NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 9 आदमी का अनुपात provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter आदमी का अनुपात of the NCERT textbook मल्हार. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 8 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 8 Hindi Chapter 9 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 9 आदमी का अनुपात
- Class: Class 8
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 9 – आदमी का अनुपात
- Textbook: मल्हार (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 9 आदमी का अनुपात — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 49 questions of this chapter. The questions solved are:
- निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) लगाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) कविता के अनुसार ब्रह्मांड में मानव का स्थान कैसा है? • पृथ्वी पर सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण • ब्रह्मांड की तुलना में अत्यंत सूक्ष्म • सूर्य, चंद्र आदि सभी नक्षत्रों से बड़ा • समस्त प्रकृति पर शासन करने वाला
- (2) कविता में मुख्य रूप से किन दो वस्तुओं के अनुपात को दिखाया गया है? • पृथ्वी और सूर्य • देश और नगर • घर और कमरा • मानव और ब्रह्मांड
- (3) कविता के अनुसार मानव किन भावों और कार्यों में लिप्त रहता है? • त्याग, ज्ञान और प्रेम में • सेवा और परोपकार में • ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा में • उदारता, धर्म और न्याय में
- (4) कविता के अनुसार मानव का सबसे बड़ा दोष क्या है? • वह अपनी सीमाओं और दुर्बलताओं को नहीं समझता। • वह दूसरों पर शासन स्थापित करना चाहता है। • वह प्रकृति के साथ तालमेल नहीं बिठा पाता है। • वह अपने छोटेपन को भूल अहंकारी हो जाता है।
- (ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ विचार कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
- (क) “अनगिन नक्षत्रों में / पृथ्वी एक छोटी / करोड़ों में एक ही।”
- (ख) “संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है / अपने को दूजे का स्वामी बताता है।”
- (ग) “देशों की कौन कहे / एक कमरे में / दो दुनिया रचाता है।”
- नीचे दो स्तंभ दिए गए हैं। अपने समूह में चर्चा करके स्तंभ 1 की पंक्तियों का मिलान स्तंभ 2 में दिए गए सही अर्थ से कीजिए। स्तंभ 1 — 1. संख्यातीत शंख सी दीवारें 2. पृथ्वी एक छोटी, करोड़ों में एक 3. ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा 4. दो व्यक्ति कमरे में / कमरे से छोटे 5. परिधि नभ गंगा की 6. एक कमरे में दो दुनिया रचाता। स्तंभ 2 — 1. ब्रह्मांड की विशालता का प्रतीक 2. आदमी के संकुचित होने का प्रतीक 3. मनुष्य द्वारा खींची गई कृत्रिम सीमाएँ 4. सीमित स्थान में भी और अलगाव की प्रवृत्ति 5. पृथ्वी की अल्पता और अनोखेपन की ओर संकेत 6. मनुष्य की नकारात्मक भावनाएँ
- इस कविता में ‘मानव’ और ‘ब्रह्मांड’ के उदाहरण द्वारा व्यक्ति के अल्पत्व और सृष्टि की विशालता के अनुपात को दिखाया गया है। अपने साथियों के साथ मिलकर विचार कीजिए कि मानव को ब्रह्मांड जैसा विस्तार पाने के लिए इनमें से किन-किन गुणों या मूल्यों की आवश्यकता होगी? आपने ये गुण क्यों चुने, यह भी साझा कीजिए।
- (क) कविता के अनुसार मानव किन कारणों से स्वयं को सीमाओं में बाँधता चला जाता है?
- (ख) यदि आपको इस कविता की एक पंक्ति को दीवार पर लिखना हो, जो आपको प्रतिदिन प्रेरित करे तो आप कौन-सी पंक्ति चुनेंगे और क्यों?
- (ग) कवि ने मानव की सीमाओं और कमियों की ओर ध्यान दिलाया है, लेकिन कहीं भी क्रोध नहीं दिखाया। आपको इस कविता का भाव कैसा लगा— व्यंग्य, करुणा, चिंता या कुछ और? क्यों?
