aglasem
  • Home
  • Boards
    • Date Sheet
    • Admit Card
    • Result
    • Sample Paper
    • Question Paper
  • NCERT
    • NCERT Solutions
    • NCERT Books
    • NCERT Audio Books
    • NCERT Exempler
  • Study Material
    • Notes
    • Model Papers
    • Past Year Question Paper
    • Maps
    • Writing Skill Format
  • Solutions
    • NCERT Solutions
    • RD Sharma Solutions
    • HC Verma Solutions
    • CG Board Solutions
    • UP Board Solutions
  • Olympiads
    • NMMS
  • Admissions
  • Career Guide
    • Careers Opportunities
    • Courses after 12th
No Result
View All Result
aglasem
  • Home
  • Boards
    • Date Sheet
    • Admit Card
    • Result
    • Sample Paper
    • Question Paper
  • NCERT
    • NCERT Solutions
    • NCERT Books
    • NCERT Audio Books
    • NCERT Exempler
  • Study Material
    • Notes
    • Model Papers
    • Past Year Question Paper
    • Maps
    • Writing Skill Format
  • Solutions
    • NCERT Solutions
    • RD Sharma Solutions
    • HC Verma Solutions
    • CG Board Solutions
    • UP Board Solutions
  • Olympiads
    • NMMS
  • Admissions
  • Career Guide
    • Careers Opportunities
    • Courses after 12th
No Result
View All Result
aglasem
No Result
View All Result

Home » Extras » NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं (PDF) – 2026-27

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं (PDF) – 2026-27

by
September 10, 2026
in 9th Class

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter ऐसी भी बातें होती हैं of the NCERT textbook गंगा. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 9 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 9 Hindi Chapter 4 question-answer PDF.

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं

  • Class: Class 9
  • Subject: Hindi
  • Chapter: Chapter 4 – ऐसी भी बातें होती हैं
  • Textbook: गंगा (NCERT)
  • Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF

These solutions answer all the exercise questions of Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.

NCERT Solutions Class 9 Hindi Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं View Download

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 PDF Download

You can read the NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 online above, or download the complete question-answer PDF to study ऐसी भी बातें होती हैं offline at any time.


NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 PDF Download Link – Click Here to Download Solutions PDF


Questions Covered in This Chapter

These NCERT Solutions answer all 57 questions of this chapter. The questions solved are:

