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NCERT Solutions for Class 6 Sanskrit Chapter 4 Aham Cha Tvam Cha (PDF) – 2027

NCERT Solutions for Class 6 Sanskrit Chapter 4 Aham Cha Tvam Cha – step-by-step answers to every exercise and in-text question of the chapter, as per the latest NCERT syllabus for 2027. Read them online or download the free question-answer PDF.

दीपकम् (कक्षा 6) का चतुर्थः पाठः — अहं च त्वं च। पिछले पाठ में सः / एषा / एतत् जैसे तीसरे व्यक्ति के सर्वनाम पढ़े थे; यह पाठ बात को अपने ऊपर ले आता है — अहम् – आवाम् – वयम् (उत्तमपुरुषः) और त्वम् – युवाम् – यूयम् (मध्यमपुरुषः), इनके साथ लगने वाले अस्मि – स्वः – स्मः तथा असि – स्थः – स्थ क्रियापद, आदरसूचक भवान् / भवती, तथा ‘म्’ के स्थान पर अनुस्वार लिखने का नियम। पृष्ठ 47 से 60 तक का हर शीर्षक — आत्मपरिचय-चित्र, पुंलिङ्गम्, स्त्रीलिङ्गम्, वयं शब्दार्थान् जानीमः, वयम् अभ्यासं कुर्मः (प्रश्न १–५, उपभागों (क)–(ठ) सहित), योग्यताविस्तरः, गीतम् – अहं पठामि तथा परियोजनाकार्यम् — क्रम से हल किया गया है, हर संवाद और श्लोक के हिन्दी अनुवाद के साथ।

NCERT Solutions for Class 6 Sanskrit Chapter 4 Aham Cha Tvam Cha PDF

All the answers are on this page below. The PDF also explains every answer – why it is right and how to check it – so download it for revision.

