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Home » 8th Class » NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 कबीर के दोहे (PDF) – 2026-27

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 कबीर के दोहे (PDF) – 2026-27

by aglasem
September 10, 2026
in 8th Class

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 कबीर के दोहे provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter कबीर के दोहे of the NCERT textbook मल्हार. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 8 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 8 Hindi Chapter 5 question-answer PDF.

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 कबीर के दोहे

  • Class: Class 8
  • Subject: Hindi
  • Chapter: Chapter 5 – कबीर के दोहे
  • Textbook: मल्हार (NCERT)
  • Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF

These solutions answer all the exercise questions of Chapter 5 कबीर के दोहे — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.

NCERT Solutions Class 8 Hindi Chapter 5 कबीर के दोहे View Download

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 PDF Download

You can read the NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 online above, or download the complete question-answer PDF to study कबीर के दोहे offline at any time.


NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 PDF Download Link – Click Here to Download Solutions PDF


Questions Covered in This Chapter

These NCERT Solutions answer all 55 questions of this chapter. The questions solved are:

  1. (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) “गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय। बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय॥” इस दोहे में किसके विषय में बताया गया है? • श्रम का महत्व • गुरु का महत्व • ज्ञान का महत्व • भक्ति का महत्व
  2. (2) “अति का भला न बोलना अति का भला न चूप। अति का भला न बरसना अति की भली न धूप॥” इस दोहे का मूल संदेश क्या है? • हमेशा चुप रहने में ही हमारी भलाई है • बारिश और धूप से बचना चाहिए • हर परिस्थिति में संतुलन होना आवश्यक है • हमेशा मधुर वाणी बोलनी चाहिए
  3. (3) “बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर। पंथी को छाया नहीं फल लागै अति दूर॥” यह दोहा किस जीवन कौशल को विकसित करने पर बल देता है? • समय का सदुपयोग करना • दूसरों के काम आना • परिश्रम और लगन से काम करना • सभी के प्रति उदार रहना
  4. (4) “ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय। औरन को सीतल करै आपहुँ सीतल होय॥” इस दोहे के अनुसार मधुर वाणी बोलने का सबसे बड़ा लाभ क्या है? • लोग हमारी प्रशंसा और सम्मान करने लगते हैं • दूसरों और स्वयं को मानसिक शांति मिलती है • किसी से विवाद होने पर उसमें जीत हासिल होती है • सुनने वालों का मन इधर-उधर भटकने लगता है
  5. (5) “साँच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप। जाके हिरदे साँच है ता हिरदे गुरु आप॥” इस दोहे से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? • सत्य और झूठ में कोई अंतर नहीं होता है • सत्य का पालन करना किसी साधना से कम नहीं है • बाहरी परिस्थितियाँ ही जीवन में सफलता तय करती हैं • सत्य महत्वपूर्ण जीवन मूल्य है जिससे हृदय प्रकाशित होता है