  1. निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं? — 1. लता जी ने अपने पिताजी से क्या-क्या सीखा? (क) अनुशासन और नियम के साथ जीना (ख) भय और संशय के साथ जीना (ग) स्वाभिमान और सच्चाई के साथ जीना (घ) चतुराई और संयम के साथ जीना
  2. 2. पिताजी की मृत्यु के बाद परिवार सँभालने का लता जी का निर्णय किस जीवन-मूल्य का द्योतक है? (क) संघर्ष (ख) निराशा (ग) भौतिकता (घ) कर्तव्यनिष्ठा
  3. 3. “बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है…” ‘मंगलागौर’ के वर्णन से भारतीय समाज की कौन-सी परंपरा उजागर होती है? (क) संगीत पर आधुनिकता का प्रभाव (ख) लोकगीतों की लोकप्रियता में कमी (ग) धार्मिक कार्यक्रमों में संगीत का महत्व (घ) संगीत की महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका
  4. 4. “गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन” — इस कहावत का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है? (क) नाव गाँव में नहीं रहती, नदी में बहती है। (ख) इस नश्वर संसार में सब कुछ नष्ट हो जाता है। (ग) फिल्मों में गीत गाने से बहुत प्रसिद्धि मिलती है। (घ) जीवन अस्थायी है, पर कर्म अमर रहते हैं।
  5. 5. कोरस में साथ गाने वाली लड़कियों के साथ लता जी के संबंध कैसे थे? (क) औपचारिक (ख) कामकाजी (ग) आत्मीय (घ) प्रतिस्पर्धात्मक
  6. 6. लता मंगेशकर के अनुसार बाबा हरिदास और तानसेन की कथाओं से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? (क) संगीत द्वारा दीपक जलाए जा सकते हैं। (ख) मेघराग गाने से वर्षा होने लगती है। (ग) सुर में वाद्य बजाने से तार टूट जाते हैं। (घ) संगीत में अपरिमित शक्ति होती है।
  7. 7. पूरे साक्षात्कार में लता मंगेशकर की जो छवि बनती है, वह मुख्यतः कैसी है? (क) सादगी, समर्पण और आत्मसम्मान की (ख) प्रसिद्धि, परिवार को समर्पित और आत्ममुग्ध (ग) कठोर सिद्धांतवादी और व्यावहारिक व्यक्ति (घ) आधुनिकता विरोधी रूढ़िवादी विचारों वाली
  8. नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए— 1. “पिताजी उस समय पूछते थे, ‘समझ गए न?’… इसके बाद वे कहते थे कि ‘अच्छा अब जाओ, बाहर जाकर खेलो।’” यह प्रसंग पारिवारिक अनुशासन और स्नेह के संतुलन का प्रतीक है। कैसे? (संकेत– यहाँ अनुशासन में डर है या सम्मान?)
  9. 2. लता मंगेशकर पर अपने पिताजी पं. दीनानाथ मंगेशकर के व्यक्तित्व का क्या प्रभाव पड़ा? उनके कौन-कौन से कार्यों और व्यवहार में उनके पिता का प्रभाव दिखाई देता है?
  10. 3. “मैंने अपने पिताजी का नाम, थोड़ा ही सही मगर, आगे बढ़ाया।” ‘नाम आगे बढ़ाने’ का लता जी के लिए क्या अर्थ है? क्या यह सिर्फ प्रसिद्धि पाना है या इससे कोई महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व भी जुड़ा हुआ है?
  11. 4. किसी भी कार्य को पूरा करने में सहयोगियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। साक्षात्कार के आधार पर बताइए कि लता जी के अपने सहयोगियों के साथ संबंध कैसे थे?
  12. साक्षात्कार से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन पंक्तियों से लता मंगेशकर के व्यक्तित्व के कौन-कौन से गुण या विशेषताएँ उभरकर सामने आती हैं? चुनकर लिखिए— [दृढ़ता, कृतज्ञता, दार्शनिकता, समर्पण, उत्तरदायित्व, स्पष्टता, एकाग्रता, साधना, स्पष्टवादिता, विनम्रता, कठोरता, सरलता, आत्मविश्वास, उत्सवप्रियता, श्रद्धा, मानवता, अमरता, घमंड, स्वाभिमान] — 1. “मुझे अपने गाने और रेकॉर्डिंग के अलावा किसी दूसरी चीज की सुध नहीं रहती थी।”
