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Home » Extras » NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 झाँसी की रानी (PDF) – 2026-27

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 झाँसी की रानी (PDF) – 2026-27

by
September 10, 2026
in 9th Class

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 झाँसी की रानी provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter झाँसी की रानी of the NCERT textbook गंगा. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 9 Hindi help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 9 Hindi Chapter 11 question-answer PDF.

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 झाँसी की रानी

  • Class: Class 9
  • Subject: Hindi
  • Chapter: Chapter 11 – झाँसी की रानी
  • Textbook: गंगा (NCERT)
  • Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF

These solutions answer all the exercise questions of Chapter 11 झाँसी की रानी — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.

NCERT Solutions Class 9 Hindi Chapter 11 झाँसी की रानी View Download

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 PDF Download

You can read the NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 online above, or download the complete question-answer PDF to study झाँसी की रानी offline at any time.


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Questions Covered in This Chapter

These NCERT Solutions answer all 49 questions of this chapter. The questions solved are:

  1. “सिंहासन हिल उठे, राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, / बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी, / गुमी हुई आजादी की कीमत सबने पहचानी थी, / दूर फ़िरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी, / चमक उठी सन् सत्तावन में वह तलवार पुरानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  2. “कानपूर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी, / लक्ष्मीबाई नाम, पिता की वह संतान अकेली थी, / नाना के सँग पढ़ती थी वह, नाना के सँग खेली थी, / बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी उसकी यही सहेली थी, / वीर शिवाजी की गाथाएँ उसको याद ज़बानी थीं।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  3. “लक्ष्मी थी या दुर्गा थी वह स्वयं वीरता की अवतार, / देख मराठे पुलकित होते उसकी तलवारों के वार, / नकली युद्ध, व्यूह की रचना और खेलना खूब शिकार, / सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना, ये थे उसके प्रिय खिलवार, / महाराष्ट्र-कुल-देवी उसकी भी आराध्य भवानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  4. “हुई वीरता की वैभव के साथ सगाई झाँसी में, / ब्याह हुआ रानी बन आई लक्ष्मीबाई झाँसी में, / राजमहल में बजी बधाई खुशियाँ छाईं झाँसी में, / सुभट बुँदेलों की विरुदावलि-सी वह आई झाँसी में, / चित्रा ने अर्जुन को पाया, शिव से मिली भवानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  5. “उदित हुआ सौभाग्य, मुदित महलों में उजयाली छाई, / किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई, / तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाईं, / रानी विधवा हुई हाय! विधि को भी नहीं दया आई, / निःसंतान मरे राजाजी रानी शोक-समानी थी,” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  6. “बुझा दीप झाँसी का तब डलहौजी मन में हरषाया, / राज्य हड़प करने का उसने यह अच्छा अवसर पाया, / फौरन फौजें भेज दुर्ग पर अपना झंडा फहराया, / लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया, / अश्रुपूर्ण रानी ने देखा झाँसी हुई बिरानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  7. “अनुनय-विनय नहीं सुनता है, विकट फ़िरंगी की माया, / व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया, / डलहौजी ने पैर पसारे अब तो पलट गई काया, / राजाओं नव्वाबों को भी उसने पैरों ठुकराया, / रानी दासी बनी, बनी यह दासी अब महरानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  8. “छिनी राजधानी देहली की, लिया लखनऊ बातों-बात, / कैद पेशवा था बिठूर में, हुआ नागपुर का भी घात, / उदैपूर, तंजोर, सतारा, करनाटक की कौन बिसात, / जब कि सिंध, पंजाब, ब्रह्म पर अभी हुआ था वज्र-निपात, / बंगाले, मद्रास आदि की भी तो यही कहानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  9. “रानी रोईं