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NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 8 Sattriya Aur Bihu Nritya (PDF) – 2027

NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 8 Sattriya Aur Bihu Nritya – step-by-step answers to every exercise and in-text question of the chapter, as per the latest NCERT syllabus for 2027. Read them online or download the free question-answer PDF.

कक्षा 6 की हिंदी पाठ्यपुस्तक मल्हार का पाठ 8 सत्रिया और बिहू नृत्य जया मेहता का लिखा यात्रा-वर्णन है, जिसका हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया है। लंदन की दस साल की एंजेला अपनी डॉक्यूमेंट्री-निर्माता माँ एलेसेंड्रा के साथ असम आती है और वहाँ बिहू तथा सत्रिया — दो बिलकुल अलग मिज़ाज के नृत्यों से मिलती है। पृष्ठ 75 से 93 तक की हर गतिविधि — मेरी समझ से, मिलकर करें मिलान, पंक्तियों पर चर्चा, सोच-विचार के लिए, निबंध की रचना, अनुमान या कल्पना से, असम से जुड़े शब्द, तीन बिहू, आपकी बात, पूर्वोत्तर की यात्रा, टाइम मशीन, खिलौने विभिन्न प्रकार के, पत्र, आज की पहेली, झरोखे से/साझी समझ और खोजबीन के लिए — के उत्तर यहाँ क्रम से दिए गए हैं।

NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 8 Sattriya Aur Bihu Nritya PDF

All the answers are on this page below. The PDF also explains every answer – why it is right and how to check it – so download it for revision.

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NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 8 Sattriya Aur Bihu Nritya – Questions and Answers

All questions of the chapter are answered below, in the order of the book – in-text questions, activities and the end-of-chapter exercises. Each answer is written the way you would write it in the exam.

मेरी समझ से — पृष्ठ 82पाठ से

पाठ से
प्र.1(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए—
(1) माँ एलेसेंड्रा के बारे में कौन-सा कथन सत्य है?
• वे असम के जीवन के बारे में बहुत-कुछ जानती थीं।
• उन्हें असम, बिहू और सत्रिया नृत्य से बहुत प्रेम था।
• उन्होंने एंजेला को कुछ असमिया शब्द भी सिखाए।
• वे अपने कार्य में सहायता के लिए बेटी को लाई थीं।
उत्तर

सही उत्तर (★): वे असम के जीवन के बारे में बहुत-कुछ जानती थीं।

कारण: पाठ में माँ ही एंजेला को असम के बारे में बताती हैं — असम पूर्वोत्तर में है, बिहू कृषि आधारित त्योहार है और साल में तीन बार मनाया जाता है, और सत्रिया नृत्य की परंपरा में क्या बदलाव आया। बाक़ी विकल्प पाठ से मेल नहीं खाते; जैसे, असमिया शब्द माँ ने नहीं, अनु ने सिखाए थे।

प्र.2(2) “अनु और एंजेला ने तुरंत एक-दूसरे की तरफ़ देखा।” क्यों?
• अनु के पास खिलौने थे।
• दोनों की आयु एक समान थी।
• दोनों को अंग्रेज़ी भाषा आती थी।
• एंजेला अनु से असमिया भाषा सीखना चाहती थी।
उत्तर

सही उत्तर (★): दोनों की आयु एक समान थी।

कारण: पाठ में इसी वाक्य के ठीक बाद लिखा है — “उन दोनों की ही उम्र दस साल थी।” हमउम्र होने के कारण ही दोनों ने तुरंत एक-दूसरे की ओर देखा।

प्र.3(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर

पहले प्रश्न में मैंने ‘वे असम के जीवन के बारे में बहुत-कुछ जानती थीं’ चुना, क्योंकि माँ ने ही एंजेला को असम, बिहू और सत्रिया नृत्य के बारे में बताया; असमिया शब्द तो अनु ने सिखाए थे। दूसरे प्रश्न में मैंने ‘दोनों की आयु एक समान थी’ चुना, क्योंकि पाठ की अगली ही पंक्ति है — “उन दोनों की ही उम्र दस साल थी।”

मिलकर करें मिलान — पृष्ठ 82 और 83पाठ से

पाठ सेशब्द-मिलान
प्र.1पाठ में से कुछ शब्द चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं। उनसे संबंधित वाक्य स्तंभ 2 में दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर शब्दों का मिलान उपयुक्त वाक्यांशों से कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
स्तंभ 1स्तंभ 2
1. सत्र1. ग्रेगरी कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी 1901 से 31 दिसंबर 2000 तक का समय।
2. बोहाग बिहू2. ‘यूनाइटेड किंगडम’ और ‘इंग्लैंड’ की राजधानी।
3. लंदन3. ‘यूनाइटेड किंगडम’ देश की एक सरकारी संस्था।
4. गुवाहाटी4. असम में मनाया जाने वाला एक त्योहार। यह असम में नए साल की शुरुआत और बसंत के आगमन का प्रतीक है।
5. ब्रिटिश अकादमी5. भारत के असम राज्य का एक प्राचीन और सबसे बड़ा नगर है।
6. बीसवीं शताब्दी6. ये असम के मठ हैं। इनकी संख्या पाँच सौ से भी ज्यादा है। ये पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के स्थान हैं। सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति इन्हीं सत्रों में हुई है।
उत्तर

