियों में किया जाता है।) 2. गुलाब (फूल— विभिन्न रंगों में, विशेष रूप से लाल, सफेद, और गुलाबी। काँटे— तने पर छोटे और तीखे। विशेषता— सजावटी पौधा और इत्र बनाने के लिए प्रसिद्ध।) 3. नागफनी (फूल— रंग-बिरंगे, पीले, नारंगी या गुलाबी। काँटे— पूरी सतह पर छोटे या लंबे। विशेषता— सूखे क्षेत्रों में पाया जाता है और सजावटी पौधे के रूप में भी उगाया जाता है।) 4. बेर (फूल— छोटे और हल्के पीले। काँटे— शाखाओं पर छोटे-छोटे। विशेषता— इसके फल खाद्य और औषधीय होते हैं।) 5. करौंदा (फूल— छोटे, सफेद और सुगंधित। काँटे— शाखाओं पर छोटे-छोटे और तीखे। विशेषता— फूल सजावटी और मधुर सुगंध वाले होते हैं। इसके फल से अचार, जैम और जेली बनाई जाती हैं। यह शुष्क और पहाड़ी क्षेत्रों में उगता है।) 6. नीबू (फूल— छोटे, सफेद और हल्की गुलाबी छाया लिए हुए। सुगंधित और गुच्छेदार। काँटे— शाखाओं पर छोटे और तीखे काँटे। विशेषता— फल खट्टे और विटामिन सी से भरपूर होते हैं। इनका उपयोग पेय पदार्थ, अचार, औषधियों और खाना बनाने में किया जाता है।)
- • रंग-बिरंगे फूलों से • फूलों की घाटी में — कविता
Chapter at a Glance
- फूल और काँटा अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की कविता है। ‘उठो लाल, अब आँखें खोलो’ जैसी प्रसिद्ध बाल-कविता के रचयिता हरिऔध जी का जन्म आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उनकी चर्चित काव्य-कृति प्रियप्रवास को खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है।
- कविता का आधार एक सीधी-सी बात है — फूल और काँटा एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं। वही चाँदनी, वही वर्षा, वही हवा दोनों को मिलती है। पालन-पोषण में कोई अंतर नहीं, फिर भी “ढंग उनके एक से होते नहीं” ।
- काँटे का ढंग — वह उँगलियाँ छेदता है, अच्छे वस्त्र फाड़ देता है, तितलियों के पंख कतर देता है और भौंरे के काले शरीर को बेध देता है। उसका काम चोट पहुँचाना है।
- फूल का ढंग — वह तितलियों को गोद में लेता है, भौंरे को अपना अनूठा रस पिलाता है और अपनी सुगंध तथा निराले रंग से कलियों का मन खिला देता है। उसका काम सुख बाँटना है।
- इसी अंतर का परिणाम भी अलग है — “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।” काँटा सबकी आँखों में चुभता है और फूल देवताओं के सिर पर चढ़ता है।
- कविता का केंद्रीय संदेश अंतिम दो पंक्तियों में है — “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” यानी यदि व्यक्ति में स्वयं बड़प्पन नहीं है, तो ऊँचे कुल का नाम उसे बड़ा नहीं बना सकता।
- काव्य-सौंदर्य — ‘और’ के स्थान पर ‘औ’, ‘प्यार में डूबी’ के स्थान पर ‘प्यार-डूबी’ जैसे लय के लिए किए गए प्रयोग, हर दूसरी पंक्ति का तुकांत (पालता–डालता, बही–नहीं, बसन–तन, पिला–खिला, शीश पर–कसर), अनुप्रास (सोहता सुर शीश), मानवीकरण और विपरीतार्थक शब्द-युग्म इस कविता की विशेषताएँ हैं।
How to Download NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 PDF
Follow these simple steps to get the Phool Aur Kanta questions-and-answers PDF from Malhar.
- Search NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 aglasem and open this page.
- Read the exercise questions with answers for Phool Aur Kanta shown above.
- Click the Download PDF link to save the Phool Aur Kanta solutions to your device.
NCERT Solutions for Class 7 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides Phool Aur Kanta in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 7 Hindi.
- Chapter 1 Maa Kah Ek Kahani
- Chapter 2 Teen Buddhiman
- Chapter 3 Phool Aur Kanta
- Chapter 4 Paani Re Paani
- Chapter 5 Nahin Hona Bimar
- Chapter 6 Giridhar Kavirai Ki Kundaliya
- Chapter 7 Varsha Bahar
- Chapter 8 Birju Maharaj Se Sakshatkar
- Chapter 9 Chidiya
- Chapter 10 Meera Ke Pad
NCERT Solutions for Class 7 – All Subjects
Just like Chapter 3 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 7. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 7.
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 3 |
| Chapter Name | Phool Aur Kanta |
| Book Name | Malhar |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
| Educational Resource Here | NCERT Solutions of Class 7 Hindi Chapter 3 for all exercises |
| More Questions Answers of This Subject | NCERT Solutions for Class 7 Hindi |
| Download Book Chapter | NCERT Book Class 7 Hindi |
| All Questions Answers For This Class | NCERT Solutions for Class 7 |
| Complete Solutions | NCERT Solutions |
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 Phool Aur Kanta – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 Phool Aur Kanta?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 3 Phool Aur Kanta from the NCERT Class 7 Hindi textbook Malhar, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
How can I download the Class 7 Hindi Chapter 3 solutions PDF for free?
Open this page on aglasem, read the Phool Aur Kanta questions with answers, and click the “Download Solutions PDF” link. The Class 7 Hindi Chapter 3 NCERT Solutions PDF is completely free to download.
Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?
Yes. The NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 are based on the latest NCERT textbook Malhar and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 7 Hindi?
You can find the answers to every chapter on the NCERT Solutions for Class 7 Hindi page, and solutions for every subject on the NCERT Solutions for Class 7 page.
How do NCERT Solutions help in exam preparation?
They show the correct method to solve each question, help you write answers the way they are expected in exams, let you check and correct your own work, and save revision time — which together improve your marks in Class 7 Hindi.
If you have any queries on NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 Phool Aur Kanta, then please ask in the comments below.
