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Home » 8th Class » NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 दो गौरैया (PDF) – 2026-27

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 दो गौरैया (PDF) – 2026-27

by aglasem
September 10, 2026
in 8th Class

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 दो गौरैया provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter दो गौरैया of the NCERT textbook मल्हार. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 8 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 8 Hindi Chapter 2 question-answer PDF.

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 दो गौरैया

  • Class: Class 8
  • Subject: Hindi
  • Chapter: Chapter 2 – दो गौरैया
  • Textbook: मल्हार (NCERT)
  • Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF

These solutions answer all the exercise questions of Chapter 2 दो गौरैया — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.

NCERT Solutions Class 8 Hindi Chapter 2 दो गौरैया View Download

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 PDF Download

You can read the NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 online above, or download the complete question-answer PDF to study दो गौरैया offline at any time.


NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 PDF Download Link – Click Here to Download Solutions PDF


Questions Covered in This Chapter

These NCERT Solutions answer all 56 questions of this chapter. The questions solved are:

  1. (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) पिताजी ने कहा कि घर सराय बना हुआ है क्योंकि— • घर की बनावट सराय जैसी बहुत विशाल है • घर में विभिन्न पक्षी और जीव-जंतु रहते हैं • पिताजी और माँ घर के मालिक नहीं हैं • घर में विभिन्न जीव-जंतु आते-जाते रहते हैं
  2. (2) कहानी में ‘घर के असली मालिक’ किसे कहा गया है? • माँ और पिताजी को जिनका वह मकान है • लेखक को जिसने यह कहानी लिखी है • जीव-जंतुओं को जो उस घर में रहते थे • मेहमानों को जो लेखक से मिलने आते थे
  3. (3) गौरैयों के प्रति माँ और पिताजी की प्रतिक्रियाएँ कैसी थीं? • दोनों ने खुशी से घर में उनका स्वागत किया • पिताजी ने उन्हें भगाने की कोशिश की लेकिन माँ ने मना किया • दोनों ने मिलकर उन्हें घर से बाहर निकाल दिया • माँ ने उन्हें निकालने के लिए कहा लेकिन पिताजी ने घर में रहने दिया
  4. (4) माँ बार-बार पिताजी की बातों पर मुसकराती और मजाक करती थीं। इससे क्या पता चलता है? • माँ चाहती थीं कि गौरैयाँ घर से भगाई न जाएँ • माँ को पिताजी के प्रयत्न व्यर्थ लगते थे • माँ को गौरैयों की गतिविधियों पर हँसी आ जाती थी • माँ को दूसरों पर हँसना और उपहास करना अच्छा लगता था
  5. (5) कहानी में गौरैयों के बार-बार लौटने को जीवन के किस पहलू से जोड़ा जा सकता है? • दूसरों पर निर्भर रहना • असफलताओं से हार मान लेना • अपने प्रयास को निरंतर जारी रखना • संघर्ष को छोड़कर नए रास्ते अपनाना
  6. (ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ विचार कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
