NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 9 Chidiya provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter Chidiya of the NCERT textbook Malhar. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 7 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 7 Hindi Chapter 9 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 9 Chidiya
- Class: Class 7
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 9 – Chidiya
- Textbook: Malhar (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 9 Chidiya — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
NCERT Solutions Class 7 Hindi Chapter 9 चिड़िया View Download




































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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 37 questions of this chapter. The questions solved are:
- (क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। 1. कविता के आधार पर बताइए कि इनमें से कौन-सा गुण पक्षियों के जीवन में नहीं पाया जाता है? • प्रेम-प्रीति • मिल-जुलकर रहना • लोभ और पाप • निर्भय विचरण
- 2. “सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं” कविता की यह पंक्ति किन भावों की ओर संकेत करती है? • असमानता और विभाजन • प्रतिस्पर्धा और संघर्ष • समानता और एकता • स्वार्थ और ईर्ष्या
- 3. “वे कहते हैं, मानव! सीखो, तुम हमसे जीना जग में” कविता में पक्षी मनुष्य से कैसा जीवन जीने के लिए कहते हैं? • आकाश में उड़ते रहना • बंधन में रहना • स्वच्छंद रहना • संचय करना
- (ख) अब अपने मित्रों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
- कविता में से चुनकर कुछ संदर्भ नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर बातचीत कीजिए और इन्हें इनके सही भावों से मिलाइए। इनके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने परिजनों और शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं। — संदर्भ: 1. चिड़िया की बोली, 2. सोने की कड़ियाँ, 3. निर्भय विचरण, 4. मुक्ति-मंत्र, 5. दिनभर काम। भाव: 1. बंधन और लालच, 2. श्रम और संतोष, 3. बंधन से मुक्ति, 4. स्वतंत्रता और निर्बाध जीवन, 5. प्रेम और स्वतंत्रता का संदेश।
- कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं, इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार कक्षा में अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए। (क) “चिड़िया बैठी प्रेम-प्रीति की रीति हमें सिखलाती है!”
- (ख) “उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं, परवाह नहीं”
- (ग) “सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हैं”
- नीचे कविता की कुछ पंक्तियाँ और उनसे संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। कविता पढ़ने के बाद अपनी समझ के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (क) “सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं” पक्षियों के आपसी सहयोग की यह भावना हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी है? स्पष्ट कीजिए।
- (ख) “जो मिलता है, अपने श्रम से उतना भर ले लेते हैं” पक्षी अपनी आवश्यकता भर ही संचय करते हैं। मनुष्य का स्वभाव इससे भिन्न कैसे है?
- (ग) “हम स्वच्छंद और क्यों तुमने, डाली है बेड़ी पग में?” पक्षी को स्वच्छंद और मनुष्य को बेड़ियों में क्यों बताया गया है?
- अपने समूह में मिलकर संवाद कीजिए— 1. चिड़िया मनुष्य को स्वतंत्रता का संदेश देती है, आपके अनुसार मनुष्य के पास किन कार्यों को करने की स्वतंत्रता है और किन कार्यों को करने की स्वतंत्रता नहीं है?
- 2. चिड़िया और मनुष्य का जीवन एक-दूसरे से कैसे भिन्न है?
- 3. चिड़िया कहीं भी अपना घर बना सकती है, यदि आपके पास चिड़िया जैसी सुविधा हो तो आप अपना घर कहाँ बनाना चाहेंगे और क्यों?
- 4. यदि आप चिड़िया की भाषा समझ सकते तो आप चिड़िया से क्या बातें करते?