  6. (6) “निंदक नियरे राखिए आँगन कुटी छवाय। बिन पानी साबुन बिना निर्मल करै सुभाय॥” यहाँ जीवन में किस दृष्टिकोण को अपनाने की सलाह दी गई है? • आलोचना से बचना चाहिए • आलोचकों को दूर रखना चाहिए • आलोचकों को पास रखना चाहिए • आलोचकों की निंदा करनी चाहिए
  7. (7) “साधू ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय। सार-सार को गहि रहै थोथा देइ उड़ाय॥” इस दोहे में ‘सूप’ किसका प्रतीक है? • मन की कल्पनाओं का • सुख-सुविधाओं का • विवेक और सूझबूझ का • कठोर और क्रोधी स्वभाव का
  8. (ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
  9. (क) पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे स्तंभ 1 में दी गई हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें स्तंभ 2 में दिए गए इनके सही अर्थ या संदर्भ से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
  10. (ख) नीचे स्तंभ 1 में दी गई दोहों की पंक्तियों को स्तंभ 2 में दी गई उपयुक्त पंक्तियों से जोड़िए—
  11. (क) “कबिरा मन पंछी भया भावै तहवाँ जाय। जो जैसी संगति करै सो तैसा फल पाय”
  12. (ख) “साँच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप। जाके हिरदे साँच है ता हिरदे गुरु आप॥”
  13. (क) “गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय।” इस दोहे में गुरु को गोविंद (ईश्वर) से भी ऊपर स्थान दिया गया है। क्या आप इससे सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।
  14. (ख) “बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर।” इस दोहे में कहा गया है कि सिर्फ बड़ा या संपन्न होना ही पर्याप्त नहीं है। बड़े या संपन्न होने के साथ-साथ मनुष्य में और कौन-कौन सी विशेषताएँ होनी चाहिए? अपने विचार साझा कीजिए।
  15. (ग) “ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय।” क्या आप मानते हैं कि शब्दों का प्रभाव केवल दूसरों पर ही नहीं स्वयं पर भी पड़ता है? आपके बोले गए शब्दों ने आपके या किसी अन्य के स्वभाव या मनोदशा को कैसे परिवर्तित किया? उदाहरण सहित बताइए।
  16. (ङ) “जो जैसी संगति करै सो तैसा फल पाय॥” हमारे विचारों और कार्यों पर संगति का क्या प्रभाव पड़ता है? उदाहरण सहित बताइए।
  17. (क) दोहों की उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए जिनमें— (1) एक ही अक्षर से प्रारंभ होने वाले (जैसे— राजा, रस्सी, रात) दो या दो से अधिक शब्द एक साथ आए हैं।
  18. (2) एक शब्द एक साथ दो बार आया है। (जैसे— बार-बार)
  19. (3) लगभग एक जैसे शब्द, जिनमें केवल एक मात्रा भर का अंतर है (जैसे— जल, जाल) एक ही पंक्ति में आए हैं।
  20. (4) एक ही पंक्ति में विपरीतार्थक शब्दों (जैसे— अच्छा-बुरा) का प्रयोग किया गया है।
  21. (5) किसी की तुलना किसी अन्य से की गई है। (जैसे— दूध जैसा सफेद)
  22. (6) किसी को कोई अन्य नाम दे दिया गया है। (जैसे— मुख चंद्र है)
  23. (7) किसी शब्द की वर्तनी थोड़ी अलग है। (जैसे— ‘चुप’ के स्थान पर ‘चूप’)
  24. (8) उदाहरण द्वारा कही गई बात को समझाया गया है।
  25. (ख) अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
  26. अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए— (क) “गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय।” • यदि आपके सामने यह स्थिति होती तो आप क्या निर्णय लेते और क्यों? • यदि संसार में कोई गुरु या शिक्षक न होता तो क्या होता?
  27. (ख) “अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।” • यदि कोई व्यक्ति बहुत अधिक बोलता है या बहुत चुप रहता है तो उसके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? • यदि वर्षा आवश्यकता से अधिक या कम हो तो क्या परिणाम हो सकते हैं? • आवश्यकता से अधिक मोबाइल या मल्टीमीडिया का प्रयोग करने से क्या परिणाम हो सकते हैं?