रनिवासों में बेगम ग़म से थीं बेजार / उनके गहने-कपड़े बिकते थे कलकत्ते के बाजार, / सरे-आम नीलाम छापते थे अंग्रेजों के अखबार, / ‘नागपूर के जेवर ले लो’ ‘लखनऊ के लो नौलख हार’, / यों परदे की इज़्ज़त परदेशी के हाथ बिकानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  10. “कुटियों में थी विषम वेदना, महलों में आहत अपमान, / वीर सैनिकों के मन में था, अपने पुरखों का अभिमान, / नाना धुंधूपंत पेशवा जुटा रहा था सब सामान, / बहिन छबीली ने रण-चंडी का कर दिया प्रकट आह्वान, / हुआ यज्ञ प्रारंभ उन्हें तो सोई ज्योति जगानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  11. “महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी, / यह स्वतंत्रता की चिनगारी अंतरतम से आई थी, / झाँसी चेती, दिल्ली चेती, लखनऊ लपटें छाईं थीं, / मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी, / जबलपुर, कोल्हापुर में भी कुछ हलचल उकसानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  12. “इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में कई वीरवर आए काम / नाना धुंधूपंत, ताँतिया, चतुर अज़ीमुल्ला सरनाम, / अहमद शाह मौलवी, ठाकुर कुँवरसिंह सैनिक अभिराम, / भारत के इतिहास-गगन में अमर रहेंगे जिनके नाम, / लेकिन आज जुर्म कहलाती उनकी जो कुरबानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए। इसमें आए वीरों का परिचय भी दीजिए।
  13. “इनकी गाथा छोड़ चलें हम झाँसी के मैदानों में, / जहाँ खड़ी है लक्ष्मीबाई मर्द बनी मर्दानों में, / लेफ्टिनेंट वॉकर आ पहुँचा, आगे बढ़ा जवानों में, / रानी ने तलवार खींच ली, हुआ द्वंद्व असमानों में, / जख्मी होकर वॉकर भागा, उसे अजब हैरानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  14. “रानी बढ़ी कालपी आई, कर सौ मील निरंतर पार / घोड़ा थक कर गिरा भूमि पर, गया स्वर्ग तत्काल सिधार, / यमुना-तट पर अंग्रेजों ने फिर खाई रानी से हार, / विजयी रानी आगे चल दी, किया ग्वालियर पर अधिकार, / अंग्रेजों के मित्र सिंधिया ने छोड़ी रजधानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  15. “विजय मिली, पर अंग्रेजों की फिर सेना घिर आई थी, / अबके जनरल स्मिथ सन्मुख था, उसने मुँह की खाई थी, / काना और मंदरा सखियाँ रानी के सँग आई थीं, / युद्ध क्षेत्र में उन दोनों ने भारी मार मचाई थी, / पर, पीछे ह्यू रोज आ गया, हाय! घिरी अब रानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  16. “तो भी रानी मार-काटकर चलती बनी सैन्य के पार, / किंतु सामने नाला आया, था यह संकट विषम अपार, / घोड़ा अड़ा, नया घोड़ा था, इतने में आ गए सवार, / रानी एक, शत्रु बहुतेरे, होने लगे वार पर वार, / घायल होकर गिरी सिंहनी उसे वीर-गति पानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  17. “रानी गई सिधार, चिता अब उसकी दिव्य सवारी थी, / मिला तेज से तेज, तेज की वह सच्ची अधिकारी थी, / अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी, / हमको जीवित करने आई बन स्वतंत्रता नारी थी, / दिखा गई पथ, सिखा गई हमको जो सीख सिखानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  18. “जाओ रानी याद रखेंगे हम कृतज्ञ भारत वासी, / यह तेरा बलिदान जगावेगा स्वतंत्रता अविनाशी, / होवे चुप इतिहास, लगे सच्चाई को चाहे फाँसी, / हो मदमाती विजय, मिटा दे गोलों से चाहे झाँसी, / तेरा स्मारक तू ही होगी, तू खुद अमिट निशानी थी।” — इस छंद का सरल अर्थ, भाव और शिल्प स्पष्ट कीजिए।
  19. निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं? 1. ‘झाँसी की रानी’ कविता की पंक्ति “बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी” में ‘नई जवानी’ शब्द किस भाव को व्यक्त करता है? (क) देश का स्वाभिमान (ख) विद्रोह की चिंगारी (ग) स्वाधीनता का भय (घ) भारत की युवावस्था
  20. 2. लक्ष्मीबाई को ‘छबीली’ कहना उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता को दर्शाता है? (क) विनम्रता (ख) शोभायुक्त (ग) सहिष्णुता (घ) कठोरता
  21. 3. “बुझा दीप झाँसी का” पंक्ति का भावार्थ है— (क) अंग्रेजों का झाँसी पर अधिकार हो जाना (ख) झाँसी राज्य की उम्मीदों का नष्ट हो जाना (ग) राजा की आकस्मिक मृत्यु होना (घ) रानी के जीवन में उदासी होना
  22. 4. “इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में कई वीरवर आए काम” पंक्ति में स्वतंत्रता आंदोलन की किस ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत किया गया है? (क) असहयोग आंदोलन (ख) भारत छोड़ो आंदोलन (ग) 1857 की क्रांति (घ) सविनय अवज्ञा आंदोलन