सही मिलान: 1 → 6, 2 → 4, 3 → 2, 4 → 5, 5 → 3, 6 → 1

स्तंभ 1स्तंभ 2
1. सत्र6. असम के मठ, जहाँ सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति हुई।
2. बोहाग बिहू4. असम में नए साल की शुरुआत और बसंत के आगमन का त्योहार।
3. लंदन2. ‘यूनाइटेड किंगडम’ और ‘इंग्लैंड’ की राजधानी।
4. गुवाहाटी5. असम राज्य का एक प्राचीन और सबसे बड़ा नगर।
5. ब्रिटिश अकादमी3. ‘यूनाइटेड किंगडम’ की एक सरकारी संस्था।
6. बीसवीं शताब्दी1. 1 जनवरी 1901 से 31 दिसंबर 2000 तक का समय।

पंक्तियों पर चर्चा — पृष्ठ 83पाठ से

पाठ सेभावार्थ
प्र.1(क) “असम, भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में है, जिसे अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। इसके साथ असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है।”
उत्तर

अर्थ: असम भारत के पूर्वोत्तर भाग का राज्य है। वह अपने वन्य-जीवन (जैसे एक सींग वाला गैंडा), रेशम (जैसे मूँगा सिल्क) और चाय के बागानों के लिए प्रसिद्ध है। इन सबके साथ असम में नृत्य की भी एक पुरानी और समृद्ध परंपरा है — जैसे बिहू और सत्रिया। यानी असम की पहचान उसकी प्रकृति और उपज के साथ-साथ उसकी कला से भी है।

प्र.2(ख) “पूरी दुनिया की संस्कृतियों में लोग नृत्य और संगीत से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं।”
उत्तर

अर्थ: दुनिया के हर देश और हर संस्कृति में लोग अपनी खुशी, श्रद्धा, दुख या उत्साह जैसी भावनाएँ नाचकर और गाकर प्रकट करते हैं। नृत्य और संगीत मन की ऐसी भाषा है, जिसे बिना शब्दों के भी समझा जा सकता है। इसीलिए असमिया न जानने वाली एंजेला भी बिहू देखकर मंत्रमुग्ध हो गई। पाठ में बिहू नृत्य बसंत के आने की खुशी प्रकट करता है।

सोच-विचार के लिए — पृष्ठ 84पाठ से

पाठ सेलेखन
प्र.1(क) “एंजेला के मन में कई तरह के विचार चल रहे थे।”
उसके मन में कौन-कौन से विचार चल रहे होंगे?
उत्तर

उत्तर: बिहू देखकर लौटते समय एंजेला के मन में ऐसे विचार चल रहे होंगे —

  • उत्सव और नृत्य, दोनों का नाम ‘बिहू’ — यह कितना अनोखा है!
  • क्या संगीत और नृत्य सिर्फ़ त्योहारों पर ही होते हैं?
  • एक पेड़ के नीचे इतने सारे लोग! क्या मैं किसी टाइम-मशीन या सपनों की दुनिया में आ गई थी?
  • लड़कियों की लाल-बादामी पोशाक और लड़कों के वाद्ययंत्र कितने सुंदर थे!
  • मैं भी अपने घर पर बसंत आने पर ऐसा ही नृत्य करूँगी।
प्र.2(ख) “बिहू एक कृषि आधारित त्योहार है।” कैसे?
उत्तर

उत्तर: बिहू खेती के कामों से जुड़ा त्योहार है। असम में यह साल में तीन बार मनाया जाता है — पहले जब किसान बीज बोते हैं, फिर जब वे धान रोपते हैं और फिर तब, जब खेतों में अनाज तैयार हो जाता है। खेती के हर बड़े पड़ाव पर बिहू आता है, इसलिए यह कृषि आधारित त्योहार है।

प्र.3(ग) ऐसा लगता है कि भारत से जाने के बाद भी एंजेला के मन में असम ही छाया हुआ था। पाठ से इस कथन के समर्थन के लिए कुछ उदाहरण खोजकर लिखिए।
उत्तर

उत्तर: पाठ के ये उदाहरण बताते हैं कि असम से लौटकर भी एंजेला के मन में असम ही छाया रहा —

  • वह चलते, खाना खाते और खेलते हुए भी नृत्य करती रही।
  • लंदन जाकर वह माँ की रिकॉर्ड की हुई सारी रिकॉर्डिंग्स देखती रही।
  • वह पूरे उत्साह से असम की नृत्य परंपरा — रंग-बिरंगा सत्रिया और आनंदित करने वाला बिहू — याद करती रही।
  • उसने लंदन में अपनी कक्षा में, स्वयं किए गए नृत्य की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ उसका प्रदर्शन किया।
प्र.4(घ) समय के बदलने के साथ-साथ सत्रिया नृत्य की परंपरा में क्या बदलाव आया है?
उत्तर