  13. 2. “अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।”
  14. 3. “आप जैसे लोग अगर यह मानते हैं कि मैं अमर हूँ, तो यह मुझे मिलने वाले उस प्यार जैसा ही है।”
  15. 4. “मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं।”
  16. नीचे दिए गए वाक्य को पढ़िए— “संगीत में असीम शक्ति और अप्रत्याशित रचने की क्षमता होती है।” इस वाक्य के आधार पर अनेक प्रश्न बनाए जा सकते हैं, जैसे– 1. लता मंगेशकर ने संगीत के विषय में क्या कहा?
  17. 2. लता मंगेशकर ने संगीत की क्या विशेषताएँ बताई हैं?
  18. 3. लता मंगेशकर ने संगीत की क्षमता का आकलन करते हुए क्या कहा?
  19. 4. उस्ताद अली अकबर खाँ और पंडित रविशंकर के कंसर्ट में हुई घटना से संगीत के बारे में क्या पता चलता है?
  20. अब नीचे दिए गए उत्तरों से अधिक से अधिक प्रश्न बनाइए (कम से कम दो)— 1. उत्तर : ‘मंगलागौर’ जैसे लोक पर्वों में स्त्रियों के बीच गीत, नृत्य और सौहार्द का भाव झलकता था।
  21. 2. उत्तर : लता जी का मानना था कि तकनीकी प्रगति के बावजूद पुराने संगीतकारों की सादगी और गहराई अद्वितीय थी।
  22. अपने अनुभवों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए— 1. “अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।” क्या आप किसी ऐसी स्थिति से गुजरे हैं जब आपको किसी सही बात पर अकेले खड़ा होना पड़ा हो? कब और क्यों?
  23. 2. “बाबा ने जैसा सिखाया था, उस पर हम सभी भाई-बहनों ने चलने का प्रयास किया।” आपके परिवार में भी कोई ऐसी सीख या नियम अवश्य होंगे जिनका पालन आप किसी के याद दिलाए बिना स्वत: करते होंगे, उनके विषय में बताइए।
  24. 3. “पहले दिन गुड़ि बाँधने के बाद नौ दिन तक उत्सव मनाया जाता है।” आप भी अपने घर में किसी पारंपरिक पर्व को विशेष तरीके से मनाते होंगे। उसका वर्णन कीजिए।
  25. 4. “बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है, मगर आहिस्ता-आहिस्ता वह भी अब खत्म हो रहा है।” पाठ में आपने पढ़ा कि लता मंगेशकर के बचपन से अब तक उत्सवों से जुड़ी अनेक परंपराएँ बदल रही हैं। कौन-कौन सी परंपराएँ बदल गई हैं? अपने घर-परिवार में बातचीत करके पता लगाइए कि विभिन्न त्योहारों को मनाने के तरीकों में कौन-कौन से बदलाव आ रहे हैं?
  26. 1. ‘ऐसी भी बातें होती हैं’ एक साक्षात्कार है। साक्षात्कार में एक व्यक्ति प्रश्न पूछता है और दूसरा व्यक्ति उन प्रश्नों के उत्तर देता है। साक्षात्कार विधा के कुछ मुख्य बिंदु आगे दिए गए हैं। इस साक्षात्कार में से इन मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करने वाली पंक्तियों को ढूँढ़कर लिखिए। [साक्षात्कार के मुख्य बिंदु — • साक्षात्कार लेने वाले का नाम और जिसका साक्षात्कार लिया गया, उसका नाम • प्रश्नोत्तर • भावनात्मक वातावरण • आमंत्रण, स्वागत और परिचय • उत्तर देने की शैली का संकेत • विचार और उदाहरण • संस्मरण • समापन]
  27. 2. “मैं कोशिश करूँगी कि जो कुछ भी मैंने संगीत में रहते हुए जाना है, उसे आपको बता सकूँ।” इस कथन से साक्षात्कार की शैली के विषय में क्या पता चलता है— क्या यह औपचारिक संवाद है या आत्मीय बातचीत? अपने विचार तर्क सहित लिखिए।
  28. “आप पूछिए, मैं आपके प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार हूँ।” प्रस्तुत पाठ में विश्व-प्रसिद्ध व्यक्तित्व का साक्षात्कार दिया गया है। कल्पना कीजिए कि आप भी लता मंगेशकर के इस साक्षात्कार में उपस्थित हैं। आप लता जी से कौन-कौन से अलग प्रश्न पूछते और क्यों?
