NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 2 Gol provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter Gol of the NCERT textbook Malhar. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 6 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 6 Hindi Chapter 2 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 2 Gol
- Class: Class 6
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 2 – Gol
- Textbook: Malhar (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 2 Gol — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 25 questions of this chapter. The questions solved are:
- नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए— (1) “दोस्त, खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं। मैंने तो अपना बदला ले ही लिया है। अगर तुम मुझे हॉकी नहीं मारते तो शायद मैं तुम्हें दो ही गोल से हराता।” मेजर ध्यानचंद की इस बात से उनके बारे में क्या पता चलता है? • वे अत्यंत क्रोधी थे। • वे अच्छे ढंग से बदला लेते थे। • उन्हें हॉकी से मारने पर वे अधिक गोल करते थे। • वे जानते थे कि खेल को सही भावना से खेलना चाहिए।
- (2) लोगों ने मेजर ध्यानचंद को ‘हॉकी का जादूगर’ कहना क्यों शुरू कर दिया? • उनके हॉकी खेलने के विशेष कौशल के कारण • उनकी हॉकी स्टिक की अनोखी विशेषताओं के कारण • हॉकी के लिए उनके विशेष लगाव के कारण • उनकी खेल भावना के कारण
- (ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
- पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं। शब्द: 1. लांस नायक 2. बर्लिन ओलंपिक 3. पंजाब रेजिमेंट 4. सैंपर्स एंड माइनर्स टीम 5. सूबेदार 6. छावनी — अर्थ या संदर्भ: 1. स्वतंत्रता से पहले सूबेदार भारतीय सैन्य अधिकारियों का दूसरा सबसे बड़ा पद था। 2. भारतीय सेना का एक पद (रैंक) है। 3. सैनिकों के रहने का क्षेत्र। 4. वर्ष 1936 में जर्मनी के बर्लिन शहर में आयोजित ओलंपिक खेल प्रतियोगिता, जिसमें 49 देशों ने भाग लिया था। 5. स्वतंत्रता से पहले अंग्रेज़ों की भारतीय सेना का एक दल। 6. अंग्रेज़ों के समय का एक हॉकी दल।
- पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार कक्षा में अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए— (क) “बुरा काम करने वाला आदमी हर समय इस बात से डरता रहता है कि उसके साथ भी बुराई की जाएगी।”
- (ख) “मेरी तो हमेशा यह कोशिश रहती कि मैं गेंद को गोल के पास ले जाकर अपने किसी साथी खिलाड़ी को दे दूँ ताकि उसे गोल करने का श्रेय मिल जाए। अपनी इसी खेल भावना के कारण मैंने दुनिया के खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया।”
- संस्मरण को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए— (क) ध्यानचंद की सफलता का क्या रहस्य था?
- (ख) किन बातों से ऐसा लगता है कि ध्यानचंद स्वयं से पहले दूसरों को रखते थे?
- “उन दिनों में मैं, पंजाब रेजिमेंट की ओर से खेला करता था।” इस वाक्य को पढ़कर ऐसा लगता है मानो लेखक आपसे यानी पाठक से अपनी यादों को साझा कर रहा है। ध्यान देंगे तो इस पाठ में ऐसी और भी अनेक विशेष बातें आपको दिखाई देंगी। इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए। (क) अपने-अपने समूह में मिलकर इस संस्मरण की विशेषताओं की सूची बनाइए।
- (ख) अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
- (क) “जैसे-जैसे मेरे खेल में निखार आता गया, वैसे-वैसे मुझे तरक्की भी मिलती गई।” इस वाक्य में ‘जैसे-जैसे’ और ‘वैसे-वैसे’ शब्दों के जोड़े हैं जिनमें एक ही शब्द दो बार उपयोग में लाया गया है। ऐसे जोड़ों को ‘शब्द-युग्म’ कहते हैं। शब्द-युग्म में दो शब्दों के बीच में छोटी-सी रेखा लगाई जाती है जिसे योजक चिह्न कहते हैं। योजक यानी जोड़ने वाला। आप भी ऐसे पाँच शब्द-युग्म लिखिए।
- (ख) “खेल के मैदान में धक्का-मुक्की और नोंक-झोंक की घटनाएँ होती रहती हैं।” इस वाक्य में भी आपको दो शब्द-युग्म दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इन शब्द-युग्मों के दोनों शब्द भिन्न-भिन्न हैं, एक जैसे नहीं हैं। आप भी ऐसे पाँच शब्द-युग्म लिखिए जिनमें दोनों शब्द भिन्न-भिन्न हों।
- (ग) “हार या जीत मेरी नहीं, बल्कि पूरे देश की है।” “आज मैं जहाँ भी जाता हूँ बच्चे व बूढ़े मुझे घेर लेते हैं।” इन वाक्यों में जिन शब्दों के नीचे रेखा खिंची है, उन्हें ध्यान से पढ़िए। हम इन शब्दों को योजक की सहायता से भी लिख सकते हैं, जैसे— हार-जीत, बच्चे-बूढ़े आदि। आप नीचे दिए गए शब्दों को योजक की सहायता से लिखिए— • अच्छा या बुरा • छोटा या बड़ा • अमीर और गरीब • उत्तर और दक्षिण • गुरु और शिष्य • अमृत या विष
- “मैंने तो अपना बदला ले ही लिया है।” “मैंने तो अपना बदला ले लिया है।” इन दोनों वाक्यों में क्या अंतर है? ध्यान दीजिए और बताइए। सही पहचाना! दूसरे वाक्य में एक शब्द कम है। उस एक शब्द के न होने से वाक्य के अर्थ में भी थोड़ा अंतर आ गया है। हम अपनी बात पर बल देने के लिए कुछ विशेष शब्दों का प्रयोग करते हैं जैसे— ‘ही’, ‘भी’, ‘तो’ आदि। पाठ में से इन शब्दों वाले वाक्यों को चुनकर लिखिए। ध्यान दीजिए कि यदि उन वाक्यों में ये शब्द न होते तो उनके अर्थ पर इसका क्या प्रभाव पड़ता।
- (क) ध्यानचंद के स्थान पर आप होते तो क्या आप बदला लेते? यदि हाँ, तो बताइए कि आप बदला किस प्रकार लेते?