  23. 5. “व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया” पंक्ति में ‘यह’ शब्द किसके लिए कहा गया है? (क) नवाबों के लिए (ख) जनरल डलहौजी के लिए (ग) लेफ्टिनेंट वॉकर के लिए (घ) ब्रिटिश राज के लिए
  24. नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए— 1. ‘झाँसी की रानी’ कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल कौन-कौन से थे? उनका बचपन दूसरों से किस प्रकार भिन्न था?
  25. 2. “किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई” पंक्ति के माध्यम से किस घटना की ओर संकेत किया गया है?
  26. 3. “महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी” पंक्ति समाज के विभिन्न वर्गों की एकता को दर्शाती है, इस एकता का स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में क्या महत्व है?
  27. 4. “सरे-आम नीलाम छापते थे अंग्रेजों के अखबार” पंक्ति में ‘नीलाम छापते’ शब्द किसकी ओर संकेत करता है? यह भी बताइए कि किसकी नीलामी की जाती थी और क्यों?
  28. 5. “अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी” पंक्ति में ‘अवतारी’ शब्द व्यक्ति के विशेष गुणों की ओर इंगित कर रहा है। कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के किन गुणों के कारण उनको ‘अवतारी’ कहा गया है?
  29. यह कविता लक्ष्मीबाई के जीवन की घटनाओं पर आधारित है और अपनी संरचना में एक कथात्मक कविता है। कथात्मक कविता ऐसी कविता को कहते हैं जिसमें कविता और कहानी के तत्व परस्पर जुड़े होते हैं तथा घटनाओं का एक क्रम होता है। इस कविता में भी लक्ष्मीबाई के बचपन से लेकर वीरगति प्राप्त होने तक की कथा क्रम से देखने को मिलती है। पाठ की संरचना को समझते हुए इसमें वर्णित प्रमुख घटनाओं को समय-रेखा (टाइमलाइन) पर दर्शाएँ। (संकेत– लक्ष्मीबाई का बचपन, विवाह, अन्य घटनाएँ आदि।)
  30. 1. “लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया”, ब्रिटिश राज किस नीति के कारण ‘लावारिस का वारिस’ बन जाता था? अपने इतिहास के शिक्षक से पता लगाकर उस नीति के विषय में लिखिए।
  31. 2. इस कविता में लक्ष्मीबाई की जीवन-गाथा के साथ-साथ अनेक वीरों के त्याग और बलिदान का भी उल्लेख है। उनकी सूची बनाइए तथा शिक्षक की सहायता से 1857 की क्रांति में उनके योगदान के विषय में लिखिए।
  32. 3. यह कविता जिस समय और परिवेश में लिखी गई है, उसमें युद्ध और अन्य साहसिक कार्य करना सामान्यत: पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था। वर्तमान में लगभग हर क्षेत्र में महिलाएँ कार्य कर रही हैं। नीचे कुछ ऐसे ही कार्यक्षेत्र दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाली स्त्रियों के नाम और उनके विषय में लिखिए। आप चाहें तो इसमें अपनी समझ के अनुसार कुछ और कार्यक्षेत्र भी जोड़ सकते हैं। (कार्यक्षेत्र — 1. दमकल केंद्र (फायर ब्रिगेड) 2. रेलगाड़ी चालक 3. खेल के विभिन्न क्षेत्र 4. व्यापार और प्रबंधन 5. विज्ञान और तकनीक)
  33. 4. कविता में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित अनेक स्थानों के नाम आए हैं। अपने शिक्षक की सहायता से दिए गए मानचित्र में उन स्थानों/नगरों को चिह्नित करके नाम लिखिए।
  34. 1. “कानपूर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी” — उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। कविता में ‘नाना’ शब्द ‘नाना धुंधूपंत’ के लिए प्रयुक्त हुआ है। लेकिन इस शब्द का प्रयोग संदर्भ के अनुसार अन्य अर्थों में भी होता है। जैसे– माता के पिता के लिए तथा अनेक के अर्थ में। इस प्रकार अनेकार्थी शब्द वह शब्द है जिसके एक से अधिक अर्थ होते हैं। नीचे तालिका में दी गई कविता की पंक्तियों में रेखांकित शब्द अनेकार्थी शब्द हैं। कविता के संदर्भ में उनके सही अर्थ पर घेरा लगाइए।
  35. 2. “कानपूर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी” / “मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी” — उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों की वर्तनी पर ध्यान दीजिए। दोनों शब्दों की वर्तनी में थोड़ी भिन्नता है। कई बार रचनाकार कविता की लय, अर्थ की लय इत्यादि को ध्यान में रखते हुए भाषा के स्तर पर इस प्रकार का प्रयोग करते रहे हैं। इस कविता में अन्य शब्दों के भी ऐसे प्रयोग मिलते हैं, उन्हें ढूँढ़कर लिखिए और कक्षा में चर्चा कीजिए। इसी पाठ्यपुस्तक की अन्य कविताओं में भी आपने ऐसा प्रयोग देखा होगा। जहाँ किसी शब्द की मानक वर्तनी से भिन्न वर्तनी का प्रयोग किया गया है। अपने शिक्षक के साथ इस विषय पर चर्चा कीजिए। चर्चा से उभरे बिंदुओं को लिखकर उन पर अपने शिक्षक के साथ पुन: चर्चा कीजिए कि ऐसे प्रयोग क्यों किए गए हैं?
