Download Hitan Manohari Cha Durlabhan Vachah (हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः) – NCERT Class 7 Sanskrit Chapter 8 PDF from the new NCERT Class 7 Sanskrit book Deepakam (2026-27). Read the chapter online or download the free PDF. पाठ का स्वरूप — यह पाठ दस सूक्तियों का संकलन है। पाठ का शीर्षक ही दसवीं सूक्ति है — ‘हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः’ अर्थात् ऐसी बात जो हितकारी भी हो और मन को भाने वाली भी हो, दुर्लभ होती है।
Hitan Manohari Cha Durlabhan Vachah (हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः) PDF – Chapter 8 of Deepakam
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| Chapter 8 PDF | Hitan Manohari Cha Durlabhan Vachah (हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः) | View PDF |
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What Is in Hitan Manohari Cha Durlabhan Vachah (हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः)? (Class 7 Sanskrit Chapter 8)
- पाठ का स्वरूप — यह पाठ दस सूक्तियों का संकलन है। पाठ का शीर्षक ही दसवीं सूक्ति है — ‘हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः’ अर्थात् ऐसी बात जो हितकारी भी हो और मन को भाने वाली भी हो, दुर्लभ होती है।
- सूक्ति क्या है — सु + उक्तिः = सूक्तिः, अर्थात् ‘शोभना उक्तिः’ — सुन्दर वचन। पाठ के आरम्भिक संवाद में आचार्य कहते हैं कि सूक्तियों में जीवनमूल्य निहित रहते हैं, वे हमें सन्मार्ग की ओर ले जाती हैं, और संस्कृतसाहित्ये सूक्तीनां भाण्डागारः अस्ति (संस्कृत साहित्य सूक्तियों का भण्डार है)।
- दस सूक्तियाँ — (१) माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः (२) न रत्नमन्विष्यति, मृग्यते हि तत् (३) शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् (४) क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत् (५) सुखार्थिनः कुतो विद्या, कुतो विद्यार्थिनः सुखम् (६) गुणाः पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्गं न च वयः (७) मा ब्रूहि दीनं वचः (८) यस्तु क्रियावान् पुरुषः स विद्वान् (९) शीलं परं भूषणम् (१०) हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः।
- पाठ का केन्द्रीय सन्देश — केवल पढ़ लेना विद्वत्ता नहीं है; ‘न केवलं पठामः अपितु स्मरामः, जीवने आचरामः च’ — पढ़ना, याद रखना और जीवन में उतारना — तीनों आवश्यक हैं। इसी को सूक्ति ८ कहती है — क्रिया के बिना ज्ञान भार है (‘ज्ञानं भारः क्रियां विना’)।
- व्याकरण — मकारलेखनम् — ‘म्’ के आगे यदि व्यञ्जन हो तो ‘म्’ के स्थान पर अनुस्वार ( ं ) लिखा जाता है (पुस्तकम् पठति = पुस्तकं पठति); और यदि आगे स्वर हो तो ‘म्’ ही लिखा जाता है (पुस्तकम् अपठत् = पुस्तकम् अपठत्)।
- सूक्तियों के स्रोत — योग्यताविस्तरः में छह ग्रन्थों का संक्षिप्त परिचय दिया गया है, जिनसे ये सूक्तियाँ संगृहीत हैं — अथर्ववेदः, कुमारसम्भवम् (कालिदासः), पञ्चतन्त्रम् (विष्णुशर्मा), उत्तररामचरितम् (भवभूतिः), नीतिशतकम् (भर्तृहरिः) तथा किरातार्जुनीयम् (भारविः)।
त्वरित पुनरावृत्ति – Hitan Manohari Cha Durlabhan Vachah (हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः)
| शब्दः | संस्कृत अर्थः (पर्यायः) | हिन्दी अर्थ | किस सूक्ति / प्रसंग में |
|---|---|---|---|
| चर | आचरणं कुरु | आचरण करो | ‘सत्यं वद, धर्मं चर’ — प्रारम्भिक संवाद |
| इत्युक्ते | इति कथने | अर्थात् | ‘सूक्तिः’ इत्युक्ते ‘सुन्दरं वचनम्’ — प्रारम्भिक संवाद |
| कुतूहलम् | कौतुकम् | उत्सुकता | अस्मासु कुतूहलं वर्धते — प्रारम्भिक संवाद |
| भाण्डागारः | कोषः | भण्डार | संस्कृतसाहित्ये सूक्तीनां भाण्डागारः अस्ति — प्रारम्भिक संवाद |
| अन्विष्यति | अन्वेषणं करोति | ढूँढ़ता है | सूक्ति २ — न रत्नमन्विष्यति |
| मृग्यते | अन्विष्यते | ढूँढ़ा जाता है | सूक्ति २ — मृग्यते हि तत् |
| आद्यम् | प्रथमम् | पहला | सूक्ति ३ — शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् |
| धर्मसाधनम् | येन धर्मसिद्धिः भवति | धर्म-सिद्धि का साधन | सूक्ति ३ — शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् |
| क्षणशः | क्षणे क्षणे | प्रत्येक पल में | सूक्ति ४ — क्षणशः कणशश्चैव |
| कणशः | कणे कणे | प्रत्येक कण में | सूक्ति ४ — क्षणशः कणशश्चैव |
| अर्थम् | वित्तम् | धन को | सूक्ति ४ — विद्यामर्थं च साधयेत् |
| साधयेत् | सम्पादयेत् | अर्जन करना चाहिए | सूक्ति ४ — विद्यामर्थं च साधयेत् |
| पणस्य | नाणकस्य | रुपये का | शब्दार्थ-तालिका (सूक्ति ४ का भावार्थ — रूप्यकस्य सङ्ग्रहणम्) |
| सुखार्थिनः | सुखम् इच्छतः | सुख चाहने वाले का | सूक्ति ५ — सुखार्थिनः कुतो विद्या |
Old NCERT vs New – Class 7 Sanskrit
This chapter is from Deepakam, the new NCERT Class 7 Sanskrit book (NCF-SE 2023, used from 2025-26). It replaced the old book “Ruchira”, so chapter numbers and names differ from older PDFs.
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Hitan Manohari Cha Durlabhan Vachah (हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः) – Overview
| Class | Class 7 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Deepakam – new NCERT book |
| Chapter | 8 of 13 – Hitan Manohari Cha Durlabhan Vachah (हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः) |
| Edition | NCERT Reprint 2026-27 |
| Session | 2026-27 |
| Free – read online or download |
Class 7 Sanskrit Chapter 8 – FAQs
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What is Class 7 Sanskrit Chapter 8 about?
पाठ का स्वरूप — यह पाठ दस सूक्तियों का संकलन है। पाठ का शीर्षक ही दसवीं सूक्ति है — ‘हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः’ अर्थात् ऐसी बात जो हितकारी भी हो और मन को भाने वाली भी हो, दुर्लभ होती है।
Is Hitan Manohari Cha Durlabhan Vachah (हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः) from the new NCERT Class 7 Sanskrit book?
Yes. It is chapter 8 of deepakam, the new NCERT Class 7 Sanskrit book for 2026-27.
Is this the latest NCERT edition for 2026-27?
Yes – the PDF is NCERT’s latest edition for the 2026-27 session.
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