NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 Jalate Chalo provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter Jalate Chalo of the NCERT textbook Malhar. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 6 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 6 Hindi Chapter 7 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 Jalate Chalo
- Class: Class 6
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 7 – Jalate Chalo
- Textbook: Malhar (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 7 Jalate Chalo — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 36 questions of this chapter. The questions solved are:
- (क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए— (1) निम्नलिखित में से कौन-सी बात इस कविता में मुख्य रूप से कही गई है? • भलाई के कार्य करते रहना • दीपावली के दीपक जलाना • बल्ब आदि जलाकर अंधकार दूर करना • तिमिर मिलने तक नाव चलाते रहना
- (2) “जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की, चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी” — यह वाक्य किससे कहा गया है? • तूफ़ान से • मनुष्यों से • दीपकों से • तिमिर से
- (ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
- कविता में से चुनकर कुछ शब्द यहाँ दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं। शब्द — 1. अमावस 2. पूर्णिमा 3. विद्युत-दिये 4. युग। अर्थ या संदर्भ — 1. पूर्णमासी, वह तिथि जिस रात चंद्रमा पूरा दिखाई देता है। 2. विद्युत दिये अर्थात बिजली से जलने वाले दीपक, बल्ब आदि उपकरण। 3. समय, काल, युग संख्या में चार माने गए हैं — सत्ययुग (सतयुग), त्रेता युग, द्वापर युग और कलियुग। 4. अमावस्या, जिस रात आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता।
- कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए— “दिये और तूफ़ान की यह कहानी / चली आ रही और चलती रहेगी, / जली जो प्रथम बार लौ दीप की / स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी॥ / रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि / कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा॥”
- (क) कविता में अँधेरे या तिमिर के लिए किन वस्तुओं के उदाहरण दिए गए हैं?
- (ख) यह कविता आशा और उत्साह जगाने वाली कविता है। इसमें क्या आशा की गई है? यह आशा क्यों की गई है?
- (ग) कविता में किसे जलाने और किसे बुझाने की बात कही गई है?
- “जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर / कभी तो धरा का अँधेरा मिटेगा।” इन पंक्तियों को अपने शिक्षक के साथ मिलकर लय सहित गाने या बोलने का प्रयास कीजिए। … (क) इस कविता को एक बार फिर से पढ़िए और अपने-अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए, जैसे इस कविता की पंक्तियों को 2–4, 2–4 के क्रम में बाँटा गया है आदि।
- (ख) अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
- स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलते-जुलते भाव वाली पंक्तियों को रेखा खींचकर जोड़िए— स्तंभ 1: 1. कभी तो तिमिर का किनारा मिलेगा। 2. जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर। 3. मगर विश्व पर आज क्यों दिवस ही में घिरी आ रही है अमावस निशा-सी। 4. बिना स्नेह विद्युत-दिये जल रहे जो बुझाओ इन्हें, यों न पथ मिल सकेगा। स्तंभ 2: 1. विश्व की भलाई का ध्यान रखे बिना प्रगति करने से कोई लाभ नहीं होगा। 2. विश्व में सुख-शांति क्यों कम होती जा रही है? 3. विश्व की समस्याओं से एक न एक दिन छुटकारा अवश्य मिलेगा। 4. दूसरों के सुख-चैन के लिए प्रयास करते रहिए।
- अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए— (क) “दिये और तूफ़ान की यह कहानी / चली आ रही और चलती रहेगी” — दीपक और तूफ़ान की यह कौन-सी कहानी हो सकती है जो सदा से चली आ रही है?
- (ख) “जली जो प्रथम बार लौ दीप की / स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी” — दीपक की यह सोने जैसी लौ क्या हो सकती है जो अनगिनत सालों से जल रही है?