  36. पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उन पंक्तियों में आए मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए और उन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य भी बनाइए। आपकी सुविधा के लिए एक उदाहरण दिया गया है। — 1. “अबके जनरल स्मिथ सन्मुख था, उसने मुँह की खाई थी” (पुस्तक का हल किया हुआ उदाहरण)
  37. 2. “डलहौजी ने पैर पसारे अब तो पलट गई काया” — इस पंक्ति में आया मुहावरा ढूँढ़कर लिखिए और उसका प्रयोग करते हुए नया वाक्य बनाइए।
  38. 3. “राजाओं नव्वाबों को भी उसने पैरों ठुकराया” — इस पंक्ति में आया मुहावरा ढूँढ़कर लिखिए और उसका प्रयोग करते हुए नया वाक्य बनाइए।
  39. 4. “हुआ यज्ञ प्रारंभ उन्हें तो/सोई ज्योति जगानी थी” — इस पंक्ति में आया मुहावरा ढूँढ़कर लिखिए और उसका प्रयोग करते हुए नया वाक्य बनाइए।
  40. 5. “मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी” — इस पंक्ति में आया मुहावरा ढूँढ़कर लिखिए और उसका प्रयोग करते हुए नया वाक्य बनाइए।
  41. 1. लक्ष्मीबाई की सखियों काना तथा मंदरा की ओर से लक्ष्मीबाई को एक पत्र लिखिए जिसमें काना तथा मंदरा द्वारा ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध युद्ध की रणनीति पर चर्चा की गई हो।
  42. 2. युद्धपूर्व रात्रि में झाँसी की रानी के मन में अगले दिन की संभावनाओं को लेकर कई तरह के भाव और विचार उठ रहे होंगे। आपके जीवन में भी कई ऐसे क्षण आए होंगे जब आपने मानसिक ऊहापोह का अनुभव किया होगा। ऐसी किसी घटना के विषय में अपनी डायरी में लिखिए, जैसे– परीक्षा के एक दिन पूर्व की स्थिति या नौंवी कक्षा में पहला दिन आदि।
  43. शौर्य के समाचार — यह कविता रानी लक्ष्मीबाई के जीवन की घटनाओं, उनकी वीरता और पराक्रम से हमारा साक्षात्कार कराती है। कविता में वर्णित घटनाओं को एक समाचार-वाचक की तरह समाचार के रूप में प्रस्तुत कीजिए। (संकेत– “आज झाँसी की रणभूमि पर रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी अद्भुत वीरता और शौर्य का परिचय दिया…।”)
  44. ‘हरबोलों’ और हमारी कहानी — “बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।” ‘हरबोला’ बुंदेलखंड क्षेत्र में रहने वाले लोकगायकों का एक समुदाय है जिन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की वीरतापूर्ण गाथा को अपने गीतों के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का काम किया। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में लोकगायकों की एक लंबी और समृद्ध परंपरा रही है। इनके द्वारा गाए जाने वाले गीत सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को संरक्षित करने का एक जीवंत माध्यम हैं। आपके क्षेत्र में अथवा आपकी भाषा में भी ऐसे लोकगायक और उनके द्वारा गाए जाने वाले देशभक्तिपूर्ण गीत अवश्य प्रचलित होंगे। ऐसे गीतों का एक संकलन तैयार कीजिए और कक्षा में साझा कीजिए।
  45. “कानपूर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी।” — नीचे ‘बहन’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है। इनके अतिरिक्त यदि आप ‘बहन’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
  46. उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए। (वाक्य — “कानपूर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी।”)
  47. कविता में लक्ष्मीबाई की दो सखियों ‘काना’ और ‘मंदरा’ का उल्लेख मिलता है जो युद्धक्षेत्र में अंत तक लक्ष्मीबाई के साथ रहीं। लक्ष्मीबाई की सहेलियों में ऐसी ही एक और वीरांगना का नाम आता है, जिनका नाम था ‘झलकारी बाई’। … नीचे दिए गए लेख को पढ़कर आप 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के विषय में जान सकते हैं। — लेख के आधार पर बताइए कि झलकारी बाई कौन थीं और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनका क्या योगदान रहा?
  48. कविता ‘झाँसी की रानी’ और ‘झरोखे से’ में दिए गए झलकारी बाई पर आधारित लेख — दोनों को साथ रखकर बताइए कि इनसे 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में स्त्रियों की भूमिका के बारे में क्या समझ बनती है? दोनों रचनाओं की विधा और प्रस्तुति में क्या अंतर है?
  49. नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों तथा पुस्तकों के माध्यम से आप लक्ष्मीबाई तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अन्य वीरांगनाओं और राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित बालिका कांति के अदम्य साहस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं— (पुस्तक में दी गई कड़ियाँ तथा ‘भारत की महान नारियाँ’ शृंखला की पुस्तकें, प्रकाशन विभाग, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित)