उत्तर: पहले सत्रिया नृत्य सत्रों (मठों) में साधु ही करते थे। बीसवीं शताब्दी के मध्य में कुछ साधु मठों से बाहर आकर पुरुषों और महिलाओं को सत्रिया नृत्य सिखाने लगे। शुरू में ऐसे साधुओं को मठों से निकाल दिया गया, लेकिन आधुनिक दौर में महिला सत्रिया कलाकारों के लिए मंच पर नृत्य करना आम बात हो गई है।

निबंध की रचना — पृष्ठ 84पाठ से

पाठ सेलेखन-शैली
प्र.1“गुवाहाटी के एक होटल में सामान्य होने के बाद वे उसी शाम पास के एक गाँव मलंग में गए। गाँव पहुँचने पर माँ ने एंजेला को बताया कि बिहू एक कृषि आधारित त्योहार है। असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है।”

इन वाक्यों में बिहू और असम का ऐसा रोचक और सरस वर्णन किया गया है कि लगता है मानो हम कोई कहानी पढ़ रहे हैं।

इस निबंध में वस्तु, घटना, प्रदेश आदि का वर्णन किया गया है। इसमें जो कुछ भी स्वयं देखा गया है, उसका वर्णन किया गया है। इस प्रकार के निबंधों में घटनाओं का एक क्रम होता है। इनमें आम जीवन की बातें होती हैं। इनकी भाषा सरल होती है। उदाहरण के लिए होली, दीपावली आदि के बारे में बताना।

इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और इसकी बनावट पर ध्यान दीजिए। इस पाठ की विशेषताएँ पहचानिए और अपनी कक्षा में साझा कीजिए और लिखिए, जैसे इस पाठ में लंदन से यात्रा शुरू करने से लेकर वापस लंदन पहुँचने तक के अनुभवों का वर्णन किया गया है।
उत्तर

इस पाठ की विशेषताएँ —

  1. इसमें लंदन से यात्रा शुरू करने से लेकर वापस लंदन पहुँचने तक के अनुभवों का क्रम से वर्णन है।
  2. जो कुछ स्वयं देखा गया, उसका आँखों देखा वर्णन है — बरगद के नीचे का मंच, लाल-बादामी पोशाक, वाद्ययंत्र।
  3. असम की जानकारी माँ-बेटी की बातचीत से मिलती है, इसलिए पाठ कहानी जैसा लगता है।
  4. मन की भावनाएँ भी लिखी हैं — हतप्रभ, मंत्रमुग्ध, अचंभित।
  5. भाषा सरल है और ‘टाइम-मशीन’ जैसी रोचक तुलनाएँ हैं।

अनुमान या कल्पना से — पृष्ठ 85पाठ से

पाठ सेकल्पना
प्र.1(क) “बिहू नृत्य और इसके उत्सव से अचंभित एंजेला और उसके परिवार ने इसके साथ-साथ लजीज पकवानों का पूरा आनंद लिया।”
एंजेला और उसका परिवार बिहू नृत्य और उसके उत्सव को देखकर अचंभित क्यों हो गया?
उत्तर

उत्तर: एंजेला और उसके परिवार ने ऐसा उत्सव पहले कभी नहीं देखा था। बड़े बरगद के नीचे बना मंच, एक साथ इतने सारे लोग, उत्सव जैसा माहौल, लड़कियों की लाल-बादामी सुंदर पोशाक, लड़कों के वाद्ययंत्र और मौज-मस्ती में खोकर नाचते लड़के-लड़कियाँ — यह सब लंदन के जीवन से बिलकुल अलग था। इसीलिए वे अचंभित हो गए।

प्र.2(ख) “जब तक एंजेला कुछ समझ पाती, तब तक वह लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी की उड़ान पर थी।”
एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा ने भारत की यात्रा से पहले कौन-कौन सी तैयारियाँ की होंगी?
उत्तर

उत्तर: पाठ के अनुसार माँ ने एंजेला के स्कूल से उसकी बसंत की छुट्टियाँ एक हफ़्ते और बढ़वाईं, ताकि एंजेला और पिता ब्रायन भी साथ जा सकें; फिर सब जल्दी ही तैयार हो गए। इसके अलावा उन्होंने ये तैयारियाँ भी की होंगी — पासपोर्ट-वीज़ा और हवाई टिकट, होटल में कमरा, फ़िल्म के लिए कैमरा आदि सामान, असम में जिनसे मिलना था उनसे बात, मौसम के अनुसार कपड़े और असम के बारे में जानकारी।

प्र.3(ग) “वहाँ एक बड़े से बरगद के पेड़ के नीचे मंच बनाया गया था।”
बिहू नृत्य के लिए बरगद के पेड़ के नीचे मंच क्यों बनाया गया होगा?
उत्तर

उत्तर: बरगद का पेड़ बहुत बड़ा और घना होता है, इसलिए उसके नीचे बहुत-से लोगों को छाया मिल जाती है। गाँवों में बरगद के नीचे की खुली जगह ही लोगों के मिलने-बैठने की जगह होती है, इसलिए पूरा गाँव वहाँ आसानी से इकट्ठा हो सकता था। बिहू प्रकृति और खेती का त्योहार है, इसलिए खुले आसमान के नीचे, पेड़ तले मंच बनाना उसके अनुकूल था।