- “कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी” — ‘अमावस’ का अर्थ है ‘अमावस्या’। इन दोनों शब्दों का अर्थ तो समान है लेकिन इनके लिखने-बोलने में थोड़ा-सा अंतर है। ऐसे ही कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनसे मिलते-जुलते दूसरे शब्द कविता से खोजकर लिखिए। ऐसे ही कुछ अन्य शब्द आपस में चर्चा करके खोजिए और लिखिए— 1. दिया 2. उजेला 3. अनगिन 4. ______ 5. ______ 6. ______
- (क) “जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर” — इस पंक्ति में ‘चलो’ के स्थान पर ‘रहो’ शब्द रखकर पढ़िए। इस शब्द के बदलने से पंक्ति के अर्थ में क्या अंतर आ रहा है? अपने समूह में चर्चा कीजिए।
- (ख) कविता में प्रत्येक शब्द का अपना विशेष महत्व होता है। … नीचे कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। पंक्तियों के सामने लगभग समान अर्थों वाले कुछ शब्द दिए गए हैं। आप उनमें से वह शब्द चुनिए, जो उस पंक्ति में सबसे उपयुक्त रहेगा— 1. बहाते चलो ______ तुम वह निरंतर (नैया, नाव, नौका) / कभी तो तिमिर का ______ मिलेगा॥ (तट, तीर, किनारा) 2. रहेगा ______ पर दिया एक भी यदि (धरा, धरती, भूमि) / कभी तो निशा को ______ मिलेगा॥ (प्रातः, सुबह, सवेरा) 3. जला दीप पहला तुम्हीं ने ______ की (अंधकार, तिमिर, अँधेरे) / चुनौती ______ बार स्वीकार की थी। (प्रथम, अव्वल, पहली)
- (क) “कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा” — निशा का अर्थ है— रात। सवेरा का अर्थ है— सुबह। आपने अनुभव किया होगा कि कविता में इन दोनों शब्दों का प्रयोग ‘रात’ और ‘सुबह’ के लिए नहीं किया गया है। अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि ‘निशा’ और ‘सवेरा’ का इस कविता में क्या-क्या अर्थ हो सकता है। (संकेत— निशा से जुड़ा है ‘अँधेरा’ और सवेरे से जुड़ा है ‘उजाला’)
- (ख) कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में मिलकर इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें उपयुक्त स्थान पर लिखिए। शब्द — दिये, अँधेरा, अमावस, पूर्णिमा, दिवस, तिमिर, नाव, किनारा, शिला, ज्योति, उजेला, तूफ़ान, लौ, स्वर्ण, जलना, बुझना। (‘सवेरा’ और ‘निशा’ के शब्द-जाल में भरना है।)
- (ग) अपने समूह में मिलकर ‘निशा’ और ‘सवेरा’ के लिए कुछ और शब्द सोचिए और लिखिए। (संकेत— नीचे दिए गए चित्र देखिए और इन पर विचार कीजिए।)
- कविता की पंक्ति “जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की / चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी” को वाक्य के रूप में इस प्रकार लिख सकते हैं— “तुम्हीं ने पहला दीप जला तिमिर की चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी।” अब नीचे दी गई पंक्तियों को इसी प्रकार वाक्यों के रूप में लिखिए— 1. बहाते चलो नाव तुम वह निरंतर।
- 2. जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर।
- 3. बुझाओ इन्हें, यों न पथ मिल सकेगा।
- 4. मगर विश्व पर आज क्यों दिवस ही में घिरी आ रही है अमावस निशा-सी।
- “घिरी आ रही है अमावस निशा-सी / स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी” — इन पंक्तियों में ‘सी’ शब्द समानता दिखाने के लिए प्रयोग किया गया है। ‘सा/सी/से’ का प्रयोग जब समानता दिखाने के लिए किया जाता है तो इनसे पहले योजक चिह्न (-) का प्रयोग किया जाता है। अब आप भी विभिन्न शब्दों के साथ ‘सा/सी/से’ का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
- (क) “रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि / कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा” — यदि हर व्यक्ति अपना कर्तव्य समझ ले और दूसरों की भलाई के लिए कार्य करे तो पूरी दुनिया सुंदर बन जाएगी। आप भी दूसरों के लिए प्रतिदिन बहुत-से अच्छे कार्य करते होंगे। अपने उन कार्यों के बारे में बताइए।
- (ख) इस कविता में निराश न होने, चुनौतियों का सामना करने और सबके सुख के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया है। यदि आपको अपने किसी मित्र को निराश न होने के लिए प्रेरित करना हो तो आप क्या करेंगे? क्या कहेंगे? अपने समूह में बताइए।
- (ग) क्या आपको कभी किसी ने कोई कार्य करने के लिए प्रेरित किया है? कब? कैसे? उस घटना के बारे में बताइए।
- (क) “भले शक्ति विज्ञान में है निहित वह / कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी” — आप अमावस्या और पूर्णिमा के बारे में पहले ही पढ़ चुके हैं। क्या आप जानते हैं कि अमावस्या और पूर्णिमा के होने का क्या कारण है?
- (ख) अब नीचे दिए गए चित्र में अमावस्या, पूर्णिमा, कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष को पहचानिए और ये नाम उपयुक्त स्थानों पर लिखिए— (यदि पहचानने में कठिनाई हो तो आप अपने शिक्षक, परिजनों या इंटरनेट की सहायता भी ले सकते हैं।)
- नीचे तिथिपत्र के एक महीने का पृष्ठ दिया गया है (जनवरी 2023, 11-30 पौष 1-11 माघ, शक 1944)। इसे ध्यान से देखिए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए— (क) दिए गए महीने में कुल कितने दिन हैं?