Chapter at a Glance

  • रचनाकार — सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म सन् 1904 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ और आरंभिक शिक्षा भी वहीं हुई। वे अपने समय की प्रसिद्ध रचनाकार होने के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानी भी थीं और इसी कारण उन्हें दो बार जेल जाना पड़ा। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से जनमानस में राष्ट्रीय चेतना जगाई। प्रमुख रचनाएँ — मुकुल , त्रिधारा (कविता संग्रह); बिखरे मोती , उन्मादिनी , सीधे-सादे चित्र (कहानी संग्रह); कदंब का पेड़ , सभा का खेल (बाल साहित्य)। मुकुल और बिखरे मोती के लिए उन्हें दो बार ‘सेकसरिया पुरस्कार’ मिला। सन् 1948 में उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई। भारतीय डाक विभाग ने उनके सम्मान में एक डाक टिकट भी जारी किया।
  • कथावस्तु — कविता 18 छंदों में रानी लक्ष्मीबाई की पूरी जीवन-कथा क्रम से कहती है — सन् 1857 का जागरण (छंद 1), बिठूर में बचपन और नाना के साथ शस्त्र-खेल (छंद 2–3), झाँसी में विवाह (छंद 4), राजा गंगाधर राव की मृत्यु और वैधव्य (छंद 5), डलहौजी का झाँसी हड़पना (छंद 6–7), अंग्रेज़ों की राज्य-हरण की लंबी सूची (छंद 8–9), विद्रोह की तैयारी और आग का फैलना (छंद 10–11), 1857 के वीरों की नामावली (छंद 12), वॉकर से द्वंद्व (छंद 13), कालपी और ग्वालियर की विजय (छंद 14), स्मिथ और ह्यू रोज़ का घेरा (छंद 15), नाले पर घोड़े का अड़ना और अंतिम युद्ध (छंद 16), वीरगति (छंद 17) और अंत में कवयित्री का श्रद्धांजलि-स्वर (छंद 18)।
  • काव्य-नायिका — कविता की नायिका कोई देवी-मूर्ति नहीं, एक जीती-जागती लड़की है — जिसे बचपन में ‘छबीली’ कहा जाता था, जिसकी सहेलियाँ गुड़ियाँ नहीं बल्कि “बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी” थीं, और जिसे शिवाजी की गाथाएँ ज़बानी याद थीं। वही लड़की आगे चलकर ‘रण-चंडी’, ‘सिंहनी’ और अंत में ‘स्वतंत्रता नारी’ बन जाती है। कवयित्री उसे बार-बार ‘मर्दानी’ कहती हैं — उस युग की भाषा में इसका अर्थ था ‘पुरुषों-जैसी बहादुर’, क्योंकि तब वीरता को पुरुष का गुण मान लिया गया था। कविता इसी धारणा को तोड़ती है।
  • टेक और गेयता — हर छंद की चार लंबी पंक्तियों के बाद एक छोटी अर्ध-पंक्ति आती है और फिर वही टेक लौटती है — “बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी॥” यह दोहराव कविता को गीत बना देता है और उसे लोकगाथा का रूप देता है। हरबोला बुंदेलखंड के लोकगायकों का समुदाय है, जिन्होंने रानी की गाथा गा-गाकर जन-जन तक पहुँचाई। टेक कहकर कवयित्री यह मानती हैं कि यह कहानी उनकी अपनी खोज नहीं, लोक की स्मृति है — वे केवल उसे दोहरा रही हैं।