असम से जुड़े शब्द — पृष्ठ 85 और 86शब्दों की बात

पाठ सेशब्दों की बात
प्र.1इस पाठ में अनेक शब्द ऐसे हैं जो असम से विशेष रूप से जुड़े हैं। अपने समूह में मिलकर उन शब्दों की पहचान कीजिए। इसके बाद उन्हें नीचे दिए गए स्थान पर लिखिए—
(संकेत— असम के नृत्य, त्योहार, भाषा आदि।)
असम
उत्तर

उत्तर (बादलों में लिखे जाने वाले शब्द): बिहू, सत्रिया, सत्र, असमिया, गुवाहाटी, माजुली।

असमबिहूसत्रियासत्रअसमियागुवाहाटीमाजुली

तीन बिहू — पृष्ठ 86 और 87शब्दों की बात

पाठ सेतालिका
प्र.1“असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है।”
रोंगाली या बोहागभोगाली या माघकोंगाली या काटी
बैसाख, सामान्यतया अप्रैल मेंमाघ, सामान्यतया जनवरी मेंकार्तिक, सामान्यतया अक्तूबर में
(क) एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा कौन-से बिहू के अवसर पर भारत आए थे? लिखिए।
उत्तर

उत्तर: एंजेला और उसकी माँ रोंगाली या बोहाग बिहू के अवसर पर भारत आए थे।

कारण: पाठ के अनुसार वे अप्रैल में आए थे, जब असम में नए साल का समय होता है और बसंत आता है। तालिका के अनुसार रोंगाली या बोहाग बिहू बैसाख, यानी सामान्यतया अप्रैल में मनाया जाता है।

प्र.2“असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है।”
रोंगाली या बोहागभोगाली या माघकोंगाली या काटी
बैसाख, सामान्यतया अप्रैल मेंमाघ, सामान्यतया जनवरी मेंकार्तिक, सामान्यतया अक्तूबर में
(ख) तीनों बिहू के लिए लिखिए कि उस समय किसान खेतों में क्या कर रहे होते हैं?
उत्तर
बिहूउस समय किसान खेतों में क्या कर रहे होते हैं
रोंगाली या बोहाग (बैसाख, सामान्यतया अप्रैल)खेत तैयार करके बीज बो रहे होते हैं। खेती का नया साल शुरू होता है।
कोंगाली या काटी (कार्तिक, सामान्यतया अक्तूबर)रोपा हुआ धान खेतों में बढ़ रहा होता है; किसान फ़सल की देखभाल और रखवाली करते हैं। फ़सल अभी कटी नहीं होती।
भोगाली या माघ (माघ, सामान्यतया जनवरी)अनाज तैयार होकर कट चुका होता है और घर आ जाता है; किसान खुशी में भोज करते हैं।

आपकी बात — पृष्ठ 87पाठ से आगे

पाठ से आगेअपनी बात
प्र.1(क) “रीना आंटी की एक बिटिया थी— अनु”
‘बिटिया’ का अर्थ है ‘बेटी’। बेटी को प्यार से बुलाने के लिए और स्नेह जताने के लिए ‘बिटिया’ शब्द का प्रयोग भी किया जाता है। ‘बिटिया’ जैसा ही एक अन्य शब्द ‘बिट्टो’ भी है। आपके घर में आपको प्यार से किन-किन नामों से पुकारा जाता है?
उत्तर

मेरा नाम अनुराधा है। घर पर माँ मुझे ‘अनु’ और कभी-कभी ‘बिटिया रानी’ कहती हैं। पापा मुझे ‘गुड़िया’ कहते हैं, दादी ‘लाडो’ और छोटा भाई ‘दीदू’। मुझे ‘लाडो’ सबसे अच्छा लगता है, क्योंकि इसमें दादी का बहुत प्यार झलकता है।

(आप अपने घर में पुकारे जाने वाले प्यार के नाम लिखिए।)

प्र.2(ख) आपके नाम का क्या अर्थ है? आपका नाम किसने रखा? पता करके बताइए।
उत्तर

मेरा नाम दीपिका है। इसका अर्थ है ‘छोटा दीपक’ या ‘प्रकाश फैलाने वाली’। यह नाम मेरी दादी ने रखा था, क्योंकि मेरा जन्म दीपावली से दो दिन पहले हुआ था।

(अपने नाम का अर्थ और नाम रखने वाले के बारे में घर में पूछकर लिखिए।)

प्र.3(ग) “वे एक साथ खेल रहे थे”
आप कौन-कौन से खेल अपने मित्रों के साथ मिलकर खेलते हैं? बताइए।
उत्तर

मैं अपने मित्रों के साथ पिट्ठू, खो-खो, कबड्डी और छुपा-छुपी खेलती हूँ। छुट्टी के दिन हम घर-घर भी खेलते हैं। बारिश के दिनों में हम घर के अंदर लूडो और नाम-जगह-जानवर-चीज़ खेलते हैं। मुझे पिट्ठू सबसे अच्छा लगता है, क्योंकि उसमें पूरी टीम मिलकर खेलती है।