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पाठ का हिंदी अनुवाद

आत्मपरिचयः (पृष्ठ 47–48)
मम नाम भरतः । अहं छात्रः ।
मेरा नाम भरत है। मैं छात्र हूँ।
मम नाम गणेशः । अहं शिक्षकः ।
मेरा नाम गणेश है। मैं शिक्षक हूँ।
मम नाम गौतमः । अहं चिकित्सकः ।
मेरा नाम गौतम है। मैं चिकित्सक (डॉक्टर) हूँ।
मम नाम राघवः । अहं कृषकः ।
मेरा नाम राघव है। मैं किसान हूँ।
मम नाम मेनका । अहं छात्रा ।
मेरा नाम मेनका है। मैं छात्रा हूँ।
मम नाम प्रियंवदा । अहं शिक्षिका ।
मेरा नाम प्रियंवदा है। मैं शिक्षिका हूँ।
मम नाम सुमित्रा । अहं चिकित्सिका ।
मेरा नाम सुमित्रा है। मैं चिकित्सिका (महिला डॉक्टर) हूँ।
मम नाम राधिका । अहं सैनिकी ।
मेरा नाम राधिका है। मैं सैनिक (महिला सैनिक) हूँ।
पुंलिङ्गम् (पृष्ठ 49)
त्वं कः ?
अहं सैनिकः ।
तुम कौन हो?
मैं सैनिक हूँ।
युवां कौ ?
आवां सैनिकौ ।
तुम दोनों कौन हो?
हम दोनों सैनिक हैं।
यूयं के ?
वयं सैनिकाः ।
तुम लोग कौन हो?
हम लोग सैनिक हैं।
त्वं कः ?
अहं गायकः ।
तुम कौन हो?
मैं गायक हूँ।
युवां कौ ?
आवां गायकौ ।
तुम दोनों कौन हो?
हम दोनों गायक हैं।
यूयं के ?
वयं गायकाः ।
तुम लोग कौन हो?
हम लोग गायक हैं।
त्वं कः ?
अहं पत्रकारः ।
तुम कौन हो?
मैं पत्रकार हूँ।
युवां कौ ?
आवां पत्रकारौ ।
तुम दोनों कौन हो?
हम दोनों पत्रकार हैं।
यूयं के ?
वयं पत्रकाराः ।
तुम लोग कौन हो?
हम लोग पत्रकार हैं।
त्वं कः ?
अहं पाचकः ।
तुम कौन हो?
मैं रसोइया (पाचक) हूँ।
युवां कौ ?
आवां पाचकौ ।
तुम दोनों कौन हो?
हम दोनों रसोइये (पाचक) हैं।
यूयं के ?
वयं पाचकाः ।
तुम लोग कौन हो?
हम लोग रसोइये (पाचक) हैं।
स्त्रीलिङ्गम् (पृष्ठ 50)
त्वं का ?
अहं गायिका ।
तुम कौन हो?
मैं गायिका हूँ।
युवां के ?
आवां गायिके ।
तुम दोनों कौन हो?
हम दोनों गायिकाएँ हैं।
यूयं काः ?
वयं गायिकाः ।
तुम लोग कौन हो?
हम लोग गायिकाएँ हैं।
त्वं का ?
अहं तन्त्रज्ञा ।
तुम कौन हो?
मैं तन्त्रज्ञ (कम्प्यूटर इंजीनियर) हूँ।
युवां के ?
आवां तन्त्रज्ञे ।
तुम दोनों कौन हो?
हम दोनों तन्त्रज्ञ (कम्प्यूटर इंजीनियर) हैं।
यूयं काः ?
वयं तन्त्रज्ञाः ।
तुम लोग कौन हो?
हम लोग तन्त्रज्ञ (कम्प्यूटर इंजीनियर) हैं।
त्वं का ?
अहं नर्तकी ।
तुम कौन हो?
मैं नर्तकी (नृत्य करने वाली) हूँ।
युवां के ?
आवां नर्तक्यौ ।
तुम दोनों कौन हो?
हम दोनों नर्तकियाँ हैं।
यूयं काः ?
वयं नर्तक्यः ।
तुम लोग कौन हो?
हम लोग नर्तकियाँ हैं।
त्वं का ?
अहं पाचिका ।
तुम कौन हो?
मैं रसोइया (पाचिका) हूँ।
युवां के ?
आवां पाचिके ।
तुम दोनों कौन हो?
हम दोनों रसोइया (पाचिका) हैं।
यूयं काः ?
वयं पाचिकाः ।
तुम लोग कौन हो?
हम लोग रसोइया (पाचिका) हैं।
अस्-क्रियापदेन सह वाक्यानि (पृष्ठ 51)
त्वं चित्रकारः असि ।
तुम चित्रकार हो।
युवां चित्रकारौ स्थः ।
तुम दोनों चित्रकार हो।
यूयं चित्रकाराः स्थ ।
तुम लोग चित्रकार हो।
अहम् आरक्षकः अस्मि ।
मैं आरक्षक (पुलिसकर्मी) हूँ।
आवाम् आरक्षकौ स्वः ।
हम दोनों आरक्षक (पुलिसकर्मी) हैं।
वयम् आरक्षकाः स्मः ।
हम लोग आरक्षक (पुलिसकर्मी) हैं।
त्वं गायिका असि ।
तुम गायिका हो।
युवां गायिके स्थः ।
तुम दोनों गायिकाएँ हो।
यूयं गायिकाः स्थ ।
तुम लोग गायिकाएँ हो।
अहं चिकित्सिका अस्मि ।
मैं चिकित्सिका (महिला डॉक्टर) हूँ।
आवां चिकित्सिके स्वः ।
हम दोनों चिकित्सिकाएँ हैं।
वयं चिकित्सिकाः स्मः ।
हम लोग चिकित्सिकाएँ हैं।
‘म्’ इत्यस्य अनुस्वारस्य च लेखननियमः (पृष्ठ 52)
व्यञ्जनवर्णात् पूर्वं पदान्तस्य ‘म्’ इत्यस्य स्थाने ‘अनुस्वारः’ लेखनीयः ।
व्यञ्जन वर्ण से पहले, पद के अन्त में आए ‘म्’ के स्थान पर ‘अनुस्वार’ लिखना चाहिए।
यथा – पुस्तकं नास्ति । पुस्तकम् अस्ति ।
जैसे – पुस्तक नहीं है। पुस्तक है।
(भाव: ‘नास्ति’ व्यञ्जन ‘न’ से शुरू होता है, इसलिए ‘पुस्तकं’ लिखा; ‘अस्ति’ स्वर से शुरू होता है, इसलिए ‘पुस्तकम्’ ही रहा।)
श्लोकः – उच्चैः पठन्तु अवगच्छन्तु च (पृष्ठ 53)
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥
हे देवों के देव! तुम ही माता हो और तुम ही पिता हो, तुम ही बन्धु हो और तुम ही मित्र हो।
तुम ही विद्या हो, तुम ही धन हो; तुम ही मेरे सब कुछ हो।
त्वम् एव माता, त्वम् एव पिता, त्वम् एव बन्धुः, त्वम् एव सखा, त्वम् एव विद्या, त्वम् एव द्रविणम्, देवदेव! त्वम् एव मम सर्वम् ।
(पुस्तक में दिया गया सरल रूप) तुम ही माता, तुम ही पिता, तुम ही बन्धु, तुम ही मित्र, तुम ही विद्या और तुम ही धन हो। हे देवों के देव! तुम ही मेरे सब कुछ हो।
योग्यताविस्तरः (पृष्ठ 58–59)
भवान् / भवती, भवन्तौ / भवत्यौ, भवन्तः / भवत्यः – एतेषां प्रयोगः प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह भवति ।
भवान् / भवती (आप), भवन्तौ / भवत्यौ (आप दोनों), भवन्तः / भवत्यः (आप सब) – इनका प्रयोग प्रथम पुरुष के क्रियापद के साथ होता है।
त्वं, युवां, यूयम् – एतेषां प्रयोगः मध्यमपुरुषस्य क्रियापदेन सह भवति ।
त्वं (तुम), युवां (तुम दोनों), यूयम् (तुम लोग) – इनका प्रयोग मध्यम पुरुष के क्रियापद के साथ होता है।
अहम्, आवां, वयम् – एतेषां प्रयोगः उत्तमपुरुषस्य क्रियापदेन सह भवति ।
अहम् (मैं), आवां (हम दोनों), वयम् (हम लोग) – इनका प्रयोग उत्तम पुरुष के क्रियापद के साथ होता है।
प्रथमपुरुषः
भवान् / भवती अस्ति
भवन्तौ / भवत्यौ स्तः
भवन्तः / भवत्यः सन्ति
प्रथम पुरुष
आप हैं (एक)
आप दोनों हैं
आप सब हैं
मध्यमपुरुषः
त्वम् असि
युवां स्थः
यूयं स्थ
मध्यम पुरुष
तुम हो
तुम दोनों हो
तुम लोग हो
उत्तमपुरुषः
अहम् अस्मि
आवां स्वः
वयं स्मः
उत्तम पुरुष
मैं हूँ
हम दोनों हैं
हम लोग हैं
प्रथमपुरुषः
भवान् / भवती, सः / सा गच्छति
भवन्तौ / भवत्यौ, तौ / ते गच्छतः
भवन्तः / भवत्यः, ते / ताः गच्छन्ति
प्रथम पुरुष
आप जाते / जाती हैं; वह जाता / जाती है
आप दोनों जाते / जाती हैं; वे दोनों जाते / जाती हैं
आप सब जाते / जाती हैं; वे सब जाते / जाती हैं
मध्यमपुरुषः
त्वम् गच्छसि
युवां गच्छथः
यूयं गच्छथ
मध्यम पुरुष
तुम जाते / जाती हो
तुम दोनों जाते / जाती हो
तुम लोग जाते / जाती हो
उत्तमपुरुषः
अहम् गच्छामि
आवां गच्छावः
वयं गच्छामः
उत्तम पुरुष
मैं जाता / जाती हूँ
हम दोनों जाते / जाती हैं
हम लोग जाते / जाती हैं
गीतम् – अहं पठामि (पृष्ठ 59)
अहं पठामि संस्कृतम् ।
अहं वदामि संस्कृतम् ।
अहं लिखामि संस्कृतम् ।
सदैव सुन्दराक्षरम् ॥
मैं संस्कृत पढ़ता / पढ़ती हूँ।
मैं संस्कृत बोलता / बोलती हूँ।
मैं संस्कृत लिखता / लिखती हूँ,
सदा ही सुन्दर अक्षरों में।
अहं स्मरामि मातरम् ।
अहं भजामि मातरम् ।
अहं नमामि मातरम् ।
सदैव भक्तिपूर्वकम् ॥
मैं माता को याद करता / करती हूँ।
मैं माता की सेवा (भजन) करता / करती हूँ।
मैं माता को प्रणाम करता / करती हूँ,
सदा ही भक्ति के साथ।
(भाव: चित्र में विद्या की देवी माँ सरस्वती हैं।)

NCERT Solutions for Class 6 Sanskrit Chapter 4 Aham Cha Tvam Cha – Questions and Answers

All questions of the chapter are answered below, in the order of the book – in-text questions, activities and the end-of-chapter exercises. Each answer is written the way you would write it in the exam.

मम नाम … अहं … (आत्मपरिचयः) — पृष्ठ 47–48पाठ-प्रवेशः — चित्रपेटिकाः (प्र.3 — अतिरिक्त अभ्यास)

पाठः
प्र.1पृष्ठ 47 (चित्रपेटिकाः) —
मम नाम भरतः । अहं छात्रः ।
मम नाम गणेशः । अहं शिक्षकः ।
मम नाम गौतमः । अहं चिकित्सकः ।
मम नाम राघवः । अहं कृषकः ।
— एतेषां वाक्यानां हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु, व्याकरणं च स्पष्टीकुर्वन्तु ।
उत्तर
चित्रम्संस्कृतम्हिन्दी
कक्षा में खड़ा विद्यार्थीमम नाम भरतः । अहं छात्रः ।मेरा नाम भरत है। मैं छात्र हूँ।
श्यामपट के पास खड़ा अध्यापकमम नाम गणेशः । अहं शिक्षकः ।मेरा नाम गणेश है। मैं शिक्षक हूँ।
चिकित्सालय में बैठा वैद्यमम नाम गौतमः । अहं चिकित्सकः ।मेरा नाम गौतम है। मैं चिकित्सक (डॉक्टर) हूँ।
खेत में घास काटता किसानमम नाम राघवः । अहं कृषकः ।मेरा नाम राघव है। मैं किसान हूँ।