  29. 1. “एक स्टूडियो से दूसरे और तीसरे स्टूडियो के चक्कर में ही पूरा दिन बीत जाता था।” सन् 1942 में अपने पिता की मृत्यु के बाद लता मंगेशकर ने अकेले अपनी माँ, छोटे भाई-बहनों की देखभाल की और अपने घर को सँभाला। उस समय उनकी आयु मात्र 13 वर्ष थी। तब महिलाओं का फिल्मों में काम करना अच्छा नहीं माना जाता था। उस समय सुबह से रात तक एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो भागते हुए लता जी के एक दिन की कल्पना कीजिए। इस भागदौड़ में वे किन-किन चुनौतियों का सामना करती होंगी? (संकेत– भोजन, यात्रा-भाड़ा, सुरक्षा, थकान आदि)
  30. 2. “पहले के दौर में पुरुष और स्त्री आवाज़ों के कोरस हम लोगों के गीतों के साथ ही रेकॉर्ड होते थे। भले ही वह गाना डुएट हो या फिर कोई सोलो सांग।” अपने घर, आस-पड़ोस, समुदाय, विद्यालय में होने वाले उन कार्यों के विषय में बताइए जिसमें सहयोग और सामूहिकता की आवश्यकता होती है।
  31. 1. “फिर उसमें लंबी-लंबी रागदारी वाले गायन की भी परंपरा थी।” रागदारी वाले गायन का अर्थ है भारतीय शास्त्रीय संगीत। आपने इस पाठ में संगीत से जुड़े अनेक शब्दों को पढ़ा है। शब्दकोश, इंटरनेट, पुस्तकालय और अपने शिक्षकों की सहायता से इनके अर्थ और उदाहरण खोजकर लिखिए— राग, सुर, बंदिश, अभंग, सोहर, फाग, बधावा
  32. 2. “त्योहारों के संदर्भ में एक बात और ध्यान में आती है कि अधिकांश प्रदेशों में पर्वों व अनुष्ठानों से संदर्भित घर-घर गीत गाए जाने का प्रचलन रहा है।” आपने पढ़ा कि भारत में त्योहारों पर फाग, धमार, सोहर, बधावा, छठ के गीत आदि गाने की परंपरा है। अपने क्षेत्र में गाए जाने वाले ऐसे गीतों के विषय में अपने घर में पता कीजिए और एक गीत अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
  33. “आज, जो स्थिति है और जिस तरह हमारी तकनीक विकसित हो चुकी है, उसमें अगर इन लोगों को काम करने का मौका मिलता, तब तो कमाल ही हो गया होता।” • आज तकनीकी विकास इतना अधिक हो चुका है कि अनेक धोखेबाज/ठग कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग करके अपनी आवाज़ बदलकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। कक्षा में चर्चा कीजिए और बताइए कि साइबर सुरक्षा नियमों का प्रयोग करते हुए इस प्रकार की धोखाधड़ी से किस प्रकार बचा जा सकता है?
  34. “वे बस हमको गंभीरता से देखते थे… मगर हम सभी समझ जाते थे कि हमको बुलाया किसलिए गया है।” 1. क्या आपके जीवन में भी कोई ऐसा व्यक्ति है जो बिना कुछ बोले सिर्फ नजरों या संकेतों (हाव-भाव) से ही आपको समझा देता है? उस अनुभव के विषय में बताइए।
  35. 2. यदि कोई व्यक्ति बिना बोले (संकेत भाषा में) आपको कुछ समझा रहा है, तो वह आपके साथ और आप उसके साथ कैसा व्यवहार करेंगे? (संकेत– धैर्य, जिज्ञासा, समानुभूति आदि)
  36. 1. “अगर हम समय के चक्र (टाइम मशीन) को घुमाकर सन् 1949-50 में ले जाएँ”, कल्पना कीजिए कि आपके पास टाइम मशीन है। 1940–50 के दशक में जाकर लता जी से मिलिए और उनके साथ बिताए गए एक दिन का वर्णन डायरी के रूप में लिखिए। उस समय की वेशभूषा, भोजन, संगीत आदि का वर्णन अवश्य कीजिए।
  37. 2. “आप जैसे लोग अगर यह मानते हैं कि मैं अमर हूँ, तो यह मुझे मिलने वाले उस प्यार जैसा ही है।” कल्पना कीजिए कि यह लता जी का अंतिम संदेश है— आप उस पर अपनी भावनात्मक प्रतिक्रिया एक अनुच्छेद के रूप में व्यक्त कीजिए।