- “सब मिल-जुलकर रहते हैं वे / सब मिल-जुलकर खाते हैं” — रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। ये शब्द लिखने-बोलने में एक जैसे हैं। इस तरह की शैली प्राय: कविता में आती है। अब आप सब मिल-जुलकर नीचे दी गई कविता को आगे बढ़ाइए— संकेत— सब मिल-जुलकर हँसते हैं वे / सब मिल-जुलकर गाते हैं……
- “पीपल की ऊँची डाली पर / बैठी चिड़िया गाती है! / तुम्हें ज्ञात क्या अपनी / बोली में संदेश सुनाती है?” — रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। ‘गाती’ और ‘सुनाती’ रेखांकित शब्दों से चिड़िया के गाने और सुनाने के कार्य का बोध होता है। वे शब्द जिनसे कार्य करने या होने का बोध होता है, उन्हें क्रिया कहते हैं। कविता में ऐसे क्रिया शब्दों को ढूँढ़कर लिखिए और उनसे नए वाक्य बनाइए।
- (क) जब आप नीचे दिए गए दृश्य देखते हैं तो आपको कैसा महसूस होता है? अपने उत्तर के कारण भी सोचिए और बताइए। आप नीचे दिए गए भावों में से शब्द चुन सकते हैं। आप किसी भी दृश्य के लिए एक से अधिक शब्द भी चुन सकते हैं। [भाव — प्रेम, वीरता, दया, करुणा, क्रोध, हँसी, आनंद, डर, घृणा, आश्चर्य, ममता, शांति, सुख, दुख, ईर्ष्या, गर्व, निराशा, आभार, उत्साह, चिंता, आत्मविश्वास, सहानुभूति, उदासीनता, शंका] दृश्य — 1. आपको कहीं से किसी पक्षी के चहचहाने की आवाज सुनाई देती है। 2. शाम के समय किसी पेड़ पर अनगिनत पक्षी एक साथ चहचहा रहे हैं। 3. कोई गाय अपने बच्चे को दूध पिला रही है। 4. कोई व्यक्ति अपने वाहन की खिड़की से कूड़ा बाहर फेंक देता है। 5. कोई बच्चा किसी व्यर्थ कागज को कूड़ेदान में डाल देता है। 6. कोई व्यक्ति बिना हेलमेट पहने बहुत तेज बाइक चला रहा है। 7. दो प्राणी किसी कारण लड़ रहे हैं। 8. एक व्यक्ति जिसके पैर नहीं हैं, वह विशेष रूप से बनाई गई तिपहिया गाड़ी पर यात्रा कर रहा है। 9. किसी स्थान पर नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए भारती (ब्रेल) लिपि में सूचनाओं के बोर्ड लगे हैं। 10. कोई व्यक्ति किसी को अपशब्द कह रहा है। 11. कोई व्यक्ति किसी जरूरतमंद भूखे को भोजन दे रहा है। 12. कोई लड़का स्वादिष्ट भोजन बनाकर अपनी बहन को खिला रहा है।
- (ख) उपर्युक्त भावों में से आप कौन-से भाव कब-कब अनुभव करते हैं? भावों के नाम लिखकर उन स्थितियों के लिए एक-एक वाक्य लिखिए। (संकेत— आत्मविश्वास– जब मैं अकेले पड़ोस की दुकान से कुछ खरीदकर ले आता हूँ।)
- कविता में आपने कई पक्षियों के नाम पढ़े। अब आपके सामने पक्षियों से जुड़ी कुछ पहेलियाँ दी गई हैं। पक्षियों को पहचानकर सही चित्रों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए— (1) दिखने में हूँ हरा-हरा / कहता हूँ सब खरा-खरा / खाता हूँ मैं मिर्ची लाल / कहते सब मुझे मिट्ठूलाल (2) सुंदर काले मेरे नैन / श्वेत श्याम है मेरे डैन / उड़ता रहता हूँ दिन-रैन / खेलूँ पानी में तो आए चैन (3) संदेश पहुँचाना मेरा काम / देता हूँ शांति का पैगाम / करता हूँ मैं गूटर-गूँ / आओगे पास तो हो जाऊँगा छू (4) पीता हूँ बारिश की बूँदें / रखता हूँ फिर आँखें मूँदे / देखो चकोर है मेरी साथी / बिन उसके घूमूँ ऊँघें ऊँघें (5) रहता है घर के आस-पास / रंग है उसका काला खास / जो भी दोगे खाता है वो / झुंड में आ जाता है वो (6) कूहू कूहू मधुर आवाज सुनाती / घर अपना मैं कहाँ बनाती / काली हूँ पर काक नहीं / बतलाओ मैं क्या कहलाती (7) तन मेरा सफेद / गर्दन मेरी लंबी / नाम बताओ सच्ची-सच्ची / कहलाता हूँ मैं जलपक्षी
- इन तीनों चित्रों को ध्यान से देखिए और बताइए— आप पक्षियों को इनमें से कहाँ देखना पसंद करेंगे और क्यों?