मम = मेरा, अहम् = मैं। इन वाक्यों में ‘अस्मि’ (हूँ) लिखा नहीं है, फिर भी अर्थ ‘मैं … हूँ’ ही होता है। ‘अहम्’ के बाद व्यञ्जन (छ, श, च, क) है, इसलिए ‘अहं’ लिखा गया है।

प्र.2पृष्ठ 48 (चित्रपेटिकाः) —
मम नाम मेनका । अहं छात्रा ।
मम नाम प्रियंवदा । अहं शिक्षिका ।
मम नाम सुमित्रा । अहं चिकित्सिका ।
मम नाम राधिका । अहं सैनिकी ।
— एतेषां वाक्यानां हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर
चित्रम्संस्कृतम्हिन्दी
कक्षा में खड़ी छात्रामम नाम मेनका । अहं छात्रा ।मेरा नाम मेनका है। मैं छात्रा हूँ।
श्यामपट के पास खड़ी अध्यापिकामम नाम प्रियंवदा । अहं शिक्षिका ।मेरा नाम प्रियंवदा है। मैं शिक्षिका हूँ।
चिकित्सालय में बैठी वैद्यामम नाम सुमित्रा । अहं चिकित्सिका ।मेरा नाम सुमित्रा है। मैं चिकित्सिका (महिला डॉक्टर) हूँ।
वर्दी पहने खड़ी सैनिकमम नाम राधिका । अहं सैनिकी ।मेरा नाम राधिका है। मैं सैनिक (महिला सैनिक) हूँ।

‘छात्रा, शिक्षिका, चिकित्सिका, सैनिकी’ — ये स्त्रीलिङ्ग शब्द हैं, क्योंकि बोलने वाली स्त्रियाँ हैं। ‘अहम्’ और ‘मम’ लड़के-लड़की दोनों के लिए एक-से रहते हैं।

प्र.3पृष्ठ 47–48 योः चित्रपेटिकासु आगतानां व्यवसायवाचकशब्दानां पुंलिङ्गरूपाणि स्त्रीलिङ्गरूपाणि च पृथक् लिखन्तु ।
उत्तर

पुंलिङ्गरूपाणि (पृष्ठ 47): छात्रः, शिक्षकः, चिकित्सकः, कृषकः
स्त्रीलिङ्गरूपाणि (पृष्ठ 48): छात्रा, शिक्षिका, चिकित्सिका, सैनिकी

पुंलिङ्गम्स्त्रीलिङ्गम्हिन्दी अर्थ
छात्रःछात्राछात्र / छात्रा
शिक्षकःशिक्षिकाशिक्षक / शिक्षिका
चिकित्सकःचिकित्सिकाडॉक्टर
कृषकः— (पृष्ठ 48 पर नहीं)किसान
— (पृष्ठ 47 पर नहीं; पृष्ठ 49 पर सैनिकः)सैनिकीसैनिक

पुंलिङ्गम् — पृष्ठ 49त्वं कः ? युवां कौ ? यूयं के ?

पाठः
प्र.1त्वं कः ? अहं सैनिकः ।
युवां कौ ? आवां सैनिकौ ।
यूयं के ? वयं सैनिकाः ।
— अस्य संवादस्य हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु, विभक्तिं वचनं च लिखन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

वचनम्संस्कृतम्हिन्दी
एकवचनम्त्वं कः ? अहं सैनिकः ।तुम कौन हो ? मैं सैनिक हूँ।
द्विवचनम्युवां कौ ? आवां सैनिकौ ।तुम दोनों कौन हो ? हम दोनों सैनिक हैं।
बहुवचनम्यूयं के ? वयं सैनिकाः ।तुम सब कौन हो ? हम सब सैनिक हैं।

विभक्तिः: सभी पद प्रथमा विभक्ति में हैं।
वचनम्: त्वम्, अहम्, सैनिकः — एकवचनम्; युवाम्, आवाम्, सैनिकौ — द्विवचनम्; यूयम्, वयम्, सैनिकाः — बहुवचनम्।

प्र.2त्वं कः ? अहं गायकः ।
युवां कौ ? आवां गायकौ ।
यूयं के ? वयं गायकाः ।
— अस्य संवादस्य हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

वचनम्संस्कृतम्हिन्दी
एकवचनम्त्वं कः ? अहं गायकः ।तुम कौन हो ? मैं गायक हूँ।
द्विवचनम्युवां कौ ? आवां गायकौ ।तुम दोनों कौन हो ? हम दोनों गायक हैं।
बहुवचनम्यूयं के ? वयं गायकाः ।तुम सब कौन हो ? हम सब गायक हैं।
प्र.3त्वं कः ? अहं पत्रकारः ।
युवां कौ ? आवां पत्रकारौ ।
यूयं के ? वयं पत्रकाराः ।
— अस्य संवादस्य हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

वचनम्संस्कृतम्हिन्दी
एकवचनम्त्वं कः ? अहं पत्रकारः ।तुम कौन हो ? मैं पत्रकार हूँ।
द्विवचनम्युवां कौ ? आवां पत्रकारौ ।तुम दोनों कौन हो ? हम दोनों पत्रकार हैं।
बहुवचनम्यूयं के ? वयं पत्रकाराः ।तुम सब कौन हो ? हम सब पत्रकार हैं।
प्र.4त्वं कः ? अहं पाचकः ।
युवां कौ ? आवां पाचकौ ।
यूयं के ? वयं पाचकाः ।
— अस्य संवादस्य हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

वचनम्संस्कृतम्हिन्दी
एकवचनम्त्वं कः ? अहं पाचकः ।तुम कौन हो ? मैं रसोइया हूँ।
द्विवचनम्युवां कौ ? आवां पाचकौ ।तुम दोनों कौन हो ? हम दोनों रसोइए हैं।
बहुवचनम्यूयं के ? वयं पाचकाः ।तुम सब कौन हो ? हम सब रसोइए हैं।

स्त्रीलिङ्गम् — पृष्ठ 50त्वं का ? युवां के ? यूयं काः ?

पाठः
प्र.1त्वं का ? अहं गायिका ।
युवां के ? आवां गायिके ।
यूयं काः ? वयं गायिकाः ।
— अस्य संवादस्य हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

वचनम्संस्कृतम्हिन्दी
एकवचनम्त्वं का ? अहं गायिका ।तुम कौन हो ? मैं गायिका हूँ।
द्विवचनम्युवां के ? आवां गायिके ।तुम दोनों कौन हो ? हम दोनों गायिकाएँ हैं।
बहुवचनम्यूयं काः ? वयं गायिकाः ।तुम सब कौन हो ? हम सब गायिकाएँ हैं।
प्र.2त्वं का ? अहं तन्त्रज्ञा ।
युवां के ? आवां तन्त्रज्ञे ।
यूयं काः ? वयं तन्त्रज्ञाः ।
— अस्य संवादस्य हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