  38. “मगर किसी के आगे जाकर हाथ नहीं पसारना है।” उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित अंश मुहावरा है। हाथ पसारना या फैलाना का अर्थ है— कुछ माँगना या याचना करना। हाथों से जुड़े अनेक मुहावरे आपने पढ़े और सुने होंगे। ऐसे ही कुछ मुहावरे नीचे दिए गए हैं। इनका प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए— • हाथ में आना
  39. • हाथ का मैल होना
  40. • हाथ से हाथ मिलाना
  41. • हाथ साफ करना
  42. • हाथ से निकल जाना
  43. • हाथ धो बैठना
  44. 1. “‘गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन’। मतलब गाँव तो बह जाता है, लेकिन जो नाम है, वह रह जाता है।” आपने एक कहावत और उसका हिंदी में अर्थ पढ़ा। इस कहावत के अर्थ को अपने घर या क्षेत्र की भाषा अथवा भाषाओं में लिखिए।
  45. 2. लता जी ने मराठी कहावत को हिंदी में समझाया। अब आप अपनी मातृभाषा की कोई कहावत चुनिए और उसका हिंदी में अनुवाद कीजिए। अनुवाद के बाद भाव में क्या परिवर्तन आया? लिखिए।
  46. 3. एक ‘सेतु चित्र’ बनाइए जिसमें दो किनारे हों— एक किनारे पर हिंदी और दूसरे किनारे पर अपने घर या क्षेत्र की भाषा। दोनों किनारों के बीच में ऐसे शब्द लिखिए जो दोनों भाषाओं में समान अर्थ रखते हैं।
  47. 1. ‘नाम रह जाएगा’ वाक्य के लिए एक सुंदर पोस्टर बनाइए। इसके ऊपर ‘नाम रह जाता है…’ लिखिए और नीचे विभिन्न भारतीय भाषाओं में ‘नाम’ शब्द (जैसे– नाव, नालो, नांउ, नाउँ, मिङ्, पेरु, नामम् आदि) लिखिए। साथ ही कक्षा में सब विद्यार्थी मिलकर एक प्रतिज्ञा लें— ‘हम हर भाषा का सम्मान करेंगे।’
  48. 2. कागज पर एक पेड़ का चित्र बनाइए। इसे नाम दीजिए— भाषा-वृक्ष। इसकी जड़ में लिखिए— ‘भारतीय संस्कृति’; तने पर और शाखाओं पर लिखिए— हिंदी, मराठी, तमिल, बांग्ला, गुजराती आदि। हर शाखा पर उस भाषा का एक प्यारा शब्द जोड़िए।
  49. 3. समूह में मिलकर किसी विषय पर एक छोटा समाचार बुलेटिन तैयार कीजिए जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और किसी क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग हो। उदाहरण के लिए, एक विषय हो सकता है— ‘कला जो जोड़ती है, बाँटती नहीं।’
  50. 4. भाषाई स्मृति पोटली — अपने परिवार में प्रयुक्त अलग-अलग भाषाओं के पाँच शब्द एकत्र कीजिए (जैसे– दादी मराठी बोलती हों, माँ हिंदी)। उन्हें एक ‘शब्द पोटली’ में कार्ड पर सजाइए।
  51. 5. स्वर-कोलाज — लता जी के जीवन के प्रेरक वाक्यों और गीतों का चित्रमय कोलाज बनाइए।
  52. 6. समय-रेखा — लता जी के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएँ कालानुक्रम में दर्शाइए।
  53. “उस दिन घर में संगीत की सभा होती थी।” नीचे ‘संगीत’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। • इनके अतिरिक्त यदि आप ‘संगीत’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
  54. • उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
  55. 1. “जब मैं बड़ी हो जाऊँगी, तब मुझे भी ऐसे ही मेडल मिलेंगे।” लता जी ने बचपन में मेडल पाने की कल्पना की और जीवन में अनगिनत पुरस्कार और मेडल प्राप्त भी किए। पता कीजिए कि उन्होंने जीवन-भर में कौन-कौन से ‘मेडल’ और पुरस्कार प्राप्त किए?
  56. 2. पाठ में लता मंगेशकर ने कई फिल्मों और गीतों का उल्लेख किया है। इंटरनेट की सहायता से इनमें से किसी एक फिल्म और गीत को देखकर उसके विषय में अपने विचार लिखिए। आपको यह फिल्म और गीत कैसा लगा और क्यों?
  57. 3. अब आप नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी की सहायता से लता मंगेशकर द्वारा गाया हुआ गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ सुन सकते हैं।

