NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 Parishisht 3 वाच्यम् provide clear, step-by-step answers to every exercise and in-text question from the chapter Parishisht 3 वाच्यम् of the NCERT textbook शारदा. Prepared by subject experts as per the latest NCERT (CBSE) syllabus for 2026-27, these NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit help you understand each concept, write exam-ready answers, and check your own solutions. You can read them online below or download the free Class 9 Sanskrit Chapter 14 question-answer PDF.
NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 Parishisht 3 वाच्यम्
- Class: Class 9
- Subject: Sanskrit
- Chapter: Chapter 14 – Parishisht 3 वाच्यम्
- Textbook: शारदा (NCERT)
- Study material: NCERT Solutions – questions with answers, free PDF
These solutions answer all the exercise questions of Chapter 14 Parishisht 3 वाच्यम् — including the in-text questions, short-answer and long-answer questions, and activities — with complete explanations so you can follow the method, not just the final answer. Read the full solutions below.
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NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 PDF Download
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Questions Covered in This Chapter
These NCERT Solutions answer all 36 questions of this chapter. The questions solved are:
- परिशिष्टम् ३ ‘वाच्यम्’ में क्या-क्या है, और इसमें अभ्यास क्यों नहीं है?
- वाच्य (प्रयोग) किसे कहते हैं — पुस्तक का भेद-वृक्ष क्या दिखाता है?
- तीनों प्रयोगों में कर्ता, कर्म और क्रियापद का क्या होता है — एक तुलनात्मक तालिका दीजिए।
- कर्तरि प्रयोग के वे तीन नियम कौन-से हैं जो पुस्तक पृष्ठ 177 पर देती है?
- पुस्तक के ‘बालः चित्रं पश्यति’ और ‘बालः फलं खादति’ वाले उदाहरण क्या सिद्ध करते हैं?
- अभ्यास के लिए (स्वयं करें) — कर्तृवाच्य
- मध्यमपुरुष तथा उत्तमपुरुष का नियम क्या है — पुस्तक के रंगीन उदाहरणों सहित बताइए।
- प्रथमपुरुष का नियम क्या है — पुस्तक की बारह-वाक्य वाली तालिका पूरी दीजिए।
- अभ्यास के लिए (स्वयं करें) — पुरुष तथा वचन
- कर्मणि प्रयोग के नियम क्या हैं — पुस्तक का पूरा विवेचन दीजिए।
- कर्मवाच्य की क्रिया कैसे बनती है — ‘यक्’ प्रत्यय तथा आत्मनेपद का नियम क्या है?
- पुस्तक की पहली कर्तरि↔कर्मणि क्रियारूप-तालिका (पृष्ठ 179) पूरी दीजिए।
- पुस्तक की दूसरी क्रियारूप-तालिका (पृष्ठ 179) पूरी दीजिए।
- पुस्तक की तीसरी क्रियारूप-तालिका (पृष्ठ 179) पूरी दीजिए — ये सब ‘अय’ वाली धातुएँ क्यों हैं?
- अभ्यास के लिए (स्वयं करें) — ‘यक्’ प्रत्यय तथा कर्मणि क्रियारूप
- पुस्तक की वर्तमानकाल वाली दस-वाक्य तालिका पूरी दीजिए (पृष्ठ 180)।
- वाच्य-परिवर्तन की चरणबद्ध विधि क्या है, और क्या ये नियम सब कालों में लगते हैं?
- अभ्यास के लिए (स्वयं करें) — वर्तमानकाल का वाच्य-परिवर्तन
- भूतकाल में कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य कैसे बनते हैं — पुस्तक का नियम क्या है?
- भूतकाल की वह दस-वाक्य तालिका पूरी दीजिए (पृष्ठ 180–181)।
- अभ्यास के लिए (स्वयं करें) — भूतकाल में वाच्य-परिवर्तन
- विधिलिङ् में कर्मवाच्य कैसे बनता है — ‘तव्यत्’ और ‘अनीयर्’ का नियम क्या है?
- पुस्तक की ‘तव्यत्’-‘अनीयर्’ तालिका पूरी दीजिए (पृष्ठ 181)।
- अभ्यास के लिए (स्वयं करें) — तव्यत् तथा अनीयर्
- भावे प्रयोग किसे कहते हैं, और अकर्मक धातु क्या होती है — पुस्तक का पूरा विवेचन दीजिए।
- भावे प्रयोग में क्रियापद का रूप कैसा होता है — तीनों नियम बताइए।
- लट्-लकार (वर्तमानकाल) में भावे प्रयोग की बारह-वाक्य तालिका पूरी दीजिए (पृष्ठ 182)।
- पुस्तक कौन-सी अकर्मक धातुएँ सूची में देती है (पृष्ठ 182)?