- (घ) आपके अनुसार ‘दीवारें उठाना’ केवल ईंट-पत्थर से जुड़ा काम है या कुछ और भी हो सकता है? अपने विचारानुसार समझाइए।
- (ङ) मानवता के विकास में सहयोग, समर्पण और सहिष्णुता जैसी सकारात्मक प्रवृत्तियाँ ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ और घृणा जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों से कहीं अधिक प्रभावी हैं। उदाहरण देकर बताइए कि सहिष्णुता या सहयोग के कारण समाज में कैसे परिवर्तन आए हैं?
- (क) मान लीजिए कि आप एक दिन के लिए पूरे ब्रह्मांड को नियंत्रित कर सकते हैं। अब आप मानव की कौन-कौन सी आदतों को बदलना चाहेंगे? क्यों?
- (ख) यदि आप अंतरिक्ष यात्री बन जाएँ और ब्रह्मांड के किसी दूसरे भाग में जाएँ तो आप किस स्थान (कमरा, घर, नगर आदि) को सबसे अधिक याद करेंगे और क्यों?
- (ग) मान लीजिए कि एक बच्चा या बच्ची कविता में उल्लिखित सभी सीमाओं को पार कर सकता या सकती है— वह कहाँ तक जाएगा या जाएगी और क्या देखेगा या देखेगी? एक कल्पनात्मक यात्रा-वृत्तांत लिखिए।
- (घ) इस कविता को पढ़ने के बाद, आप स्वयं को ब्रह्मांड के अनुपात में कैसा अनुभव करते हैं? एक अनुच्छेद लिखिए— “मैं ब्रह्मांड में एक… हूँ।”
- (ङ) मान लीजिए कि किसी दूसरे संसार से आपके पास संदेश आया है कि उसे पृथ्वी के किसी व्यक्ति की आवश्यकता है। आप किसे भेजना चाहेंगे और क्यों?
- (च) कविता में “ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ” जैसी प्रवृत्तियों की चर्चा की गई है। कल्पना कीजिए कि एक दिन के लिए ये भाव सभी व्यक्तियों में समाप्त हो जाएँ तो उससे समाज में क्या-क्या परिवर्तन होगा?
- (छ) यदि आपको इस कविता का एक पोस्टर बनाना हो जिसमें इसके मूल भाव— ‘विराटता और लघुता’ तथा ‘मनुष्य का भ्रम’— दर्शाया जाए तो आप क्या चित्र, प्रतीक और शब्द उपयोग करेंगे? संक्षेप में बताइए।
- नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘सृष्टि’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए — (शब्द-जाल में केंद्र में ‘सृष्टि’ तथा एक खाने में ‘पृथ्वी’ पहले से दिया गया है; शेष छह खाने रिक्त हैं।)
- (क) कविता में कमरे से लेकर ब्रह्मांड तक का विस्तार दिखाया गया है। इस क्रम को अपनी तरह से एक रेखाचित्र, सीढ़ी या ‘मानसिक-चित्रण’ (माइंड-मैप) द्वारा प्रदर्शित कीजिए। प्रत्येक स्तर पर कुछ विशेषताएँ लिखिए, जैसे— पास-पड़ोस की एक विशेष बात, नगर का कोई स्थान, देश की विविधता आदि। उसके नीचे एक पंक्ति में इस प्रश्न का उत्तर लिखिए— “मैं इस चित्र में कहाँ हूँ और क्यों?”