  • भाषा-शैली — भाषा सरल, ओजपूर्ण खड़ी बोली है, जिसमें उर्दू-फ़ारसी के शब्द (फ़िरंगी, ग़म, बेजार, सरे-आम, नीलाम, जुर्म, कुरबानी, नौलख) और अंग्रेज़ी के शब्द (लेफ्टिनेंट, जनरल, ब्रिटिश) बिना झिझक आते हैं — क्योंकि कविता को गाँव-गाँव तक पहुँचना था। कवयित्री लय के लिए वर्तनी भी बदल लेती हैं — कानपूर/कानपुर , नागपूर/नागपुर , उदैपूर , देहली , रजधानी , बहिन । छंद चौपदा ढाँचे का है; हर छंद के चारों चरणों में एक ही तुक चलती है (थी/वार/आया/बात/हार/मान/काम/नाम) और अंत में ‘-आनी’ की तुक टेक से जा मिलती है।
  • शिल्प और अलंकार — कविता वीर रस की है, पर उसमें करुण और रौद्र की धाराएँ भी मिलती हैं। रूपक — “बुझा दीप झाँसी का”, “स्वतंत्रता की चिनगारी”, “इस स्वतंत्रता-महायज्ञ”; उपमा — “सुभट बुँदेलों की विरुदावलि-सी”; अनुप्रास — “सिंहासन हिल उठे”, “मिला तेज से तेज”, “चुपके-चुपके”; मानवीकरण — “सिंहासन हिल उठे”, “झाँसी चेती, दिल्ली चेती”; विरोधाभास — “रानी दासी बनी, बनी यह दासी अब महरानी थी”; पुनरुक्ति — “वार पर वार”, “तेज से तेज”। बिंब आँख और कान दोनों को छूते हैं — काली घटा, बुझा दीप, लपटें, गोले, तलवारों के वार।
  • इतिहास और कविता — कविता में नामित हर व्यक्ति और स्थान इतिहास का है। नाना धुंधूपंत (नाना साहब) बिठूर के पेशवा-पुत्र थे और कानपुर में विद्रोह के नेता; ताँतिया (तात्या टोपे) उनके सेनापति, जो अंत तक रानी के साथ लड़े; अज़ीमुल्ला खाँ नाना साहब के दीवान और कूटनीतिज्ञ; अहमद शाह मौलवी (मौलवी अहमदुल्ला शाह) अवध में विद्रोह के नेता; ठाकुर कुँवरसिंह बिहार के जगदीशपुर के अस्सी वर्षीय ज़मींदार-योद्धा। डलहौजी गवर्नर-जनरल था, जिसकी व्यपगत नीति (हड़प नीति / Doctrine of Lapse) ने झाँसी छीनी; लेफ्टिनेंट वॉकर , जनरल स्मिथ और सर ह्यू रोज़ अंग्रेज़ सेनानायक थे; सिंधिया ग्वालियर के महाराजा थे, जो अंग्रेज़ों के पक्ष में थे; काना और मंदरा रानी की सखियाँ-अंगरक्षिकाएँ थीं।
  • मूल संवेदना — कविता का असली संदेश अंतिम छंद में है — “तेरा स्मारक तू ही होगी, तू खुद अमिट निशानी थी।” पत्थर का स्मारक मिटाया जा सकता है, इतिहास चुप कराया जा सकता है, झाँसी गोलों से उड़ाई जा सकती है — पर जो बलिदान लोक की स्मृति में उतर गया, वह नहीं मिटता। छंद 12 की चोट भी यही कहती है — “लेकिन आज जुर्म कहलाती उनकी जो कुरबानी थी” — यानी विजेता का लिखा इतिहास बलिदान को ‘अपराध’ कहता है, पर लोकगीत उसे ‘गाथा’ कहता है। कविता स्वयं उसी लोकगीत का काम करती है।
  • अभ्यास क्या माँगता है — यह पाठ केवल अर्थ नहीं पूछता। मेरे उत्तर मेरे तर्क में विकल्प चुनकर तर्क भी देना है; मेरी समझ मेरे विचार में पंक्तियों के पीछे की घटना पहचाननी है; कविता में कहानी में पूरी कविता को समय-रेखा पर उतारना है; साझा साथ/साझा संघर्ष में हड़प नीति, 1857 के वीरों और आज की कामकाजी स्त्रियों पर लिखना है तथा मानचित्र पर स्थान चिह्नित करने हैं; व्याकरण की बात में अनेकार्थी शब्द और वर्तनी-भेद देखने हैं; मुहावरे में अधूरी तालिका भरनी है; और सृजन , गतिविधियाँ , भाषा संगम , झरोखे से तथा खोजबीन में लिखना, प्रस्तुत करना और खोजना है।