प्र.4(घ) “असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है।”
आपने इस पाठ में बिहू और सत्रिया नृत्यों के बारे में तो पढ़ा है। आपके प्रांत में कौन-कौन से नृत्य प्रसिद्ध हैं? आपको कौन-सा नृत्य करना पसंद है?
उत्तर

मैं राजस्थान में रहता हूँ। हमारे प्रांत के प्रसिद्ध नृत्य हैं — घूमर, कालबेलिया और भवाई। घूमर में स्त्रियाँ घेरदार घाघरा पहनकर गोल घेरे में घूमती हैं। मुझे घूमर करना सबसे अच्छा लगता है, क्योंकि इसमें सब मिलकर नाचते हैं और इसके क़दम जल्दी सीखे जा सकते हैं।

(अपने प्रांत के नृत्य नीचे ‘विस्तार से समझिए’ की तालिका में देखिए।)

पूर्वोत्तर की यात्रा — पृष्ठ 87पाठ से आगे

पाठ से आगेजानकारी
प्र.1असम भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित है। असम के अतिरिक्त पूर्वोत्तर भारत में सात अन्य राज्य भी हैं। आपको अवसर मिले तो इनमें से किसी राज्य की यात्रा कीजिए। आठ राज्यों के नाम हैं— अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, मणिपुर और असम। मानचित्र के लिए देखें:
उत्तर

उत्तर: पूर्वोत्तर के आठ राज्य और उनकी राजधानियाँ — असम (दिसपुर), अरुणाचल प्रदेश (ईटानगर), सिक्किम (गंगटोक), मिज़ोरम (आइज़ोल), मेघालय (शिलांग), त्रिपुरा (अगरतला), नागालैंड (कोहिमा) और मणिपुर (इंफाल)। अवसर मिले तो इनमें से किसी राज्य की यात्रा कीजिए; वहाँ का नृत्य, भोजन और भाषा जानिए और एक छोटी यात्रा-डायरी लिखिए।

टाइम मशीन — पृष्ठ 88पाठ से आगे

पाठ से आगेकल्पना
प्र.1(क) यदि आपको टाइम-मशीन मिल जाए तो आप उसमें बैठकर कौन-से समय में और कौन-से स्थान पर जाना चाहेंगे? क्यों?
उत्तर

यदि मुझे टाइम-मशीन मिल जाए तो मैं लगभग सौ साल पहले के अपने गाँव में जाना चाहूँगी। मैं देखना चाहती हूँ कि तब लोग कैसे रहते थे और बच्चे कौन-से खेल खेलते थे। मैं अपनी परदादी से मिलकर उनके लोकगीत सुनना और लिखकर लाना चाहूँगी, ताकि वे गीत फिर से गाए जा सकें।

प्र.2(ख) आपको यदि कोई ऐसी वस्तु बनाने का अवसर मिले जो अभी तक नहीं बनाई गई है तो आप क्या बनाएँगे? क्यों बनाएँगे?
उत्तर

मैं एक ‘भाषा-बटन’ बनाना चाहूँगा — कान में लगने वाला छोटा-सा बटन, जो कोई भी भाषा सुनते ही उसे मेरी भाषा में बदल दे। हमारे देश में बहुत-सी भाषाएँ हैं; इस बटन से हर बच्चा किसी भी राज्य में जाकर वहाँ के लोगों से बात कर सकेगा, उनकी कहानियाँ समझ सकेगा और दोस्ती कर सकेगा।

प्र.3(ग) क्या आपने कभी किसी संग्रहालय की यात्रा की है? संग्रहालय ऐसा स्थान होता है जहाँ विभिन्न कालों की प्राचीन वस्तुएँ देखने को मिलती हैं। कभी-कभी संग्रहालय की यात्रा भी ‘टाइम-मशीन’ की यात्रा जैसी लगती है। अवसर मिले तो आप भी किसी संग्रहालय की यात्रा अवश्य कीजिए और उसके बारे में कक्षा में बताइए।
उत्तर

हाँ, मैं अपने विद्यालय के साथ राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली गया था। वहाँ मुझे सिंधु-घाटी (हड़प्पा) सभ्यता की काँसे की ‘नर्तकी’ की छोटी-सी मूर्ति सबसे अच्छी लगी, जो लगभग साढ़े चार हज़ार साल पुरानी है। उसे देखकर लगा कि मैं सचमुच टाइम-मशीन में बैठकर बहुत पीछे पहुँच गया हूँ।

खिलौने विभिन्न प्रकार के — पृष्ठ 88 और 89पाठ से आगे

पाठ से आगेगतिविधि
प्र.1(क) अनु के खिलौने कैसे थे? लंदन में एंजेला के खिलौने कैसे रहे होंगे?
उत्तर