  7. (क) पाठ में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। प्रत्येक वाक्य के सामने दो-दो अर्थ दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सबसे उपयुक्त अर्थ से मिलाइए।
  8. (ख) अपने उत्तर को अपने मित्रों के उत्तर से मिलाइए और विचार कीजिए कि आपने कौन-से अर्थ का चुनाव किया है और क्यों?
  9. (क) “अब तो ये नहीं उड़ेंगी। पहले इन्हें उड़ा देते, तो उड़ जातीं। अब तो इन्होंने यहाँ घोंसला बना लिया है।”
  10. (ख) “एक दिन अंदर नहीं घुस पाएँगी, तो घर छोड़ देंगी।”
  11. (ग) “किसी को सचमुच बाहर निकालना हो, तो उसका घर तोड़ देना चाहिए।”
  12. (क) आपको कहानी का कौन-सा पात्र सबसे अच्छा लगा— घर पर रहने आई गौरैयाँ, माँ, पिताजी, लेखक या कोई अन्य प्राणी? आपको उसकी कौन-कौन सी बातें अच्छी लगीं और क्यों?
  13. (ख) लेखक के घर में चिड़िया ने अपना घोंसला कहाँ बनाया? उसने घोंसला वहीं क्यों बनाया होगा?
  14. (ग) क्या आपको लगता है कि पशु-पक्षी भी मनुष्यों के समान परिवार और घर का महत्व समझते हैं? अपने उत्तर के समर्थन में कहानी से उदाहरण दीजिए।
  15. (घ) “अब मैं हार मानने वाला आदमी नहीं हूँ।” इस कथन से पिताजी के स्वभाव के कौन-से गुण उभरकर आते हैं?
  16. (ङ) कहानी में गौरैयों के व्यवहार में कब और कैसा बदलाव आया? यह बदलाव क्यों आया? (संकेत— कहानी में खोजिए कि उन्होंने गाना कब बंद कर दिया?)
  17. (च) कहानी में गौरैयों ने किन-किन स्थानों से घर में प्रवेश किया था? सूची बनाइए।
  18. (छ) इस कहानी को कौन सुना रहा है? आपको यह बात कैसे पता चली?
  19. (ज) माँ बार-बार क्यों कह रही होंगी कि गौरैयाँ घर छोड़कर नहीं जाएँगी?
  20. (क) कल्पना कीजिए कि आप उस घर में रहते हैं जहाँ चिड़ियाँ अपना घर बना रही हैं। अपने घर में उन्हें देखकर आप क्या करते?
  21. (ख) मान लीजिए कि कहानी में चिड़िया नहीं, बल्कि नीचे दिए गए प्राणियों में से कोई एक प्राणी घर में घुस गया है। ऐसे में घर के लोगों का व्यवहार कैसा होगा? क्यों? (प्राणियों के नाम— चूहा, कुत्ता, मच्छर, बिल्ली, कबूतर, कॉकरोच, तितली, मक्खी)
  22. (ग) “मैं अवाक् उनकी ओर देखता रहा।” लेखक को विस्मय या हैरानी किसे देखकर हुई? उसे विस्मय क्यों हुआ होगा?
  23. (घ) “माँ मदद तो करती नहीं थीं, बैठी हँसे जा रही थीं।” माँ ने गौरैयों को निकालने में पिताजी की सहायता क्यों नहीं की होगी?
  24. (ङ) “एक चूहा अँगीठी के पीछे बैठना पसंद करता है, शायद बूढ़ा है उसे सर्दी बहुत लगती है।” लेखक ने चूहे के विशेष व्यवहार से अनुमान लगाया कि उसे सर्दी लगती होगी। आप भी किसी एक अपरिचित व्यक्ति या प्राणी के व्यवहार को ध्यान से देखकर अनुमान लगाइए कि वह क्या सोच रहा होगा, क्या करता होगा या वह कैसा व्यक्ति होगा आदि। (संकेत— आपको उसके व्यवहार पर ध्यान देना है, उसके रंग-रूप या वेशभूषा पर नहीं)
  25. (च) “पिताजी कहते हैं कि यह घर सराय बना हुआ है।” सराय और घर में कौन-कौन से अंतर होते होंगे?
  26. नीचे दी गई स्थितियों के लिए अपने समूह में मिलकर अपनी कल्पना से संवाद लिखिए और बातचीत को अभिनय द्वारा प्रस्तुत कीजिए— (क) “वे अभी भी झाँके जा रही थीं और चीं-चीं करके मानो अपना परिचय दे रही थीं, हम आ गई हैं। हमारे माँ-बाप कहाँ हैं?” नन्हीं-नन्हीं दो गौरैया क्या-क्या बोल रही होंगी?