Chapter at a Glance

  • रचनाकार — यतींद्र मिश्र का जन्म सन् 1977 में अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से हिंदी में एम.ए. किया। कविता, संगीत और अन्य ललित कलाओं के साथ-साथ समाज और संस्कृति के विविध क्षेत्रों में उनकी गहरी रुचि है। उनके तीन काव्य-संग्रह हैं — यदा-कदा , अयोध्या तथा अन्य कविताएँ और ड्योढ़ी पर आलाप । शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी पर उन्होंने गिरिजा पुस्तक लिखी, ‘द्विजदेव’ की ग्रंथावली (2000) का सह-संपादन किया, और स्पिक मैके के विरासत-2001 के लिए रूपंकर कलाओं पर केंद्रित थाती का संपादन किया। वे अर्द्धवार्षिक पत्रिका सहित का संपादन करते हैं।
  • विधा — यह पाठ कहानी या निबंध नहीं, साक्षात्कार (इंटरव्यू) है। साक्षात्कार वह गद्य-विधा है जिसमें एक व्यक्ति प्रश्न पूछता है और दूसरा उत्तर देता है, और छपते समय दोनों के नाम के साथ पूरी बातचीत ज्यों-की-त्यों दी जाती है। यहाँ प्रश्न पूछने वाले हैं यतींद्र मिश्र (साक्षात्कारकर्ता) और उत्तर देने वाली हैं लता मंगेशकर (साक्षात्कार्य / साक्षात्कार-दाता)। पाठ का शीर्षक भी लता जी के ही एक वाक्य-भाव से उठाया गया है।
  • बातचीत का आरंभ — यतींद्र मिश्र ‘दीदी’ संबोधन से बात शुरू करते हैं और कहते हैं कि उनका प्रयास लता जी के जीवन की ‘दुर्लभ छवियों’ से उन करोड़ों प्रशंसकों को मिलवाना है जो उन्हें सुनकर अपना जीवन सार्थक ढंग से शुरू करने की प्रेरणा पाते हैं। लता जी उत्तर देती हैं — “आप पूछिए, मैं आपके प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार हूँ” और यह भी कि जितना प्रेम उन्हें मिला, उतना आभार वे गाकर भी नहीं जता पाईं।
  • पिता की स्मृतियाँ — साक्षात्कार का सबसे भरा-पूरा हिस्सा पं. दीनानाथ मंगेशकर का है। वे बिना डाँटे, केवल गंभीरता से देखकर बच्चों को समझा देते थे — “समझ गए न?” उनकी ड्रामा कंपनी के नाटक रात नौ बजे से देर रात दो-तीन बजे तक चलते थे, उनमें पाँच अंक और लंबी रागदारी वाला गायन होता था। वे राग गाते हुए किसी सुर को षड्ज बनाकर राग बदल देते और फिर उसी सुर में लौट आते थे। मराठी रंगमंच पर कर्नाटक और पंजाब का संगीत पहली बार वही लाए। उनके शास्त्रीय गायन के रेकॉर्ड एच.एम.वी. से निकले और राग जयजयवंती का एक रेकॉर्ड मेगाफोन कंपनी ने बाजार में उतारा।
  • मूल्य और उत्तरदायित्व — पिता से लता जी ने सबसे अधिक स्वाभिमान सीखा — “अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।” माँ का भी वही संस्कार था — “कैसे भी स्वाभिमान के साथ जी लेना है, मगर किसी के आगे जाकर हाथ नहीं पसारना है।” सन् 1942 में पिता के निधन के बाद, मात्र 13 वर्ष की आयु में, उन्होंने माँ और छोटे भाई-बहनों का भार उठाया; रेकॉर्डिंग सुबह से रात तक चलती और एक स्टूडियो से दूसरे-तीसरे स्टूडियो के चक्कर में पूरा दिन बीत जाता।
  • त्योहार, लोक और परंपरा — लता जी बताती हैं कि उनके घर होली उस रूप में नहीं मनती थी; होलिका की राख से खेले जाने वाले खेल को वे ‘गुड़वड़’ कहते थे और पाँचवें दिन रंग-पंचमी पर माँ-पिताजी केसर छिड़कते थे। महाराष्ट्र में नवरात्रि ‘गुड़ि पड़वा’ से आरंभ होती है और वहाँ यह पर्व दुर्गा-आराधना नहीं, राम-आगमन मानकर मनाया जाता है। विवाह के बाद नई बहू के आने पर होने वाला मंगलागौर स्त्रियों का गीत-नृत्य का उत्सव है, जो अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है।
  • संगीत-संसार के संस्मरण — दीवाली की सुबह साढ़े पाँच बजे मिठाई लेकर नौशाद साहब के घर पहुँचने का वाकया, और नौशाद साहब का वह वाक्य — “तुमने हमारी धुनों में इतनी मिठास घोली है” — साक्षात्कार का सबसे आत्मीय क्षण है। कोरस की लड़कियों (कविता, गांधारी, कल्याणी, सुमन, रेखा) के साथ वे ज़मीन पर बैठकर बातें करती थीं। उस्ताद अली अकबर खाँ के सरोद का तार टूटने पर उनका कथन — “बहन, जब बहुत सुर में तार लगता है, तो टूट जाता है” — पाठ का मर्म-वाक्य है, जिससे लता जी यह मानती हैं कि संगीत में असीम शक्ति है।
  • मूल संवेदना — साक्षात्कार के अंत में लता जी मराठी कहावत सुनाती हैं — ‘गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन’ (गाँव तो बह जाता है, पर नाम रह जाता है)। ‘मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं’ कहकर वे मृत्यु को सहजता से स्वीकार करती हैं और अंत में हर कलाकार तथा नेक इंसान के लिए प्रार्थना करती हैं। पूरे पाठ से जो छवि बनती है, वह सादगी, समर्पण और आत्मसम्मान की है — प्रसिद्धि की नहीं।
  • अभ्यास क्या माँगता है — इस पाठ का अभ्यास चार तरह का काम कराता है — (1) रचना से संवाद में तर्क सहित विकल्प चुनना, पंक्तियों से व्यक्तित्व-गुण पहचानना और एक उत्तर से अनेक प्रश्न बनाना; (2) विधा से संवाद में साक्षात्कार के आठ मुख्य बिंदुओं की पंक्तियाँ पाठ में से ढूँढ़ना और यह तय करना कि यह औपचारिक संवाद है या आत्मीय बातचीत; (3) विषयों से संवाद में शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, सामूहिकता और साइबर सुरक्षा पर सोचना; और (4) भाषा से संवाद में ‘हाथ’ के मुहावरे, कहावतों का अनुवाद और भाषा संगम।