- (ख) पूर्णिमा और अमावस्या किस दिनाँक और वार को पड़ रही है?
- (ग) कृष्ण पक्ष की सप्तमी और शुक्ल पक्ष की सप्तमी में कितने दिनों का अंतर है?
- (घ) इस महीने में कृष्ण पक्ष में कुल कितने दिन हैं?
- (ङ) ‘वसंत पंचमी’ की तिथि बताइए।
- “समय साक्षी है कि जलते हुए दीप / अनगिन तुम्हारे पवन ने बुझाए।” — ‘पवन’ शब्द का अर्थ है हवा। नीचे एक अक्षर-जाल दिया गया है। इसमें ‘पवन’ के लिए उपयोग किए जाने वाले अलग-अलग नाम या शब्द छिपे हैं। आपको उन्हें खोजकर उन पर घेरा बनाना है, जैसा एक हमने पहले से बना दिया है। देखते हैं, आप कितने सही नाम या शब्द खोज पाते हैं।
- कविता संबंधित कुछ रचनाएँ दी गई हैं, इन्हें पुस्तक में दिए गए क्यू.आर. कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें। • हम सब सुमन एक उपवन के • बढ़े चलो • रोज़ बदलता कैसे चाँद भाग 1 • रोज़ बदलता कैसे चाँद भाग 2
Chapter at a Glance
- कविता का नाम ‘जलाते चलो’ और कवि हैं द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी (1916–1998)। बाल साहित्य के चर्चित रचनाकारों में इनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। इनका लिखा गीत ‘हम सब सुमन एक उपवन के’ आज भी बहुत लोकप्रिय है।
- कविता किससे कही गई है — पूरी कविता में कवि ‘तुम’ कहकर मनुष्य को पुकारता है। वही मनुष्य, जिसने युगों पहले पहला दीप जलाकर अँधेरे को पहली चुनौती दी थी — “जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की, चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी।”
- मुख्य भाव — दीप जलाते चलो, यानी दूसरों की भलाई के काम करते चलो । तूफ़ान अनगिनत दीप बुझा चुका है, फिर भी हार दीप की नहीं हुई — क्योंकि बुझने वाला दीप भी अपनी ज्योति दूसरे को दे जाता है।
- प्रतीक — कविता में ‘दीप, ज्योति, लौ, सवेरा, पूर्णिमा’ अच्छाई, ज्ञान और आशा के प्रतीक हैं; ‘तिमिर, निशा, अमावस, तूफ़ान’ दुख, अज्ञान, बुराई और निराशा के। इसीलिए ‘निशा’ का अर्थ यहाँ केवल ‘रात’ और ‘सवेरा’ का अर्थ केवल ‘सुबह’ नहीं है।
- एक चेतावनी भी है — “बिना स्नेह विद्युत-दिये जल रहे जो, बुझाओ इन्हें, यों न पथ मिल सकेगा।” विज्ञान ने बिजली के उजाले तो दे दिए, पर जिस उजाले में प्रेम न हो, वह रास्ता नहीं दिखा सकता। इसीलिए कवि पूछता है — दिन में ही दुनिया पर अमावस जैसी रात क्यों घिर रही है?
- रचना की विशेषता — कविता 2–4, 2–4 के क्रम में बँटी है, हर पंक्ति को गाने-बोलने में लगभग समान समय लगता है, और ‘मिटेगा – मिलेगा – सकेगा – मिलेगा’ जैसी एक-सी तुक बार-बार लौटती है। ‘पूर्णिमा-सी’, ‘निशा-सी’, ‘स्वर्ण-सी’ में उपमा अलंकार है।
How to Download NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 PDF
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NCERT Solutions for Class 6 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides Jalate Chalo in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 6 Hindi.
- Chapter 1 Matribhumi
- Chapter 2 Gol
- Chapter 3 Pehli Boond
- Chapter 4 Haar Ki Jeet
- Chapter 5 Rahim Ke Dohe
- Chapter 6 Meri Maa
- Chapter 7 Jalate Chalo
- Chapter 8 Sattriya Aur Bihu Nritya
- Chapter 9 Maiya Main Nahin Makhan Khayo
- Chapter 10 Pariksha
- Chapter 11 Chetak Ki Veerta
- Chapter 12 Hind Mahasagar Mein Chhota Sa Hindustan
- Chapter 13 Ped Ki Baat
NCERT Solutions for Class 6 – All Subjects
Just like Chapter 7 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 6. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 6.
NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 7 |
| Chapter Name | Jalate Chalo |
| Book Name | Malhar |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 Jalate Chalo – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 Jalate Chalo?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 7 Jalate Chalo from the NCERT Class 6 Hindi textbook Malhar, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
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Yes. The NCERT Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 are based on the latest NCERT textbook Malhar and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 6 Hindi?
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