NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 1 Matribhumi provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter Matribhumi of the NCERT textbook Malhar. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 6 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 6 Hindi Chapter 1 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 1 Matribhumi
- Class: Class 6
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 1 – Matribhumi
- Textbook: Malhar (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 1 Matribhumi — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
NCERT Solutions Class 6 Hindi Chapter 1 मातृभूमि View Download
























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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 27 questions of this chapter. The questions solved are:
- नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए— (1) हिंद महासागर के लिए कविता में कौन-सा शब्द आया है? • चरण • हिमालय • वंशी • सिंधु
- मातृभूमि कविता में मुख्य रूप से— • भारत की प्रशंसा की गई है। • भारत के महापुरुषों की जय की गई है। • भारत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की गई है। • भारतवासियों की वीरता का बखान किया गया है।
- अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
- पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। शब्द: 1. हिमालय 2. त्रिवेणी 3. मलय पवन 4. सिंधु 5. गंगा-यमुना 6. रघुपति 7. श्रीकृष्ण 8. सीता 9. गीता 10. गौतम बुद्ध — अर्थ या संदर्भ: 1. एक प्रसिद्ध महापुरुष, बौद्ध धर्म के प्रवर्तक। 2. वसुदेव के पुत्र वासुदेव। 3. भारत की प्रसिद्ध नदियाँ। 4. तीन नदियों की मिली हुई धारा, संगम। 5. श्री रामचंद्र का एक नाम, दशरथ के पुत्र। 6. दक्षिणी भारत के मलय पर्वत से चलने वाली सुगंधित वायु। 7. एक प्रसिद्ध और प्राचीन ग्रंथ ‘श्रीमद्भगवद्गीता’, इसमें वे प्रश्न-उत्तर और संवाद हैं जो महाभारत में श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच हुए थे। 8. समुद्र, एक नदी का नाम। 9. जनक की पुत्री जानकी। 10. भारत की उत्तरी सीमा पर फैली पर्वत-माला।
- कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार कक्षा में अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए— “वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी। वह मातृभूमि मेरी, वह जन्मभूमि मेरी।”
- कविता को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए। 1. कोयल कहाँ रहती है?
- तन-मन कौन सँवारती है?
- झरने कहाँ से झरते हैं?
- श्रीकृष्ण ने क्या सुनाया था?
- गौतम ने किसका यश बढ़ाया?
- “नदियाँ लहर रही हैं / पग पग छहर रही हैं” — ‘लहर’ का अर्थ होता है— पानी का हिलोरा, मौज, उमंग, वेग, जोश। ‘छहर’ का अर्थ होता है— बिखरना, छितराना, छिटकना, फैलना। कविता पढ़कर पता लगाइए और लिखिए— कहाँ-कहाँ छटा छहर रही हैं?
- किसका पानी लहर रहा है?
- “गंगा यमुन त्रिवेणी / नदियाँ लहर रही हैं” — ‘यमुन’ शब्द यहाँ ‘यमुना’ नदी के लिए आया है। कभी-कभी कवि कविता की लय और सौंदर्य को बढ़ाने के लिए इस प्रकार से शब्दों को थोड़ा बदल देते हैं। यदि आप कविता को थोड़ा और ध्यान से पढ़ेंगे तो आपको और भी बहुत-सी विशेषताएँ पता चलेंगी। आपको जो विशेष बातें दिखाई दें, उन्हें आपस में साझा कीजिए और लिखिए। जैसे सबसे ऊपर इस कविता का एक शीर्षक है।
- स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलते-जुलते भाव वाली पंक्तियों को रेखा खींचकर जोड़िए— स्तंभ 1: 1. वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी। 2. चिड़ियाँ चहक रही हैं, हो मस्त झाड़ियों में। 3. अमराइयाँ घनी हैं, कोयल पुकारती है। — स्तंभ 2: 1. यहाँ आम के घने उद्यान हैं जिनमें कोयल आदि पक्षी चहचहा रहे हैं। 2. मैंने उस भूमि पर जन्म लिया है। वह भूमि मेरी माँ समान है। 3. वहाँ की जलवायु इतनी सुखदायी है कि पक्षी पेड़-पौधों के बीच प्रसन्नता से गीत गा रहे हैं।
- अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए— “अमराइयाँ घनी हैं / कोयल पुकारती है” — कोयल क्यों पुकार रही होगी? किसे पुकार रही होगी? कैसे पुकार रही होगी?