- अभ्यास के लिए (स्वयं करें) — भावे प्रयोग
- भूतकाल में भावे प्रयोग की तालिका पूरी दीजिए (पृष्ठ 183)।
- विधिलिङ् में भावे प्रयोग की तालिका पूरी दीजिए (पृष्ठ 183)।
- अभ्यास के लिए (स्वयं करें) — कृदन्त में भावे प्रयोग
- तीनों वाच्य एक दृष्टि में — सब कालों और कृदन्तों की तुलनात्मक तालिका दीजिए।
- वाच्य पहचानने और बदलने में छात्र कौन-सी भूलें सबसे अधिक करते हैं?
- पृष्ठ 183 के अन्त में लाल रंग में छपी टिप्पणी क्या कहती है, और वह क्यों महत्त्वपूर्ण है?
- अभ्यास के लिए (स्वयं करें) — मिश्रित पुनरावृत्ति
Chapter at a Glance
- यह क्या है — ‘वाच्यम्’ शारदा का तीसरा परिशिष्ट है (पृष्ठ 177–183)। परिशिष्ट पाठ नहीं होता — उसमें न श्लोक होते हैं, न कथा, न प्रश्न-खण्ड। यहाँ केवल नियम और भरी हुई तालिकाएँ हैं, जिन्हें देखकर छात्र अपना बनाया हुआ वाक्य मिलाता है। पृष्ठ 183 के अन्त में पुस्तक स्वयं लाल रंग में लिखती है कि इन तीनों परिशिष्टों में विचार ‘सामान्यतया प्रदर्शिताः’ हैं।
- वाच्य का अर्थ — वाक्य में क्रिया किसके अनुसार चलती है — कर्ता के, कर्म के, या केवल भाव (क्रिया-मात्र) के — यही वाच्य या प्रयोग है। पुस्तक पहले ही पृष्ठ पर वृक्ष बनाकर तीन भेद दिखाती है : कर्तरि प्रयोगः · कर्मणि प्रयोगः · भावे प्रयोगः , और कहती है — ‘एतानि कर्तृवाच्यं, कर्मवाच्यं, भाववाच्यं च इत्यपि कथ्यन्ते।’
- तीन नियम-जोड़े — पूरा परिशिष्ट वस्तुतः तीन जोड़ी नियमों पर टिका है। कर्तरि — कर्ता प्रथमा में, कर्म द्वितीया में, क्रिया कर्ता के अनुसार। कर्मणि — कर्ता तृतीया में, कर्म प्रथमा में, क्रिया कर्म के अनुसार। भावे — कर्ता तृतीया में, कर्म होता ही नहीं, क्रिया सदा प्रथमपुरुष एकवचन में। यही तीन पंक्तियाँ याद कर लेने पर बाकी सब तालिकाएँ केवल अभ्यास हैं।
- कर्तरि प्रयोग की पुरुषव्यवस्था — पृष्ठ 178 पर पुस्तक रंगों से दिखाती है कि कर्ता ‘त्वम्/युवाम्/यूयम्’ हो तो क्रिया मध्यमपुरुष में, ‘अहम्/आवाम्/वयम्’ हो तो उत्तमपुरुष में, और इनसे भिन्न कुछ भी हो (सः, सा, युवकः, बालिका, नामवाचक संज्ञा) तो प्रथमपुरुष में जाती है। संस्कृत में ‘प्रथमपुरुष’ वही है जिसे अंग्रेज़ी में third person कहते हैं — यह भेद परीक्षा में बार-बार भूला जाता है।
- कर्मवाच्य कैसे बनता है — पृष्ठ 178–179 पर नियम है — ‘कर्मणि प्रयोगे धातुभ्यः यक् (य) प्रत्ययः विधीयते। ततः आत्मनेपदप्रत्ययः भवति।’ अर्थात् धातु में य जोड़िए और उस पर आत्मनेपद की विभक्ति लगाइए : गम् + य + ते = गम्यते , पठ् + य + ते = पठ्यते , लिख् + य + ते = लिख्यते । वर्तमानकाल में परस्मैपद का ‘ति’ हटकर ‘ते’ आ जाता है — यही सबसे छोटी पहचान है।
- भूतकाल और विधिलिङ् में कृदन्त — भूतकाल में पुस्तक लकार के बदले कृदन्त पसंद करती है : कर्तरि में क्तवतु (पठितवान्, लिखितवती, गतवान्) और कर्मणि में क्त (पठितः, लिखिता, गतः)। विधिलिङ् (‘चाहिए’ वाले अर्थ) में कर्मणि हेतु तव्यत् और अनीयर् — गन्तव्यः/गमनीयः, कर्तव्यः/करणीयः। दोनों ही जगह प्रत्यय कर्मपद के लिङ्ग-वचन का अनुसरण करते हैं, कर्ता का नहीं।
- भाववाच्य केवल अकर्मक धातुओं का — पृष्ठ 181–182 पर पुस्तक स्पष्ट कहती है — जिन धातुओं में कर्म की सम्भावना ही नहीं (हस्, क्रीड्, पत्, स्था, धाव्, शी, कास्…) वे अकर्मक हैं; उनका कर्मणि प्रयोग होता ही नहीं, कर्तरि और भावे — दो ही होते हैं। भावे में क्रिया सदा प्रथमपुरुष एकवचन में रहती है और कृदन्त सदा नपुंसकलिङ्ग प्रथमा एकवचन में : तैः हस्यते, तैः हसितम्, नर्तकैः नर्तितव्यम्।