वचनम्संस्कृतम्हिन्दी
एकवचनम्त्वं का ? अहं तन्त्रज्ञा ।तुम कौन हो ? मैं तन्त्रज्ञा (कम्प्यूटर इंजीनियर) हूँ।
द्विवचनम्युवां के ? आवां तन्त्रज्ञे ।तुम दोनों कौन हो ? हम दोनों तन्त्रज्ञा हैं।
बहुवचनम्यूयं काः ? वयं तन्त्रज्ञाः ।तुम सब कौन हो ? हम सब तन्त्रज्ञा हैं।
प्र.3त्वं का ? अहं नर्तकी ।
युवां के ? आवां नर्तक्यौ ।
यूयं काः ? वयं नर्तक्यः ।
— अस्य संवादस्य हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु, रूपभेदं च स्पष्टीकुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

वचनम्संस्कृतम्हिन्दी
एकवचनम्त्वं का ? अहं नर्तकी ।तुम कौन हो ? मैं नर्तकी हूँ।
द्विवचनम्युवां के ? आवां नर्तक्यौ ।तुम दोनों कौन हो ? हम दोनों नर्तकियाँ हैं।
बहुवचनम्यूयं काः ? वयं नर्तक्यः ।तुम सब कौन हो ? हम सब नर्तकियाँ हैं।

रूपभेदः: ‘नर्तकी’ के अन्त में ‘ई’ है, इसलिए दो के लिए नर्तक्यौ और अनेक के लिए नर्तक्यः बनता है; जबकि ‘गायिका’ (अन्त में ‘आ’) से गायिके, गायिकाः बनते हैं।

प्र.4त्वं का ? अहं पाचिका ।
युवां के ? आवां पाचिके ।
यूयं काः ? वयं पाचिकाः ।
— अस्य संवादस्य हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

वचनम्संस्कृतम्हिन्दी
एकवचनम्त्वं का ? अहं पाचिका ।तुम कौन हो ? मैं रसोइया (पाचिका) हूँ।
द्विवचनम्युवां के ? आवां पाचिके ।तुम दोनों कौन हो ? हम दोनों पाचिकाएँ हैं।
बहुवचनम्यूयं काः ? वयं पाचिकाः ।तुम सब कौन हो ? हम सब पाचिकाएँ हैं।

अस्-क्रियापदयुक्तानि वाक्यानि — पृष्ठ 51पाठः — असि / अस्मि / स्थः / स्वः / स्थ / स्मः

पाठः
प्र.1त्वं चित्रकारः असि ।
युवां चित्रकारौ स्थः ।
यूयं चित्रकाराः स्थ ।
— एतेषां वाक्यानां हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु, क्रियापदानि च स्पष्टीकुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

संस्कृतम्हिन्दीपुरुषः / वचनम्
त्वं चित्रकारः असि ।तुम चित्रकार हो।मध्यमपुरुषः, एकवचनम्
युवां चित्रकारौ स्थः ।तुम दोनों चित्रकार हो।मध्यमपुरुषः, द्विवचनम्
यूयं चित्रकाराः स्थ ।तुम सब चित्रकार हो।मध्यमपुरुषः, बहुवचनम्

क्रियापदानि: असि = (तुम) हो, स्थः = (तुम दोनों) हो, स्थ = (तुम सब) हो। ये ‘त्वम्, युवाम्, यूयम्’ के साथ ही लगते हैं।

प्र.2अहम् आरक्षकः अस्मि ।
आवाम् आरक्षकौ स्वः ।
वयम् आरक्षकाः स्मः ।
— एतेषां वाक्यानां हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

संस्कृतम्हिन्दीपुरुषः / वचनम्
अहम् आरक्षकः अस्मि ।मैं आरक्षक (पुलिसकर्मी) हूँ।उत्तमपुरुषः, एकवचनम्
आवाम् आरक्षकौ स्वः ।हम दोनों आरक्षक हैं।उत्तमपुरुषः, द्विवचनम्
वयम् आरक्षकाः स्मः ।हम सब आरक्षक हैं।उत्तमपुरुषः, बहुवचनम्
प्र.3त्वं गायिका असि ।
युवां गायिके स्थः ।
यूयं गायिकाः स्थ ।
— एतेषां वाक्यानां हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

संस्कृतम्हिन्दीपुरुषः / वचनम्
त्वं गायिका असि ।तुम गायिका हो।मध्यमपुरुषः, एकवचनम्
युवां गायिके स्थः ।तुम दोनों गायिकाएँ हो।मध्यमपुरुषः, द्विवचनम्
यूयं गायिकाः स्थ ।तुम सब गायिकाएँ हो।मध्यमपुरुषः, बहुवचनम्
प्र.4अहं चिकित्सिका अस्मि ।
आवां चिकित्सिके स्वः ।
वयं चिकित्सिकाः स्मः ।
— एतेषां वाक्यानां हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

संस्कृतम्हिन्दीपुरुषः / वचनम्
अहं चिकित्सिका अस्मि ।मैं चिकित्सिका (महिला डॉक्टर) हूँ।उत्तमपुरुषः, एकवचनम्
आवां चिकित्सिके स्वः ।हम दोनों चिकित्सिकाएँ हैं।उत्तमपुरुषः, द्विवचनम्
वयं चिकित्सिकाः स्मः ।हम सब चिकित्सिकाएँ हैं।उत्तमपुरुषः, बहुवचनम्

‘म्’ इत्यस्य अनुस्वारस्य च लेखननियमः — पृष्ठ 52लेखननियमः (प्र.2 — अतिरिक्त अभ्यास)

योग्यताविस्तरः
प्र.1‘म्’ इत्यस्य अनुस्वारस्य च लेखननियमं लिखन्तु । यथा — पुस्तकं नास्ति । पुस्तकम् अस्ति ।
उत्तर

नियमः (पुस्तकस्य शब्देषु): व्यञ्जनवर्णात् पूर्वं पदान्तस्य ‘म्’ इत्यस्य स्थाने ‘अनुस्वारः’ लेखनीयः ।

हिन्दी में नियम — यदि किसी पद के अन्त में म् हो और उसके तुरन्त बाद कोई व्यञ्जन आए, तो उस ‘म्’ के स्थान पर अनुस्वार (ं) लिखा जाता है। यदि आगे स्वर हो, तो ‘म्’ ज्यों का त्यों रहता है।

वाक्यम्आगे क्या है ?क्या लिखा जाएगाहिन्दी
पुस्तकम् + न अस्ति‘न्’ = व्यञ्जनपुस्तकं नास्ति ।पुस्तक नहीं है।
पुस्तकम् + अस्ति‘अ’ = स्वरपुस्तकम् अस्ति ।पुस्तक है।
प्र.2अस्मिन् पाठे आगतानि ‘म्’-अन्तानि पदानि गृहीत्वा नियमस्य प्रयोगं दर्शयन्तु — अहम्, त्वम्, वयम्, यूयम्, आवाम्, युवाम् ।
उत्तर

पद के अन्त का ‘म्’ — आगे व्यञ्जन हो तो अनुस्वार (ं), आगे स्वर हो तो ‘म्’ ही रहता है। पाठ के अपने उदाहरण —

मूलपदम्आगे व्यञ्जनः (अनुस्वारः)आगे स्वरः (‘म्’ यथावत्)
अहम्अहं छात्रः । अहं गायकः । अहं चिकित्सिका अस्मि ।अहम् आरक्षकः अस्मि । अहम् अनुवैद्या अस्मि ।
त्वम्त्वं कः ? त्वं छात्रः असि । त्वं धाविका असि ।त्वम् अधिवक्त्री असि ।
वयम्वयं सैनिकाः । वयं शिक्षकाः स्मः ।वयम् आरक्षकाः स्मः । वयम् अभ्यासं कुर्मः ।
यूयम्यूयं के ? यूयं चित्रकाराः स्थ ।यूयम् अधिवक्त्र्यः स्थ ।
आवाम्आवां सैनिकौ । आवां गायिके स्वः ।आवाम् आरक्षकौ स्वः । आवाम् अनुवैद्ये स्वः ।
युवाम्युवां कौ ? युवां क्रीडिके स्थः ।युवाम् अधिवक्त्र्यौ स्थः ।

वयं शब्दार्थान् जानीमः — पृष्ठ 52–53शब्दः – अर्थः – हिन्दी – English

शब्दार्थाः
प्र.1वयं शब्दार्थान् जानीमः — पृष्ठ 52–53 दत्तानां सर्वेषां शब्दानाम् अर्थान् लिखन्तु ।
उत्तर

पुस्तक की सारणी के अनुसार (शब्दः – अर्थः – हिन्दी – English) —

1. सर्वनाम तथा क्रियापदानि (पृष्ठ 52) —

शब्दःअर्थः (संस्कृतपर्यायः)हिन्दीEnglish
मममदीयम्मेरा / मेरीMy / Mine
नामअभिधानम्नामName
अहम्अहम्मैंI
आवाम्आवाम्हम दोनोंWe both
वयम्वयम्हम लोगWe all
त्वम्त्वम्तुमYou
युवाम्युवाम्तुम दोनोंYou both
यूयम्यूयम्तुम लोगYou all
अस्तिवर्ततेहैIs
स्तःवर्तेते(दो) हैं(Both) Are
सन्तिवर्तन्तेहैंAre

2. व्यवसायवाचकाः शब्दाः (पृष्ठ 52) —

शब्दःअर्थः (संस्कृतपर्यायः)हिन्दीEnglish
सैनिकःभटःसैनिकSoldier
तन्त्रज्ञःसङ्गणकज्ञःतन्त्रज्ञComputer Engineer
पत्रकारःवार्ताहरःपत्रकारJournalist
नर्तकीनृत्याङ्गनानर्तकीFemale Dancer
चित्रकारःआलेख्यकारःचित्रकारIllustrator
आरक्षकःआरक्षीआरक्षकPoliceman
चिकित्सिकाचिकित्सिकावैद्याFemale Doctor

3. शेषाः शब्दाः (पृष्ठ 53) —

शब्दःअर्थः (संस्कृतपर्यायः)हिन्दीEnglish
छात्रःविद्यार्थीछात्रStudent
लेखकःलेखनकर्तालेखकWriter
क्रीडकःखेलकःखिलाड़ीPlayer
गायकःगायनःगायकSinger
चालकःचालकःचालकDriver
छात्राविद्यार्थिनीछात्राGirl Student
द्रविणम्वित्तम्धनWealth
प्र.2मातृभाषया अर्थं लिखन्तु — (सारण्याः अन्तिमः स्तम्भः, पृष्ठ 52–53)
उत्तर

यह स्तम्भ हर विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में भरेगा। जिनकी मातृभाषा हिन्दी है वे लिखेंगे — मम = मेरा/मेरी, नाम = नाम, अहम् = मैं, आवाम् = हम दोनों, वयम् = हम सब, त्वम् = तुम, युवाम् = तुम दोनों, यूयम् = तुम सब, सैनिकः = फ़ौजी, छात्रः = विद्यार्थी, द्रविणम् = धन … (इसी प्रकार सभी शब्द)। कुछ शब्द चार भाषाओं में —

शब्दःहिन्दीमराठीबाङ्लातमिऴ्
अहम्मैंमीआमिनान्
त्वम्तुमतूतुमिनी
वयम्हम लोगआम्हीआमरानाङ्गळ्
नामनामनावनामपेयर्
सैनिकःसैनिकसैनिकसैनिकवीरन्
छात्रःछात्रविद्यार्थीछात्रमाणवन्

वयम् अभ्यासं कुर्मः — पृष्ठ 53अभ्यासः (प्रश्नौ १–२)

अभ्यासः
प्र.1उच्चैः पठन्तु अवगच्छन्तु च —
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥

(पुस्तके पदच्छेदः —) त्वम् एव माता, त्वम् एव पिता, त्वम् एव बन्धुः, त्वम् एव सखा, त्वम् एव विद्या, त्वम् एव द्रविणम्, देवदेव ! त्वम् एव मम सर्वम् ।
उत्तर

हिन्दी अर्थ —

संस्कृतम्हिन्दी
त्वमेव माता च पिता त्वमेवतुम ही माता हो और तुम ही पिता हो।
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेवतुम ही भाई-बन्धु हो और तुम ही मित्र हो।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेवतुम ही विद्या हो और तुम ही धन हो।
त्वमेव सर्वं मम देवदेवहे देवों के देव ! तुम ही मेरा सब कुछ हो।

भावः — भक्त भगवान् से कहता है — माता, पिता, बन्धु, मित्र, विद्या, धन — मेरे लिए सब कुछ तुम ही हो।

प्र.2उदाहरणानुगुणम् अधोलिखितेषु वाक्येषु पट्टिकातः उचितैः पदैः रिक्तस्थानानि पूरयन्तु —
पट्टिका : त्वं   युवां   यूयं   अहम्   आवां   वयं
यथा – त्वं छात्रः असि ।
(क) ……… शिक्षकौ स्वः ।
(ख) मञ्चे ……… नर्तक्यः स्थ ।
(ग) अत्र ……… अस्मि ।
(घ) सभायां ……… गायिके स्थः ।
(ङ) विद्यालये ……… स्मः ।
(च) वैद्यालये ……… चिकित्सिका असि ।
उत्तर

पहले क्रियापद देखिए (असि/स्थः/स्थ → त्वं/युवां/यूयं; अस्मि/स्वः/स्मः → अहम्/आवां/वयं), फिर वही सर्वनाम भरिए।

क्रमःक्रियापदम्पुरुषः / वचनम्पूर्णं वाक्यम्हिन्दी
यथाअसिमध्यमपुरुषः, एकवचनम्त्वं छात्रः असि । (पुस्तके दत्तम्)तुम छात्र हो।
(क)स्वःउत्तमपुरुषः, द्विवचनम्आवां शिक्षकौ स्वः ।हम दोनों शिक्षक हैं।
(ख)स्थमध्यमपुरुषः, बहुवचनम्मञ्चे यूयं नर्तक्यः स्थ ।मंच पर तुम सब नर्तकियाँ हो।
(ग)अस्मिउत्तमपुरुषः, एकवचनम्अत्र अहम् अस्मि ।यहाँ मैं हूँ।
(घ)स्थःमध्यमपुरुषः, द्विवचनम्सभायां युवां गायिके स्थः ।सभा में तुम दोनों गायिकाएँ हो।
(ङ)स्मःउत्तमपुरुषः, बहुवचनम्विद्यालये वयं स्मः ।विद्यालय में हम सब हैं।
(च)असिमध्यमपुरुषः, एकवचनम्वैद्यालये त्वं चिकित्सिका असि ।चिकित्सालय में तुम चिकित्सिका हो।

