NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 1 दो बैलों की कथा provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter दो बैलों की कथा of the NCERT textbook गंगा. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 9 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 9 Hindi Chapter 1 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 1 दो बैलों की कथा
- Class: Class 9
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 1 – दो बैलों की कथा
- Textbook: गंगा (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 1 दो बैलों की कथा — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 59 questions of this chapter. The questions solved are:
- निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं? 1. कहानी में हीरा और मोती का आपसी संबंध किस गुण को मुख्य रूप से दर्शाता है? (क) प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विता (ख) एकता और सहयोग (ग) गर्व और दंभ (घ) विद्रोह और क्रोध
- 2. हीरा-मोती ने नया स्थान स्वीकार क्यों नहीं किया? (क) उन्हें भरपेट भोजन दिया गया। (ख) उन्हें बहुत मोटी रस्सी से बाँधा गया। (ग) मालिक ने बेचा, यह सोचकर उन्हें अपमान लगा। (घ) उन्हें अलग-अलग बाँधा गया।
- 3. बैलों ने रस्सी तोड़कर घर लौटने का निर्णय क्यों लिया? (क) कष्टों से बचने के लिए (ख) स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए (ग) अभिमान की रक्षा के लिए (घ) अपनापन पाने के लिए
- 4. गया द्वारा डंडे से मारने पर मोती का आक्रोश किस मानवीय मनोवृत्ति का द्योतक है? (क) स्वाभिमान (ख) अहिंसा (ग) पराधीनता (घ) अन्याय की रक्षा
- 5. कहानी में बैलों की ‘मूक-भाषा’ का प्रयोग लेखक ने किस लिए किया? (क) कहानी को रोचक बनाने के लिए (ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए (ग) संवादों को छोटा रखने के लिए (घ) कथा में हास्य उत्पन्न करने के लिए
- 6. ‘दो बैलों की कथा’ को यदि स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ें, तो हीरा और मोती किसके प्रतीक हो सकते हैं? (क) भारत पर अंग्रेजों के क्रूर और अन्यायपूर्ण शासन के (ख) स्वतंत्रता संग्राम में पशुओं के योगदान के (ग) सत्याग्रह और अहिंसा के आंदोलन के (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के
- 1. “दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता, पर इन दोनों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” जब बैल नए मालिक के यहाँ गए, तो उन्होंने काम करने से इनकार क्यों कर दिया था?
- 2. “गाँव के इतिहास में यह घटना अभूतपूर्व न होने पर भी महत्वपूर्ण थी।” बैलों का घर लौट आना कोई साधारण घटना नहीं है। कैसे? (संकेत— वे क्यों लौट आए, उनके और झूरी के मन में कौन-कौन से भाव रहे होंगे, क्या वास्तविक जीवन में भी ऐसा होता है आदि।)
- 3. “मोती ने मूक-भाषा में कहा— अब तो नहीं सहा जाता, हीरा!” ‘कभी-कभी संघर्ष करना आवश्यक हो जाता है’ इस कथन को कहानी के उदाहरणों से सिद्ध कीजिए।
- 4. “जब पेट भर गया और दोनों ने आजादी का अनुभव किया…” हीरा एवं मोती ‘स्वतंत्रता’ और ‘अपनापन’ दोनों में से किस भावना से अधिक प्रेरित थे? कारण सहित लिखिए।
- 5. “बैलों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” ‘अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है’— क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
- 6. “बहुत दिनों साथ रहते-रहते दोनों में भाईचारा हो गया था।” हीरा और मोती अभिन्न मित्र थे। कहानी की किन-किन घटनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है? कम से कम तीन बिंदु लिखिए।
- 7. “उसी समय मालकिन ने आकर दोनों के माथे चूम लिए।” कहानी में मालकिन और छोटी लड़की, दोनों के व्यवहार की तुलना कीजिए।
- 1. “उसने उनके माथे सहलाए और बोली— खोले देती हूँ। चुपके से भाग जाओ…” यदि आप वह छोटी लड़की होते, तो बैलों की मदद किस प्रकार करते?