- (ख) आपको कौन-से खेल और कौन-से खिलाड़ी सबसे अधिक अच्छे लगते हैं? क्यों?
- (क) क्या आप समाचार-पत्र पढ़ते हैं? समाचार-पत्रों में प्रतिदिन खेल के समाचारों का एक पृष्ठ प्रकाशित होता है। अपने घर या पुस्तकालय से पिछले सप्ताह के समाचार पत्रों को देखिए। अपनी पसंद का एक खेल-समाचार अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
- (ख) मान लीजिए कि आप एक खेल-संवाददाता हैं और किसी खेल का आँखों देखा प्रसारण कर रहे हैं। अपने समूह के साथ मिलकर कक्षा में उस खेल का आँखों देखा हाल प्रस्तुत कीजिए। (संकेत— इस कार्य में आप आकाशवाणी या दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले खेल-प्रसारणों की कमेंटरी की शैली का उपयोग कर सकते हैं। बारी-बारी से प्रत्येक समूह कक्षा में सामने डेस्क या कुर्सियों पर बैठ जाएगा और पाँच मिनट के लिए किसी खेल के सजीव प्रसारण की कमेंटरी का अभिनय करेगा।)
- कुछ लोग प्रतिदिन थोड़ी-थोड़ी बातें किसी स्थान पर लिख लेते हैं। जो वे सोचते हैं, या जो उनके साथ उस दिन हुआ या जो उन्होंने देखा, उसे ईमानदारी से लिख लेते हैं या टाइप कर लेते हैं। इसे डायरी लिखना कहते हैं। क्या आप भी अपने मन की बातों और विचारों को लिखना चाहते हैं? यदि हाँ, तो आज से ही प्रारंभ कर दीजिए— • आप जहाँ लिखेंगे, वह माध्यम चुन लीजिए। आप किसी लेखन-पुस्तिका में या ऑनलाइन मंचों पर लिख सकते हैं। • आप प्रतिदिन, कुछ दिनों में एक बार या जब कुछ लिखने का मन करे तब लिख सकते हैं। • शब्दों या वाक्यों की कोई सीमा नहीं है चाहे दो वाक्य हों या दो पृष्ठ। आप जो मन में आए उसे उचित और शालीन शब्दों में लिख सकते हैं।
- यहाँ एक रोचक पहेली दी गई है। इसमें आपको तीन खिलाड़ी दिखाई दे रहे हैं। आपको पता लगाना है कि कौन-से खिलाड़ी द्वारा गोल किया जाएगा—
- आपने हॉकी के बारे में बहुत-कुछ बात की होगी। अब हम हॉकी जैसे ही अनोखे खेल के बारे में पढ़ेंगे जिसे आप जैसे लाखों बच्चे अपने गली-मुहल्लों में खेलते हैं। इस खेल का नाम है— डाँडी या गोथा। (‘डाँडी या गोथा’ पढ़िए और समझिए कि यह खेल कैसे खेला जाता है और यह हॉकी से किन बातों में अलग है।)
- (क) आपने इस खेल के नियम पढ़कर अच्छी तरह समझ लिए हैं। अब अपने मित्रों के साथ मिलकर ‘डाँडी’ या ‘गोथा’ खेल खेलिए।
- (ख) आप भी ‘डाँडी’ या ‘गोथा’ जैसे अनेक स्वदेशी खेल अपने मित्रों के साथ मिलकर अपने विद्यालय, घर या मोहल्ले में खेलते होंगे। अब आप ऐसे ही किसी एक खेल के नियम इस प्रकार से लिखिए कि उन्हें पढ़कर कोई भी बच्चा उस खेल को समझ सके और खेल सके।
- नीचे ध्यानचंद जी के विषय में कुछ सामग्री दी गई है जैसे— फिल्में, साक्षात्कार आदि, इन्हें पुस्तक में दिए गए क्यू.आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें। • हॉकी के जादूगर – मेजर ध्यानचंद – प्रेरक गाथाएँ • हॉकी के जादूगर- मेजर ध्यानचंद • ओलंपिक • मेजर ध्यानचंद से साक्षात्कार
- पढ़ने के लिए — ‘एक दौड़ ऐसी भी’। कई साल पहले ओलंपिक खेलों के दौरान एक विशेष दौड़ होने जा रही थी। सौ मीटर की इस दौड़ में एक आश्चर्यजनक घटना हुई। नौ प्रतिभागी आरंभिक रेखा पर तैयार खड़े थे। उन सभी को कोई-न-कोई शारीरिक विकलांगता थी… इस रचना को पढ़िए और इसका भाव समझिए।
Chapter at a Glance
- गोल मेजर ध्यानचंद का लिखा हुआ संस्मरण है, यानी अपने जीवन की सच्ची यादों का लेखा। यह उनकी आत्मकथा ‘गोल’ का एक अंश है और पूरा पाठ ‘मैं’ शैली में यानी स्वयं खिलाड़ी की ज़बानी कहा गया है।
- पहली घटना (सन् 1933): पंजाब रेजिमेंट और ‘सैंपर्स एंड माइनर्स टीम’ के मुक़ाबले में एक विरोधी खिलाड़ी ने गुस्से में ध्यानचंद के सिर पर हॉकी स्टिक दे मारी। पट्टी बाँधकर लौटे ध्यानचंद ने उसकी पीठ थपथपाकर कहा — “इसका बदला मैं ज़रूर लूँगा”, और फिर एक के बाद एक छह गोल कर दिए। यही उनका ‘बदला’ था।