वयम् अभ्यासं कुर्मः — पृष्ठ 54–57अभ्यासः (प्रश्नः ३ — उपभागाः (क)–(ठ))

अभ्यासः
प्र.3चित्रं दृष्ट्वा उदाहरणस्य अनुगुणं वाक्यानि लिखन्तु — (पृष्ठ 54–57)
चित्र-परिचय : हर पंक्ति में तीन चित्र हैं — पहले में एक व्यक्ति, दूसरे में दो, तीसरे में तीन।
क्रमःचित्रम्एकः (दत्तम्)द्वौत्रयः
पृष्ठ 54 — पुरुष स्वयं अपना परिचय दे रहे हैं
यथाशिक्षक (हाथ में पुस्तक)अहं शिक्षकः अस्मि ।आवां शिक्षकौ स्वः ।वयं शिक्षकाः स्मः ।
(क)तन्त्रज्ञ (हाथ में लैपटॉप)अहं तन्त्रज्ञः अस्मि ।……… ……… स्वः ।……… ……… स्मः ।
(ख)नर्तकअहं नर्तकः अस्मि ।……… ……… स्वः ।……… ……… स्मः ।
(ग)चालक (वर्दी में)अहं चालकः अस्मि ।……… ……… स्वः ।……… ……… स्मः ।
पृष्ठ 55 — स्त्रियाँ स्वयं अपना परिचय दे रही हैं
यथाआरक्षिका (पुलिस-वर्दी)अहम् आरक्षिका अस्मि ।आवाम् आरक्षिके स्वः ।वयम् आरक्षिकाः स्मः ।
(घ)छात्राअहं छात्रा अस्मि ।……… ……… स्वः ।……… ……… स्मः ।
(ङ)गायिका (हाथ में माइक)अहं गायिका अस्मि ।……… ……… स्वः ।……… ……… स्मः ।
(च)अनुवैद्या (नर्स)अहम् अनुवैद्या अस्मि ।……… ……… स्वः ।……… ……… स्मः ।
पृष्ठ 56 — एक बच्चा/स्त्री पुरुषों से बात कर रहे हैं
यथाचिकित्सकत्वं चिकित्सकः असि ।युवां चिकित्सकौ स्थः ।यूयं चिकित्सकाः स्थ ।
(छ)लेखकत्वं लेखकः असि ।……… ……… स्थः ।……… ……… स्थ ।
(ज)सैनिक (हाथ में बन्दूक)त्वं सैनिकः असि ।……… ……… स्थः ।……… ……… स्थ ।
(झ)क्रीडक (बास्केटबॉल खिलाड़ी)त्वं क्रीडकः असि ।……… ……… स्थः ।……… ……… स्थ ।
पृष्ठ 57 — एक स्त्री लड़कियों/स्त्रियों से बात कर रही है
यथाक्रीडिका (हाथ में रैकेट)त्वं क्रीडिका असि ।युवां क्रीडिके स्थः ।यूयं क्रीडिकाः स्थ ।
(ञ)अधिवक्त्री (काला कोट)त्वम् अधिवक्त्री असि ।……… ……… स्थः ।……… ……… स्थ ।
(ट)छात्रात्वं छात्रा असि ।……… ……… स्थः ।……… ……… स्थ ।
(ठ)धाविका (दौड़ती हुई)त्वं धाविका असि ।……… ……… स्थः ।……… ……… स्थ ।
उत्तर

दो व्यक्ति — आवाम् … स्वः / युवाम् … स्थः; तीन व्यक्ति — वयम् … स्मः / यूयम् … स्थ।

पृष्ठ 54 — (क)–(ग)

क्रमःएकवचनम् (दत्तम्)द्विवचनम्बहुवचनम्
(क)अहं तन्त्रज्ञः अस्मि ।आवां तन्त्रज्ञौ स्वः ।वयं तन्त्रज्ञाः स्मः ।
(ख)अहं नर्तकः अस्मि ।आवां नर्तकौ स्वः ।वयं नर्तकाः स्मः ।
(ग)अहं चालकः अस्मि ।आवां चालकौ स्वः ।वयं चालकाः स्मः ।

पृष्ठ 55 — (घ)–(च)

क्रमःएकवचनम् (दत्तम्)द्विवचनम्बहुवचनम्
(घ)अहं छात्रा अस्मि ।आवां छात्रे स्वः ।वयं छात्राः स्मः ।
(ङ)अहं गायिका अस्मि ।आवां गायिके स्वः ।वयं गायिकाः स्मः ।
(च)अहम् अनुवैद्या अस्मि ।आवाम् अनुवैद्ये स्वः ।वयम् अनुवैद्याः स्मः ।

पृष्ठ 56 — (छ)–(झ)

क्रमःएकवचनम् (दत्तम्)द्विवचनम्बहुवचनम्
(छ)त्वं लेखकः असि ।युवां लेखकौ स्थः ।यूयं लेखकाः स्थ ।
(ज)त्वं सैनिकः असि ।युवां सैनिकौ स्थः ।यूयं सैनिकाः स्थ ।
(झ)त्वं क्रीडकः असि ।युवां क्रीडकौ स्थः ।यूयं क्रीडकाः स्थ ।

पृष्ठ 57 — (ञ)–(ठ)

क्रमःएकवचनम् (दत्तम्)द्विवचनम्बहुवचनम्
(ञ)त्वम् अधिवक्त्री असि ।युवाम् अधिवक्त्र्यौ स्थः ।यूयम् अधिवक्त्र्यः स्थ ।
(ट)त्वं छात्रा असि ।युवां छात्रे स्थः ।यूयं छात्राः स्थ ।
(ठ)त्वं धाविका असि ।युवां धाविके स्थः ।यूयं धाविकाः स्थ ।

वयम् अभ्यासं कुर्मः — पृष्ठ 58अभ्यासः (प्रश्नौ ४–५)

अभ्यासः
प्र.4उदाहरणानुगुणं वाक्यानि परस्परं योजयन्तु —
यथा – त्वं बालिका असि । – युवां बालिके स्थः । – यूयं बालिकाः स्थ ।
(पुस्तक में (क) को तीर से जोड़कर यही उदाहरण दिखाया गया है।)
अआइ
(क) त्वं बालिका असि ।आवां शिक्षकौ स्वः ।वयम् आरक्षकाः स्मः ।
(ख) अहं गायकः अस्मि ।युवां चिकित्सकौ स्थः ।यूयं बालिकाः स्थ ।
(ग) त्वं छात्रः असि ।आवां तन्त्रज्ञौ स्वः ।यूयं गृहिण्यः स्थ ।
(घ) अहं शिक्षकः अस्मि ।युवां बालिके स्थः ।यूयं चिकित्सकाः स्थ ।
(ङ) अहं नर्तकी अस्मि ।युवां सैनिकौ स्थः ।यूयं छात्राः स्थ ।
(च) त्वं गृहिणी असि ।आवां गायकौ स्वः ।वयं शिक्षकाः स्मः ।
(छ) अहम् आरक्षकः अस्मि ।युवां छात्रौ स्थः ।वयं नर्तक्यः स्मः ।
(ज) त्वं सैनिकः असि ।आवाम् आरक्षकौ स्वः ।वयं तन्त्रज्ञाः स्मः ।
(झ) त्वं चिकित्सकः असि ।आवां नर्तक्यौ स्वः ।यूयं सैनिकाः स्थ ।
(ञ) अहं तन्त्रज्ञः अस्मि ।युवां गृहिण्यौ स्थः ।वयं गायकाः स्मः ।
उत्तर