- 2. “दोनों गधे अभी तक ज्यों-के-त्यों खड़े थे।” भय और संकोच इंसान को अवसर मिलने पर भी जकड़े रखता है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? इस वाक्य के संबंध में कहानी और अपने अनुभवों से उदाहरण लेते हुए अपने विचार लिखिए।
- 1. “दोस्तों में घनिष्ठता होते ही धौल-धप्पा होने लगता है। इसके बिना दोस्ती कुछ फुसफुसी, कुछ हल्की-सी रहती है, जिस पर ज्यादा विश्वास नहीं किया जा सकता।” क्या आप इस बात से सहमत हैं? आपको ऐसा क्यों लगता है? अपने अनुभवों के आधार पर बताइए।
- 2. “हीरा ने तिरस्कार किया— गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए।” “यह सब ढोंग है। बैरी को ऐसा मारना चाहिए कि फिर न उठे।” आपका इस संबंध में क्या विचार है? आप किसके साथ हैं— हीरा के या मोती के या दोनों के? क्यों?
- 3. “हम और तुम इतने दिनों एक साथ रहे। आज तुम विपत्ति में पड़ गए तो मैं तुम्हें छोड़कर अलग हो जाऊँ?” क्या कभी आपने किसी विपत्ति या चुनौती का सामना अपने किसी मित्र या परिजन के साथ मिलकर किया है? उस घटना के विषय में बताइए।
- कहानी ऐसी रचना है जिसमें जीवन के किसी एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है। उसके चरित्र, उसकी शैली, उसका कथा-विन्यास सभी उसी एक भाव को पुष्ट करते हैं। कोई कहानी वास्तविक या काल्पनिक घटनाओं पर आधारित हो सकती है और इसमें वास्तविक या काल्पनिक पात्र भी शामिल हो सकते हैं। आप कहानी लेखन की इस प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए एक कहानी का शीर्षक चुनिए और दिए गए मुख्य बिंदुओं को पूरा कीजिए— (शीर्षक और लेखक / विषय / क्रिया-कार्य / परिवेश-देश-काल और मुख्य विचार / चरित्र-पात्र / परिणाम)
- “दोनों सिर झुकाकर उसका हाथ चाटने लगे। दोनों की पूँछें खड़ी हो गईं।” इस वाक्य को पढ़कर आँखों के सामने एक दृश्य-सा बन जाता है। आप जानते हैं कि भाषा की इस विशेषता को चित्रात्मकता कहते हैं। ‘दो बैलों की कथा’ कहानी में ऐसी अनेक विशेषताएँ हैं जो इसे अद्भुत और प्रभावपूर्ण बनाती हैं। नीचे इस कहानी में आए कुछ विशेष बिंदुओं को उदाहरण के साथ दिया गया है। आप भी एक-एक उदाहरण खोजकर तालिका में लिखिए— (चित्रात्मक भाषा, संवादात्मकता, विरोधाभास, व्यंग्य, संघर्ष, अतिशयोक्ति, संदेह/उलझन)
- प्रायः कहानी के प्रारंभ में ही कहानी के मुख्य चरित्र, कहानी का समय, कहानी की भाषा, घटनाओं आदि के कुछ संकेत मिलने लगते हैं। प्रेमचंद की इस कहानी में भी ऐसे संकेत हैं। आप कहानी के ऐसे संकेत/बिंदुओं को ढूँढ़कर लिखिए।
- ‘दो बैलों की कथा’ कहानी जिस समय लिखी गई थी, उस समय भारत पर अंग्रेजों का दमनकारी शासन चल रहा था… इस कहानी में से कुछ वाक्य चुनकर नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों का मिलान स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े उपयुक्त वाक्यों के साथ कीजिए— (1. जोर तो मारता ही जाऊँगा, चाहे कितने ही बंधन पड़ते जाएँ। 2. मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा। 3. हमारी जान को कोई जान ही नहीं समझता। 4. दोनों मित्रों की आँखों में, रोम-रोम में विद्रोह भरा हुआ था। 5. इतना तो हो ही गया कि नौ-दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे। 6. साँड़ पूरा हाथी है… पर दोनों मित्र जान हथेलियों पर लेकर लपके।)
- 1. बैलों का काँजीहाउस में बंद होना न्याय और अन्याय दोनों को दर्शाता है। कैसे?
- 2. यदि आपको अवसर मिले तो आप बैलों की ओर से कौन-कौन से कानूनी अधिकार माँगेंगे?
- 3. मान लीजिए कि हीरा-मोती अपने साथ हुए अन्याय की शिकायत करना चाहते हैं। उनकी ओर से उनकी शिकायत थानाध्यक्ष को करते हुए एक पत्र लिखिए। (संकेत— “थानाध्यक्ष महोदय, हमारा नाम… है। हमारे साथ अन्याय हुआ है…।”)
- 1. “वह अपना धर्म छोड़ दे लेकिन हम अपना धर्म क्यों छोड़ें!” कहानी के अनुसार हीरा और मोती सदैव ध्यान रखते थे कि कौन-से कार्य करने योग्य हैं और कौन-से नहीं। वे कौन-कौन से कार्य कभी नहीं करते थे?
- 2. “गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए।” “लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूले जाते हो।” हीरा के ये कथन किन भारतीय मूल्यों की ओर संकेत करते हैं?
- 3. “दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता” (क) खेतों में जुताई के लिए बैल और हल कृषि के पारंपरिक उपकरण हैं। कृषि के अन्य पारंपरिक और आधुनिक उपकरणों तथा उनके उपयोग के विषय में पता लगाइए और लिखिए।
- 3. (ख) भारत में बैल केवल पशु नहीं बल्कि कृषि संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। लिखिए कि भारतीय गाँवों एवं शहरों में भी बैल किस-किस काम में सहायक होते हैं?
- “दो-चार बार मोती ने गाड़ी को सड़क की खाई में गिराना चाहा; पर हीरा ने संभाल लिया। वह ज्यादा सहनशील था।” 1. कहानी के आधार पर हीरा और मोती की विशेषताएँ लिखिए। (संकेत— धैर्यवान, गुस्सैल, मेहनती, शांत, सहनशील आदि)
- 2. हीरा और मोती की विशेषताएँ कुछ-कुछ समान और कुछ-कुछ अलग हैं, किंतु उनकी भिन्न विशेषताएँ एक-दूसरे को पूरा करती हैं। कैसे?
- 3. आपकी कक्षा में भी कुछ-कुछ समान और कुछ-कुछ भिन्न विशेषताओं वाले सहपाठी हैं। सबकी आवश्यकताएँ भी थोड़ी समान और थोड़ी भिन्न हैं। बताइए कि आप भिन्न विशेषताओं वाले सहपाठी से अपने लिए कैसा व्यवहार चाहते हैं? उनसे पता कीजिए कि वे आपसे अपने लिए कैसा व्यवहार चाहते हैं? (संकेत— क्या-क्या करें और क्या-क्या न करें, कैसे पढ़ाई खेल आदि में एक-दूसरे की सहायता करें और साथ दें)
- 4. “दोनों आमने-सामने या आस-पास बैठे हुए एक-दूसरे से मूक-भाषा में विचार-विनिमय करते थे।” कहानी में अनेक स्थानों पर ‘मूक-भाषा’ का उल्लेख किया गया है। आपके विचार से हीरा और मोती किस प्रकार आपस में बातें किया करते होंगे? अनुमान और कल्पना से बताइए।
- 5. आप भी अनेक अवसरों पर बिना शब्दों का उच्चारण किए संवाद करते हैं। कब-कब? कहाँ-कहाँ? कुछ उदाहरण लिखिए।
- आप नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी (लिंक) पर जाकर भारतीय सांकेतिक भाषा सीख सकते हैं—
- “सीधे दौड़ते चले गए। यहाँ तक कि मार्ग का ज्ञान न रहा। जिस परिचित मार्ग से आए थे, उसका यहाँ पता न था। नए-नए गाँव मिलने लगे।” 1. हीरा-मोती अपने घर के मार्ग से भटक गए थे। क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप रास्ता भूल गए या भटक गए? तब आपने अपने मार्ग का पता कैसे लगाया था?
