Download Sannimitte Varan Tyagah (ka-bhagah) (सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः)) – NCERT Class 8 Sanskrit Chapter 10 PDF from the new NCERT Class 8 Sanskrit book Deepakam (2026-27). Read the chapter online or download the free PDF. पाठ का स्रोत और रूप — पाठ ‘हितोपदेशः’ से लिया गया है और यह गद्य तथा संवाद (नाट्य) दोनों में चलता है — कथावाचन के बीच-बीच में ‘राजा –’, ‘वीरवरः –’, ‘मन्त्री –’, ‘राजलक्ष्मीः –’ के संवाद और कोष्ठक में रङ्गसंकेत (जैसे स्वगतम्, तदालोक्य, साष्टाङ्गं…
Sannimitte Varan Tyagah (ka-bhagah) (सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः)) PDF – Chapter 10 of Deepakam
Read the chapter online or download the PDF.
| Chapter | Download | |
|---|---|---|
| Chapter 10 PDF | Sannimitte Varan Tyagah (ka-bhagah) (सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः)) | View PDF |
| Full book | NCERT Class 8 Sanskrit – Deepakam | View Book |
Read Online
What Is in Sannimitte Varan Tyagah (ka-bhagah) (सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः))? (Class 8 Sanskrit Chapter 10)
- पाठ का स्रोत और रूप — पाठ ‘हितोपदेशः’ से लिया गया है और यह गद्य तथा संवाद (नाट्य) दोनों में चलता है — कथावाचन के बीच-बीच में ‘राजा –’, ‘वीरवरः –’, ‘मन्त्री –’, ‘राजलक्ष्मीः –’ के संवाद और कोष्ठक में रङ्गसंकेत (जैसे स्वगतम्, तदालोक्य, साष्टाङ्गं नमस्कृत्य) आते हैं। पाठ दो भागों में है; यह ‘क-भागः’ है, आगे की कथा ग्यारहवें पाठ (ख-भागः) में है।
- कथा का ढाँचा — शोभावती नगरी → महापराक्रमी, नानाशास्त्रवित्, पूतचरित्र राजा शूद्रक → आजीविका के लिए आया राजपुत्र वीरवर (साथ में पत्नी वेदरता, पुत्र शक्तिधर, कन्या वीरवती) → चार सौ स्वर्णमुद्रा प्रतिदिन का वेतन माँगना → राजा का ‘नैतच्छक्यम्’ → मन्त्रियों की सलाह से चार दिन की परीक्षा → कृष्णचतुर्दशी की आधी रात का क्रन्दन → राजलक्ष्मी का प्रकट होना और दुःसाध्य उपाय बताना।
- वीरवर का चरित्र — वह अपनी ‘सामग्री’ केवल ‘इमौ बाहू, एष खड्गश्च’ बताता है। वेतन का आधा देवताओं को, बचे हुए का आधा दरिद्रों को, और शेष चौथाई ही पत्नी के हाथ में देता है — तथा धृतायुधः अहर्निशं राजद्वार की सेवा करता है। यही ‘कर्तव्यनिष्ठा’ पाठ का प्राण है।
- शीर्षक का अर्थ — ‘सन्निमित्ते वरं त्यागः’ = अच्छे निमित्त (सत्कार्य) के लिए त्याग ही श्रेष्ठ है। राजलक्ष्मी की शर्त — ‘यदि त्वया स्वस्य सर्वतः प्रियं वस्तु सहासवदनेन भगवत्यै सर्वमङ्गलायै उपहारः क्रियेत’ — इसी शीर्षक को खोलती है: सबसे प्रिय वस्तु का हँसते मुख से त्याग।
- व्याकरण का केन्द्र (अत्र इदम् अवधेयम्) — दो बातें: (1) वाक्यान्वयः — संस्कृत का मुक्त पदविन्यास; ‘रामः वनम् अगच्छत् / अगच्छत् रामः वनम् / वनम् अगच्छत् रामः’ — तीनों शुद्ध हैं, इसलिए पाठक को पहले विभक्ति देखकर अन्वय करना चाहिए। (2) भूतकालः — लङ्-लकार (उपागच्छत्, अनयत्, व्यचिन्तयत्), लट् + स्म (प्रतिवसति स्म), क्तवतु-प्रत्यय (श्रुतवान्) तथा क्त-प्रत्यय (निर्गतः, नियोजितः, आलोकिता)।
- योग्यताविस्तरः — पाठ के भाव के अनुरूप तीन श्लोक दिए गए हैं — कुर्वन्नेवेह कर्माणि… (यजुर्वेदः ४०.२), यथा छायातपौ… (पञ्चतन्त्रम्), कार्ये कर्मणि निर्वृत्ते… (वाल्मीकि-रामायणम्) — तथा ‘पठत बोधत’ में जीमूतवाहनस्य कथा और परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः… श्लोक।