‘अहम्’ वाला वाक्य ‘आवाम् … स्वः’ और ‘वयम् … स्मः’ से जुड़ेगा; ‘त्वम्’ वाला ‘युवाम् … स्थः’ और ‘यूयम् … स्थ’ से। तीनों में व्यवसाय-शब्द एक ही रहेगा।

क्रमःएकवचनम् (प्रथमः स्तम्भः)द्विवचनम् (द्वितीयः स्तम्भः)बहुवचनम् (तृतीयः स्तम्भः)
यथात्वं बालिका असि ।युवां बालिके स्थः ।यूयं बालिकाः स्थ ।
(क)त्वं बालिका असि ।युवां बालिके स्थः ।यूयं बालिकाः स्थ ।
(ख)अहं गायकः अस्मि ।आवां गायकौ स्वः ।वयं गायकाः स्मः ।
(ग)त्वं छात्रः असि ।युवां छात्रौ स्थः ।यूयं छात्राः स्थ ।
(घ)अहं शिक्षकः अस्मि ।आवां शिक्षकौ स्वः ।वयं शिक्षकाः स्मः ।
(ङ)अहं नर्तकी अस्मि ।आवां नर्तक्यौ स्वः ।वयं नर्तक्यः स्मः ।
(च)त्वं गृहिणी असि ।युवां गृहिण्यौ स्थः ।यूयं गृहिण्यः स्थ ।
(छ)अहम् आरक्षकः अस्मि ।आवाम् आरक्षकौ स्वः ।वयम् आरक्षकाः स्मः ।
(ज)त्वं सैनिकः असि ।युवां सैनिकौ स्थः ।यूयं सैनिकाः स्थ ।
(झ)त्वं चिकित्सकः असि ।युवां चिकित्सकौ स्थः ।यूयं चिकित्सकाः स्थ ।
(ञ)अहं तन्त्रज्ञः अस्मि ।आवां तन्त्रज्ञौ स्वः ।वयं तन्त्रज्ञाः स्मः ।
प्र.5उदाहरणानुगुणम् उत्तराणां प्रश्ननिर्माणं कुर्वन्तु —
यथा – त्वं चिकित्सकः । → कः चिकित्सकः ?  /  त्वं कः ?
(क) त्वं तन्त्रज्ञः । ……… / ………
(ख) युवां बालकौ । ……… / ………
(ग) यूयं छात्राः । ……… / ………
(घ) अहं न्यायाधीशः । ……… / ………
(ङ) आवां गायिके । ……… / ………
(च) वयं शिक्षिकाः । ……… / ………
उत्तर

एक बार सर्वनाम की जगह, दूसरी बार व्यवसाय-शब्द की जगह प्रश्नवाचक (कः/कौ/के — का/के/काः) रखिए।

क्रमःउत्तरम्प्रश्नः १ (सर्वनामस्य स्थाने)प्रश्नः २ (संज्ञायाः स्थाने)
यथात्वं चिकित्सकः ।कः चिकित्सकः ?त्वं कः ?
(क)त्वं तन्त्रज्ञः ।कः तन्त्रज्ञः ?त्वं कः ?
(ख)युवां बालकौ ।कौ बालकौ ?युवां कौ ?
(ग)यूयं छात्राः ।के छात्राः ?यूयं के ?
(घ)अहं न्यायाधीशः ।कः न्यायाधीशः ?अहं कः ? (संवादे — त्वं कः ?)
(ङ)आवां गायिके ।के गायिके ?आवां के ? (संवादे — युवां के ?)
(च)वयं शिक्षिकाः ।काः शिक्षिकाः ?वयं काः ? (संवादे — यूयं काः ?)

योग्यताविस्तरः — पृष्ठ 58–59पुरुषः, ‘अस्’ तथा ‘गम्’ धात्वोः लट्-लकारः

योग्यताविस्तरः
प्र.1भवान् / भवती, भवन्तौ / भवत्यौ, भवन्तः / भवत्यः — एतेषां प्रयोगः प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह भवति । — एतं नियमं सोदाहरणं स्पष्टीकुर्वन्तु ।
उत्तर

नियम — ‘भवान् / भवती’ का अर्थ ‘आप’ है, फिर भी संस्कृत व्याकरण में यह प्रथमपुरुष का शब्द माना जाता है। इसलिए इसके साथ ‘असि’ नहीं, अस्ति लगेगा।

वचनम्पुंलिङ्गम्स्त्रीलिङ्गम्क्रियापदम्हिन्दी
एकवचनम्भवान्भवतीअस्ति / गच्छतिआप हैं / आप जाते हैं
द्विवचनम्भवन्तौभवत्यौस्तः / गच्छतःआप दोनों हैं / जाते हैं
बहुवचनम्भवन्तःभवत्यःसन्ति / गच्छन्तिआप सब हैं / जाते हैं

उदाहरणानि — भवान् शिक्षकः अस्ति । (आप शिक्षक हैं।) भवती चिकित्सिका अस्ति । (आप चिकित्सिका हैं।) भवन्तः छात्राः सन्ति । (आप सब छात्र हैं।) भवती विद्यालयं गच्छति । (आप विद्यालय जाती हैं।)

प्र.2त्वं, युवां, यूयम् – एतेषां प्रयोगः मध्यमपुरुषस्य क्रियापदेन सह भवति । अहम्, आवां, वयम् – एतेषां प्रयोगः उत्तमपुरुषस्य क्रियापदेन सह भवति । — नियमम् उदाहरणैः सह लिखन्तु ।
उत्तर

संस्कृत में तीन पुरुष होते हैं और तीनों की क्रिया अलग-अलग रूप लेती है।

पुरुषःसर्वनामानिअर्थः‘अस्’ धातुःउदाहरणम्
प्रथमपुरुषःसः / सा, भवान् / भवतीवह, आपअस्ति – स्तः – सन्तिसः छात्रः अस्ति ।
मध्यमपुरुषःत्वम् – युवाम् – यूयम्तुमअसि – स्थः – स्थत्वं छात्रः असि ।
उत्तमपुरुषःअहम् – आवाम् – वयम्मैं / हमअस्मि – स्वः – स्मःअहं छात्रः अस्मि ।
प्र.3‘अस्’ धातोः लट्-लकारस्य सारणीं पूरयन्तु — (पुरुषः / एकवचनम् / द्विवचनम् / बहुवचनम्, पृष्ठ 59)
उत्तर

पृष्ठ 59 की पहली सारणी — ‘अस्’ (होना) धातु, लट्-लकारः (वर्तमान काल)।

पुरुषःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमपुरुषःभवान् / भवती अस्तिभवन्तौ / भवत्यौ स्तःभवन्तः / भवत्यः सन्ति
मध्यमपुरुषःत्वम् असियुवां स्थःयूयं स्थ
उत्तमपुरुषःअहम् अस्मिआवां स्वःवयं स्मः

वाक्य-प्रयोगः — भवान् चालकः अस्ति । भवत्यौ गायिके स्तः । भवन्तः सैनिकाः सन्ति । त्वं लेखकः असि । युवां छात्रौ स्थः । यूयं क्रीडकाः स्थ । अहं तन्त्रज्ञा अस्मि । आवां नर्तक्यौ स्वः । वयं शिक्षकाः स्मः ।