- (ख) अगर इसी कविता की तरह कोई कहानी लिखनी हो जिसका नाम हो ‘ब्रह्मांड में मानव’ तो उसको आरंभ कैसे करेंगे? कुछ वाक्य लिखिए।
- (ग) ‘एक कमरे में दो दुनिया रचाता है’ पंक्ति को ध्यान से पढ़िए। अगर आपसे कहा जाए कि आप एक ऐसी दुनिया बनाइए जिसमें कोई दीवार न हो तो वह कैसी होगी? उसका वर्णन कीजिए।
- (घ) एक चित्र शृंखला बनाइए जिसमें ये क्रम दिखे— आदमी → कमरा → घर → पड़ोसी क्षेत्र → नगर → देश → पृथ्वी → ब्रह्मांड। प्रत्येक चित्र में आकार का अनुपात दिखाया जाए जिससे यह स्पष्ट हो कि आदमी कितना छोटा है।
- (क) अपने समूह के साथ मिलकर कविता की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
- (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए— 1. सरल वाक्य के शब्दों को विशेष क्रम में लगाया गया है। 2. मुहावरे का प्रयोग किया गया है। 3. छोटे से बड़े की ओर विस्तार देने के लिए शब्दों को दोहराया गया है। 4. प्रश्न शैली में व्यंग्य किया गया है। 5. अतिशयोक्ति से भरा कथन है (बढ़ा-चढ़ाकर कहना)। 6. मानव के अहंकार पर तीखा व्यंग्य किया गया है। — पंक्तियाँ: 1. संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है 2. कमरा है घर में, घर है मोहल्ले में, मोहल्ला नगर में… 3. देशों की कौन कहे, एक कमरे में दो दुनिया रचाता है 4. कमरा है घर में 5. यह है अनुपात आदमी का विराट से 6. अपने को दूजे का स्वामी बताता है
- (क) कविता में अलग-अलग प्रकार से ब्रह्मांड की विशालता को व्यक्त किया गया है। उनकी पहचान कीजिए।
- (ख) “संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है” / “अपने को दूजे का स्वामी बताता है” / “एक कमरे में दो दुनिया रचाता है” — कविता में ये सारी क्रियाएँ मनुष्य के लिए आई हैं। आप अपने अनुसार कविता में नई क्रियाओं का प्रयोग करके कविता की रचना कीजिए।
- “सबको समेटे है / परिधि नभ गंगा की” — आपने ‘आकाशगंगा’ शब्द सुना और पढ़ा होगा। लेकिन कविता में ‘नभ गंगा’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। आप भी अपने समूह में मिलकर इसी प्रकार दो शब्दों को मिलाकर नए शब्द बनाइए।
- “हर ब्रह्मांड में / कितनी ही पृथ्वियाँ / कितनी ही भूमियाँ / कितनी ही सृष्टियाँ” — क्या आपके मस्तिष्क में कभी इस प्रकार के प्रश्न आते हैं? अवश्य आते होंगे। अपने समूह के साथ मिलकर अपने मन में आने वाले प्रश्नों की सूची बनाइए। अपने शिक्षक, इंटरनेट और पुस्तकालय की सहायता से इन प्रश्नों के उत्तर ढूँढ़ने का प्रयास कीजिए।
- अब आप नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों को पहचानकर लिखिए — 1. दो व्यक्ति कमरे में 2. अनगिन नक्षत्रों में 3. लाखों ब्रह्मांडों में 4. अपना एक ब्रह्मांड 5. संख्यातीत शंख सी 6. एक कमरे में 7. दो दुनिया रचाता है
- (क) कोई ऐसी स्थिति बताइए जहाँ ‘अनुपात’ बिगड़ गया हो— जैसे काम का बोझ अधिक और समय कम।
- (ख) आप अपने परिवार, विद्यालय या मोहल्ले में ‘विराटता’ (विशाल दृष्टिकोण) कैसे ला सकते हैं? कुछ उपाय सोचकर लिखिए। (संकेत— किसी को अनदेखा न करना, सबकी सहायता करना आदि)
- (ग) ‘करोड़ों में एक ही पृथ्वी’— इस पंक्ति को पढ़कर आपके मन में क्या भाव आता है? आप इस अनोखी पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए क्या-क्या करेंगे?
- (घ) कविता हमें ‘अपने को दूजे का स्वामी बताने’ के प्रति सचेत करती है। आप अपने किन-किन गुणों को प्रबल करेंगे ताकि आपमें ऐसा भाव न आए?
- (ङ) अपने जीवन में ऐसी तीन ‘दीवारों’ के विषय में सोचिए जो आपने स्वयं खड़ी की हैं (जैसे— डर, संकोच आदि)। फिर एक योजना बनाइए कि आप उन्हें कैसे तोड़ेंगे? क्या समाज में भी ऐसी दीवारें होती हैं? उन्हें गिराने में हम कैसे सहायता कर सकते हैं?
- तालिका के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर खोजिए — 1. जिस संख्या में 15 शून्य होते हैं, उसे क्या कहते हैं?
- 2. महाशंख में कितने शून्य होते हैं?
- 3. एक लाख में कितने हजार होते हैं?
- 4. उपर्युक्त तालिका के अनुसार सबसे छोटी और सबसे बड़ी संख्या कौन-सी है?