How to Download NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 PDF

Follow these simple steps to get the ऐसी भी बातें होती हैं questions-and-answers PDF from गंगा.

  1. Search NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 aglasem and open this page.
  2. Read the exercise questions with answers for ऐसी भी बातें होती हैं shown above.
  3. Click the Download PDF link to save the ऐसी भी बातें होती हैं solutions to your device.

NCERT Solutions for Class 9 Hindi – All Chapters

There are more chapters to study besides ऐसी भी बातें होती हैं in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 9 Hindi.

  • Chapter 1 दो बैलों की कथा
  • Chapter 2 क्या लिखूँ?
  • Chapter 3 संवादहीन
  • Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं
  • Chapter 5 आखिरी चट्टान तक
  • Chapter 6 रीढ़ की हड्डी
  • Chapter 7 मैं और मेरा देश
  • Chapter 8 पद
  • Chapter 9 राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
  • Chapter 10 भारति, जय, विजयकरे!
  • Chapter 11 झाँसी की रानी
  • Chapter 12 घर की याद

NCERT Solutions for Class 9 – All Subjects

Just like Chapter 4 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 9. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 9.

  • English
  • Hindi
  • Maths
  • Sanskrit
  • Science
  • Social Science

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 – An Overview

The key highlights of this study material are as follows.

