NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 6 रीढ़ की हड्डी provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter रीढ़ की हड्डी of the NCERT textbook गंगा. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 9 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 9 Hindi Chapter 6 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 6 रीढ़ की हड्डी
- Class: Class 9
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 6 – रीढ़ की हड्डी
- Textbook: गंगा (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 6 रीढ़ की हड्डी — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 32 questions of this chapter. The questions solved are:
- निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं? 1. एकांकी ‘रीढ़ की हड्डी’ का शीर्षक किसका प्रतीक है? (क) शरीर के एक आवश्यक अंग का (ख) व्यक्ति की ऊँचाई के आधार का (ग) आत्म-सम्मान और नैतिक दृढ़ता का (घ) शारीरिक शक्ति और परिश्रम का
- 2. ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी में किस पर व्यंग्य किया गया है? (क) पात्रों की निर्धनता और लाचारी पर (ख) पात्रों की भाषा और हास्य पर (ग) विवाह और अशिक्षा पर (घ) समाज की अनुचित मान्यताओं पर
- 3. “घर जाकर ज़रा यह पता लगाइएगा कि आपके लाडले बेटे के रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं” यह वाक्य शंकर की किस छवि को उजागर करता है? (क) नैतिक साहस की कमी और चारित्रिक दुर्बलता (ख) अनुभव और विवेक की कमी (ग) चारित्रिक दृढ़ता और शारीरिक दुर्बलता (घ) उदासीनता और एकाकीपन
- 4. “जी हाँ, मैं कॉलेज में पढ़ी हूँ। मैंने बी.ए. पास किया है।” उमा की दृष्टि में शिक्षा प्राप्त करने का सही अर्थ है? (क) बड़ी-बड़ी डिग्री प्राप्त करना (ख) कॉलेज में पढ़ना और नौकरी पाना (ग) माता-पिता और पति को प्रसन्न रखना (घ) आत्मबल और स्वतंत्र विचार रखना
- 5. गोपालप्रसाद और रामस्वरूप में क्या-क्या समानताएँ हैं? (क) दोनों प्रगतिशील हैं और रूढ़ियों को नकारते हैं। (ख) दोनों दिखावे और परंपरा के शिकार हैं। (ग) दोनों शिक्षा और रूढ़ियों के समर्थक हैं। (घ) दोनों संगीत और स्वादिष्ट भोजन के प्रेमी हैं।
- 6. इस एकांकी की संवाद शैली मुख्यतः कैसी है? (क) औपचारिक और शुष्क (ख) स्वाभाविक और व्यंग्यपूर्ण (ग) काव्यात्मक और प्रश्नात्मक (घ) भावुक और संक्षिप्त
- नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए— 1. बाबू रामस्वरूप समाज में आधुनिक व्यवहार का दिखावा करते हैं, जबकि उनके विचार रूढ़िवादी हैं। इस अंतर्द्वंद्व के उदाहरण एकांकी में से खोजकर लिखिए। (संकेत– उमा के साथ उनका व्यवहार, विवाह के लिए दिखावे करना किंतु इन प्रयासों को छिपाने की चेष्टा करना आदि।)
- 2. ‘रीढ़ की हड्डी’ का संदर्भ दो अलग-अलग पात्रों के लिए भिन्न-भिन्न अर्थों में आया है, उनकी पहचान कीजिए और लिखिए।
- 3. “मेरी समझ में तो ये पढ़ाई-लिखाई के जंजाल आते नहीं।” प्रेमा की इस सोच से उस समय की स्त्री-शिक्षा की स्थिति के विषय में क्या पता चलता है?
- 4. लेखक ने ‘रीढ़ की हड्डी’ शब्द को एकांकी के शीर्षक के रूप में क्यों चुना होगा? यदि आप इस एकांकी का दूसरा शीर्षक रखना चाहें, जो इसकी मुख्य बात को दर्शाए, तो वह क्या होगा और क्यों?