  28. (ग) “साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।” • झूठ बोलने पर आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? • कल्पना कीजिए कि आपके शिक्षक ने आपके किसी गलत उत्तर के लिए अंक दे दिए हैं, ऐसी परिस्थिति में आप क्या करेंगे?
  29. (घ) “ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।” • यदि सभी मनुष्य अपनी वाणी को मधुर और शांति देने वाली बना लें तो लोगों में क्या परिवर्तन आ सकते हैं? • क्या कोई ऐसी परिस्थिति हो सकती है जहाँ कटु वचन बोलना आवश्यक हो? अनुमान लगाइए।
  30. (ङ) “बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।” • यदि कोई व्यक्ति अपने बड़े होने का अहंकार रखता हो तो आप इस दोहे का उपयोग करते हुए उसे ‘बड़े होने या संपन्न होने’ का क्या अर्थ बताएँगे या समझाएँगे? • खजूर, नारियल आदि ऊँचे वृक्ष अनुपयोगी नहीं होते हैं। वे किस प्रकार से उपयोगी हो सकते हैं? बताइए। • आप अपनी कक्षा का कक्षा नायक या नायिका (मॉनीटर) चुनने के लिए किसी विद्यार्थी की किन-किन विशेषताओं पर ध्यान देंगे?
  31. (च) “निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय।” • यदि कोई आपकी गलतियों को बताता रहे तो आपको उससे क्या लाभ होगा? • यदि समाज में कोई भी एक-दूसरे की गलतियाँ न बताए तो क्या होगा?
  32. (छ) “साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।” • कल्पना कीजिए कि आपके पास ‘सूप’ जैसी विशेषता है तो आपके जीवन में कौन-कौन से परिवर्तन आएँगे? • यदि हम बिना सोचे-समझे हर बात को स्वीकार कर लें तो उसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
  33. (ज) “कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय।” • यदि मन एक पंछी की तरह उड़ सकता तो आप उसे कहाँ ले जाना चाहते और क्यों? • संगति का हमारे जीवन पर क्या-क्या प्रभाव पड़ सकता है?
  34. “अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप। अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप॥” (क) इस दोहे का आज के समय में क्या महत्व है? इसके बारे में कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। एक समूह के साथी इसके पक्ष में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे और दूसरे समूह के साथी इसके विपक्ष में बोलेंगे। एक तीसरा समूह निर्णायक बन सकता है।
  35. (ख) पक्ष और विपक्ष के समूह अपने-अपने मत के लिए तर्क प्रस्तुत करेंगे, जैसे— • पक्ष – वाणी पर संयम रखना आवश्यक है। • विपक्ष – अत्यधिक चुप रहना भी उचित नहीं है।
  36. (ग) पक्ष और विपक्ष में प्रस्तुत तर्कों की सूची अपनी लेखन-पुस्तिका में लिख लीजिए।
  37. नीचे दिए गए स्थानों में कबीर से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए और अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए— (केंद्र में ‘कबीर’ और उससे जुड़े सात खाने, जिनमें एक में ‘बानी’ पहले से दिया गया है।)
  38. अब आप ऐसी अन्य कहावतों का प्रयोग करते हुए अपने मन से कुछ वाक्य बनाकर लिखिए।
  39. पाठ के किसी एक दोहे को चुनकर अपने समूह के साथ मिलकर भिन्न-भिन्न प्रकार से कक्षा के सामने प्रस्तुत कीजिए। उदाहरण के लिए— • गायन करना, जैसे लोकगीत शैली में। • भाव-नृत्य प्रस्तुति। • कविता पाठ करना। • संगीत के साथ प्रस्तुत करना। • अभिनय करना, जैसे एक दोस्त गुस्से में आकर कुछ गलत कह देता है लेकिन दूसरा दोस्त उसे समझाता है कि मधुर भाषा का कितना प्रभाव पड़ता है। (ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।)