- पुस्तक का क्रम — पृष्ठ 177 भेद-वृक्ष तथा कर्तृवाच्य; पृष्ठ 178 पुरुषव्यवस्था तथा कर्मवाच्य के नियम; पृष्ठ 179 यक्-प्रत्यय तथा छत्तीस जोड़ों की तीन क्रियारूप-तालिकाएँ; पृष्ठ 180 वर्तमानकाल की दस-वाक्य तालिका तथा भूतकाल का आरम्भ; पृष्ठ 181 भूतकाल की शेष पंक्तियाँ, तव्यत्-अनीयर् तालिका तथा भाववाच्य का परिचय; पृष्ठ 182 लट्-लकार की बारह-वाक्य भावे तालिका तथा बीस अकर्मक धातु; पृष्ठ 183 भूतकाल तथा विधिलिङ् की भावे तालिकाएँ और लाल रंग की समापन-टिप्पणी।
- इसका उपयोग कैसे करें — तालिकाएँ रटने के बजाय एक ही वाक्य को तीनों प्रयोगों में लिखकर देखिए — ‘बालकः श्लोकं पठति’ → ‘बालकेन श्लोकः पठ्यते’; ‘बालकः हसति’ → ‘बालकेन हस्यते’। पहले कर्ता की विभक्ति बदलिए, फिर कर्म की, अन्त में क्रिया का रूप — इसी क्रम में। नीचे हर खण्ड के अन्त में इसी विधि का स्वयं-अभ्यास उत्तर सहित दिया गया है।
How to Download NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 PDF
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NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit – All Chapters
There are more chapters to study besides Parishisht 3 वाच्यम् in Sanskrit. Here are the NCERT Solutions for all chapters of Class 9 Sanskrit.
- Chapter 1 सत्यं शिवं सुन्दरं संस्कृतम्
- Chapter 2 सुखस्य मूलं धर्मः धर्मस्य मूलम् अर्थः
- Chapter 3 आत्मवत्सर्वभूतेषु यः पश्यति सः पण्डितः
- Chapter 4 न खलु वयस्तेजसो हेतुः
- Chapter 5 एषा सा कृतकबुद्धिः मानवबुद्धेः सहकरी
- Chapter 6 मनःपूतं समाचरेत्
- Chapter 7 उपायं चिन्तयेत् प्राज्ञस्तथापायं च चिन्तयेत्
- Chapter 8 अन्नाद् आनन्दं प्रति
- Chapter 9 कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः
- Chapter 10 णमो अरिहन्ताणम्
- Chapter 11 वर्णोच्चारण-शिक्षा २
- Chapter 12 Parishisht 1 अन्वयः
- Chapter 13 Parishisht 2 समासः
- Chapter 14 Parishisht 3 वाच्यम्
- Chapter 15 Parishisht 4 शब्दरूपाणि
- Chapter 16 Parishisht 5 धातुरूपाणि
NCERT Solutions for Class 9 – All Subjects
Just like Chapter 14 of Sanskrit, you can get the exercise questions with answers for every other subject of Class 9. Here are the NCERT Solutions for all subjects of Class 9.
NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 – An Overview
The key highlights of this study material are as follows.
| Aspects | Details |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | Sanskrit |
| Chapter Number | Chapter 14 |
| Chapter Name | Parishisht 3 वाच्यम् |
| Book Name | शारदा |
| Book By | NCERT (National Council of Educational Research and Training) |
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NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 Parishisht 3 वाच्यम् – FAQs
What are the NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 Parishisht 3 वाच्यम्?
They are the complete, step-by-step answers to all the exercise and in-text questions of Chapter 14 Parishisht 3 वाच्यम् from the NCERT Class 9 Sanskrit textbook शारदा, written by experts as per the latest NCERT syllabus.
How can I download the Class 9 Sanskrit Chapter 14 solutions PDF for free?
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Are these NCERT Solutions as per the latest 2026-27 syllabus?
Yes. The NCERT Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 are based on the latest NCERT textbook शारदा and the current 2026-27 CBSE syllabus, so the questions and answers match what you study in class.
Where can I get NCERT Solutions for the other chapters of Class 9 Sanskrit?
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