उत्तर: अनु के खिलौने हाथ से बने और अनोखे थे — गुड़िया, लकड़ी के खिलौने और नारियल की जटा से बने घर। उसका पसंदीदा खिलौना लकड़ी का बना तीर-कमान था।

लंदन में एंजेला के खिलौने शायद दुकान से ख़रीदे हुए, प्लास्टिक या धातु के और बैटरी से चलने वाले रहे होंगे — जैसे रिमोट वाली कार, बोलने वाली गुड़िया या वीडियो गेम; क्योंकि अनु जैसे खिलौने उसने लंदन में कभी नहीं देखे थे।

प्र.2(ख) आप घर पर कौन-कौन से खिलौनों से खेलते रहे हैं? उनके नाम बताइए।
उत्तर

मैं घर पर लट्टू, कंचे, लूडो और कैरम से खेलता रहा हूँ। मेरे पास मेले से लाया मिट्टी का हाथी और नाना जी की बनाई लकड़ी की गाड़ी भी है। बारिश में मैं और मेरी बहन काग़ज़ की नाव बनाकर पानी में तैराते हैं।

प्र.3(ग) भारत के प्रत्येक प्रांत में हाथ से बच्चों के अनोखे खिलौने बनाए जाते हैं। आपके यहाँ बच्चों के लिए हाथ से बने कौन-कौन से खिलौने मिलते हैं?
उत्तर

हमारे यहाँ मेले में मिट्टी के खिलौने बहुत मिलते हैं — घोड़ा, हाथी, सीटी वाली चिड़िया और छोटे बर्तन। इनके अलावा लकड़ी का लट्टू, काग़ज़ की फ़िरकी और कपड़े की गुड़िया भी मिलती है। इन्हें गाँव के कुम्हार और बढ़ई अपने हाथ से बनाते हैं।

प्र.4(घ) भारत के बच्चे स्वयं भी अपने लिए अनोखे खिलौने बना लेते हैं। आप भी तो कागज़, मिट्टी आदि से कोई न कोई खिलौना बनाना जानते होंगे? आप अपने हाथों से बनाए किसी खिलौने को कक्षा में लाकर दिखाइए और उसे बनाने का तरीका सबको सिखाइए।
उत्तर

नमूना उत्तर — काग़ज़ की फ़िरकी: सामग्री — एक चौकोर काग़ज़, एक पिन और पीछे रबड़ लगी पेंसिल।

  1. काग़ज़ को दोनों तिरछे कोनों से मोड़कर खोलिए; बीच में × का निशान बन जाएगा।
  2. चारों कोनों से बीच की ओर कैंची से कट लगाइए, पर बीच का थोड़ा भाग छोड़ दीजिए।
  3. हर कोने का एक-एक सिरा मोड़कर बीच में लाइए।
  4. चारों सिरों को पिन से बेधकर पेंसिल की रबड़ में थोड़ा ढीला टाँक दीजिए।
  5. हवा में दौड़िए या फूँक मारिए — फ़िरकी घूमेगी।

पत्र — पृष्ठ 89, 90 और 91पाठ से आगे

पाठ से आगेलेखन
प्र.1(क) मान लीजिए आप एंजेला हैं। आप लंदन लौट चुकी हैं और आपको भारत की बहुत याद आ रही है। अपनी सखी अनु को पत्र लिखकर बताइए कि आपको कैसा अनुभव हो रहा है।
उत्तर

नमूना पत्र:

25, केंजिंग्टन
लंदन, यूनाइटेड किंगडम
10 मई, 20××

प्रिय सखी अनु,
ढेर सारा प्यार!

मैं लंदन पहुँचकर ठीक हूँ, पर मेरा मन अब भी असम में ही है। मुझे मलंग गाँव का बरगद, बिहू के ढोल की थाप, सत्रिया नृत्य और तुम्हारे साथ खेला राम-रावण का खेल बहुत याद आता है। मैं चलते-खाते भी नाचती रहती हूँ। मैंने अपनी कक्षा में असम के नृत्य का वीडियो दिखाया तो सबको बहुत पसंद आया। तुम अपने पत्र में मुझे कुछ नए असमिया शब्द लिखना। रीना आंटी को मेरा प्रणाम कहना।

तुम्हारी सखी,
एंजेला

प्र.2(ख) आप जानते होंगे कि पत्र लिखने के लिए आवश्यक सामग्री, जैसे— पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय लिफाफे आदि डाकघर से खरीदे जा सकते हैं। संभव हो तो आप भी अपने घर के पास के डाकघर में जाइए और एक पोस्टकार्ड खरीदकर पत्र लिखने के लिए उसका उपयोग कीजिए।
उत्तर

उत्तर: यह करके देखने की गतिविधि है। किसी बड़े के साथ पास के डाकघर जाकर पोस्टकार्ड ख़रीदिए। उसके दाईं ओर पाने वाले का पूरा पता पिन कोड के साथ लिखिए, बाईं ओर और पीछे की ओर अपना संदेश लिखिए और उसे लाल डाक-पेटी में डाल दीजिए।