  40. (क) “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय।” क्या आपके जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति है जिसने आपको सही दिशा दिखाने में सहायता की हो? उस व्यक्ति के बारे में बताइए।
  41. (ख) “निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय।” क्या कभी किसी ने आपकी कमियों या गलतियों के विषय में बताया है जिनमें आपको सुधार करने का अवसर मिला हो? उस अनुभव को साझा कीजिए।
  42. (ग) “कबिरा मन पंछी भया, भावै तहवाँ जाय।” क्या आपने कभी अनुभव किया है कि आपकी संगति (जैसे— मित्र) आपके विचारों और आदतों या व्यवहारों को प्रभावित करती है? अपने अनुभव साझा कीजिए।
  43. (क) “साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।” इस दोहे पर आधारित एक कहानी लिखिए जिसमें किसी व्यक्ति ने कठिन परिस्थितियों में भी सत्य का साथ नहीं छोड़ा। (संकेत— किसी खेल में आपकी टीम द्वारा नियमों के उल्लंघन का आपके द्वारा विरोध किया जाना।)
  44. (ख) “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागौं पाँय।” इस दोहे को ध्यान में रखते हुए अपने किसी प्रेरणादायक शिक्षक से साक्षात्कार कीजिए और उनके योगदान पर एक निबंध लिखिए।
  45. (क) कल्पना कीजिए कि कबीर आज के समय में आ गए हैं। वे आज किन-किन विषयों पर कविता लिख सकते हैं? उन विषयों की सूची बनाइए।
  46. (ख) इन विषयों पर आप भी दो-दो पंक्तियाँ लिखिए।
  47. नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में विचार-विमर्श कीजिए और साझा कीजिए— (क) “अति का भला न बोलना, अति का भला न चूप।” इंटरनेट पर अनावश्यक सूचनाएँ साझा करने के क्या-क्या संकट हो सकते हैं?
  48. (ख) “साधू ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।” किसी भी वेबसाइट, ईमेल या मीडिया पर उपलब्ध जानकारी को ‘सूप’ की तरह छानने की आवश्यकता क्यों है? कैसे तय करें कि कौन-सी सूचना उपयोगी है और कौन-सी हानिकारक?
  49. नीचे कुछ घटनाएँ दी गई हैं। इन्हें पढ़कर आपको कबीर के कौन-से दोहे याद आते हैं? घटनाओं के नीचे दिए गए रिक्त स्थान पर उन दोहों को लिखिए— 1. अमित का मन पढ़ाई में नहीं लगता था और वह गलत संगति में चला गया। कुछ समय बाद जब उसके अंक कम आए तो उसे समझ में आया — “संगति का असर जीवन पर पड़ता है।”
  50. 2. एक विद्यार्थी इंटरनेट पर लगातार सूचनाएँ खोज रहा था। उसके पिता ने कहा — “हर जानकारी सही नहीं होती, सही बातों को चुनो और बेकार छोड़ दो।”
  51. 3. आपका एक मित्र आपकी किसी गलत बात पर आपकी आलोचना करता है। आप पहले परेशान होते हैं, लेकिन फिर आपने सोचा — “आलोचना मुझे सुधरने का मौका देती है, मुझे इन बातों का बुरा नहीं मानना चाहिए। इसे सकारात्मक रूप से लेना चाहिए।”
  52. 4. रीमा ने अपने गुस्से में सहकर्मी को बुरा-भला कह दिया, जिससे वातावरण बिगड़ गया। बाद में उसने समझा कि अगर वह शांति से बात करती तो समस्या हल हो जाती।
  53. 5. कक्षा में मोहन ने बहुत अधिक बोलकर सबको परेशान कर दिया, जबकि रमेश बिल्कुल चुप रहा। गुरुजी ने कहा — “बोलचाल में संतुलन आवश्यक है, न अधिक बोलो, न अधिक चुप रहो।”
  54. 6. सुरेश को जब ‘प्रतिभा सम्मान’ मिला तो उसने कहा — “इसमें मेरे परिश्रम के साथ मेरे गुरुजनों का मार्गदर्शन भी सम्मिलित है।”
  55. अपने परिजनों, मित्रों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता से कबीर के भजनों, गीतों, लोकगीतों को खोजिए और सुनिए। किसी एक गीत को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। कक्षा के सभी समूहों द्वारा एकत्रित गीतों को जोड़कर एक पुस्तिका बनाइए और कक्षा के पुस्तकालय में उसे सम्मिलित कीजिए। (पुस्तक में NCERT OFFICIAL यूट्यूब चैनल की कड़ियाँ दी गई हैं — संत कबीर, कबीर वाणी, कबीर की साखियाँ, तथा ‘दोहे — कबीर, रहीम, तुलसी’।)