- “बहती मलय पवन है, / तन मन सँवारती है” — पवन किसका तन-मन सँवारती है? वह यह कैसे करती है?
- “जगमग छटा निराली, / पग पग छहर रही हैं” — इन पंक्तियों में ‘पग’ शब्द दो बार आया है। इसका अर्थ है ‘हर पग’ या ‘हर कदम’ पर। शब्दों के ऐसे ही कुछ जोड़े नीचे दिए गए हैं। इनके अर्थ लिखिए— घर-घर, बाल-बाल, साँस-साँस, देश-देश, पर्वत-पर्वत
- “वह युद्ध-भूमि मेरी / वह बुद्ध-भूमि मेरी” — कविता में ‘भूमि’ शब्द में अलग-अलग शब्द जोड़कर नए-नए शब्द बनाए गए हैं। आप भी कुछ नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ पता कीजिए— (संकेत— तप, देव, भारत, जन्म, कर्म, कर्तव्य, मरु, मलय, मल्ल, यज्ञ, रंग, रण, सिद्ध आदि)
- “जग को दया सिखाई, / जग को दिया दिखाया।” — ‘दया’ और ‘दिया’ में केवल एक मात्रा का अंतर है, लेकिन इस एक मात्रा के कारण शब्द का अर्थ पूरी तरह बदल गया है। आप भी अपने समूह में मिलकर ऐसे शब्दों की सूची बनाइए जिनमें केवल एक मात्रा का अंतर हो, जैसे घड़ा-घड़ी।
- इस कविता में भारत का सुंदर वर्णन किया गया है। आप भारत के किस स्थान पर रहते हैं? वह स्थान आपको कैसा लगता है? उस स्थान की विशेषताएँ बताइए। (संकेत— प्रकृति, खान-पान, जलवायु, प्रसिद्ध स्थान आदि)
- अपने परिवार के किसी सदस्य या मित्र के बारे में लिखिए। उसकी कौन-कौन सी बातें आपको अच्छी लगती हैं?
- “श्रीकृष्ण ने सुनाई, / वंशी पुनीत गीता” — ‘वंशी’ बाँसुरी को कहते हैं। यह मुँह से फूँक कर बजाया जाने वाला एक ‘वाद्य’ यानी बाजा है। नीचे फूँक कर बजाए जाने वाले कुछ वाद्यों के चित्र दिए गए हैं। इनके नाम शब्द-जाल से खोजिए और सही चित्र के नीचे लिखिए।
- आज हम आपके लिए एक अनोखी पहेली लाए हैं। नीचे कुछ अक्षर दिए गए हैं। आप इन्हें मिलाकर कोई सार्थक शब्द बनाइए। अक्षरों को आगे-पीछे किया जा सकता है यानी उनका क्रम बदला जा सकता है। आप अपने मन से किसी भी अक्षर के साथ कोई मात्रा भी लगा सकते हैं। पहला शब्द हमने आपके लिए पहले ही बना दिया है। 1. स म ह ग र = महासागर, 2. ह म य ल, 3. ग ग, 4. भ त र, 5. ल क य, 6. व न प
- आप अपने विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ गाते होंगे। ‘वंदे मातरम्’ बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचा गया था। यह गीत स्वतंत्रता की लड़ाई में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत था। भारत में इसका स्थान ‘जन गण मन’ के समान है। क्या आप इसका अर्थ जानते-समझते हैं? आइए, आज हम पहले इसका अर्थ समझ लेते हैं, फिर समूह में चर्चा करेंगे—
- आपने ‘मातृभूमि’ कविता को भी पढ़ा और ‘वंदे मातरम्’ को भी। अब कक्षा में चर्चा कीजिए और पता लगाइए कि इन दोनों में कौन-कौन सी बातें एक जैसी हैं और कौन-कौन सी बातें कुछ अलग हैं।
- नीचे पाठ से संबंधित कुछ रचनाएँ दी गई हैं, इन्हें पुस्तक में दिए गए क्यू.आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें। • स्वाधीनता की सरगम— वंदना के इन स्वरों में • ना हाथ एक शस्त्र हो • पुष्प की अभिलाषा • यह महिमामय अपना भारत
- पढ़ने के लिए — ‘पुष्प की अभिलाषा’ (माखनलाल चतुर्वेदी): “चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ, / चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ, / चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हे हरि डाला जाऊँ, / चाह नहीं, देवों के सिर पर चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ, / मुझे तोड़ देना वनमाली! / उस पथ में देना तुम फेंक। / मातृ-भूमि पर शीश चढ़ाने, / जिस पथ जावें वीर अनेक।” — इस कविता को पढ़िए और इसका भाव समझिए।