How to Download NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 PDF

Follow these simple steps to get the झाँसी की रानी questions-and-answers PDF from गंगा.

  1. Search NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 aglasem and open this page.
  2. Read the exercise questions with answers for झाँसी की रानी shown above.
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi – All Chapters

There are more chapters to study besides झाँसी की रानी in Hindi. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 9 Hindi.

  • Chapter 1 दो बैलों की कथा
  • Chapter 2 क्या लिखूँ?
  • Chapter 3 संवादहीन
  • Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं
  • Chapter 5 आखिरी चट्टान तक
  • Chapter 6 रीढ़ की हड्डी
  • Chapter 7 मैं और मेरा देश
  • Chapter 8 पद
  • Chapter 9 राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
  • Chapter 10 भारति, जय, विजयकरे!
  • Chapter 11 झाँसी की रानी
  • Chapter 12 घर की याद

NCERT Solutions for Class 9 – All Subjects

Just like Chapter 11 of Hindi, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 9. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 9.

  • English
  • Hindi
  • Maths
  • Sanskrit
  • Science
  • Social Science

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 – An Overview

The key highlights of this study material are as follows.

AspectsDetails
ClassClass 9
SubjectHindi
Chapter NumberChapter 11
Chapter Nameझाँसी की रानी
Book Nameगंगा
Book ByNCERT (National Council of Educational Research and Training)
Educational Resource HereNCERT Solutions of Class 9 Hindi Chapter 11 for all exercises
More Questions Answers of This SubjectNCERT Solutions for Class 9 Hindi
Download Book ChapterNCERT Book Class 9 Hindi
All Questions Answers For This ClassNCERT Solutions for Class 9
Complete SolutionsNCERT Solutions

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 झाँसी की रानी – FAQs

What are the NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 झाँसी की रानी?

They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 11 झाँसी की रानी from the NCERT Class 9 Hindi textbook गंगा, written by experts as per the latest NCERT syllabus.

How can I download the Class 9 Hindi Chapter 11 solutions PDF for free?

Open this page on aglasem, read the झाँसी की रानी questions with answers, and click the “Download Solutions PDF” link. The Class 9 Hindi Chapter 11 NCERT Solutions PDF is completely free to download.

Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?

Yes. The NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 11 are based on the latest NCERT textbook गंगा and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.

Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 9 Hindi?

You can find the answers to every chapter on the NCERT Solutions for Class 9 Hindi page, and solutions for every subject on the NCERT Solutions for Class 9 page.

How do NCERT Solutions help in exam preparation?

They show the correct method to solve each question, help you write answers the way they are expected in exams, let you check and correct your own work, and save revision time — which together improve your marks in Class 9 Hindi.

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