  27. (ख) “चिड़ियाँ एक-दूसरे से पूछ रही हैं कि यह आदमी कौन है और नाच क्यों रहा है?” घोंसले से झाँकती गौरैयाँ क्या-क्या बातें कर रही होंगी?
  28. (ग) “एक दिन दो गौरैया सीधी अंदर घुस आईं और बिना पूछे उड़-उड़कर मकान देखने लगीं।” जब उन्होंने पहली बार घर में प्रवेश किया तो उन्होंने आपस में क्या बातें की होंगी?
  29. (घ) “उनके माँ-बाप झट से उड़कर अंदर आ गए और चीं-चीं करते उनसे जा मिले और उनकी नन्हीं-नन्हीं चोंचों में चुगा डालने लगे।” गौरैयों और उनके बच्चों ने क्या-क्या बातें की होंगी?
  30. मान लीजिए कि घोंसले में अंडों से बच्चे न निकले होते। ऐसे में कहानी आगे कैसे बढ़ती? यह बदली हुई कहानी लिखिए।
  31. अब नीचे दिए गए रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए। (क) पिताजी ने झिड़ककर कहा, “तू खड़ा क्या देख रहा है?”
  32. (ख) “देखो जी, चिड़ियों को मत निकालो”, माँ ने अबकी बार गंभीरता से कहा।
  33. (ग) “किसी को सचमुच बाहर निकालना हो, तो उसका घर तोड़ देना चाहिए”, उन्होंने गुस्से में कहा।
  34. अब आप इनसे मिलते-जुलते कुछ और क्रिया विशेषण शब्द सोचिए और उनका प्रयोग करते हुए कुछ वाक्य बनाइए। (संकेत— धीरे से, जोर से, अटकते हुए, चिल्लाकर, शरमाकर, सहमकर, फुसफुसाते हुए आदि।)
  35. कहानी में आपने पढ़ा कि लेखक के घर में अनेक प्राणी रहते थे। लेखक ने उनका वर्णन ऐसे किया है जैसे वे भी मनुष्यों की तरह व्यवहार करते हैं। कहानी में से चुनकर उन प्राणियों की सूची बनाइए और बताइए कि वे मनुष्यों जैसे कौन-कौन से काम करते थे? (क) बिल्ली— ‘फिर आऊँगी’ कहकर चली जाती है।
  36. अब नीचे दिए गए शब्दों की मात्राओं और अर्थों के अंतर पर ध्यान दीजिए। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए। • नाच-नाचा-नचा
  37. • हार-हरा-हारा
  38. • पिता-पीता
  39. • चूक-चुक
  40. • नीचा-नीचे
  41. • सहसा-साहस
  42. कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। वाद-विवाद का विषय है— “माँ चिड़ियों को घर से निकालना चाहती थीं।” कक्षा में आधे समूह इस कथन के पक्ष में और आधे समूह इसके विपक्ष में तर्क देंगे।
  43. “कमरे में फिर से शोर होने लगा था, पर अबकी बार पिताजी उनकी ओर देख-देखकर केवल मुसकराते रहे।” इस पंक्ति में बताया गया है कि पिताजी का दृष्टिकोण कैसे बदल गया। इस प्रकार यह विशेष वाक्य है। इस तरह के वाक्यों से कहानी और अधिक प्रभावशाली बन जाती है। (क) आपको इस कहानी में ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी। उन्हें अपने समूह के साथ मिलकर ढूँढ़िए और उनकी सूची बनाइए।
  44. (ख) इस कहानी की कुछ विशेषताओं को नीचे दिया गया है। इनके उदाहरण कहानी में से चुनकर लिखिए। [तालिका — कहानी की विशेषताएँ / कहानी में से उदाहरण : 1. किसी बात को कल्पना से बढ़ा-चढ़ाकर कहना 2. हास्य यानी हँसी-मज़ाक का उपयोग किया जाना 3. सोचा कुछ और, हुआ कुछ और 4. दूसरों के मन के भावों का अनुमान लगाना 5. किसी की कही बात को उसी के शब्दों में लिखना 6. किसी प्राणी या उसके कार्य को कोई अन्य नाम देना 7. किसने किससे कोई बात कही, यह सीधे-सीधे बताए बिना उस संवाद को लिखना]
  45. (क) “गौरैयों ने घोंसले में से सिर निकालकर नीचे की ओर झाँककर देखा और दोनों एक साथ ‘चीं-चीं’ करने लगीं।” आपने अपने घर के आस-पास पक्षियों को क्या-क्या करते देखा है? उनके व्यवहार में आपको कौन-कौन से भाव दिखाई देते हैं?