- आप जानते ही हैं कि ‘रीढ़ की हड्डी’ एक एकांकी है। एकांकी में भी एक कहानी ही होती है, लेकिन एकांकी की रूपरेखा कहानी से थोड़ी अलग होती है। आगे ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी से संबंधित कुछ बिंदु दिए गए हैं। एकांकी में से इन बिंदुओं से संबंधित एक-एक उदाहरण ढूँढ़कर लिखिए। 1. एकांकी का नाम 2. लेखक का नाम 3. पात्र 4. परिवेश/देश-काल 5. रंग-निर्देश/मंच-निर्देश 6. संवाद-निर्देश 7. समस्या 8. संवाद 9. मुख्य विचार 10. समाधान/परिणाम
- अब इस एकांकी को कक्षा में प्रस्तुत करने का समय है। अपने समूह के साथ मिलकर एकांकी के किसी एक दृश्य का चुनाव कीजिए। उसकी तैयारी कीजिए और कक्षा में उसे प्रस्तुत कीजिए। (संकेत– (i) समूह बनाइए और उचित हाव-भाव द्वारा उस दृश्य का अभिनय कीजिए। (ii) आप अपनी आवश्यकता के अनुसार दिए गए रंग-निर्देश में परिवर्तन भी कर सकते हैं।)
- “जी हाँ, जाइए, जरूर चले जाइए। लेकिन घर जाकर ज़रा यह पता लगाइएगा कि आपके लाडले बेटे के रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं— यानी बैकबोन, बैकबोन!” उपर्युक्त वाक्य को ध्यान से पढ़िए। यह वाक्य उमा द्वारा शंकर पर की गई एक टिप्पणी है जो एक व्यंग्य की तरह है। अब आप उमा द्वारा शंकर के लिए कही गई उपर्युक्त बात पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए इस पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
- 1. “गोपालप्रसाद : भला पूछिए इन अक्ल के ठेकेदारों से कि क्या लड़कों की पढ़ाई और लड़कियों की पढ़ाई एक बात है।” एकांकी में उन पंक्तियों को खोजिए जहाँ एकांकी के पात्रों के व्यवहार में लड़कियों तथा लड़कों के प्रति भिन्न-भिन्न दृष्टि अभिव्यक्त हुई है। अब यह भी लिखिए कि आप इस भिन्नता को किस प्रकार समझते हैं?
- 2. “मुझे अपनी इज्जत, अपने मान का खयाल तो है। लेकिन इनसे पूछिए कि ये किस तरह अपना मुँह छिपाकर भागे थे।” एकांकी में उमा अपने अधिकार और विचार खुलकर व्यक्त करती है। इससे उमा के व्यक्तित्व के विषय में क्या-क्या पता चलता है? आपके विचार से उसके व्यक्तित्व में ये विशेषताएँ कैसे आई होंगी? (संकेत– शिक्षा, परिवार का व्यवहार आदि)
- “रतन : बाबूजी, मक्खन! (सब रतन की तरफ देखते हैं और परदा गिरता है।)” 1. एकांकी के अंत में रतन कहता है— “बाबूजी, मक्खन…” और परदा गिर जाता है। लेखक ने इस संवाद से एकांकी का अंत क्यों किया होगा? (संकेत– हास्य, व्यंग्य, टिप्पणी आदि)
- 2. एकांकी में यदि परदा दोबारा उठ जाए तो अगला दृश्य क्या होगा? अनुमान लगाइए और लिखिए।
- एकांकी में पाँच ऐसे शब्द चुनकर रेखांकित कर लीजिए जो आपके लिए बिल्कुल नए थे। उन शब्दों वाले वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। अब उन शब्दों के अर्थ अपने अनुमान से लिखिए। इसके बाद उनके अर्थ शब्दकोश में से देखकर लिखिए।
- एकांकी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों में जहाँ-जहाँ मुहावरे आए हैं, उन्हें पहचानकर रेखांकित कीजिए। इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य बनाकर लिखिए— 1. “उनके पीछे-पीछे भीगी बिल्ली की तरह रतन आ रहा है— खाली हाथ।”
- 2. “लेकिन वह तुम्हारी लाडली बेटी तो मुँह फुलाए पड़ी है।”
- 3. “और तुम उसकी माँ, किस मर्ज की दवा हो?”
- 4. “तुम्हीं ने उसे पढ़ा-लिखाकर इतना सिर चढ़ा रखा है।”
- 5. “मगर तुम तो अभी से सब-कुछ उगले देती हो।”
- 6. “यह लीजिए, आप तो मुझे काँटों में घसीटने लगे।”
- 7. “बाबू रामस्वरूप, आपने मेरी इज्जत उतारने के लिए मुझे यहाँ बुलाया था?”
- 8. “लेकिन इनसे पूछिए कि ये किस तरह अपना मुँह छिपाकर भागे थे।”
- “बाप सेर है तो लड़का सवा सेर।” एकांकी में इस कहावत का प्रयोग रामस्वरूप द्वारा गोपालप्रसाद और शंकर की नकारात्मक प्रवृत्ति का उल्लेख करने के लिए किया गया है। लेकिन इस कहावत का प्रयोग सकारात्मक अर्थ में भी किया जा सकता है। अब आप इस नए प्रयोग से वाक्य बनाकर लिखिए।
- 1. मान लीजिए कि आप एक संवाददाता हैं और आपको उमा की कहानी का पता चलता है। अब आप उमा तथा अन्य पात्रों का साक्षात्कार लेकर उनका पक्ष दर्शकों के सामने प्रस्तुत कीजिए।
- 2. मान लीजिए कि आप उमा के घर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं जब उसके घर में शंकर आया था। इस पूरे घटनाक्रम को जीवंत प्रसारण (लाइव रिपोर्ट) की तरह प्रस्तुत कीजिए।
- “मक्खन वाले की दुकान दूर है” — नीचे ‘मक्खन’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। मक्खन (हिंदी); नवनीतम् (संस्कृत); मक्खण (पंजाबी); मक्खन (उर्दू); ठॅन्य (कश्मीरी); मखणु (सिंधी); लोणी (मराठी); माखण, नवनीत (गुजराती); लोणी (कोंकणी); नौनी, माखन (नेपाली); माखन, ननी (बांग्ला); माखन (असमिया); माखोन (मणिपुरी); लहुणी, मक्खन (ओड़िआ); वेन्नै (तेलुगु); वॆण्णॆय् (तमिल); वॆण्ण (मलयालम); वॆण्णे (कन्नड़)। इनके अतिरिक्त यदि आप ‘मक्खन’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
- उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए। (“मक्खन वाले की दुकान दूर है”)
- नीचे दिए गए लिंक का प्रयोग करके आप एकांकी विधा और रीढ़ की हड्डी एकांकी के विषय में और अधिक जान-समझ सकते हैं— एकांकी; रीढ़ की हड्डी
Chapter at a Glance
- रचनाकार — जगदीशचंद्र माथुर का जन्म सन् 1917 में शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ और शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई। वे इंडियन सिविल सर्विस में भी चयनित हुए। बिहार राज्य के शिक्षा सचिव, आकाशवाणी के महानिदेशक तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव जैसे प्रशासनिक पदों पर काम करते हुए भी वे आजीवन साहित्य-सृजन में सक्रिय रहे। सन् 1978 में उनका निधन हुआ।
- प्रयाग में अध्ययन के दौरान ही उन्होंने लिखना आरंभ कर दिया था और उस समय की चर्चित पत्रिकाओं चाँद तथा रूपाभ में उनके नाटक-एकांकी छपने लगे थे। हिंदी नाटक और रंगमंच के विकास में उनके एकांकियों और नाटकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐतिहासिक नाटकों के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक समस्याओं से जुड़े एकांकी भी लिखे। प्रमुख कृतियाँ — भोर का तारा , कोणार्क , ओ मेरे सपने , शारदीया , पहला राजा , दस तस्वीरें , जिन्होंने जीना जाना । संपूर्ण रचनाएँ जगदीशचंद्र माथुर रचनावली (चार खंड) में संकलित हैं। कोणार्क उनका सर्वाधिक चर्चित और मंचित नाटक है।
- विधा — ‘रीढ़ की हड्डी’ एक एकांकी है, यानी एक ही अंक में, एक ही स्थान पर, लगभग एक ही समय में पूरी होने वाली नाट्य-रचना। इसमें कहानी की तरह कथावस्तु तो होती है, पर वह संवादों और रंग-निर्देशों के सहारे आगे बढ़ती है — लेखक बीच में आकर कुछ नहीं समझाता। एकांकी में एक ही समस्या उठाई जाती है, पात्र थोड़े होते हैं, और अंत प्रायः चौंकाने वाला या व्यंग्य-भरा होता है। इस एकांकी में ये सब लक्षण साफ़ दिखाई देते हैं।
- कथावस्तु — बाबू रामस्वरूप के घर उनकी बेटी उमा को ‘देखने’ के लिए बाबू गोपालप्रसाद अपने बेटे शंकर के साथ आने वाले हैं। तख्त बिछता है, दरी और चादर माँगी जाती है, हारमोनियम-सितार नीचे लाए जाते हैं, नाश्ता सजता है — पूरा घर एक प्रदर्शनी में बदल जाता है। बातचीत ‘बिजनेस’ पर आते ही स्पष्ट हो जाता है कि लड़के वालों को सुंदर, कम पढ़ी-लिखी लड़की चाहिए। उमा पान लेकर आती है, गाती है, चुप रहती है — और जब उससे इनाम-विनाम पूछे जाते हैं तो वह फूट पड़ती है। उसके एक-एक वाक्य से बात खुल जाती है कि वह बी.ए. पास है। रिश्ता टूट जाता है और गोपालप्रसाद क्रोध में उठकर चले जाते हैं।