AspectsDetails
ClassClass 9
SubjectHindi
Chapter NumberChapter 4
Chapter Nameऐसी भी बातें होती हैं
Book Nameगंगा
Book ByNCERT (National Council of Educational Research and Training)
Educational Resource HereNCERT Solutions of Class 9 Hindi Chapter 4 for all exercises
More Questions Answers of This SubjectNCERT Solutions for Class 9 Hindi
Download Book ChapterNCERT Book Class 9 Hindi
All Questions Answers For This ClassNCERT Solutions for Class 9
Complete SolutionsNCERT Solutions

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं – FAQs

What are the NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं?

They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं from the NCERT Class 9 Hindi textbook गंगा, written by experts as per the latest NCERT syllabus.

How can I download the Class 9 Hindi Chapter 4 solutions PDF for free?

Open this page on aglasem, read the ऐसी भी बातें होती हैं questions with answers, and click the “Download Solutions PDF” link. The Class 9 Hindi Chapter 4 NCERT Solutions PDF is completely free to download.

Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?

Yes. The NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 are based on the latest NCERT textbook गंगा and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.

Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 9 Hindi?

You can find the answers to every chapter on the NCERT Solutions for Class 9 Hindi page, and solutions for every subject on the NCERT Solutions for Class 9 page.

How do NCERT Solutions help in exam preparation?

They show the correct method to solve each question, help you write answers the way they are expected in exams, let you check and correct your own work, and save revision time — which together improve your marks in Class 9 Hindi.

If you have any queries on NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं, then please ask in the comments below.

NCERT Solutions
NCERT Solutions for Class 9
NCERT Solutions for Class 9 Hindi
Tags: Class 9thHindiNCERT Hindi SolutionsNCERT SolutionsNCERT Solutions Class 9
Previous Post

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 3 संवादहीन (PDF) – 2026-27

Next Post

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 आखिरी चट्टान तक (PDF) – 2026-27

Related Posts

Assam Board
9th Class

Assam Class 9 Half Yearly Question Paper 2026 | Download SEBA 9th Std Half Yearly Question Paper PDF

Question Papers
9th Class

Assam Class 9 Assamese Half Yearly Question Paper 2026 PDF – Download SEBA 9th Std Half Yearly Assamese PYQP 2025, 2024

Question Papers
9th Class

Assam Class 9 English Half Yearly Question Paper 2026 PDF – Download SEBA 9th Std Half Yearly English PYQP 2025, 2024

Question Papers
9th Class

Assam Class 9 General Mathematics Half Yearly Question Paper 2026 PDF – Download SEBA 9th Std Half Yearly General Mathematics PYQP 2025, 2024

Leave a ReplyCancel reply

Class Wise Study Material

  • Class 1
  • Class 2
  • Class 3
  • Class 4
  • Class 5
  • Class 6
  • Class 7
  • Class 8
  • Class 9
  • Class 10
  • Class 11
  • Class 12

AglaSem Study Material

  • AglaSem Notes
  • AglaSem Sample Papers
  • PT, HY, Annual PYQP
  • Important Questions
  • Competency Based Questions
  • Maps

Board Exams

  • Solved Sample Papers
  • Maps
  • Revision Notes
  • CBSE
  • State Board

Study Material

  • Class Notes
  • NCERT Solutions
  • NCERT Books
  • HC Verma Solutions
  • Courses After Class 12th

Exam Zone

  • JEE Main 2025
  • NEET 2025
  • CLAT 2025
  • Fashion & Design
  • Latest
  • Disclaimer
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • Contact

© 2019 aglasem.com

  • Home
  • Boards
    • Date Sheet
    • Admit Card
    • Result
    • Sample Paper
    • Question Paper
  • NCERT
    • NCERT Solutions
    • NCERT Books
    • NCERT Audio Books
    • NCERT Exempler
  • Study Material
    • Notes
    • Model Papers
    • Past Year Question Paper
    • Maps
    • Writing Skill Format
  • Solutions
    • NCERT Solutions
    • RD Sharma Solutions
    • HC Verma Solutions
    • CG Board Solutions
    • UP Board Solutions
  • Olympiads
    • NMMS
  • Admissions
  • Career Guide
    • Careers Opportunities
    • Courses after 12th

Discover more from AglaSem Schools

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading