NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 आखिरी चट्टान तक provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter आखिरी चट्टान तक of the NCERT textbook गंगा. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 9 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 9 Hindi Chapter 5 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 आखिरी चट्टान तक
- Class: Class 9
- Subject: Hindi
- Chapter: Chapter 5 – आखिरी चट्टान तक
- Textbook: गंगा (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 5 आखिरी चट्टान तक — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 44 questions of this chapter. The questions solved are:
- निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं? 1. लेखक ने सूर्यास्त का मनोहारी दृश्य कहाँ से देखा? (क) विवेकानंद चट्टान से (ख) अरब सागर की ओर के ऊँचे टीले से (ग) पच्छिमी क्षितिज से (घ) सैंड हिल से
- 2. “मैं कुछ देर भूला रहा कि मैं मैं ही हूँ।” यह कथन लेखक की किस मनःस्थिति को दर्शाता है? (क) मौन हो जाना (ख) विस्मित हो जाना (ग) भ्रमित हो जाना (घ) आशंकित होना
- 3. “मैंने, सिर्फ मैंने उस चोटी को पहली बार सर किया हो।” इस कथन में कौन-सा भाव व्यक्त होता है? (क) करुणा (ख) विनम्रता (ग) आत्मीयता (घ) संतुष्टि
- 4. “शक्ति का विस्तार, विस्तार की शक्ति” वाक्य में वर्णन है— (क) बलखाती लहरों का (ख) सागर की व्यापकता का (ग) सूर्यास्त के दृश्य का (घ) पच्छिमी क्षितिज का
- 5. लेखक की कन्याकुमारी की यात्रा का वर्णन पढ़कर कहा जा सकता है कि— (क) यह कन्याकुमारी के मौसम को प्रमुखता से वर्णित करता है। (ख) यह यात्रा को जीवंत अनुभूतियों से जोड़ता है। (ग) यह केवल यात्रा के रोमांच पर केंद्रित है। (घ) इसमें कन्याकुमारी का काल्पनिक वर्णन मिलता है।
- नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए— 1. यात्रियों का समूह सूर्यास्त का दृश्य देखने के लिए सैंड हिल की ओर बढ़ता जा रहा था लेकिन लेखक सैंड हिल पर पहुँचकर कुछ देर रुकने के बाद दूसरे टीले की ओर बढ़ने लगा। उसके ऐसा करने के पीछे मूल कारण क्या था?
- 2. लेखक ने कन्याकुमारी के स्थानीय लोगों के विषय में क्या-क्या बताया?
- 3. “अपने प्रयत्न की सार्थकता से संतुष्ट होकर मैं टीले पर बैठ गया” इस पंक्ति में ‘प्रयत्न की सार्थकता’ से क्या अभिप्राय है?
- 4. यात्रा-वृत्तांत में आए उन दृश्यों के विषय में लिखिए जिनका अनुभव लेखक के लिए बिल्कुल नया था।
- 5. यात्रा-वृत्तांत से ऐसे दो अंश चुनकर लिखिए जिससे लेखक की मानसिक दृढ़ता और हार न मानने की प्रवृत्ति का पता चलता है।
- मोहन राकेश का ‘आखिरी चट्टान तक’ यात्रा-वृत्तांत केवल स्थान-चित्रण नहीं है बल्कि इसमें प्रकृति का सजीव रूपांकन, मानव-जीवन और समाज की झलक तथा आत्मानुभूति का गहरा समन्वय मिलता है। नीचे यात्रा-वृत्तांत के प्रमुख तत्वों/विशेषताओं को कुछ प्रमुख बिंदुओं के माध्यम से दर्शाया गया है। इन्हें पढ़कर यात्रा-वृत्तांत की रचना-प्रक्रिया को समझने का प्रयास कीजिए। (1. दृश्य-वर्णन 2. आत्मानुभूति व भावनाएँ 3. सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य 4. जीवन-दर्शन 5. शैलीगत विशेषताएँ 6. रोमांच व संघर्ष)
- अपनी किसी यात्रा को इन बिंदुओं के माध्यम से समझाइए।
- संसार में बहुत से लोगों ने लंबी-लंबी यात्राएँ की हैं और अपनी यात्रा से अर्जित ज्ञान और अनुभव से समाज को समृद्ध किया है। पुस्तकालय एवं शिक्षक की सहायता से कुछ महत्वपूर्ण यात्रा-वृत्तांत और उनके लेखकों के विषय में जानकारी एकत्रित कीजिए और लिखिए। आपकी सहायता के लिए एक संकेत नीचे दिया गया है। (यात्रा-वृत्तांत / स्थान / रचनाकार — किन्नर देश में | हिमाचल प्रदेश में स्थित किन्नौर | राहुल सांकृत्यायन)
- कन्याकुमारी भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित एक तटीय शहर है जिसके प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण पाठ में हुआ है। 1. भारत के समुद्री तट पर स्थित अन्य राज्यों के नाम तथा उनकी अवस्थिति को भारत के मानचित्र पर चिह्नित कीजिए।
- 2. यात्रा करना सभी को अच्छा लगता है। आपके मन में भी कुछ जगहों को देखने की इच्छा अवश्य हुई होगी। अपनी पसंद की उन जगहों की सूची नीचे दिए गए शीर्षकों के अनुसार बनाइए। (पर्यटन स्थल / राज्य जहाँ वह स्थित है / पर्वतीय-समुद्री-मैदानी-अन्य क्षेत्र / जलवायु / घूमने का अनुकूल समय)
- 3. कन्याकुमारी की भौगोलिक स्थिति, परिवेश, महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल एवं जन-जीवन का वर्णन करते हुए बताइए कि वहाँ की स्थिति आपके राज्य अथवा शहर/गाँव से किस प्रकार भिन्न है?
- 4. इस यात्रा-वृत्तांत में कन्याकुमारी में स्थित चट्टान को आखिरी चट्टान कहा गया है। पुस्तकालय या अन्य स्रोतों तथा समाज विज्ञान के अपने शिक्षक से बातचीत करके पता लगाइए कि वर्तमान समय में भारत का अंतिम छोर (दक्षिणतम बिंदु) किसे माना जाता है। उस स्थान के विषय में लिखिए।
- 5. इंटरनेट या अन्य किन्हीं माध्यमों से पता लगाइए कि आखिरी चट्टान में वर्णित कन्याकुमारी के विवेकानंद स्मारक चट्टान के स्वरूप में किस प्रकार का विस्तार हुआ है? (संकेत– तिरुवल्लुवर की प्रतिमा इत्यादि)
- 1. किसी भी स्थानीय शिल्पकार से बात करके निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी संगृहीत कीजिए। यह कार्य दो-दो के जोड़े में कीजिए— (शिल्प का नाम / यह कार्य कब से कर रहे हैं? / इसका प्रशिक्षण कहाँ से लिया? / शिल्प निर्माण में घर की महिलाओं की साझेदारी / प्रयुक्त सामग्री, तकनीक, लागत और विपणन / औपचारिक संस्थागत प्रशिक्षण)
- 2. डिजिटल खरीददारी और ई-वाणिज्य कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने में किस प्रकार उपयोगी है?
- 3. हस्तशिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी इकट्ठा कीजिए और अपनी कक्षा में उस पर चर्चा कीजिए।
- आपकी कक्षा में कुछ विशेष आवश्यकता वाले साथी भी होंगे जिन्हें अपने दैनिक जीवन में अनेक तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता होगा। 1. ऐसे साथियों को अगर किसी यात्रा पर जाना हो तो उनके समक्ष किस प्रकार की चुनौतियाँ आ सकती हैं?
- 2. उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर कुछ ऐसे सुझाव दीजिए जो उनकी यात्रा को सहज बनाने में उपयोगी हों।
- 3. अपने द्वारा दिए गए सुझावों पर विद्यालय के विशेष शिक्षा शिक्षक के साथ चर्चा कीजिए और समझिए कि आपके द्वारा सुझाए गए उपाय कितने प्रभावी हैं तथा उनमें और क्या बदलाव किए जा सकते हैं?
- 4. प्राप्त सुझावों के विषय में कक्षा के विशेष आवश्यकता वाले साथियों से भी चर्चा कीजिए और उनकी राय जानने का प्रयास कीजिए।
- क्या आपने कभी सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का दृश्य देखा है? अगर नहीं तो एक दिन सुबह जल्दी उठकर उगते सूरज की लालिमा को देखिए और अस्त होते सूर्य के साथ शाम का भी आनंद लीजिए। अब इन दोनों दृश्यों की तुलना करते हुए अपने अनुभव का वर्णन कीजिए।
- विधा से संवाद के अंतर्गत आपने दिए गए बिंदुओं के माध्यम से यात्रा-वृत्तांत के प्रमुख तत्वों के विषय में जाना और समझा। इन तत्वों को ध्यान में रखकर आप भी अपने घूमे हुए किसी प्रिय स्थान के अनुभवों पर एक यात्रा-संस्मरण लिखिए।
- ‘यात्राएँ हमें समृद्ध करती हैं’ विषय पर कक्षा में एक परिचर्चा आयोजित कीजिए।
- “एक लहर मेरे पैरों को भिगो गई तो सहसा मुझे खतरे का एहसास हुआ।” यात्रा के दौरान कई बार ऐसी अप्रत्याशित चुनौतियाँ सामने आ जाती हैं। ऐसी किसी स्थिति का सामना करने के लिए व्यक्ति में किन गुणों का होना आवश्यक है? अपने सहपाठियों के साथ मिलकर इस विषय पर चर्चा कीजिए।
- यदि आपके पास भी कोई ऐसा अनुभव हो तो उसे अपने सहपाठियों के साथ साझा कीजिए।
- नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उनमें क्रिया-विशेषण पदों की पहचान कीजिए तथा दिए गए उदाहरण के अनुसार लिखिए। (उदाहरण— वाक्य: मैं जल्दी-जल्दी चलने लगा। | क्रिया-विशेषण: जल्दी-जल्दी | क्रिया, जिसकी विशेषता बताई जा रही है: ‘चलने लगा’ क्रिया की विशेषता) (क) बल खाती लहरें रास्ते की नुकीली चट्टानों से कटती हुई आती थीं।
- (ख) यात्रियों की कितनी ही टोलियाँ उस दिशा में जा रही थीं।
- (ग) मैं देर तक भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान को देखता रहा।
- पाठ से चुनकर कुछ वाक्य नीचे तालिका में दिए गए हैं। इन वाक्यों में रेखांकित शब्दों का अर्थ बताते हुए उनसे नए वाक्य बनाइए। 1. तीनों तरफ से क्षितिज तक पानी-पानी था।
- 2. पीछे दाईं तरफ दूर-दूर हटकर नारियलों के झुरमुट नजर आ रहे थे।
- 3. दूर तक एक रेत की लंबी ढलान थी।
- 4. पच्छिमी तट के साथ-साथ सूखी पहाड़ियों की एक शृंखला दूर तक चली गई थी।
- 5. सामने फैली रेत के कारण बहुत रूखी, बीहड़ और वीरान लग रही थी।
- 1. कल्पना कीजिए कि आप अपने परिवार के साथ कहीं घूमने गए हैं। वहाँ आपकी भेंट एक ऐसे यात्री से होती है जिसे आपकी सहायता की आवश्यकता है लेकिन आप दोनों एक-दूसरे की भाषा से अपरिचित हैं। ऐसे में उस अनजान यात्री की सहायता आप कैसे करेंगे?
- 2. पधारो म्हारे देश — अपने क्षेत्र के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों की एक सूची बनाइए और उनकी विशेषताओं को ध्यान में रखकर एक विवरणिका (ब्रॉशर) तैयार कीजिए।
- “ऊँची-ऊँची लहरों से बचाते हुए मल्लाह नाव को ला रहे थे” — ‘नाव’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। इनके अतिरिक्त यदि आप ‘नाव’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
- उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
- आपने ‘आखिरी चट्टान तक’ रचना पढ़ी जो दक्षिण भारत की यात्रा पर आधारित है। आइए, अब पढ़ते हैं हिंदी के प्रसिद्ध रचनाकार निर्मल वर्मा का कुंभ मेले पर आधारित यात्रा-वृत्तांत का एक अंश (प्रयाग : 1976)। — कुंभ मेले के बारे में यह अंश आपको रोचक लगा? अब इस यात्रा-वृत्तांत को इंटरनेट, पुस्तकालय से ढूँढ़कर पूरा पढ़िए।
- इस यात्रा-वृत्तांत में उल्लिखित ‘आखिरी चट्टान’ को ‘विवेकानंद चट्टान’ के नाम से भी जाना जाता है। युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में विवेकानंद के जन्मदिवस 12 जनवरी को भारत में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ तथा ‘राष्ट्रीय युवा सप्ताह’ के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय युवा सप्ताह के एक हिस्से के रूप में भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष ‘राष्ट्रीय युवा महोत्सव’ का आयोजन किया जाता है। विवेकानंद के जीवन, लेखन और सामाजिक कार्यों के विषय में पुस्तकालय और इंटरनेट से खोजकर पढ़िए और कक्षा में चर्चा कीजिए। (कुछ लिंक — स्वामी विवेकानंद : युवाओं के लिए सच्चे आदर्श और मार्गदर्शक; स्वामी विवेकानंद : आध्यात्मिक वैज्ञानिक — प्रेस सूचना ब्यूरो, भारत सरकार)
Chapter at a Glance
- रचनाकार — मोहन राकेश का जन्म सन् 1925 में अमृतसर, पंजाब में हुआ। वे हिंदी साहित्य के बहुमुखी रचनाकार थे — कहानी, उपन्यास, नाटक, डायरी-लेखन और यात्रा-वृत्तांत, सभी विधाओं में उन्होंने लिखा। नाटक — आषाढ़ का एक दिन , लहरों के राजहंस , आधे-अधूरे ; उपन्यास — अंधेरे बंद कमरे , अंतराल , न आने वाला कल ; कहानी-संग्रह — क्वार्टर तथा अन्य कहानियाँ , नए बादल , वारिस तथा अन्य कहानियाँ ; डायरी — मोहन राकेश की डायरी ; और यात्रा-वृत्तांत — आखिरी चट्टान तक । आषाढ़ का एक दिन पर उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला। कुछ समय उन्होंने सारिका पत्रिका का संपादन भी किया। सन् 1972 में मात्र 48 वर्ष की अल्पायु में उनका निधन हो गया।
- विधा — यह पाठ यात्रा-वृत्तांत है, कहानी नहीं। इसमें न कोई गढ़ा हुआ कथानक है, न पात्रों का संघर्ष। जो कुछ है, वह है — एक स्थान, एक यात्री, और उस यात्री की चेतना पर उस स्थान की पड़ती छाप। यही कारण है कि पूरा वृत्तांत उत्तम पुरुष (‘मैं’) में लिखा गया है और घटनाओं का क्रम घड़ी के क्रम से चलता है — सूर्यास्त → रात → सूर्योदय ।
- कथ्य (क्या-क्या घटता है) — लेखक केप होटल के आगे बने बाथ टैंक के बाईं ओर समुद्र से उभरी स्याह चट्टानों में से एक पर खड़ा होकर भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान को देखता है — वही चट्टान जिस पर कभी स्वामी विवेकानंद ने समाधि लगाई थी। तीनों समुद्रों का विस्तार देखकर वह क्षण-भर को भूल जाता है कि वह स्वयं एक अलग व्यक्ति है। होश आने पर देखता है कि उसकी अपनी चट्टान पानी में घिर चुकी है।
- फिर वह सूर्यास्त देखने पच्छिम की ओर चल पड़ता है। यात्रियों की टोलियाँ सैंड हिल पर रुक जाती हैं, पर लेखक वहाँ नहीं रुकता — क्योंकि अरब सागर की ओर एक और ऊँचा टीला पूरे विस्तार को ओट में लिए है। वह एक के बाद एक कई टीले पार करता है — “टाँगें थक रही थीं पर मन थकने को तैयार नहीं था।” अंत में खुला विस्तार सामने आ जाता है और वह ‘प्रयत्न की सार्थकता’ से संतुष्ट होकर बैठ जाता है, मानो उसने संसार की सबसे ऊँची चोटी सर कर ली हो।
- सूर्यास्त का चित्र — सूर्य पानी को छूता है और “पानी पर दूर तक सोना-ही-सोना ढुल” आता है; डूबते ही वहाँ “लहू बहता नजर आने” लगता है; फिर वह लहू बैंजनी और बैंजनी से काला पड़ जाता है। दृश्यपट पर स्याही फैल जाती है और नारियल के झुरमुट ‘सिर धुनते’ से लगते हैं। लौटते समय तट की अनाम रंगों वाली रेत उसे रोक लेती है — ऐसे रंग उसने पहले कहीं नहीं देखे थे। फिर ज्वार आता है, तट सिकुड़ता है, लेखक दौड़ता है, चट्टान से टकराता है, किसी तरह उस पर चढ़ता है — और पाता है कि उस पार तो सौ फुट का खुला तट है और लोग टहल रहे हैं।
- सूर्योदय और मनुष्य — अगली सुबह लेखक आठ आदमियों के साथ विवेकानंद चट्टान पर बैठा है, जहाँ तक चार मल्लाह एक छोटी-सी मछुआ नाव में उन्हें लाए हैं। यहीं वृत्तांत का सबसे मार्मिक मोड़ आता है — साथ बैठा ग्रेजुएट नवयुवक बताता है कि कन्याकुमारी की आठ हजार की आबादी में चार-पाँच सौ शिक्षित बेकार हैं, जिनमें सौ के लगभग ग्रेजुएट हैं। वह स्वयं फोटो-एलबम बेचता है। उसका वाक्य — “हम लोग सीपियों का गूदा खाते हैं और दार्शनिक सिद्धांतों पर बहस करते हैं” — पूरे वृत्तांत को सौंदर्य से उठाकर यथार्थ पर ला खड़ा करता है।
- मूल संवेदना — यह वृत्तांत दो चीज़ों को एक साथ रखता है — प्रकृति की भव्यता और मनुष्य की क्षुद्रता व विवशता । एक ओर तीन समुद्रों का संगम और ‘शक्ति का विस्तार, विस्तार की शक्ति’; दूसरी ओर बेकारी के आँकड़े, सीपी का गूदा, और अंत में लेखक के मन में दोहराया जाता बसों का टाइम-टेबल — “तीसरी बस नौ चालीस पर, चौथी…”। कडल-काक इन दोनों से ‘बे-लाग’ तैरते रहते हैं। यही विडंबना इस रचना की आत्मा है।
- भाषा-शैली — भाषा सजीव, प्रवाहपूर्ण और चित्रात्मक है। लेखक रंगों से चित्र बनाता है (सोना, लहू, बैंजनी, स्याही, सुरमई, खाकी), उपमा और रूपक गढ़ता है (‘उस पूरे कैनवस में छिटके हुए बिंदुओं की तरह’, ‘बड़ी-बड़ी चट्टानों के बीच एक छोटी-सी चट्टान’), प्रकृति का मानवीकरण करता है (‘सूर्य का गोला जैसे एक बेबसी में पानी के लावे में डूबता जा रहा था’), और रात के दृश्य को क्रियाहीन वाक्यांशों में उतारता है — “रात केप होटल का लॉन। अँधेरे में हिंद महासागर को काटती कुछ स्याह लकीरें— एक पौधे की टहनियाँ।” यही रेखाचित्र-सी शैली इसे साधारण विवरण से अलग करती है।
- अभ्यास क्या माँगता है — मेरे उत्तर मेरे तर्क में विकल्प चुनने के साथ तर्क भी देना है। विधा से संवाद में यात्रा-वृत्तांत के छह तत्वों (दृश्य-वर्णन, आत्मानुभूति व भावनाएँ, सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य, जीवन-दर्शन, शैलीगत विशेषताएँ, रोमांच व संघर्ष) से अपनी यात्रा को जाँचना है। विषयों से संवाद इसे भूगोल, हस्तशिल्प और समावेशी यात्रा से जोड़ता है; सृजन में यात्रा-संस्मरण और परिचर्चा है; भाषा से संवाद में क्रिया-विशेषण , शब्द-अर्थ और भाषा संगम है; और झरोखे से में निर्मल वर्मा का कुंभ-वृत्तांत तुलना के लिए रखा गया है।
How to Download NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 PDF
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi – All Chapters
There are more chapters to study besides आखिरी चट्टान तक in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 9 Hindi.
- Chapter 1 दो बैलों की कथा
- Chapter 2 क्या लिखूँ?
- Chapter 3 संवादहीन
- Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं
- Chapter 5 आखिरी चट्टान तक
- Chapter 6 रीढ़ की हड्डी
- Chapter 7 मैं और मेरा देश
- Chapter 8 पद
- Chapter 9 राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
- Chapter 10 भारति, जय, विजयकरे!
- Chapter 11 झाँसी की रानी
- Chapter 12 घर की याद
NCERT Solutions for Class 9 – All Subjects
Just like Chapter 5 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 9. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 9.
NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | Hindi |
| Chapter Number | Chapter 5 |
| Chapter Name | आखिरी चट्टान तक |
| Book Name | गंगा |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
| Educational Resource Here | NCERT Solutions of Class 9 Hindi Chapter 5 for all exercises |
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 आखिरी चट्टान तक – FAQs
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They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 5 आखिरी चट्टान तक from the NCERT Class 9 Hindi textbook गंगा, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
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