- 2. यदि कोई व्यक्ति भटक जाए तो उसे क्या करना चाहिए कि वह सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँच जाए? कक्षा में चर्चा कीजिए और लिखिए। (संकेत— ऑनलाइन मानचित्र, पुलिस, स्कूल, सरकारी भवन, विद्यार्थी, सड़क पर लगे सूचना-पट, दुकानों के बोर्डों पर लिखे पते, डाकघर आदि।)
- 3. आपके विद्यालय में आपदा की स्थिति में निकासी का मार्ग दर्शाने वाला मानचित्र अवश्य होगा। उसे ध्यानपूर्वक देखिए और पता लगाइए कि आपदा की स्थिति में आपकी कक्षा के सबसे निकट और सुरक्षित कौन-सा मार्ग है।
- 1. हीरा और मोती की दैनंदिनी — कहानी में हीरा और मोती आपस में मनुष्यों की तरह बातें करते दिखते हैं। कल्पना कीजिए कि वे लिख-पढ़ भी सकते हैं। हीरा या मोती की नजर से उस दिन की डायरी लिखिए जब उन्हें काँजीहाउस ले जाया गया। कैसे लिखें— “आज का दिन…” से आरंभ करें। भावनाएँ लिखें (भूख, गुस्सा, दर्द)। अंत में आशा या संकल्प लिखें। (संकेत— “आज हमें काँजीहाउस में बंद किया गया। भूख से पेट जल रहा है। पर विश्वास है कि झूरी हमें वापस ले जाएगा।”)
- 2. आज के समाचार — मान लीजिए आप एक स्थानीय समाचार पत्र के संवाददाता हैं। अपने समाचार पत्र के लिए बैलों के काँजीहाउस से भागने का समाचार लिखिए। कैसे लिखें— शीर्षक दें। घटना का विवरण (कहाँ, कब, क्या हुआ)। परिणाम और लोगों की प्रतिक्रिया। (संकेत शीर्षक — ‘दो बहादुर बैलों ने तोड़ी बेड़ियाँ’)
- 3. कहानी का नया अंत — यदि बैल वापस न लौटते तो कहानी का अंत कैसे होता? कहानी का नया अंत लिखिए। कैसे लिखें— बैलों की नई जगह। झूरी की स्थिति। (संकेत— “हीरा और मोती अब एक बूढ़े किसान के घर शांति से रह रहे हैं।”)
- 4. चित्रकथा लेखन — नीचे ‘दो बैलों की कथा’ की एक घटना को चित्रकथा के रूप में दिया गया है। इन घटनाओं को पहचानिए। प्रत्येक घटना के लिए उपयुक्त संवाद और घटनाक्रम बताने वाले वाक्य लिखिए। कैसे लिखें— हर चित्र के लिए एक छोटा संवाद बनाकर लिखिए। दृश्य का क्रम— बंद करना, भागने की योजना, दीवार तोड़ना, आजादी। (संकेत— चित्र 4: “अब हम आजाद हैं।”)
- कहानी में से पाँच ऐसे शब्द चुनकर लिखिए जो आपके लिए बिल्कुल नए हैं। अब उन शब्दों के अर्थ अपने अनुमान से लिखिए। इसके बाद उनके अर्थ शब्दकोश में से देखकर लिखिए।
- “लोग आ-आकर उनकी सूरत देखते और मन फीका करके चले जाते।” … कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन वाक्यों में मुहावरों को पहचानकर रेखांकित कीजिए। इन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य बनाकर लिखिए। 1. “झूरी के साले गया को घर तक गोईं ले जाने में दाँतों पसीना आ गया।”
- 2. “उसका चेहरा देखकर अंतर्ज्ञान से दोनों मित्रों के दिल काँप उठे।”
- 3. “झूरी की स्त्री ने बैलों को द्वार पर देखा, तो जल उठी।”
- 4. “मोती दिल में ऐंठकर रह गया।”
- 5. “आएगा तो दूर ही से खबर लूँगा। देखूँ कैसे ले जाता है।”
- 6. “जी तोड़कर काम करते हैं, किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं करते, चार बातें सुनकर गम खा जाते हैं।”
- 7. “अगर वे भी ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते, तो शायद सभ्य कहलाने लगते।”
- 8. “तो फिर वहीं मरो। बंदा तो नौ-दो ग्यारह होता है।”