  46. (ख) “कमरे में फिर से शोर होने लगा था, पर अबकी बार पिताजी उनकी ओर देख-देखकर केवल मुसकराते रहे।” कहानी के अंत में पिताजी गौरैयों का अपने घर में रहना स्वीकार कर लेते हैं। क्या आप भी कोई स्थान या वस्तु किसी अन्य के साथ साझा करते हैं? उनके बारे में बताइए। साझेदारी में यदि कोई समस्या आती है तो उसे कैसे हल करते हैं?
  47. (ग) परिवार के लोग गौरैयों को घर से बाहर भगाने की कोशिश करते हैं, किंतु गौरैयों के बच्चों के कारण उनका दृष्टिकोण बदल जाता है। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि किसी को देखकर या किसी से मिलकर आपका दृष्टिकोण बदल गया हो?
  48. घोंसला बनाना चिड़ियों के जीवन का एक सामान्य हिस्सा है। विभिन्न पक्षी अलग-अलग तरह के घोंसले बनाते हैं। इन घोंसलों में वे अपने अंडे देते हैं और अपने चूजों को पालते हैं। (क) अपने आस-पास विभिन्न प्रकार के घोंसले ढूँढ़िए और उन्हें ध्यान से देखिए और नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए। (सावधानी— उन्हें हाथ न लगाएँ अन्यथा पक्षियों, उनके अंडों और आपको भी खतरा हो सकता है) [तालिका के स्तंभ— क्रम संख्या | घोंसले को कहाँ देखा | घोंसला किन चीजों से बनाया गया था | घोंसला खाली था या नहीं | घोंसला किस पक्षी का था]
  49. (ख) विभिन्न पक्षियों के घोंसलों के संबंध में एक प्रस्तुति तैयार कीजिए। उसमें आप चाहें तो उनके चित्र और थोड़ी रोचक जानकारी सम्मिलित कर सकते हैं।
  50. “जब हम लोग नीचे उतरकर आए तो वे फिर से मौजूद थीं और मजे से बैठी मल्हार गा रही थीं।” ‘मल्हार’ भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक प्रसिद्ध राग का नाम है। यह राग वर्षा ऋतु से जुड़ा है। आप जानते ही हैं कि आपकी हिंदी पाठ्यपुस्तक का नाम मल्हार भी इसी राग के नाम पर है। नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों के माध्यम से राग मल्हार को सुनिए और इसका आनंद लीजिए—
  51. (क) आपको इस कहानी में कौन-कौन से वाक्य पढ़कर हँसी आई? उन वाक्यों को चुनकर लिखिए।
  52. (ख) अब चुने हुए वाक्यों में से कौन-कौन से वाक्य ‘व्यंग्य’ कहे जा सकते हैं? उन पर सही का चिह्न लगाइए।
  53. नीचे दी गई चित्र-पहेली में बिल्ली को चूहे तक पहुँचाइए।
  54. ‘दो गौरैया’ कहानी में आपने पढ़ा कि ‘दो गौरैया’ लेखक के घर में बिन बुलाए अतिथि की तरह आ जाती हैं। पिछले कई वर्षों से गाँव-नगरों में इन नन्हीं चिड़ियों की संख्या निरंतर कम होती जा रही है। इसलिए भारत सरकार ने इनके संरक्षण के लिए 20 मार्च को ‘विश्व गौरैया दिवस’ घोषित किया है। आइए, पढ़ते हैं ‘विश्व गौरैया दिवस’ पर प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा प्रकाशित लेख का एक अंश—
  55. नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी का प्रयोग कर इस लेख को पूरा पढ़िए और कक्षा में चर्चा कीजिए।
  56. अभी आपने जो कहानी पढ़ी वह पंचतंत्र से ली गई है। पंचतंत्र हमारे देश की ऐसी अद्भुत पुस्तक है जो आज भी विश्व में मनोरंजन और नैतिक ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से पढ़ी-पढ़ाई जाती है। अपने पुस्तकालय में से पंचतंत्र की कहानियों की पुस्तक खोजकर पढ़िए और इसकी कोई एक कहानी कक्षा में सुनाइए।