- “सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हैं” — कविता की इन पंक्तियों को पढ़िए और इन चित्रों को देखिए। इन चित्रों को देखकर आपके मन में क्या विचार आ रहे हैं? (संकेत— जैसे इन चित्रों में कौन निर्भय विचरण कर रहा है?)
- “वन में जितने पंछी हैं, खंजन, कपोत, चातक, कोकिल; काक, हंस, शुक आदि वास करते सब आपस में हिलमिल!” 1. वन में सारे पक्षी एक साथ रह रहे हैं, हमारे परिवेश में भी पशु-पक्षी साथ रहते हैं। आप विचार कीजिए कि हमारे परिवेश में उनका रहना क्यों आवश्यक है?
- 2. हम अपने आस-पास रहने वाले पशु-पक्षियों की सहायता कैसे कर सकते हैं?
- “उनके मन में लोभ नहीं है”, इस पंक्ति में ‘मन’ का अर्थ ‘चित्त’ (बुद्धि) है, किंतु ‘मन’ शब्द के अन्य अर्थ भी हो सकते हैं। … आगे कुछ और ऐसे ही शब्द दिए गए हैं। दिए गए शब्दों का अलग-अलग अर्थों या संदर्भों में प्रयोग कीजिए— (क) कर
- (ख) जल
- (ग) अर्थ
- (घ) फल
- (ङ) आम
- (क) खुले आसमान में, पेड़ों की टहनियों, छतों और भवनों आदि पर बैठे या उड़ते पक्षी बहुत मनमोहक लगते हैं। अपनी पसंद के ऐसे कुछ दृश्यों का कोलाज बनाकर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।
- (ख) “स्वतंत्रता और प्रेम” का संदेश देने वाला एक पोस्टर बनाइए। इसमें इस कविता की कोई पंक्ति या संदेश भी सम्मिलित कीजिए।
- मनुष्य बिना सोचे-समझे जंगलों की लगातार कटाई कर रहा है, जिससे पशु-पक्षियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। मनुष्य द्वारा किए जा रहे ऐसे कार्यों की एक सूची बनाइए, जिनसे पर्यावरण व हमारे परिवेश के पशु-पक्षियों के लिए संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस संकट की स्थिति से बचने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं? लिखिए। आप इस कार्य में शिक्षक, इंटरनेट और पुस्तकालय की सहायता भी ले सकते हैं। (संकेत— जैसे– ऊँचे भवनों का निर्माण…….)