- जीवन-परिचय: जन्म सन् 1905 में प्रयाग में, बाद में परिवार झाँसी आ बसा। 16 साल की उम्र में ‘फर्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट’ में साधारण सिपाही बने। सूबेदार मेजर तिवारी के बार-बार कहने पर हॉकी खेलना शुरू किया — तब तक वे एक नौसिखिया खिलाड़ी थे।
- बर्लिन ओलंपिक, 1936: लांस नायक ध्यानचंद को भारतीय हॉकी टीम का कप्तान बनाया गया। उनका खेल देखकर लोगों ने उन्हें “हॉकी का जादूगर” कहना शुरू कर दिया। भारत ने स्वर्ण पदक जीता।
- पाठ का संदेश: सफलता का कोई गुरु-मंत्र नहीं होता — “लगन, साधना और खेल भावना ही सफलता के सबसे बड़े मंत्र हैं।” ध्यानचंद गेंद गोल के पास ले जाकर साथी को दे देते थे ताकि गोल का श्रेय उसे मिले, और मानते थे कि “हार या जीत मेरी नहीं, बल्कि पूरे देश की है।”
- भाषा-अभ्यास में शब्द-युग्म (जैसे-जैसे, धक्का-मुक्की, हार-जीत), योजक चिह्न और बात पर बल देने वाले शब्द ‘ही’, ‘भी’, ‘तो’ पढ़ाए गए हैं। साथ में एक भूल-भुलैया वाली पहेली, भील-भिलाला बच्चों के खेल ‘डाँडी या गोथा’ का परिचय और पढ़ने के लिए मार्मिक कहानी ‘एक दौड़ ऐसी भी’ दी गई है।
How to Download NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 2 PDF
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NCERT Solutions for Class 6 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides Gol in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 6 Hindi.
- Chapter 1 Matribhumi
- Chapter 2 Gol
- Chapter 3 Pehli Boond
- Chapter 4 Haar Ki Jeet
- Chapter 5 Rahim Ke Dohe
- Chapter 6 Meri Maa
- Chapter 7 Jalate Chalo
- Chapter 8 Sattriya Aur Bihu Nritya
- Chapter 9 Maiya Main Nahin Makhan Khayo
- Chapter 10 Pariksha
- Chapter 11 Chetak Ki Veerta
- Chapter 12 Hind Mahasagar Mein Chhota Sa Hindustan
- Chapter 13 Ped Ki Baat
NCERT Solutions for Class 6 – All Subjects
Just like Chapter 2 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 6. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 6.
NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 2 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 2 |
| Chapter Name | Gol |
| Book Name | Malhar |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
| Educational Resource Here | NCERT Solutions of Class 6 Hindi Chapter 2 for all exercises |
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NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 2 Gol – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 2 Gol?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 2 Gol from the NCERT Class 6 Hindi textbook Malhar, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
How can I download the Class 6 Hindi Chapter 2 solutions PDF for free?
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Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?
Yes. The NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 2 are based on the latest NCERT textbook Malhar and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 6 Hindi?
You can find the answers to every chapter on the NCERT Solutions for Class 6 Hindi page, and solutions for every subject on the NCERT Solutions for Class 6 page.
How do NCERT Solutions help in exam preparation?
They show the correct method to solve each question, help you write answers the way they are expected in exams, let you check and correct your own work, and save revision time — which together improve your marks in Class 6 Hindi.
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