Chapter at a Glance

  • दो गौरैया भीष्म साहनी की एक कहानी है, जिसे घर का बेटा प्रथम पुरुष (‘मैं’) में सुनाता है। पुस्तक की अनुक्रमणिका में इसे ‘कहानी’ कहा गया है और लेखक का नाम पाठ के अंत में तथा ‘लेखक से परिचय’ में दिया गया है — भीष्म साहनी (1915–2003)।
  • घर में तीन ही व्यक्ति हैं — माँ, पिताजी और ‘मैं’। पर पिताजी कहते हैं कि यह घर सराय बना हुआ है , क्योंकि आम के पेड़ के पक्षी, चूहे, बिल्ली, चमगादड़, कबूतर, छिपकलियाँ और चींटियाँ — सब उसी घर के ‘असली मालिक’ बने हुए हैं।
  • एक दिन दो गौरैयाँ बिना पूछे अंदर आकर मकान का ‘निरीक्षण’ करती हैं और दो दिन बाद बैठक की छत में लगे पंखे के गोले में घोंसला बना लेती हैं। यहीं से पिताजी और गौरैयों की लंबी लड़ाई शुरू होती है।
  • पिताजी ताली बजाते हैं, ‘श…शू’ करते हैं, कूदते हैं, लाठी घुमाते हैं, दरवाजों के नीचे कपड़े ठूँसते हैं, टूटे शीशे वाला रोशनदान बंद करते हैं — और गौरैयाँ हर बार लौट आती हैं। माँ इस पूरे संघर्ष पर व्यंग्य करती हुई हँसती रहती हैं।
  • अंत में पिताजी स्टूल पर चढ़कर घोंसला ही नोचने लगते हैं — ‘किसी को सचमुच बाहर निकालना हो, तो उसका घर तोड़ देना चाहिए।’ तभी ऊपर से ‘चीं-चीं’ सुनाई देती है — घोंसले में दो नन्हीं गौरैयाँ निकल आई हैं। पिताजी के हाथ ठिठक जाते हैं।
  • कहानी का अंत बिना किसी उपदेश के होता है — पिताजी लाठी एक ओर रख देते हैं, माँ सभी दरवाजे खोल देती हैं, और शोर फिर शुरू होने पर पिताजी केवल मुसकराते रहते हैं । यही एक वाक्य पूरे दृष्टिकोण-परिवर्तन को कह देता है।
  • पाठ भाषा की तीन बातें सिखाता है — क्रिया विशेषण (कोई काम कैसे हुआ — खिलखिलाकर, झिड़ककर, गंभीरता से), मात्रा के हेर-फेर से अर्थ-परिवर्तन (नाच–नाचा–नचा, चूक–चुक) और व्यंग्य (बात सीधे न कहकर उलटे या संकेत से कहना)।
  • पाठ के साथ ‘झरोखे से’ में विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च) पर प्रेस सूचना ब्यूरो के लेख का अंश है, और ‘पढ़ने के लिए’ में पंचतंत्र की कथा मित्रलाभ — कौआ, चूहा, कछुआ और हिरन की मित्रता की कहानी।

How to Download NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 PDF

Follow these simple steps to get the दो गौरैया questions-and-answers PDF from मल्हार.

  1. Search NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 aglasem and open this page.
  2. Read the exercise questions with answers for दो गौरैया shown above.
  3. Click the Download PDF link to save the दो गौरैया solutions to your device.

NCERT Solutions for Class 8 Hindi – All Chapters

There are more chapters to study besides दो गौरैया in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 8 Hindi.

  • Chapter 1 स्वदेश
  • Chapter 2 दो गौरैया
  • Chapter 3 एक आशीर्वाद
  • Chapter 4 हरिद्वार
  • Chapter 5 कबीर के दोहे
  • Chapter 6 एक टोकरी भर मिट्टी
  • Chapter 7 मत बाँधो
  • Chapter 8 नए मेहमान
  • Chapter 9 आदमी का अनुपात
  • Chapter 10 तरुण के स्वप्न

NCERT Solutions for Class 8 – All Subjects

Just like Chapter 2 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 8. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 8.

  • English
  • Hindi
  • Maths
  • Sanskrit
  • Science
  • Social Science

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 – An Overview

The key highlights of this study material are as follows.

AspectsDetails
ClassClass 8
SubjectHindi
Chapter NumberChapter 2
Chapter Nameदो गौरैया
Book Nameमल्हार
Book ByNCERT (National Council of Educational Research and Training)
Educational Resource HereNCERT Solutions of Class 8 Hindi Chapter 2 for all exercises
More Questions Answers of This SubjectNCERT Solutions for Class 8 Hindi
Download Book ChapterNCERT Book Class 8 Hindi
All Questions Answers For This ClassNCERT Solutions for Class 8
Complete SolutionsNCERT Solutions

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 दो गौरैया – FAQs

What are the NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 दो गौरैया?

They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 2 दो गौरैया from the NCERT Class 8 Hindi textbook मल्हार, written by experts as per the latest NCERT syllabus.

How can I download the Class 8 Hindi Chapter 2 solutions PDF for free?

Open this page on aglasem, read the दो गौरैया questions with answers, and click the “Download Solutions PDF” link. The Class 8 Hindi Chapter 2 NCERT Solutions PDF is completely free to download.

Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?

Yes. The NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 are based on the latest NCERT textbook मल्हार and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.

Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 8 Hindi?

You can find the answers to every chapter on the NCERT Solutions for Class 8 Hindi page, and solutions for every subject on the NCERT Solutions for Class 8 page.

How do NCERT Solutions help in exam preparation?

They show the correct method to solve each question, help you write answers the way they are expected in exams, let you check and correct your own work, and save revision time — which together improve your marks in Class 8 Hindi.

If you have any queries on NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 दो गौरैया, then please ask in the comments below.

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