प्र.3(ग) क्या आपने कभी डाक-टिकट देखा है? संसार के सभी देश डाक-टिकट जारी करते हैं। भारत का डाक-विभाग भी समय-समय पर डाक-टिकट जारी करता है। डाक-टिकट किसी देश की संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं। इसलिए अनेक लोग देश-विदेश के डाक-टिकटों को एकत्रित करना पसंद करते हैं। नीचे भारत के विभिन्न लेखकों के सम्मान में जारी किए गए कुछ डाक-टिकटों के चित्र दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए—
क्रमडाक-टिकट पर छपा नामटिकट पर छपा वर्ष / जीवन-कालमूल्य
1.डा. वृंदावनलाल वर्मा / DR. VRINDAVANLAL VERMA1997₹2.00
2.तुलसीदास1533–16241 आ.
3.सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ / SURYAKANT TRIPATHI NIRALA1896–196125 पै.
4.सुभद्राकुमारी चौहान / SUBHADRAKUMARI CHAUHAN1904–194825 पै.
5.कबीर / Kabir—₹15.00
6.पं. श्रीलाल शुक्ल / Pandit Shrilal Shukla2017₹10.00
7.प्रेमचंद / PREM CHAND1880–193630 पै.
8.मैथिलीशरण गुप्त / MAITHILI SHARAN GUPTA1886–196425 पै.
9.बाबू गुलाबराय / BABU GULABRAI—₹5.00
10.भारतेंदु हरिश्चंद्र / BHARATENDU HARISHCHANDRA1850–188525 पै.
11.कुबेरनाथ राय / KUBERNATH RAY2019₹5.00
12.हरिवंशराय बच्चन / HARIVANSH RAI BACHCHAN—₹5.00
13.प्रताप नारायण मिश्र / Pratap Narayan Mishra(अस्पष्ट)₹5.00
14.डॉ. शम्भुनाथ सिंह / DR. SHAMBHUNATH SINGH2017₹5.00
15.हज़ारी प्रसाद द्विवेदी / HAZARI PRASAD DWIVEDI1997₹2.00
16.आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी / ACHARYA MAHAVIR PRASAD DWIVEDI1864–19380.15
17.राहुल सांकृत्यायन / RAHUL SANKRITYAYAN1893–1963₹1.00
18.दुष्यन्त कुमार / DUSHYANT KUMAR2009₹5.00
19.महादेवी वर्मा / MAHADEVI VERMA—₹2.00
20.सुमित्रानंदन पंत / SUMITRANANDAN PANT2015₹5.00
21.रामधारी सिंह ‘दिनकर’ / RAMDHARI SINGH DINKAR1999₹3.00
पुस्तक के पृष्ठ 90 और 91 पर इक्कीस डाक-टिकटों के चित्र छपे हैं — पृष्ठ 90 पर पाँच-पाँच के तीन क्रम और पृष्ठ 91 पर तीन-तीन के दो क्रम। हर टिकट पर लेखक का चित्र, उनका नाम (अधिकतर हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में) और टिकट का मूल्य छपा है; लगभग सभी पर ‘भारत INDIA’ भी लिखा है; कुछ पर जीवन-काल भी दिया गया है। टिकटों के चित्र यहाँ नहीं दिए जा सकते, इसलिए उन पर छपी जानकारी यहाँ उसी क्रम में दी गई है — चित्र पाठ्यपुस्तक में देखिए।
उत्तर

उत्तर: हाँ, मैंने डाक-टिकट देखे हैं — घर आई चिट्ठियों और लिफ़ाफ़ों पर। पुस्तक में हिंदी के 21 लेखकों-कवियों के सम्मान में जारी डाक-टिकट छपे हैं, जैसे तुलसीदास, कबीर, भारतेंदु हरिश्चंद्र, प्रेमचंद, मैथिलीशरण गुप्त, सुभद्राकुमारी चौहान, निराला, महादेवी वर्मा, सुमित्रानंदन पंत और रामधारी सिंह ‘दिनकर’। हर टिकट पर लेखक का चित्र, उनका नाम, देश का नाम और टिकट का मूल्य छपा है।

प्र.4(क) आपको इनमें से कौन-सा डाक-टिकट सबसे अच्छा लगा और क्यों?
उत्तर

मुझे राहुल सांकृत्यायन वाला डाक-टिकट सबसे अच्छा लगा, क्योंकि उस पर उनके चित्र के साथ एक स्तूप और रास्ते पर चलते लोगों का दृश्य भी बना है। यह दृश्य बताता है कि वे जीवन भर घूमते रहे और यात्राओं पर लिखते रहे। यह पाठ भी एक यात्रा का वर्णन है, इसलिए यह टिकट मुझे पाठ के सबसे पास लगा।

प्र.5(ख) डाक-टिकटों पर लेखकों के बारे में कौन-कौन सी जानकारी दी गई है?
उत्तर

उत्तर: डाक-टिकटों पर लेखकों के बारे में यह जानकारी दी गई है —

  • लेखक का नाम (अधिकतर हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में) और उनका चित्र;
  • कई टिकटों पर जन्म और मृत्यु के वर्ष, जैसे प्रेमचंद 1880–1936, भारतेंदु हरिश्चंद्र 1850–1885;
  • कुछ पर उनके काम का संकेत — जैसे बाबू गुलाबराय और दुष्यंत कुमार के साथ पुस्तकें, राहुल सांकृत्यायन के साथ यात्रा का दृश्य;
  • कुछ पर लेखक के हस्ताक्षर (प्रेमचंद, हरिवंशराय बच्चन) और टिकट जारी होने का वर्ष।