Chapter at a Glance
- मातृभूमि सोहनलाल द्विवेदी की देशभक्ति की कविता है। इसमें कवि भारत को अपनी माँ मानकर उसके प्राकृतिक सौंदर्य और गौरवशाली इतिहास का गान करता है।
- कविता का पहला चित्र प्रकृति का है — ऊँचा हिमालय आकाश चूमता है, चरणों में सिंधु (समुद्र) झूमता है, गंगा-यमुना-त्रिवेणी लहरती हैं, पहाड़ियों से झरने झरते हैं, अमराइयों में कोयल पुकारती है और मलय पवन तन-मन सँवारती है।
- दूसरा चित्र महापुरुषों का है — इसी भूमि पर रघुपति राम और सीता ने जन्म लिया, श्रीकृष्ण ने वंशी और पवित्र गीता सुनाई, और गौतम बुद्ध ने जग को दया सिखाई।
- कविता की टेक है — “वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी।” यह हर छंद के बाद लौटती है और भारत को पुण्य-भूमि, स्वर्ण-भूमि, धर्मभूमि, कर्मभूमि, युद्ध-भूमि और बुद्ध-भूमि कहकर पुकारती है।
- काव्य-सौंदर्य में मानवीकरण (हिमालय चूमता है, सिंधु झूमता है), अनुप्रास (“पग पग छहर”, “झरने अनेक झरते”) और पुनरुक्त शब्द (पग-पग) देखने योग्य हैं।
- भाषा-अभ्यास में पुनरुक्त शब्दों के अर्थ, ‘भूमि’ से बने नए शब्द, एक मात्रा के अंतर वाले शब्द-युग्म (दया-दिया), फूँककर बजाए जाने वाले वाद्यों का शब्द-जाल और अक्षरों से शब्द बनाने की पहेली शामिल हैं। अंत में ‘वंदे मातरम्’ का भावार्थ और माखनलाल चतुर्वेदी की ‘पुष्प की अभिलाषा’ पढ़ने को दी गई है।
How to Download NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 1 PDF
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NCERT Solutions for Class 6 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides Matribhumi in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 6 Hindi.
- Chapter 1 Matribhumi
- Chapter 2 Gol
- Chapter 3 Pehli Boond
- Chapter 4 Haar Ki Jeet
- Chapter 5 Rahim Ke Dohe
- Chapter 6 Meri Maa
- Chapter 7 Jalate Chalo
- Chapter 8 Sattriya Aur Bihu Nritya
- Chapter 9 Maiya Main Nahin Makhan Khayo
- Chapter 10 Pariksha
- Chapter 11 Chetak Ki Veerta
- Chapter 12 Hind Mahasagar Mein Chhota Sa Hindustan
- Chapter 13 Ped Ki Baat
NCERT Solutions for Class 6 – All Subjects
Just like Chapter 1 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 6. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 6.
NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 1 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 1 |
| Chapter Name | Matribhumi |
| Book Name | Malhar |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 1 Matribhumi – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 1 Matribhumi?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 1 Matribhumi from the NCERT Class 6 Hindi textbook Malhar, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
How can I download the Class 6 Hindi Chapter 1 solutions PDF for free?
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Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?
Yes. The NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 1 are based on the latest NCERT textbook Malhar and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 6 Hindi?
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