- (क) पर्यावरण संरक्षण के लिए हम अपने स्तर पर कुछ प्रयास कर सकते हैं। आप अपने विद्यालय, आस-पास और घरों में देखिए कि किन-किन कार्यों में प्लास्टिक के थैले का प्रयोग किया जाता है? उन कार्यों की सूची बनाइए। अब इनमें प्रयोग किए जा रहे प्लास्टिक के थैलों के विकल्पों पर विचार कीजिए और लिखिए। (संकेत— जैसे– हम प्लास्टिक के थैले की जगह कागज या कपड़े के थैले का प्रयोग किन-किन कार्यों में कर सकते हैं।)
- (ख) सभी विद्यार्थी ‘पर्यावरण बचाओ’ विषय पर एक नुक्कड़ नाटक तैयार करें और उसकी प्रस्तुति विद्यालय प्रांगण में करें।
- कविता में पक्षियों के ‘सीमा-हीन गगन में उड़ने’ की बात कही गई है। पक्षियों का आकाश में उड़ना उद्देश्यपूर्ण है। पक्षियों की उड़ान से जुड़ी एक रोचक जानकारी आगे दी गई है। इसे पढ़कर आप पक्षियों की उड़ान से जुड़े कुछ नए तथ्यों को जान पाएँगे। [पाठ — ‘पक्षियों की प्रवास यात्राएँ’, पक्षी-जगत, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, दिल्ली]
- आप इंटरनेट या किसी अन्य माध्यम की सहायता से अन्य प्रवासी पक्षियों के बारे में रोचक जानकारी एकत्रित कीजिए और प्रवासी पक्षियों पर लेख लिखिए।
- नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों का प्रयोग करके आप जीव-जगत के बारे में और भी जान-समझ सकते हैं— • हमारा पर्यावरण • वह चिड़िया जो
Chapter at a Glance
- चिड़िया आरसी प्रसाद सिंह की कविता है। पीपल की ऊँची डाली पर बैठी एक चिड़िया गाती है — कवि पूछता है कि क्या तुम्हें पता है, वह अपनी बोली में कोई संदेश सुना रही है?
- चिड़िया का पहला संदेश है प्रेम-प्रीति की रीति और मुक्ति-मंत्र । जंगल के सारे पक्षी — खंजन, कपोत, चातक, कोकिल, काक, हंस, शुक — आपस में हिलमिल कर रहते हैं, मिल-जुलकर खाते हैं और पूरा आसमान उनका घर है।
- दूसरा संदेश है संतोष । पक्षियों के मन में न लोभ है, न पाप। वे अपने श्रम से जितना मिलता है उतना ही लेते हैं और बचा हुआ दूसरों के लिए छोड़ देते हैं — “नहीं कमाई से औरों की, अपना घर वे भरते हैं!”
- तीसरा और सबसे बड़ा संदेश है स्वतंत्रता । पक्षी सीमा-हीन गगन में निर्भय विचरण करते हैं, जबकि मनुष्य ने स्वयं अपने पैरों में बेड़ी डाल रखी है। इसलिए वे कहते हैं — “तुम देखो हमको, फिर अपनी सोने की कड़ियाँ तोड़ो ”।
- ‘सोने की कड़ियाँ’ कविता का सबसे सुंदर रूपक है — धन, लोभ और संग्रह के वे बंधन जो देखने में सुंदर लगते हैं पर हैं बेड़ी ही। कविता में मानवीकरण (चिड़िया सिखलाती, बतलाती, कहती है), अनुप्रास (“प्रेम-प्रीति की रीति”, “मिल-जुलकर”) और तुकांत (गाती-सुनाती, हैं-हैं) की छटा देखने योग्य है।
- अंत में चिड़िया घड़ी भर बैठकर, हमें चकित करके, गाकर उड़ जाती है — यानी संदेश देकर स्वयं अपनी स्वतंत्रता में लौट जाती है। पाठ के साथ ‘पक्षी-जगत’ से लिया गया पक्षियों की प्रवास यात्राएँ नामक रोचक गद्यांश भी दिया गया है।
How to Download NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 9 PDF
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NCERT Solutions for Class 7 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides Chidiya in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 7 Hindi.
- Chapter 1 Maa Kah Ek Kahani
- Chapter 2 Teen Buddhiman
- Chapter 3 Phool Aur Kanta
- Chapter 4 Paani Re Paani
- Chapter 5 Nahin Hona Bimar
- Chapter 6 Giridhar Kavirai Ki Kundaliya
- Chapter 7 Varsha Bahar
- Chapter 8 Birju Maharaj Se Sakshatkar
- Chapter 9 Chidiya
- Chapter 10 Meera Ke Pad
NCERT Solutions for Class 7 – All Subjects
Just like Chapter 9 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 7. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 7.
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 9 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 9 |
| Chapter Name | Chidiya |
| Book Name | Malhar |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 9 Chidiya – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 9 Chidiya?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 9 Chidiya from the NCERT Class 7 Hindi textbook Malhar, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
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Yes. The NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 9 are based on the latest NCERT textbook Malhar and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 7 Hindi?
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