- पात्र — उमा इस एकांकी की केंद्रीय पात्र है — शिक्षित, आत्मसम्मानी, अपनी बात कहने का साहस रखने वाली नई स्त्री की प्रतिनिधि। रामस्वरूप पढ़े-लिखे तो हैं, पर समाज के दबाव में झूठ बोलते हैं — यही उनका अंतर्द्वंद्व है। प्रेमा स्वयं स्त्री होकर भी स्त्री-शिक्षा को ‘जंजाल’ मानती है। गोपालप्रसाद वकील हैं, सभा-सोसाइटियों में जाते हैं, पर बहू ‘हद से हद मैट्रिक-पास’ चाहते हैं — यही एकांकी का सबसे बड़ा पाखंड है। शंकर मेडिकल का छात्र है, फिर भी अपनी कोई राय नहीं रखता। रतन घरेलू सहायक है और उसी के मुँह से एकांकी की अंतिम, सबसे चुभती हुई पंक्ति निकलती है।
- मूल संवेदना — एकांकी विवाह को खरीद-फरोख्त के रूपक से पकड़ता है। उमा का वाक्य — “जब कुर्सी-मेज बिकती है तब दुकानदार कुर्सी-मेज से कुछ नहीं पूछता, सिर्फ खरीदार को दिखला देता है।” — पूरे एकांकी का सार है। लड़की को वस्तु मानने वाली इसी दृष्टि पर लेखक चोट करता है, और साथ ही उस मान्यता पर भी कि ऊँची शिक्षा ‘सिर्फ मर्दों के लिए’ है।
- शीर्षक और व्यंग्य — ‘रीढ़ की हड्डी’ शब्द एकांकी में दो बार, दो अर्थों में आता है — पहले गोपालप्रसाद शंकर की झुकी कमर पर टोकते हैं (शारीरिक अर्थ), और अंत में उमा वही शब्द लौटाकर शंकर के चरित्र पर प्रश्न खड़ा कर देती है — “यानी बैकबोन, बैकबोन!” शरीर से चरित्र तक की यही छलाँग एकांकी का चरम-बिंदु है और शीर्षक की सार्थकता भी।
- भाषा-शैली — संवाद बोलचाल की सहज हिंदुस्तानी में हैं, जिनमें उर्दू-फ़ारसी (तशरीफ़, तकल्लुफ़, निहायत, फितरती, माफ़िक) और अंग्रेज़ी (बिजनेस, मार्जिन, वीक-एंड, टैक्स, ग्रेड, बैकबोन) दोनों घुले-मिले हैं। ‘पौडर-वौडर’, ‘टोस्ट-वोस्ट’, ‘पेंटिंग-वेंटिंग’ जैसे पुनरुक्त शब्द-युग्म पात्रों की मध्यवर्गीय बोली को जीवंत कर देते हैं। मुहावरे (भीगी बिल्ली, मुँह फुलाना, सिर चढ़ाना, काँटों में घसीटना) और कहावत ‘बाप सेर है तो लड़का सवा सेर’ संवादों में व्यंग्य की धार भर देते हैं।
- अभ्यास क्या माँगता है — पुस्तक यहाँ केवल कथा नहीं पूछती। मेरे उत्तर मेरे तर्क में विकल्प के साथ तर्क माँगा गया है; विधा से संवाद में एकांकी की रूपरेखा के दस बिंदु (पात्र, परिवेश, रंग-निर्देश, संवाद-निर्देश, समस्या, समाधान आदि) पाठ से उदाहरण देकर भरने हैं और एक दृश्य का मंचन करना है; मेरी टिप्पणी में टिप्पणी-लेखन सिखाया गया है; सृजन में एकांकी का आगे का दृश्य कल्पना से लिखना है; और गतिविधियाँ में संवाददाता बनकर साक्षात्कार तथा लाइव रिपोर्ट तैयार करनी है।
How to Download NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 6 PDF
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides रीढ़ की हड्डी in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 9 Hindi.
- Chapter 1 दो बैलों की कथा
- Chapter 2 क्या लिखूँ?
- Chapter 3 संवादहीन
- Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं
- Chapter 5 आखिरी चट्टान तक
- Chapter 6 रीढ़ की हड्डी
- Chapter 7 मैं और मेरा देश
- Chapter 8 पद
- Chapter 9 राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
- Chapter 10 भारति, जय, विजयकरे!
- Chapter 11 झाँसी की रानी
- Chapter 12 घर की याद
NCERT Solutions for Class 9 – All Subjects
Just like Chapter 6 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 9. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 9.
NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 6 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 6 |
| Chapter Name | रीढ़ की हड्डी |
| Book Name | गंगा |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 6 रीढ़ की हड्डी – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 6 रीढ़ की हड्डी?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 6 रीढ़ की हड्डी from the NCERT Class 9 Hindi textbook गंगा, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
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Yes. The NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 6 are based on the latest NCERT textbook गंगा and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
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