त्वरित पुनरावृत्ति – Sannimitte Varan Tyagah (ka-bhagah) (सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः))
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी अर्थ | English |
|---|---|---|---|
| महीपतिः | भूपालः | राजा | King |
| महापराक्रमी | अतिबलशाली | बहुत बलवान् | Very brave |
| नानाशास्त्रवित् | अनेकेषां शास्त्राणां ज्ञाता | अनेक शास्त्रों का ज्ञाता | Who knows many shastras |
| पूतचरित्रः | पवित्रं चरित्रं यस्य | पवित्र चरित्र वाला | Of high character |
| प्रतिवसति स्म | अवसत् | रहता था | Lived |
| वृत्त्यर्थम् | आजीविकां प्राप्तुम् | आजीविका पाने के लिए | To get livelihood |
| समायाताः | आगतवन्तः | आए | Came |
| प्रतिहारम् | द्वारपालम् | द्वारपाल को | To the door-keeper |
| दौवारिकः | द्वारपालकः | द्वारपाल | Gate-keeper |
| वर्तनम् | वेतनम् | वेतन | Salary |
| उपपन्नम् | उपयुक्तम् / युक्तियुक्तम् | उपयुक्त, उचित | Appropriate, Suitable |
| सुवर्णशतचतुष्टयम् | चतुश्शतसंख्यकाः स्वर्णमुद्राः | चार सौ स्वर्णमुद्राएँ | Four hundred gold coins |
| निर्गतः | बहिः गतवान् | बाहर चला गया | Went out |
| आलोक्य | दृष्ट्वा | देखकर | After seeing |
Old NCERT vs New – Class 8 Sanskrit
This chapter is from Deepakam, the new NCERT Class 8 Sanskrit book (NCF-SE 2023, used from 2025-26). It replaced the old book “Ruchira”, so chapter numbers and names differ from older PDFs.
Solutions and All Chapters
Answers to the exercises and the full chapter list of Deepakam:
Sannimitte Varan Tyagah (ka-bhagah) (सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः)) – Overview
| Class | Class 8 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Deepakam – new NCERT book |
| Chapter | 10 of 15 – Sannimitte Varan Tyagah (ka-bhagah) (सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः)) |
| Edition | NCERT Reprint 2026-27 |
| Session | 2026-27 |
| Free – read online or download |
Class 8 Sanskrit Chapter 10 – FAQs
Where can I download Sannimitte Varan Tyagah (ka-bhagah) (सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः)) Class 8 PDF?
From the download table on this page – the chapter PDF is free, and the full book is linked too.
What is Class 8 Sanskrit Chapter 10 about?
पाठ का स्रोत और रूप — पाठ ‘हितोपदेशः’ से लिया गया है और यह गद्य तथा संवाद (नाट्य) दोनों में चलता है — कथावाचन के बीच-बीच में ‘राजा –’, ‘वीरवरः –’, ‘मन्त्री –’, ‘राजलक्ष्मीः –’ के संवाद और कोष्ठक में रङ्गसंकेत (जैसे स्वगतम्, तदालोक्य, साष्टाङ्गं नमस्कृत्य) आते हैं। पाठ दो भागों में है; यह ‘क-भागः’ है, आगे की कथा ग्यारहवें पाठ (ख-भागः) में है।
Is Sannimitte Varan Tyagah (ka-bhagah) (सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः)) from the new NCERT Class 8 Sanskrit book?
Yes. It is chapter 10 of deepakam, the new NCERT Class 8 Sanskrit book for 2026-27.
Is this the latest NCERT edition for 2026-27?
Yes – the PDF is NCERT’s latest edition for the 2026-27 session.
Where are the NCERT Solutions for Class 8 Sanskrit Chapter 10?
Open the NCERT Solutions link above for answers to the exercise questions.