- 5. दस करोड़ और एक अरब को जोड़ने पर कौन-सी संख्या आएगी?
- जैसे पृथ्वी अनगिनत नक्षत्रों में एक छोटा-सा ग्रह है, वैसे ही प्रत्येक व्यक्ति, चाहे वह विशेष आवश्यकता वाला हो या न हो, समाज का एक महत्वपूर्ण भाग है। एक समूह चर्चा आयोजित करें जिसमें सभी मानवों के लिए समान अवसरों की आवश्यकता पर बल दिया जाए। (भले ही उनका जेंडर, आय, मत, विश्वास, शारीरिक रूप, रंग या आकार-प्रकार आदि कैसा भी हो)
- पता लगाइए कि कौन-सा अंतरिक्ष यान कौन-से ग्रह पर जाएगा— (चित्र में ऊपर चार ग्रह और नीचे चार अंतरिक्ष यान बने हैं, जिन्हें उलझी हुई रेखाएँ जोड़ती हैं।)
- आइए, अब पढ़ते हैं प्रसिद्ध गीत ‘होंगे कामयाब’। (भावांतर — गिरिजा कुमार माथुर)
- गिरिजा कुमार माथुर की अन्य रचनाएँ पुस्तकालय या इंटरनेट पर खोजकर पढ़िए और कक्षा में साझा कीजिए।
- • हम होंगे कामयाब एक दिन • कल्पना जो सितारों में खो गई • सुनीता अंतरिक्ष में • ब्रह्माण्ड और पृथ्वी • हौसलों की उड़ान-मंगलयान
Chapter at a Glance
- कविता एक ही साँचे — ‘क है ख में’ — को दोहराते हुए कमरा → घर → मुहल्ला → नगर → प्रदेश → देश → पृथ्वी → नक्षत्र → नभ गंगा → ब्रह्मांड तक फैलती है। हर चरण अपने से पहले वाले को अपने भीतर समेट लेता है।
- विशालता यहाँ बताई नहीं जाती, गिनवाई जाती है। पंक्तियाँ छोटी हैं और लगभग हर पंक्ति ‘में’ पर खत्म होती है, इसलिए पढ़ते-पढ़ते पाठक स्वयं एक-एक सीढ़ी ऊपर चढ़ता जाता है।
- चरम पर पहुँचकर कवि निष्कर्ष रखते हैं — ‘यह है अनुपात / आदमी का विराट से’। यही कविता का शीर्षक भी है और उसका केंद्रीय विचार भी।
- दूसरा भाग उलटी दिशा में चलता है — इतना छोटा आदमी ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास में डूबकर ‘संख्यातीत शंख सी दीवारें’ उठाता है और स्वयं को दूसरे का स्वामी बताता है।
- अंत कविता को वहीं लौटा लाता है जहाँ से वह चली थी — ‘एक कमरे में / दो दुनिया रचाता है’। सबसे बड़े विस्तार के बाद सबसे छोटा बँटवारा; यही तीखा विरोधाभास कविता की चोट है।
- कवि कहीं क्रोध नहीं करते। स्वर चिंता और मृदु व्यंग्य का है — आदमी को डाँटा नहीं जाता, उसे आईना दिखा दिया जाता है।
How to Download NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 9 PDF
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NCERT Solutions for Class 8 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides आदमी का अनुपात in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 8 Hindi.
- Chapter 1 स्वदेश
- Chapter 2 दो गौरैया
- Chapter 3 एक आशीर्वाद
- Chapter 4 हरिद्वार
- Chapter 5 कबीर के दोहे
- Chapter 6 एक टोकरी भर मिट्टी
- Chapter 7 मत बाँधो
- Chapter 8 नए मेहमान
- Chapter 9 आदमी का अनुपात
- Chapter 10 तरुण के स्वप्न
NCERT Solutions for Class 8 – All Subjects
Just like Chapter 9 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 8. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 8.
NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 9 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 9 |
| Chapter Name | आदमी का अनुपात |
| Book Name | मल्हार |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 9 आदमी का अनुपात – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 9 आदमी का अनुपात?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 9 आदमी का अनुपात from the NCERT Class 8 Hindi textbook मल्हार, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
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Yes. The NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 9 are based on the latest NCERT textbook मल्हार and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 8 Hindi?
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