प्र.4‘गम्’ (गच्छ) धातोः लट्-लकारस्य सारणीं पूरयन्तु — (पुरुषः / एकवचनम् / द्विवचनम् / बहुवचनम्, पृष्ठ 59)
उत्तर

पृष्ठ 59 की दूसरी सारणी — ‘गम्’ (जाना) धातु, लट्-लकारः। ध्यान दीजिए, यहाँ प्रथमपुरुष में ‘भवान् / भवती’ के साथ-साथ ‘सः / सा’ भी दिए गए हैं।

पुरुषःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमपुरुषःभवान् / भवती, सः / सा गच्छतिभवन्तौ / भवत्यौ, तौ / ते गच्छतःभवन्तः / भवत्यः, ते / ताः गच्छन्ति
मध्यमपुरुषःत्वं गच्छसियुवां गच्छथःयूयं गच्छथ
उत्तमपुरुषःअहं गच्छामिआवां गच्छावःवयं गच्छामः

वाक्य-प्रयोगः — सः विद्यालयं गच्छति । ते ग्रामं गच्छन्ति । त्वं क्रीडाक्षेत्रं गच्छसि । यूयं मन्दिरं गच्छथ । अहं गृहं गच्छामि । वयं वनं गच्छामः ।

गीतम् – अहं पठामि — पृष्ठ 59गीतम् (प्र.2 — अतिरिक्त अभ्यास)

गीतम्
प्र.1गीतम् – अहं पठामि —
अहं पठामि संस्कृतम् ।
अहं वदामि संस्कृतम् ।
अहं लिखामि संस्कृतम् ।
सदैव सुन्दराक्षरम् ॥

अहं स्मरामि मातरम् ।
अहं भजामि मातरम् ।
अहं नमामि मातरम् ।
सदैव भक्तिपूर्वकम् ॥
— अस्य गीतस्य हिन्दी-अनुवादं कुर्वन्तु ।
उत्तर

हिन्दी अनुवाद —

संस्कृतम्हिन्दी
अहं पठामि संस्कृतम् ।मैं संस्कृत पढ़ता / पढ़ती हूँ।
अहं वदामि संस्कृतम् ।मैं संस्कृत बोलता / बोलती हूँ।
अहं लिखामि संस्कृतम् ।मैं संस्कृत लिखता / लिखती हूँ।
सदैव सुन्दराक्षरम् ॥— और सदा सुन्दर अक्षरों में।
अहं स्मरामि मातरम् ।मैं माता का स्मरण करता / करती हूँ।
अहं भजामि मातरम् ।मैं माता का भजन (आराधना) करता / करती हूँ।
अहं नमामि मातरम् ।मैं माता को नमन करता / करती हूँ।
सदैव भक्तिपूर्वकम् ॥— और सदा भक्तिपूर्वक (श्रद्धा के साथ)।

भावः — मैं संस्कृत पढ़ता, बोलता और सुन्दर अक्षरों में लिखता हूँ; और माता (सरस्वती/जननी) को सदा भक्ति से याद करता और प्रणाम करता हूँ।

प्र.2गीते आगतानां क्रियापदानां पुरुषं वचनं च लिखन्तु, तेषां च मध्यमपुरुषे प्रथमपुरुषे च (एकवचने) तथा उत्तमपुरुषे बहुवचने रूपाणि लिखन्तु ।
उत्तर

गीत के छहों क्रियापद उत्तमपुरुष, एकवचन (वर्तमान काल) के हैं। नीचे उन्हीं धातुओं के अन्य रूप भी दिए गए हैं —

धातुःगीते रूपम् (उत्तम., एक.)मध्यमपुरुषः (त्वम्)प्रथमपुरुषः (सः)उत्तमपुरुषः (वयम्)अर्थः
पठ्पठामिपठसिपठतिपठामःपढ़ना
वद्वदामिवदसिवदतिवदामःबोलना
लिख्लिखामिलिखसिलिखतिलिखामःलिखना
स्मृस्मरामिस्मरसिस्मरतिस्मरामःस्मरण करना
भज्भजामिभजसिभजतिभजामःभजना, सेवा करना
नम्नमामिनमसिनमतिनमामःनमन करना

परियोजनाकार्यम् — पृष्ठ 60परियोजना — अस्मद्-युष्मद्-शब्दरूपाणि

परियोजनाकार्यम्
प्र.1अस्मद्-युष्मद्-शब्दयोः सर्वाणि रूपाणि स्फोरकपत्रे लिखन्तु — (अस्मद्-शब्दरूपाणि तथा युष्मद्-शब्दरूपाणि, सप्तसु विभक्तिषु त्रिषु वचनेषु च)
उत्तर

दोनों स्फोरकपत्रों (चार्ट) की भरी हुई सारणियाँ — कोष्ठक में दिए रूप (मे, नौ, नः …) दूसरे/छोटे रूप हैं।

1. अस्मद्-शब्दरूपाणि (मैं / हम) — त्रिषु लिङ्गेषु समानम्

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्हिन्दी अर्थ
प्रथमाअहम्आवाम्वयम्मैं / हम दोनों / हम सब
द्वितीयामाम् (मा)आवाम् (नौ)अस्मान् (नः)मुझको / हम दोनों को / हम सबको
तृतीयामयाआवाभ्याम्अस्माभिःमेरे द्वारा / हम दोनों के द्वारा / हम सबके द्वारा
चतुर्थीमह्यम् (मे)आवाभ्याम् (नौ)अस्मभ्यम् (नः)मेरे लिए / हम दोनों के लिए / हम सबके लिए
पञ्चमीमत्आवाभ्याम्अस्मत्मुझसे / हम दोनों से / हम सबसे
षष्ठीमम (मे)आवयोः (नौ)अस्माकम् (नः)मेरा / हम दोनों का / हम सबका
सप्तमीमयिआवयोःअस्मासुमुझमें / हम दोनों में / हम सबमें

2. युष्मद्-शब्दरूपाणि (तुम) — त्रिषु लिङ्गेषु समानम्

विभक्तिःएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्हिन्दी अर्थ
प्रथमात्वम्युवाम्यूयम्तुम / तुम दोनों / तुम सब
द्वितीयात्वाम् (त्वा)युवाम् (वाम्)युष्मान् (वः)तुमको / तुम दोनों को / तुम सबको
तृतीयात्वयायुवाभ्याम्युष्माभिःतुम्हारे द्वारा / तुम दोनों के द्वारा / तुम सबके द्वारा
चतुर्थीतुभ्यम् (ते)युवाभ्याम् (वाम्)युष्मभ्यम् (वः)तुम्हारे लिए / तुम दोनों के लिए / तुम सबके लिए
पञ्चमीत्वत्युवाभ्याम्युष्मत्तुमसे / तुम दोनों से / तुम सबसे
षष्ठीतव (ते)युवयोः (वाम्)युष्माकम् (वः)तुम्हारा / तुम दोनों का / तुम सबका
सप्तमीत्वयियुवयोःयुष्मासुतुममें / तुम दोनों में / तुम सबमें

Chapter 4 of 16 – Sanskrit

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