आज की पहेली — पृष्ठ 91पाठ से आगे

पाठ से आगेपहेली
प्र.11. असमिया पहेली — “हातीर दाँत, कदमर पात”।
हिंदी पहेली — “हाथी के दाँत-सी, कदंब के पात-सी।” (पुस्तक में इसके सामने संकेत के लिए एक चित्र छपा है।)
उत्तर

उत्तर: मूली। मूली की सफ़ेद, लंबी जड़ हाथी के दाँत जैसी होती है और उसके हरे पत्ते कदंब के पत्तों जैसे।

प्र.22. असमिया पहेली — “पानी आसे मास नाइ, हाबि आसे बाघ नाइ”।
हिंदी पहेली — “पानी है पर मछली नहीं, जंगल है पर बाघ नहीं” (पुस्तक में इसके सामने संकेत के लिए एक चित्र छपा है।)
उत्तर

उत्तर: नारियल। नारियल के भीतर पानी होता है, पर उसमें मछली नहीं; उसके ऊपर रेशों (जटा) का घना ‘जंगल’ होता है, पर उसमें बाघ नहीं।

प्र.33. असमिया पहेली — “आई बुलिले नेलागे, बोपाइ बुलिले लागे”।
हिंदी पहेली — “लग-लग कहे तो ना लगे, बेलग कहे लग जाए” (पुस्तक में इसके सामने संकेत के लिए एक चित्र छपा है।)
उत्तर

उत्तर: होंठ। ‘लग-लग’ बोलने पर होंठ आपस में नहीं मिलते, पर ‘बेलग’ बोलने पर ‘ब’ के लिए दोनों होंठ मिल जाते हैं। असमिया पहेली में भी ‘आई’ (माँ) कहने पर होंठ नहीं लगते और ‘बोपाइ’ (पिता) कहने पर लग जाते हैं।

प्र.44. असमिया पहेली — “सय चरण कृष्ण वरण, पेट काटिलेउ नाई मरण”।
हिंदी पहेली — “काला तन और छह हैं चरण, पेट कटे पर भी न मरण” (पुस्तक में इसके सामने संकेत के लिए एक चित्र छपा है।)
उत्तर

उत्तर: चींटी। चींटी का रंग काला होता है और उसके छह पैर होते हैं। उसकी कमर इतनी पतली होती है मानो पेट कटा हुआ हो, फिर भी वह जीवित रहती है।

झरोखे से और साझी समझ — पृष्ठ 92 और 93पाठ से आगे

पाठ से आगेपठन
प्र.1‘झरोखे से’ — बिमल श्रीवास्तव का लेख ‘असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क’ (स्रोत पत्रिका, अप्रैल 2008) पढ़िए। ‘साझी समझ’ — आपको इस लेख में दी गई कौन-सी जानकारी सबसे अच्छी लगी? क्यों? अपने समूह में बताइए।
उत्तर

मुझे यह जानकारी सबसे अच्छी लगी कि मूँगा सिल्क की एक साड़ी औसतन 50 वर्ष तक ख़राब नहीं होती और हर धुलाई के बाद उसका निखार बढ़ता ही जाता है। आजकल ज़्यादातर चीज़ें जल्दी पुरानी हो जाती हैं, पर यह कपड़ा जितना पुराना होता है, उतना सुंदर होता जाता है। इसे घर पर ही धोया भी जा सकता है।

खोजबीन के लिए — पृष्ठ 93पाठ से आगे

पाठ से आगेपरियोजना
प्र.1असम सहित पूर्वोत्तर भारत के बारे में आप और जान सकते हैं और भारत के पारंपरिक लोक संगीत का आनंद भी ले सकते हैं, जिन्हें इंटरनेट कड़ियों तथा क्यू.आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें—
• असम-बिहू लोकगीत
• सत्रिया नृत्य
• मणिपुरी नृत्य
• भारत के लोक नृत्य
• पूर्वोत्तर राज्यों के लोक नृत्य
• भाषा संगम असमिया
• मुकोली बिहू
उत्तर

उत्तर: यह खोजबीन की गतिविधि है। शिक्षक या घर के बड़ों की सहायता से इंटरनेट कड़ियों और क्यू.आर. कोड पर असम-बिहू लोकगीत, सत्रिया नृत्य, मणिपुरी नृत्य, भारत और पूर्वोत्तर के लोक नृत्य, ‘भाषा संगम’ की असमिया सामग्री और मुकोली बिहू देखिए-सुनिए। फिर बिहू और सत्रिया की तुलना, पाँच असमिया शब्द और अपने प्रांत के एक लोक नृत्य के बारे में कुछ वाक्य लिखिए।

Chapter 8 of 13 – Hindi

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