- 1. कविता (गीत) और अभिनंदन-पत्र — “बाल-सभा ने निश्चय किया, दोनों पशुवीरों को अभिनंदन-पत्र देना चाहिए।” (क) मान लीजिए कि बाल-सभा ने हीरा और मोती की प्रशंसा में एक गीत लिखा और गाया। अपनी कल्पना से वह गीत लिखिए।
- 1. (ख) हीरा और मोती के लिए अभिनंदन-पत्र लिखिए।
- 2. बाल सभा में भाषण — मान लीजिए कि आपको बाल-सभा ने हीरा-मोती के लौटने के बाद भाषण देने के लिए बुलाया है। भाषण का विषय है— ‘पशुओं के अधिकार’। अपना भाषण लिखिए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
- 3. शीर्षक — इस कहानी के पाँच भाग हैं। कहानी के प्रत्येक भाग को अपने मन से उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
- अपने समूह के साथ मिलकर ऐसी पहेलियाँ बनाइए जिनके उत्तर निम्नलिखित हों— हीरा, झूरी, मोती, गया, बैल, मटर, रस्सी, रोटी
- “कभी-कभी अड़ियल बैल भी देखने में आता है।” नीचे ‘बैल’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। — इनके अतिरिक्त यदि आप ‘बैल’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
- — उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए। (वाक्य: “कभी-कभी अड़ियल बैल भी देखने में आता है।”)
- खोजबीन — दो बैलों की कथा; कथा सम्राट– प्रेमचंद; प्रेमचंद का बचपन और बच्चों की कहानियाँ (channel-NCERTOFFICIAL)
Chapter at a Glance
- रचनाकार — प्रेमचंद का जन्म सन् 1880 में लमही (वाराणसी), उत्तर प्रदेश में हुआ। उनका मूल नाम धनपत राय था। उन्होंने शिक्षा विभाग में नौकरी की, परंतु असहयोग आंदोलन में सक्रिय भाग लेने के लिए सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और पूरी तरह लेखन को समर्पित हो गए। सन् 1936 में उनका निधन हुआ।
- उनकी कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित हैं। सेवासदन , प्रेमाश्रम , रंगभूमि , कायाकल्प , निर्मला , गबन , कर्मभूमि और गोदान उनके प्रमुख उपन्यास हैं। उन्होंने हंस , जागरण और माधुरी पत्रिकाओं का संपादन भी किया। किसान, मजदूर, दलित, स्त्री और स्वाधीनता आंदोलन उनकी रचनाओं के मूल विषय हैं; उनके कथा-साहित्य में मनुष्य ही नहीं, पशु-पक्षियों को भी आत्मीयता मिली है।
- कथावस्तु — झूरी के दो बैल हीरा और मोती पछाईं जाति के हैं — देखने में सुंदर, काम में चौकस, डील में ऊँचे। झूरी उन्हें अपने साले गया के यहाँ भेज देता है। बैल इसे बिकना समझते हैं; पहली ही रात पगहे तुड़ाकर घर लौट आते हैं। मालकिन उन्हें ‘नमक-हराम’ कहकर सूखा भूसा देने का हुक्म देती है। दूसरे दिन गया फिर ले जाता है, हल में जोतता है, मारता है — बैल पाँव नहीं उठाते।
- गया के घर भैरो की छोटी अनाथ लड़की उन्हें रोज़ चोरी-छिपे दो रोटियाँ खिलाती है। एक रात वही लड़की उनका गराँव खोल देती है और वे भाग निकलते हैं, पर रास्ता भूल जाते हैं। मटर के खेत में पेट भरते हैं, एक साँड़ से मिलकर लड़ते और उसे हराते हैं, फिर मटर चरते हुए पकड़े जाकर काँजीहौस में बंद कर दिए जाते हैं।
- काँजीहौस में भूखे रहकर हीरा दीवार तोड़ने लगता है और बाँध दिया जाता है; तब मोती दीवार गिराकर नौ-दस प्राणियों को छुड़ाता है, पर स्वयं अपने बंधे मित्र को छोड़कर नहीं भागता — “हम और तुम इतने दिनों एक साथ रहे हैं। आज तुम विपत्ति में पड़ गए, तो मैं तुम्हें छोड़कर अलग हो जाऊँ?” एक सप्ताह भूखे रहने के बाद दोनों नीलाम कर दिए जाते हैं और एक दढ़ियल (कसाई-सा दिखने वाला आदमी) उन्हें खरीद ले जाता है।