Chapter at a Glance

  • पाठ में कबीर के आठ दोहे हैं — साँच बराबर तप नहीं; बड़ा हुआ तो क्या हुआ; गुरु गोविंद दोऊ खड़े; अति का भला न बोलना; ऐसी बानी बोलिए; निंदक नियरे राखिए; साधू ऐसा चाहिए; कबिरा मन पंछी भया।
  • दोहा दो पंक्तियों का छंद है और हर पंक्ति के दो-दो भाग (चरण) होते हैं। हर पंक्ति को बोलने में लगभग एक-सा समय लगता है — यही उसकी लय है।
  • कबीर की भाषा सधुक्कड़ी है — ब्रज, अवधी और खड़ी बोली के शब्द मिले-जुले हैं: साँच, हिरदे, दोऊ, लागौं, पाँय, सीतल, नियरे, तहवाँ, थोथा।
  • कबीर बात सीधे नहीं कहते, चित्र बनाकर कहते हैं — बड़प्पन के लिए खजूर का पेड़, विवेक के लिए सूप, आलोचक के लिए बिना पानी-साबुन धोने वाला धोबी, चंचल मन के लिए पंछी।
  • पाठ के अभ्यास दोहों को आज के जीवन से जोड़ते हैं — इंटरनेट पर सूचना छाँटना, मोबाइल का अति-प्रयोग, आलोचना को सकारात्मक लेना, कक्षा-नायक का चुनाव।
  • कवि परिचय के अनुसार कबीर का जन्म चौदहवीं शताब्दी में काशी में माना जाता है; वे करघे पर कपड़ा बुनते थे और उनकी रचनाएँ मुख्यतः कबीर ग्रंथावली में संगृहीत हैं। पाठ का स्रोत कबीर वचनावली (संपादक — अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’) है।

How to Download NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 PDF

Follow these simple steps to get the कबीर के दोहे questions-and-answers PDF from मल्हार.

  1. Search NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 aglasem and open this page.
  2. Read the exercise questions with answers for कबीर के दोहे shown above.
  3. Click the Download PDF link to save the कबीर के दोहे solutions to your device.

NCERT Solutions for Class 8 Hindi – All Chapters

There are more chapters to study besides कबीर के दोहे in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 8 Hindi.

  • Chapter 1 स्वदेश
  • Chapter 2 दो गौरैया
  • Chapter 3 एक आशीर्वाद
  • Chapter 4 हरिद्वार
  • Chapter 5 कबीर के दोहे
  • Chapter 6 एक टोकरी भर मिट्टी
  • Chapter 7 मत बाँधो
  • Chapter 8 नए मेहमान
  • Chapter 9 आदमी का अनुपात
  • Chapter 10 तरुण के स्वप्न

NCERT Solutions for Class 8 – All Subjects

Just like Chapter 5 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 8. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 8.

  • English
  • Hindi
  • Maths
  • Sanskrit
  • Science
  • Social Science

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 – An Overview

The key highlights of this study material are as follows.

AspectsDetails
ClassClass 8
SubjectHindi
Chapter NumberChapter 5
Chapter Nameकबीर के दोहे
Book Nameमल्हार
Book ByNCERT (National Council of Educational Research and Training)
Educational Resource HereNCERT Solutions of Class 8 Hindi Chapter 5 for all exercises
More Questions Answers of This SubjectNCERT Solutions for Class 8 Hindi
Download Book ChapterNCERT Book Class 8 Hindi
All Questions Answers For This ClassNCERT Solutions for Class 8
Complete SolutionsNCERT Solutions

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 कबीर के दोहे – FAQs

What are the NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 कबीर के दोहे?

They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 5 कबीर के दोहे from the NCERT Class 8 Hindi textbook मल्हार, written by experts as per the latest NCERT syllabus.

How can I download the Class 8 Hindi Chapter 5 solutions PDF for free?

Open this page on aglasem, read the कबीर के दोहे questions with answers, and click the “Download Solutions PDF” link. The Class 8 Hindi Chapter 5 NCERT Solutions PDF is completely free to download.

Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?

Yes. The NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 are based on the latest NCERT textbook मल्हार and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.

Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 8 Hindi?

You can find the answers to every chapter on the NCERT Solutions for Class 8 Hindi page, and solutions for every subject on the NCERT Solutions for Class 8 page.

How do NCERT Solutions help in exam preparation?

They show the correct method to solve each question, help you write answers the way they are expected in exams, let you check and correct your own work, and save revision time — which together improve your marks in Class 8 Hindi.

If you have any queries on NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 कबीर के दोहे, then please ask in the comments below.

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