- रास्ता पहचानते ही दोनों दौड़कर अपने थान पर पहुँच जाते हैं। मोती दढ़ियल को गाँव के बाहर तक खदेड़ आता है। नाँद में खली, भूसा, चोकर और दाना भर दिया जाता है, और अंत में वही मालकिन आकर दोनों के माथे चूम लेती है — यही कहानी का सबसे मार्मिक मोड़ है।
- मूल संवेदना — कहानी सीधे-सादे, सहनशील प्राणी के भीतर छिपे स्वाभिमान और विद्रोह को दिखाती है। प्रेमचंद यह भी कहते हैं कि स्वतंत्रता सहज ही नहीं मिलती, उसके लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है । इस तरह यह कहानी परोक्ष रूप से स्वतंत्रता आंदोलन की भावना से जुड़ी है — हीरा-मोती भारतीय जनता के, गया दमनकारी शासन के, और काँजीहौस जेल के प्रतीक बन जाते हैं। साथ में मित्रता, सहयोग, संगठित शक्ति और अहिंसा बनाम प्रतिकार की बहस भी चलती है।
- भाषा-शैली — प्रेमचंद की भाषा सरल, जीवंत और मुहावरेदार है। लोक-प्रचलित शब्दों (पगहिया, नाँद, चरनी, गराँव, थान, डुग्गी, काँजीहौस) का कुशल प्रयोग है। पशुओं की ‘ मूक-भाषा ’ के संवाद, चित्रात्मकता , व्यंग्य (भारतवासियों की अफ्रीका में दुर्दशा वाला अंश), अतिशयोक्ति और विरोधाभास इसकी शिल्पगत विशेषताएँ हैं। पूरी कहानी पाँच भागों में बँटी है और इसकी शुरुआत पंचतंत्र तथा हितोपदेश जैसी पशु-कथाओं की परंपरा से जुड़ती है।
- अभ्यास क्या माँगता है — यह अध्याय केवल ‘पाठ से’ प्रश्न नहीं पूछता। मेरे उत्तर मेरे तर्क में विकल्प चुनने के साथ तर्क भी देना है; विधा से संवाद में कहानी को एक विधा की तरह जाँचना है (चित्रात्मकता, संवादात्मकता, विरोधाभास, व्यंग्य, संघर्ष, अतिशयोक्ति, संदेह); विषयों से संवाद में कहानी को स्वतंत्रता आंदोलन, पशु-अधिकार, कृषि-संस्कृति और भारतीय मूल्यों से जोड़ना है; सृजन में डायरी, समाचार, नया अंत और चित्रकथा लिखनी है; और भाषा से संवाद में मुहावरे, नए शब्द, पहेलियाँ तथा भाषा संगम के बहुभाषी शब्द देखने हैं।
How to Download NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 1 PDF
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi – All Chapters
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- Chapter 1 दो बैलों की कथा
- Chapter 2 क्या लिखूँ?
- Chapter 3 संवादहीन
- Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं
- Chapter 5 आखिरी चट्टान तक
- Chapter 6 रीढ़ की हड्डी
- Chapter 7 मैं और मेरा देश
- Chapter 8 पद
- Chapter 9 राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
- Chapter 10 भारति, जय, विजयकरे!
- Chapter 11 झाँसी की रानी
- Chapter 12 घर की याद
NCERT Solutions for Class 9 – All Subjects
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 1 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 1 |
| Chapter Name | दो बैलों की कथा |
| Book Name | गंगा |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 1 दो बैलों की कथा – FAQs
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